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Desi SEX Kahaniya

बंगलौर में दुसरे की बीवी चोदी उसके सामने

हल्लो दोस्तों मेरा नाम विजय हे मेरी उम्र 36 साल हे और मैं बंगलौर में रहता हूँ. ये कहानी मेरे पहले थ्रीसम अनुभव की हे जो मुझे इस शहर में हुआ था. वैसे मैंने अपने होम टाउन में थ्रीसम किया था लेकिन बंगलौर का ये मेरा पहला ही अनुभव था.

मेरे तबादले के बाद मैंने बंगलौर शिफ्ट कर लिया था और मैं अपनी फेमली के यहाँ आने की वेट कर रहा था. उन दिनों मैं डेटिंग की वेबसाइट खोलता था. और मेरी मेम्बरशिप गोल्ड थी इसलिए मैं दुसरे लोगों के साथ बात भी कर सकता था. उनमे से बहुत सब कपल होते थे जो नए लोगो के साथ मिल के थ्रीसम करने की चाह रखते थे. मैंने भी कुछ अच्छे प्रोफाइल पिक्स वाले कपल को मिलने के लिए इमेल कर दिया. मुझे ये पता था की उनमे से बहुत सब फेक थे लेकिन ट्राय करने में मेरे बाप का क्या जाता था!

फिर मुझे कुछ दिनों के बाद एक सुनील नाम के आदमी की इमेल आई. उसने मुझे कहा की उसने मेरी इमेल पढ़ के रिप्लाई किया था. उसने बताया की वो लोग एक अच्छे और हायजेनिक बन्दे को मिलना चाहते हे. मैंने कहा मैं अच्छा हूँ की नहीं वो तो पता नहीं लेकिन गन्दा नहीं हूँ. उसने कहा मैं पहले तुमसे मिलूँगा फिर हम लोग देखेंगे. मैंने उसे अपना नम्बर दिया और दुसरे दिन वो मुझे एक केफे में मिला.

हमारी अच्छी खासी देर तक बात हुई. उसने बताया की वो एक स्टेट गवर्मेंट एम्प्लोयी था और वो नहीं चाहेगा की उसकी बदनामी हो. मैंने कहा आप उसकी टेंशन मत लो. फिर उसने कहा की ठीक हे मैं बताता हूँ की हमें कब मिलना हे.

उसके बाद भी काफी दिनों तक वो इधर उधर करता रहा. शायद वो मुझे सही तरह से चेक कर रहा था. फिर जब उसे लगा की मैं उसकी और उसकी बीवी की बात को सीक्रेट रखूँगा तो उसने मुझे चेटिंग में अपनी बीवी से भी मिलवाया. उसका नाम अंजलि था, और वो प्रोफाइल पिक से भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी.

फिर उसी दिन सुनील और अंजली ने मेरे लिए एक केम सेशन भी किया. अंजलि ने केमरे के ऊपर ही अपने पति का लंड चूसा और अपने बड़े बूब्स मेरे लिए फ्लेश किया. साथ में उन्होंने मुझे भी केम ओन करवा के लंड दिखाने को कहा. मेरा लंड देख के अंजलि और भी चुदासी हो गई. अब मैं समझ चूका था की थ्रीसम की फेंटसी शायद अंजलि की ही थी.

फिर अंजलि ने अपना नम्बर भी मेरे साथ शेयर किया. उसकी सास अभी घर पर ही थी इसलिए वो मुझे कुछ दिन और रुकने के लिए बोले. लेकिन मैं अंजलि को कॉल करता था और उसका फिगर सेक्स की पसंद नापसंद वगेरह बातें करता था. वो भी मेरे लंड के बारे में और मेरी बीवी के बारे में पूछती थी मुझसे. वो मुझे कहती थी की सुनील मुझे अच्छे से चोदते हे लेकिन मैं शादी के पहले से ही थ्रीसम करना चाहती थी. और सुनील मुझे बहुत प्यार करते हे इसलिए किसी अच्छे आदमी के साथ मेरी चुदाई के लिए उन्होंने डेटिंग साईट पर प्रोफाइल बनाया था.

और फिर अंजलि की सास कुछ दिन के बाद अपने नेटिव प्लेस चली गई. और हम लोगों को मिलने का मौका मिला. एक होटल में वो दोनों मुझे लेने के लिए आये थे. मुझे पहले से ही बोल दिया था की तुम एक दिन के लिए जो चीजे जरुरी हे वो सब ले के आना. अंजलि ने उस वक्त घुटनों तक का भरा हुआ स्कर्ट पहना हुआ था और उसकी सेक्सी जांघे एकदम सिल्की थी. वो बार बार मुझे देख के स्माइल दे रही थी. मेरा लंड भी उसको देख के कडक होने लगा था. बहुत दिनों से असली चूत नहीं मिली थी इसलिए मैं एकदम बेताब था.

वहां पर कोफ़ी पीते हुए मुझे पता चला की सुनील और अंजलि की लव मरीज थी. वो दोनों साथ में पढ़ते थे. अंजलि ने सुनील को मिलने से पहले दो और लोगों से सेक्स किया था. और वो शादी के बाद भी पति और किसी और के साथ में थ्रीसम में चुदने की फेंटसी रखती थी.

सुनील और अंजलि मुझे ले के फिर अपने घर पर चले गए. घर में रखे हुए लेपटोप और वर्किंग टॉप से पता चला की सुनील एक टेकी था. और अंजलि ने बताया की वो भी वर्क फ्रॉम होम करती थी पार्ट टाइम में.

घर पहुँच के सुनील ने मुझे कहा वहां बाथरूम हे अगर फ्रेश होना हो तो. मैं बाथरूम हो के आया फिर अंजलि मुझे ले के गेस्ट रूम में चली गई. मैंने टी शर्ट और शोर्ट पहन ली.

अंजलि भी कुछ देर में चेंज कर के आ गई. उसने एक स्लीवलेस नाइटी पहनी थी और एक सेक्सी परफ्यूम भी लगा के आई थी. वो एकदम क्लासिक लग रही थी. उसके बूब्स एकदम बड़े लेकिन सही शेप में दिख रहे थे. सुनील ने कमरे में हल्का म्यूजिक लगा दिया और वो अंजलि के साथ डांस करने लगा. फिर वो दोनों ने मुझे भी डांस के लिए बुलाया.

रोमांटिक गाने की धुन पर मैं और अंजलि डांस कर रहे थे. मैंने उसे अपने हाथ से खिंच के अपनी बॉडी से एकदम करीब किया हुआ था. और मेरे हाथ उसकी गांड को छूने लगे थे कुछ ही देर में. और मेरे पास एकदम सही मौका भी था इसे किस करने का. फिर भला मैं कैसे जाने देता इस मौके को. मैंने उसके गालों के ऊपर और फिर धीरे से उसके होंठो के ऊपर भी किस कर ली. वो भी मस्तिया गई थी और उसकी साँसे तेज होने लगी थी.

जब मुझे लगा की वो पूरी तरह रेडी हे और चुदासी भी तो मैंने उसके बूब्स के ऊपर हाथ रखा और उन्हें हलके से मर्दन दिया. उसके निपल्स अकड चुके थे. और उसकी साँसे और भी तेजी से चलने लगी थी. अंजलि ने भी अपने हाथ को आगे कर के मेरे लंड को टच किया. उसके चहरे के ऊपर एक अजीब ख़ुशी दिखी जब उसने अपने हाथ से मेरे लंड की लम्बाई और चौड़ाई का जायजा लिया. वो खुश लग रही थी लंड के डायमेंशन से.

तभी सुनील ने आगे बढ़ के अंजलि की नाइटी को उतार दी. अंजलि ने भी हाथ ऊपर के उसे उतारने में पूरी मदद की. वाऊ क्या मस्त नजारा था वो. उसकी चूत एकदम क्लीन थी और एकदम सेक्सी और परफेक्ट शेप में. नाइटी के निचे उसने कुछ भी नहीं पहना था. मेरा अंदाजा गलत था की अन्दर ब्रा और पेंटी होगी. मैंने अंजलि को कहा तो उसने मेरे कपडे अपने हाथ से उतारे और उसकी नजर बार बार मेरे लंड के ऊपर ही अटक सी रही थी.

सुनील ने अपनी वाइफ को एक किस दी और फिर उसके बूब्स का मसाज और चूसन करने लगा. और उतने में मैं अंजलि की क्लीन चूत के साथ अपनी ऊँगली से खेलने लगा था.

सुनील का काम खतम होते ही मैंने अंजलि को उठा लिया और उसे बिस्तर में डाल दिया. वो भी अच्छी खासी चुदासी हो गई थी. और हावभाव से एकदम लंड लेने के लिए रेडी ही लग रही थी. मैंने उसके बूब्स का मसाज चालु किया और उसने मेरे लंड को अपने मुहं में भर के चुसना चालू कर दिया. वो अच्छी कोक सकर थी और उसे पता था की मर्द का लंड कैसे खुश करना हे. मजा आ गया उसे लंड चूसा के!

उसके बाद मैंने और अंजलि ने 69 पोजीशन बना ली. मैंने अपनी जबान को उसकी चूत में डाली और उसे जितना हो सकता था उतना मजा दिया अपनी तरफ से. उसने भी मेरे लंड को पूरा गले तक भर लिया और ऐसे चूसा की मैं मदहोश हो गया. अब वो बोली मेरे से नहीं रहा जाएगा अब जल्दी से कर दो अंदर.

मैंने अंजलि को वही बिस्तर में घोड़ी बनाया. पीछे से उसकी चूत पर हाथ रखा तो वो एकदम चिपचिपी हो चुकी थी. मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डाला और धक्के देने लगा. वो नजारा एकदम मस्त था, जब अंजली की गांड हिल रही थी और मेरे लंड का डंडा उसकी चूत में अन्दर बहार होते हुए दिख रहा था.

करीब 20 मिनिट तक हम दोनों के बदन ऐसे ही जुड़े रहे. वो हिल हिल के पूरी शक्ति लगा रही थी. और मेरे बदन की पूरी ताकत लंड में जा के उसकी चूत को मिल रही थी. बिच बिच में उसने 2 3 बार अपनी चूत को कस लिया था. लेकिन मेरा पानी उतनी जल्दी नहीं निकलता हे. मैंने उसकी गांड को पकड़ के खिंच खिंच के और 10 मिनिट तक उसकी मुलायम चूत की धज्जियां उड़ाई. सुनील वही बैठ के बीवी की फेंटसी पूरी होते हुए देख रहा था.

जब मेरा पानी निकलने को था तो मैंने फट से लंड को अंजलि की चूत से निकाल के उसके मुहं में दे दिया. उसने लंड को मस्त चूस के वीर्य निकलवा दिया.

फिर सुनील और मेरे बिच में अंजलि उस बिस्तर में ही लेट गई. हम तीनो के बदन पर एक भी कपडा नहीं था. सुबह मेरी नींद खुली तो सुनील अभी भी सोया हुआ था. अंजलि जाग रही थी. मैंने बिना कुछ कहे अपने मरियल लंड को उसके मुहं में दे दिया. और वो भी सेकंड राउंड के लिए रेडी थी इसलिए लंड को चूसने लगी.

दोपहर तक हम दोनों चोदते रहे और सुनील हमारे लिए होटल से पार्सल ले आया. बिच में उसने ही हमारे लिए चाय और ऑमलेट भी बनाई थी. अंजलि को आज बड़ा सुकून मिला था मेरे साथ सेक्स कर के.

जब मैं जा रहा था तो मैंने उन्हें कहा था की फिर जरूरत हो तो बुला लेना मुझे. लेकिन फिर कभी सुनील और अंजली ने कभी कोंटेक नहीं किया. चुदवाने के बाद अंजलि मेरे से कम ही बातें करने लगी थी. मैं समझ चूका था की वो इग्नोर कर रही हे. और मेरी भी वाइफ आ गई थी इसलिए मैंने भी बहुत तवज्जो नहीं दी उसको.

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