अफ्रीका के 4 लौड़े से गांड की सील तुडवाई

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम नम्रता जाधव हे और मैं मुंबई में रहती हे. मैं सेक्स लवर हूँ और सेक्स कर के ही अपना खर्च भी निकालती हूँ. मैं बड़ी लकी हूँ की मेरा बदन बड़ा ही खुबसुरत हे और मुझे सेक्स करने में बड़ा आनंद भी मिलता हे. वैसे मैं पैसे के लिए चुद्वाती हूँ और साथ साथ मजे भी मिल जाते हे मुझे. तो दोस्तों अब आप लोगों का वक्त और ना खराब करते हुए मैं सिधे मेरी एक हार्डकोर चुदाई की कहानी आप को सुनाती हूँ. कहानी तब की है जब मैं गांड से वर्जीन थी. मुझे सच कहूँ तो गांड मरवाने से ही डर लगता था पर एक दिन मेरे एजेंट (या फिर आप दलाल कह लो!) ऑफर दिया की मैं गांड क्यूँ नहीं मरवाती!

मैंने उसे कहा नहीं यार पीछे कभी लिया नहीं और लेने से डर लगता हे. तो उसने कहा की 4 अफ़्रीकी हे जो गांड मारने के शौकीन बन्दे हे और वो इस के लिए बहुत भारी कीमत देने को भी रेडी हे. पहले तो मैंने मना ही कर दिया उसके बाद उसने जब थोडा जिद्द सा किया तो मैं मान गई इन 4 अफ्रीकियों से अपनी गांड मरवाने के लिए.

मेरे एजंट ने बताया की वो लोग अफ्रीका की बड़ी डायमंड कम्पनी से यहाँ मुंबई में किसी मीटिंग के लिए आये थे. और वो डोलर में ही गांड मारने की कीमत भी दे रहे थे. जब एजंट ने मुझे बताया की वो लोग कितने पैसे देंगे तो मेरा मुहं खुला के खुला ही रह गया. मैंने तो प्लान भी बना लिए की इतने पैसों का मैं क्या क्या करुँगी!

मैं अपनी गांड में उन्के लंड लेने के लिए तैयार हो गई. मेरे एजेंट ने मुझे स्कर्ट पहनने को दिया और एक ढीली सी टी-शर्ट दे दी. उसने बताया की अन्दर से बाल साफ़ कर के रखने के लिए कहा और वो चला गया.

उसके जाने के बाद मैं अपनी बगल, चूत और गांड के पास के सब बाल को निकाल लिया विट क्रीम लगा के. मेरी बॉडी अब स्मूथ और हेरलेस हो गई थी. मैं इन अफ्रीकियों को खुश करने के लिए पूरी रेडी थी.

रात को मेरा एजंट करीब 8 बजे उन 4 अफ्रीकियों को ले के मेरे घर पर आ गया. वो सब के सब काले थे और हाईट में 6 फिट के ऊपर के ही थे. एक के बाल क्रिस गेल के जैसे घुन्गराले थे. और उसका सीना एकदम चौड़ा था. मैंने उन्हें इम्प्रेस करने के लिए मेकप कर रखा था. और आज तो मैं कुछ ज्यादा ही सेक्सी और सुन्दर लग रही थी.

उन चारो ने मुझे ऊपर से निचे घुर के देखा. उनकी आँखों में चमक सी आ गई थी. उन चारों ने मुझे झट से पकड़ लिया. और मुझे बिस्तर के ऊपर पटक सा दिया. और सब अपने अपने लंड सहला के मेरे सामने हंस रहे थे. सालों के लंड काले नाग और सांड के जैसे थे!

फिर उन कालियों ने चारों तरफ से मुझे पकड़ लिया और मेरे बदन को कपड़ो के ऊपर से ही हाथ घुमा के फिल करने लगे. एक एक कर के उन सब ने मेरे कपड़ो को खोलना नहीं बल्कि फाड़ना चालू कर दिया. उनकी ऐसी हरकतें देख के मैं समझ गई की ये लोग एक्स्ट्रा पैसे इसलिए ही दे रहे हे की मेरी हार्डकोर चुदाई कर सके. उन्होंने मेरे बदन के सब कपडे फाड़ दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया. उन्होंने ब्रा और पेंटी को भी फाड़ने से नहीं छोड़ा. मेरे पूरा नंगे बदन में वो सब हाथ फेर रहे थे अब. कोई मेरे बूब्स को जोर जोर से दबा के दर्द दे रहा था. तो कोई मेरी नाभि के अन्दर ऊँगली कर रहा था और बिच बिच में वहां पर किस भी करते थे और मेरी नाभि में लिक करने लगे थे.

अब उनमे से एक ने मेरे पैर को फैला दिया और मेरी जांघो को सहलाने लगा और वहां पर अपने चौड़े अफ़्रीकी होंठो को लगा के चुसने और चूमने लगा. वो मेरी जांघ से ले के मेरी चूत तक लिक करते जा रहा था. उसने मेरी पुसी लिप्स फैला के मेरी चूत के बिच लिक करना चालू कर दिया था. दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

अब वो ऊँगली से मेरे क्लाइटोरिस को रब करने लगा और उसे सकिंग भी दे रहा था. इस हरकत से मैं गरम होते जा रही थी. एक ने मेरे बूब्स को हाथ में ले के जोर से मसला और बिच बिच में वो निचे झुक के मेरे निपल्स को चाट और काट भी रहा था. मुझे दर्द और प्लीजर दोनों मिल रहा था एक साथ.

फिर उनमे जो सब से उम्र वाला लग रहा था उसने मेरे चहरे को अपने हाथ में ले के ऊपर उठाया. उसके होंठ मेरे होंठो के ऊपर आ गए और वो मुझे कस के किस करने लगा. और उसने अपनी टंग को मेरे मुहं में डाल के उसका सवाद दिया मुझे. फिर उसने सक कर के मेरी टंग को अपने मुहं में ले के दोनों को मिला दिया. वो टंग को सक करते जा रहा था और बिच बिच में मेरे मुहं में थूंक भी देता था वो.

फिर उन सब ने अपने बदन के ऊपर के बचे कुचे सब कपडे निकाल फेंके. उन्के लंड देख के मेरी आँखे फटी पड़ी थी और मेरा दिल डर की वजह से जोर जोर से धडक भी रहा था. सब के लंड एकदम शुध्ध काले और पुरे लम्बे थे.

सब के सब लंड साइज़ में गधे के जैसे लम्बे और सब से पतला लंड भी 3 इंच मोटा था. डर के मारे मेरे तो हाथ पैर ही ठंडे हो चुके थे. हमारे बिच में तय हुआ था की वो लोग चूत नहीं बल्कि सिर्फ गांड ही मारेंगे और वो भी बिना कंडोम के. मैं उन्के लंड देख के ऐसे डरी हुई थी की मन तो हुआ की वहाँ से भाग जाऊं. लेकिन वो लोग पैसे मेरे एजंट को पहले से एडवांस में दे चुके थे. और अगर मैं भागती भी तो वो मुझे पकड़ के मेरी गांड फाड़ने ही वाले थे. अब उन्होंने मेरे पैरो को फैला दिया और मुझे पेट के बल बिस्तर के ऊपर लिटा दिया था. मेरी गांड उन भूखे लोडो के सामने थी.

उनमे से एक ने मेरी जांघ के बिच में आ के अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर रगड़ दिया. और मुझे बड़ा ही डर लग रहा था क्यूंकि वो बहुत मोटा और हॉट फिल हो रहा था मेरी एसहोल पर. मेरी आह्ह निकल रही थी और वो अपने लोडे को घिसते ही जा रहा था. दुसरे ने मेरे बाल पकड़ लिए और अपने मुहं को मेरे मुहं में सटा के एक जोरदार लिप किस कर दी. जो मेरी गांड पर अपना लंड घिस रहा था उसने अचानक ही एक झटका दिया और उसके लंड का मोटा टोपा मेरी वर्जिन गांड के अन्दर घुस गया. मैं जोर से चिल्लाने ही वाली थी पर मेरे मुहं के ऊपर तब तक एक मुहं आ चूका था और उसने किस कर के मुझे चीखने का मौका ही नहीं दिया.

फिर गांड के अंदर उसने दो तिन प्रयासों के बाद आधा लंड घुसा दिया, मेरी गांड जैसे फट गई थी. मेरे सामने वाले आदमी ने मेरे मुहं में अपना मुह डाला था वो हटा लिया और उसकी जगह दुसरे ने खुले मुहं में अपने लंड को डाल दिया. गले तक लंड आ गया और मेरी सांस जैसे अटक सी गई थी. मुझे सांस लेने में बड़ी तकलीफ होने लगी थी. वो मेरे मुहं के अन्दर लंड को हिला के माउथ फकिंग कर रहा था. पीछे से जोर लगा के उस आदमी ने मेरी गांड में अपना पूरा लंड घुसा दिया. दर्द के मारे मेरा बुरा हाल हो के रखा था. मेरी चुदाई दोनों तरफ से हो रही थी. एक लंड मेरा मुहं चोद रहा था और दूसरा लंड मेरी गांड को फाड़ रहा था. मेरी आँखों से दर्द के मारे आंसू निकलते जा रहे थे. वो जालिम लोग बेरहमी से मेरे बदन को चोदते जा रहे थे.

उन दोनों ने मेरे पे अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी. वो जोर जोर से मुझे चोदते जा रहे थे, मेरी गांड में और टाईट होता हुआ महसूस हो रहा था. फिर मुझे महसूस हुआ की वो लंड मेरी गांड के अंदर ही झड़ना शरु हो चूका था. मुझे ऐसा लगा की मेरी गांड के अन्दर गरम गरम लावा घुस रहा हे. जो मेरा मुहं चोद रहा था वो भी झड़ना चालु हो गया था. मुझे महसूस हुआ की उसका वीर्य मेरे गले की गहराई में झड़ने लगा था.

उसका पूरा वीर्य मेरे गले से होते हुए मेरे पेट में चला गया. उस बेरहम इंसानों का झड़ना बंद होते ही उनका लंड थोडा थोडा नर्म पड़ने लगा. फिर दोनों ने अपने लंड को मेरे मुहं और गांड के होल से बहार निकाल लिए. उनका लंड निकलते ही मैं जोर जोर से रोने लगी. लेकिन उसका उन्के ऊपर कोई असर ही नहीं हुआ. उसके हटने के बाद दो ने फिर से अपने लंड मेरे मुह में और गांड के छेद में डाल दिया. और फिर से मेरी हार्डकोर चुदाई चालु हो गई.

मैं तडप तडप के हाथ पैर मारते जा रही थी. पर उसका उन्के ऊपर कोई असर नहीं हुआ. वो बेरहमी से मुझे चोदते जा रहे थे. उन चारों ने मुझे रात के चार बजे तक लगातार चोदा. एक का ख़तम होता तो दुसरे का लंड मुझे पेलने के लिए खड़ा हो जाता था. मेरे एजंट को उन्होंने कहा नहीं था एक एक शॉट का इसलिए रात भर चोदेंगे ऐसे मुझे बोला उन्होंने! दोस्तों आप ये कहानी न्यू हिंदी सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।

बिच में तो मैं जसे बेहोश और बेशुध्ध सी हो गई थी. लेकिन उन्के चोदने के काम में कोई कमी नहीं आई थी. वो बिना कुछ कहे मेरी गांड चोदते रहे. मैं बिस्तर के ऊपर अपनी खून से भरी गांड को ले के पड़ी थी. शालीन ने मेरी चूत और गांड के नंगे फोटोस भी लिए अपने मोबाइल के अन्दर.

मेरी नींद दुसरे दिन दोपहर के वक्त खुली. मैंने देखा की बिस्तर भी पूरा मेरी गांड से निकले हुए खून की वजह से लाल हो गया था. मैं उठ के गांड में सेनिटरी पेड़ डाल के अपनी पहचान के एक डॉक्टर के पास गई. इस चुदाई की वजह से मेरी गांड में बहुत सब वीर्य भर गया था. डॉक्टर ने गांड पर मलम लगा के मुझे कुछ दवाई थी पेन कम करने के लिए. और गांड से सब वीर्य भी निकाल लिया उन कालियों का. डॉक्टर ने मुझे कहा भी की कल की रात बहुत तूफानी थी आप के लिए!!!

मुझे गांड के इलाज में काफी खर्चा हुआ. लेकीन उसकी टेंशन नहीं थी क्यूंकि एक रात के उन चारों ने उतने पैसे दिए थे की मैं डेढ़ दो महीने धंधा नहीं करती तो भी चलता!!!

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