Home / हिंदी सेक्स कहानियाँ / जवान लड़की / अबकी बार चूत में लंड की सरकार

अबकी बार चूत में लंड की सरकार

हाय दोस्तो.. मेरा नाम करण है, मैं 18 साल का हूँ.. मैं अपने जीवन का एक रोमांच भरा पल आपको बताने वाला हूँ।
यह मेरी पहली कहानी है।

मेरी एक ममेरी बहन रिया जो 18 साल की है.. मुझे बहुत अच्छी लगती थी। मैं उसे हमेशा वासना की नजर से देखता था.. उसका फिगर.. अय हय.. क्या बोलूँ.. क्या मस्त थी.. मत पूछो दोस्तो.. बस किसी गदराई जवानी को याद करके अपने-अपने लौड़े पर हाथ फेर लो..
साली इतनी क्यूट थी कि सभी लड़के उसे सिर्फ़ एक बार देखने के लिए मेरे मामा के घर के चक्कर लगाते थे।
मैं जब भी वहाँ जाता.. मेरा लण्ड खड़ा का खड़ा ही रहता।

एक बार मैं अपने मामा के घर गया था और मेरे मामा-मामी को अचानक कहीं जाना पड़ गया।
मेरे मामा ने मुझसे कहा- करण.. तुम रिया के साथ रहो.. हम शाम तक वापस आ जाएंगे!
मेरे मन में तो रिया की बुर और चूची नंगे दिखने लगे।

दोस्तो, मामा-मामी के चले जाने के बाद मैं दरवाजा बंद करके अन्दर आ गया।
मैंने रिया को देखा.. वो मोबाइल लेकर अपने कमरे में चली गई।

मैं भी हॉल में बैठ कर टीवी देखने लगा और रिया को नंगा टीवी स्क्रीन पर देखने लगा।
मैं सोच में इतना बिज़ी हो गया कि मुझे पता ही नहीं चला कि टीवी पर केबल की लाइन चली गई.. और टीवी भर्राने लगा।

रिया ने अन्दर से मुझे आवाज़ लगाई- साउंड कम कर दो.. केबल की लाइन चली गई है..
तब मुझे होश आया।

कुछ देर बाद रिया का मोबाइल बजा.. मैं वहाँ गया तो देखा रिया बाथरूम में है और मोबाइल बज रहा है।
मैंने फोन उठाया तो एक लड़के की आवाज़ थी.. उसने मेरी आवाज़ सुनके फोन काट दिया।
रिया बाथरूम से आई तो मैंने पूछा- कोई लड़के का फोन था..
उसने कहा- हाँ मेरे बॉयफ्रेंड का था।

मेरे तो होश ही उड़ गए.. मैंने पूछा- कौन है?
वो बोली- स्कूल में यहह मेरा एक बॉयफ्रेंड है.. मैंने हाल ही में बनाया है..
यह सुन कर मेरी जान में जान आई जब उसने कहा कि ‘मैंने हाल ही में बनाया है..’

मैंने उससे पूछा- तुम दोनों के बीच क्या रिश्ता है?
उसने बोला- मैं सिर्फ़ उससे बात करती हूँ.. और कुछ नहीं..
यह सब होने के बाद मैंने सोचा कि यह अच्छा मौका है.. मैं उसे बता देता हूँ कि मैं उसके बारे में क्या सोचता हूँ।

मैंने उससे बड़े हिम्मत करके बोला- रिया मैं तुझे कैसा लगता हूँ?
उसने हँसते हुए बोला- तुम ये क्यों पूछ रहे हो?

मैंने कहा- मैं भी तुझे पसंद करता हूँ.. तुझे एक बार पाना चाहता हूँ..
तो रिया यह कहते हुए रसोई से चली गई- सिर्फ़ एक बार??
मैं समझ गया.. कि वो भी मुझे पसंद करती है।

फिर मैं उसके पीछे गया.. वो सीधे रसोई में गई।
मैं वहाँ पहुचा तो देखा वो चाय बनाने लगी थी।

मैंने उससे पीछे से पकड़ लिया.. वो डर गई.. और बोली- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- प्यार..
वो चाय गैस पर छोड़ कर मेरे साथ बेडरूम में आ गई।

मैंने उससे उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया और उसके टमाटर से लाल गालों को चूसने लगा.. और फिर अपने हाथों से उसके खरबूजों को दबाने लगा।
उसके गुलाबी से निप्पल देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसे चूसने लगा।
उसकी चूचियां टाइट थीं.. जैसे कभी किसी ने उसे छुआ ही न हो।

मैंने उसके मम्मों को जब ज़ोर से मसला तो रिया चीख उठी.. और बोली- करण.. धीरे.. दर्द हो रहा है..
मैंने मसलना छोड़ दिया और उसे चूसने लगा, अब रिया सिसकारने लगी और मैंने बारी-बारी से दोनों चूचे खूब चूसे।

करीब 20 मिनट तक चूचे चूसने के बाद.. मैंने उसकी लेगीज उतार दी.. अब वो मेरे सामने सिर्फ़ नीले रंग की पैन्टी में थी।
उसकी चिकनी जाँघें देख कर मुझसे रहा नहीं गया.. मैं उसे चूमने लगा।

फिर मैंने अपने सारे कपड़े खोल दिए..
मेरा मोटा 8 इंच लंबा लण्ड देख कर रिया बोली- अरे बाप रे.. बाप.. इतना लंबा और मोटा?
मैंने कहा- क्यों तूने इतना लंबा और मोटा लण्ड नहीं देखा है क्या??
उसने बोला- मैं कैसे देखूँगी.. मैं अब तक कुंवारी हूँ।

यह सुन कर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे और मैंने सोचा कि आज एक सीलपैक चूत मिल रही है..
मैंने उसकी पैन्टी को उतार दिया। अब तक उसकी पैन्टी पूरी गीली हो चुकी थी, मैं समझ गया कि वो मेरा लण्ड लेने के लिए तैयार है.. मगर मैं उसे तड़पाता रहा, उसकी चूत की टीट (भगनासे) रगड़ कर उसे बेचैन करता रहा।
वो ‘उउउहा.. उउउहा..’ की आवाज़ निकाल मुझे और भड़का रही थी।

अब मैंने उसे मेरा लण्ड मुँह में लेने को बोला.. वो ‘ना.. ना..’ करने लगी।
मैंने ज़बरदस्ती की.. तो उसने लौड़ा मुँह में ले लिया और चूसा भी।
मैं भी अपने हाथों से उसकी चूचियों को मसल रहा था।

उसने लौड़ा इतने अच्छी तरह से चूसा कि मैं तो उसके मुँह में ही एक बार झड़ गया। रिया मेरे माल को पी गई.. मैंने फिर से उसकी चूत को चाटना शुरू किया।

अब वो पूरी तरह छटपटाने लगी। उसकी चूत काफ़ी गर्म थी और पूरी तरह से गीली हो गई थी। वो ‘उउउ एयेए उउउ एयेए..’ की आवाज़ निकालने लगी.. पर मैं बुर को रसगुल्ला समझ कर चाटता रहा।
रिया भी मेरे मुँह में झड़ गई.. उसकी चूत का पानी इतना टेस्टी था कि मैं पागल सा हो गया।
फिर मैंने अपना लण्ड का लाल टमाटर उसकी चूत पर रख कर दबाया.. वो चिल्ला उठी.. मैं डर गया।

मैंने पूछा- क्या हुआ?
उसने बोला- दर्द हो रहा है..
मैंने दुबारा ट्राई किया.. पर मेरे लण्ड का टमाटर चूत पर लगते ही वो चिल्ला उठती। मैं समझ गया कि इसे पेलना बहुत मुश्किल काम है।

फिर मैंने 69 के पोज़ में आकर अपना लण्ड उसके मुँह में डाला और उसका चूत में एक उंगली डालकर चूसने लगा, फिर दो उंगली.. फिर तीन.. जैसे-जैसे उंगलियां बढ़ती गईं.. उसका लण्ड चूसना और काटने की कसक भी बढ़ती ही रही थी।
उसके दाँतों से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

जब मैंने चार उंगलियां डालीं.. तो कुछ देर बाद वो मजा लेने लगी।
अब मैंने एक बार फिर से लण्ड डालने का ट्राई किया, मैंने फिर अपना सुपारा उसकी चूत पर रखा। अब उसे उतना दर्द नहीं हुआ.. तो मैंने एक जोरदार झटका मारा और.. मेरा आधा लण्ड रिया की बुर में चला गया।

रिया की आँखों में आँसू आ गए.. और वो दर्द से चीख रही थी।
फिर मैंने धीरे-धीरे अन्दर-बाहर किया तो उसका दर्द कम हुआ।
फिर मैंने एक झटका मारा.. ‘अबकी बार चूत में लण्ड की सरकार..’
सच में पूरा लण्ड अन्दर चला गया.. और रिया ‘आआहहा.. आआह..’ करने लगी।

मैं थोड़ी देर उसके ऊपर यूँ ही लेटा रहा।
जब थोड़ा दर्द कम हुआ.. तो मैंने अपना लण्ड अन्दर-बाहर किया तो देखा मेरे लण्ड में खून लगा हुआ था.. मैंने रिया को नहीं बताया.. और उसे चोदता रहा।

कुछ देर बाद रिया मुझे साथ देने लगी.. मैंने रिया को बहुत देर तक चोदा, वो पूरा पसीना-पसीना हो गई, अब उसे भी मज़ा आ रहा था।
मैंने उसे 15 मिनट तक चोद-चोद कर बेहाल कर दिया।
फिर मैंने उसे अपने लण्ड पर बिठा कर खुद ही आगे-पीछे होने को बोला.. सच में अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर मैंने उसे घोड़ी बना कर चोदा।

वो फिर चीखने लगी ‘आअहहा हहुउऊउ.. आअहहुउ..’
यह आवाज़ सुनकर मेरा मूड ताज़ा हो गया और मैं उसे बिस्तर के किनारे पर लाकर ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा।

कुछ देर बाद उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया.. मैं समझ गया कि वो झड़ गई।
फिर मैं भी रिया की चूत में झड़ गया।

फिर मैंने अपना लण्ड रिया को दिखाया.. तो वो बोली- तेरे लण्ड से खून लगा है..
मैंने उसे बताया- ये मेरा खून नहीं तुम्हारा है रिया..
वो डर गई.. मैंने कहा- चिंता मत करो कुछ नहीं होगा.. पहली बार ये होता ही है..

फिर मैंने अपना लण्ड रिया से चुसवाया क्योंकि मेरा लण्ड भी थोड़ा सूज गया था।

उस दिन हम दोनों ने दिन भर चुदाई मस्ती की।

मेरी यह कहानी कैसी लगी.. मुझे बताने के लिए मुझे ईमेल करें।
[email protected]
अगली कहानी में मैंने रिया की कैसे गाण्ड मारी.. ये बताऊँगा।

Leave a Reply

वैधानिक चेतावनी : यह साइट पूर्ण रूप से व्यस्कों के लिये है। यदि आपकी आयु 18 वर्ष या उससे कम है तो कृपया इस साइट को बंद करके बाहर निकल जायें। इस साइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ व तस्वीरे पाठकों के द्वारा भेजी गई हैं। कहानियों में पाठकों के व्यक्तिगत् विचार हो सकते हैं, इन कहानियों व तस्वीरों का सम्पादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नहीं है। आप अगर कुछ अनुभव रखते हों तो मेल के द्वार उसे भेजें