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आंटी को अपनी बीवी बना लिया

हाई दोस्तों, ये कहानी हें जब मै ११ मै था, Antarvasna मेरे बाजू मै एक पटी पत्नी रहते थे, जिनको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था | उनका पटी किसी दवाई के कम्पनी मै काम करता था और किसी उची पोस्ट पे था सो वो महीने मै सिर्फ दो तिन दिन के लिए ही घर मै रहते थे और जब रहते थे तब अपनी बीवी को जम के पेलता था | मेने खुद आंटी की आवाज़ दरवाज़े के बहार तक आते सुनी हें, आंटी की आवाज़ सुन के ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था | एक दिन की बात हें, अंकल नही थे और मै उनके घर किसी काम से गया था, वो क्या था की बाजू मै ही रहती थी न सो मै उनके घर आता जाता था | सो उसदिन भी मै उनके घर गया और मेने दरवाजा नहीं खटखटाया और ऐसे ही अंदर घुस गया, आराम से घुसा था मै, मेने देखा की आंटी अपने कमरे मै हें और दरवाजा बंद किया हुआ हें, कुण्डी नही लगी थी बस ऐसे ही सटाया हुआ था | मेने दरवाजा हलके से खोला जादा नही पर हल्का सा और देखा की आंटी बिस्तर पे लेटी हुई हें, जिस तरफ मै खड़ा था उस तरफ आंटी का सर था मतलब मै उन्हें दख सकता था पर वो मुझे नही देख सकती थी | मेने देखा की वो पूरी नंगी लेटी हुई हें और अपने चुत मै ऊँगली कर रही हें और बार बार अपनी कमर को उठा के चुत मै ऊँगली कर रही हें, मेने वही अपना लंड निकाल लिया और हिलाने लगा उनको दख के | फिर मेने सोचा की आंटी तो फुलटुस गर्म हें, क्यों न उन्ही पे चांस मारूं |मैं एक दम से उनके कमरे मै घुस गया और आंटी झट से उठ गयी और अपने जिस्म को कपड़ो से छुपाने लग गयी | मेने कहा आंटी मेने आपको देख लिया की आप क्या कर रही थी | आंटी बोली तुम जाओ, ये मेरा खुद का मामला हें, तुम जाओ अभी | मेने कहा आंटी आप भी प्यासी हो और मैं भी क्यों न एक दुसरे की प्यास बुझाया जय | आंटी बोली तुम मुझसे काफी छोटे हो और ये सब पाप हें, तुम जाओ अभी | फिर मेने सोचा की आंटी ऐसे नही मानेगी, मैं आंटी के एक दम पास चला गया और वह पे जाके आंटी को मानाने लगा | आंटी मान ही नही रही थी, फिर मै उनपे कूद पड़ा और उनकी जबरदस्ती चुम्मी लेने लगा और उनके चुचे भी दबाने लगा मै, आंटी ने बहुत कोशिश की पर मै लगा रहा और अंत मै आंटी शांत हो गयी जब मै उनके चुचे कस कस के दबाने लगा था क्युकी आंटी गर्म हो रही थी तब | मेने फिर उन्हें बिस्तर पे लेटा दिया और उनके साथ लेट गया | फिर मेने उनके होतो को चुसना शुर कर दिया, इससे वो और भी गर्म हो गयी मगर बिच बिच मै चोदने के लिए कराहने लग जा रही थी | करीब दस मिनट तक उनके होठ चूसने के बाद मै उठ कर आंटी के पैरों के बिच मै बैठ गया और उनके पेरो को पकड़ कर उनकी जांघो को चूमने लगा, आंटी अपनी पेरो को खीच रही थी पर मेने कस के पकड़ रखा था | अब मेने उनके चूचो को चूमना और चुसना शुरू कर दिया और वो पहले र्की पर बाद मै चुप चाप लेटी चुसाने लगी | फिर मै उठा और उनकी कमर के पास जा के बैठ गया और फिर उनके जांघो को दबाने लगा | जांघे दबाते दबाते मै अपने हाथो को उपर की तरफ ले आया, आंटी बहुत डर रही थी पता नही क्यों | मैं फिर अपने हाथ को फिरसे निचे ले गया और उनकी जांघो पे फेरने लगा, उनकी जांघो पे मै हाथ फेरता था और उनके पेट को चूमता रहता था | मै उनकी नाभि को भी चूमता, उसमे जीभ घुमाता और फिर धीरे धीरे मै उनकी चुत पे हाथ फेरने लगा, उनकी चुत तो पहले से खुली थी पर मै छु नही पा रहा था क्युकी वो ठीक से गर्म नही थी | धीरे धीरे कर के अंत मै उनकी चुत पे मेने हाथ फेर दिया और वो सिसकिय भरने लगी | मेने फिर उनकी चुत छोड़ के उनके चूचो के साथ खेलने लगा और उन्हें कस कस के मसलने लगा, आंटी बार बार मेरे हाथ को हटा रही थी पर मै बार बार फिरसे मसल रहा था | आंटी बहुत डरी हुई थी और डर के मारे कुछ बोल ही नही रही थी | मैं उन्हें छोड़ अपने काम पे लगा हुआ था और उनकी चुचिओ से खेलता रहता और मसलता रहता |आंटी ने मुझे फिर रोका पर मै रुका नही और उनकी चूचो को मेने अपने मुह मै भर लिया और उसे चूसने लगा, मैं काफी देर तक उनके निप्पलो को चुस्त रहा और दात से काटता भी रहा | मै फिर उनके पुरे नंगे जिस्म पे हाथ फेरता रहा और दुसरे हाथ से उनकी चुचिओ को मसलता रहा |उनके चुचे मसलते मसलते मेने उनकी चुत पे अपना मुह रख दिया और एक किस किया | आंटी मुझे रोकना चाहती थी पर रोक नही पा रही थी, मैं फिर खड़ा हुआ और अपने कपडे भी उतार दिए | मेने फिर आंटी के पेरो को पकड़ा और उनके पेरो को फैला दिया और अपनी एक ऊँगली उनकी चुत मै घुसेड दी, और फिर अपनी ऊँगली को अंदर बहार करने लगा और काफी देर तक मै ऊँगली को अंदर बहार करता रहा | मैं उनकी चुत मै तब तक ऊँगली की जब तक उनकी चुत से पानी नही निकला और फिर अचानक एक दम से उनकी चुत से पानी का फवारा निकल पड़ा | अब मै उठा और उनके टांगो के बिच जाके अच्छे से सेट हो गया और फिर मेने अपने लंड को उनकी चुत पे सेट किया और फिर एक दम कमर हिला के मेने उनकी चुत मै अपने लंड को डाल दिया | मेरा लंड काफी आसानी से अंदर चला गया उनके, अब वो अपनी गांड उठा उठा के मेरे लंड को अपनी चुत की गहराई तक अंदर ले रही थी, मैं भी अब उनको कस कस के झटके मर रहा था और अपने लंड को उनकी चुत की गहराई तक उतारने लगा | आंटी की आवाज़ बहुत दूर तक जाती हें इसीलिए मेने उनको कहा की जादा आवाज़ मत करना वरना मेरे घर वालो को पता चल जायेगा की आपके साथ कोई हें, फिर लफड़ा हो सकता हें |मेने अपनी चुदाई की गति कम कर दी और इससे उनको और मुझे दोनों को मज़ा आ रहा था, उनको धीरे धीरे पेलने से उनको बहुत मज़ा मिल रहा था और एम् उनको जादा देर पेल सकता था इसीलिए मै भी खुश था | आंटी ने अपने पेरो को मेरे कमर पे बाँध दिया और मुझे अपनी तरफ कसने लगी और फिर अचानक से अपनी गांड उठा उठा के मेरे लंड को अंदर लेने लगी | आंटी अब जोर जोर से कहने लगी ऊऊ गोड फक्क्क्क मीई ओह्ह्हह्ह इस सो नाईस हम्म्म्मम्म्म्म ओऊ | मैं उनकी आवाज़ सुन के उनके मुह पे हाथ रख दिया और कस कस के धक्के देने लगा निचे से और वो भी मेरा साथ देने लगी | करीब बीस मिनट उन्हें उसी हाल मै पेलने के बाद वो बोली की वो झड़ने वाली हें सो मेने अपनी गति और भी बड़ा दी और कस कस के धक्के देने लगा मै उन्हें और उन्होंने मुझे कस के गले लगा लिया और फिर वो एक दम से झड़ गयी, पर मै अभी तक नही झदा था और उन्हें कस कस के धक्के पे धक्का दिए जा रहा था | कुछ मिनटों बाद मेरा भी निकल गया और मेने उनके चुत मै ही छोड़ दिया और उन्ही के उपर लेट गया और फिर हम दोनों एक दुसरे के साथ नंगे सो गये, और मेरा लंड उनकी चुत मै ही था |फिर अचानक मेरी आँख खुली तो मेने देखा की आंटी मेरे पेर के पास लेटी हुई हें और मेरे लंड को चाट रही हें, इतने मै मेरा लंड फिरसे उनके लिए तन गया और और मेने फिर आंटी को कहा की लेट जाओ मैं उपर आऊंगा उनके, तो वो बोली अब मैं तुम्हे नही छोडूंगी, और मुझे सीधा लेता दिया और मेरे उपर चद गयी और मेरे तने हुए लंड को अपनी चुत पे सेट की और फिर एक उपर से झटका दिया और मेरे मोटे लंड को अपनी चुत मै समां लिया | अब मैं उन्हें निचे से धक्का दे रहा था और एक दम उनकी चुत के अंदर तक लंड जा रहा था क्युकी उपर से आंटी भी झटके दे रही थी | मेरा लंड उनकी गर्भस्य तक को छू रहा था और वो भी पुरे जोश मै मेरे लंड को अंदर तक लिए जा रही थी | इस वाली चुदाई मै हम दोनों को पहले वाले से भी जादा मज़ा आ रहा था क्युकी हम दोनों मस्त वाली ढंग ले रखी थी | हम दोनों के बिच मै करीब आधे घंटे तक चुदाई चली और इस बार आंटी मेरे झड़ने से पहले दो बार झड़ चुकी थी और फिर उन्होंने मुझे गले लगा लिया और मैं भी बिना झाडे उनसे चिपक के रह गया | आंटी ने आज मुझे आसमानों की सैर करा दी | आंटी ने फिर मुझे चुमते हुए बोली की तुमने मुझे अज पूरी तरह से शांत कर दिया और अबसे तुम सुबह स्कूल के बहाने पुरे दिन मेरे घरपे ही रहना आज की तरह |और इसमे ख़ुशी के बात ये थी की आंटी दो महीने के बड मुझे बोली की वो माँ बन्ने वाली हें और वो भी मेरी बच्चे की माँ | आंटी बहुत खुश थी और फिर कुछ महीने बाद डॉक्टर ने उन्हें सम्भोग करने से मना कर दिया

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