दो चूतों का दोगुना मजा

प्रेषक : कमल …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम कमल है, में बिलासपुर में रहता हूँ, इस वक्त मेरी उम्र 25 साल है और ये बात उन दिनों की है जब में अपनी इंटर की पढ़ाई पूरी करके कॉलेज में गया था। अब अपनी जवानी के 20 साल पूरे होने पर और लंड के 8 इंच लम्बा होने और 4 इंच मोटा होने की खुशी में मैंने कसकर हस्तमैथुन किया था, कारण था में उस दिन एक दोस्त के घर से ब्लू फिल्म देखकर लौटा था। अब औरत की नर्म, मुलायम, गुलाबी चूत और काली खूबसूरत गांड और ऊपर से दो-दो गोरी गोरी चूचीयाँ मर्द को पहली बार पीते देखकर मेरे मुँह में पानी भर गया था और औरत को तुरंत चोदने का मन कर रहा था। हमारे घर के पास एक सेक्सी आंटी रहती थी जिनका पार्लर था, उनके पति अक्सर बाहर ही रहते है। उनका नाम शीला था और वो भरे बदन वाली गदराई मस्त 26 साल की थी, जिनकी बड़ी-बड़ी रसभरी दूध से भरपूर चूचीयों को पीने का मेरा कब से मन था? मस्त लहराती गांड और चूत का ख्याल ही मेरे दिल में आग लगा जाता था।

में सोचता था कि आंटी की चूत में जब खुजली होती होगी तो क्या वो उंगली,  बैंगन या केला डालकर उसे शांत करती होगी? क्या उनको एक लंड की जरूरत नहीं होगी? और यही सोचकर मैंने उनको लाईन देनी शुरू की। फिर मैंने देखा कि मेरी लाईन का फायदा हो रहा है और अब वो खुलने लगी थी और ड्रेस भी मेरे लिए सेक्सी पहनती थी, डीप कट ब्लाउज जिसमें बंद दो कबूतर बाहर उड़ने को फड़फडा रहे थे और जब उनकी गांड हिलती थी तो मेरा मन पीछे से पकड़कर अंदर बाहर लंड चलाकर उनकी गांड की धुनाई करने को करता था।

फिर एक दिन वो पार्लर में अकेली थी और पार्लर उस दिन बंद था, तो में उनके घर जा पहुँचा। तो वो मुझे देखकर बोली कि अच्छा हुआ तुम आ गये मुझे तुमको कुछ नयी ड्रेस दिखानी है, वो नयी नाइटी,   ब्रा और पेंटी लाई थी और वही मुझको दिखाने लगी। फिर में बोला कि आंटी ऐसे ही दिखाओगी इनको पहनकर तो दिखाओ। फिर वो बोली कि तुम ही पहना दो यार और यह कहकर वो मेरी बाहों में झूल गयी तो मैंने उनका इशारा समझकर उनकी साड़ी उतार डाली और फिर धीरे-धीरे उनके ब्लाउज पर अपना एक हाथ फैरते हुए उनके ब्लाउज को ऊपर से दबाना शुरू कर दिया और उनका ब्लाउज नीले रंग का था जिसके खोलते ही उनकी सफेद ब्रा मेरे सामने थी, जिसमें उनके बस दोनों काले निपल छुपे हुए थे। फिर में उनकी ब्रा के ऊपर से उनकी चूचीयाँ को अपनी जीभ से चाटने लगा और उनको दबा-दबाकर दूध निकालने की कोशिश करने लगा।

फिर मैंने उनकी ब्रा का जैसे ही हुक खोला तो वो दोनों निपल्स मैंने जी भरकर पिये, पहली बार किसी औरत की गर्मी और खुशबूदार साँसे मेरे जिस्म से टकरा रही थी और फिर मेरा उनकी दोनों चूचीयों का मर्दन और मसलना जारी रहा। फिर मैंने उनको खड़े-खड़े ही उनका पेटीकोट और फिर उनकी पिंक पेंटी  उतारनी शुरू की, क्या गोरी और मसालेदार जांघे थी? फिर मैंने उनकी जांघो को चाटकर उनको काउंटर पर बैठाया और खुद नीचे बैठकर उनकी चूत में अपनी जीभ डालने लगा और ऊपर नीचे अपनी जीभ से  उनकी चूत खूब चाटी और फिर अपना लंड उनको दे दिया। फिर वो मेरे लंड के ऊपर का गुलाबी सुपाड़ा चाटने लगी। फिर मैंने कोई आ ना जाए इसलिए जल्दी से अपना लंड उनकी कोमल चूत में थूक लगाकर डाल दिया, जिससे उनको मज़ा भी बहुत आया और उनकी चूत में खुजली भी मिटने लगी। फिर वो बोली कि जब चूत में लगी हो आग तो फायर ब्रिगेड ही आग बुझा पाती है। अब मेरा लंड पूरे ज़ोर से अंदर बाहर उस धर्मशाला में आ जा रहा था। अब आंटी के नाक के नथूने फूल रहे थे और अब उनको स्वर्ग नजर आ रहा था। खैर अब हम जल्दी से नहीं झड़ने वाले थे और अब हमें बहुत मज़ा आ रहा था, तो तभी आंटी की सहेली आ धमकी और फिर वही हुआ जिसका हमें डर था।

अब उन्होंने मेरे लंड को उनकी चूत में रगड़ खाते हुए देख लिया था तो वो कहने लगी कि कर ले प्यार, अब तुमको मेरी भी चूत चोदनी पड़ेगी। अब शीला आंटी तो घबरा ही गयी थी, लेकिन जब उन्होंने देखा कि रश्मि भी अपना सलवार कुर्ता उतार रही है, तो वो समझ गयी की रश्मि भी प्यासी है और उसका बूढ़ा पति उसकी चूत ढंग से नहीं चोद पाता है। फिर उसके बाद रश्मि भी आ गयी और फिर उन्होंने मेरे लंड को आंटी की चूत से बाहर खींचकर निरोध को मेरे लंड से उतारकर उन्होंने अपनी जीभ पर लिया और चूसना अंदर बाहर चाटना शुरू किया और फिर उन्होंने आंटी से शहद मंगवाया और मेरे लंड पर लपेटकर उसको मीठा-मीठा बनाकर चाटकर मज़ा लिया। अब मेरा 8 इंच का लंड आग की तरह गर्म था, फिर मैंने उनकी चूत को फैलाकर चाटना शुरू किया। अब वो दोनों मुझको सीधा लेटाकर मेरे लंड को चाट रही थी, वो बहुत मीठा दर्द था। फिर में रश्मि की चूत की चुदाई करके झड़ गया, मुझे उस दिन बहुत मज़ा आया था, यारों मैंने पहली बार 4 चूचीयाँ एक साथ दबाई और निपल्स पिये थे। रश्मि के निपल्स ब्राउन कलर के थे और मोटे भी थे। फिर उसके बाद में अक्सर मेरी शीला आंटी और रश्मि के साथ में ही सेक्स करता और मज़ा लेता था। अब शीला भी रश्मि की चूत में अपनी जीभ डालकर चाटती थी और रश्मि भी वैसा करके खूब मज़ा देती थी ।।

धन्यवाद …

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