बहन की बुर की रस मिला पीने को

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हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और दिल्ली से हूँ और अभी जोधपुर राजस्थान में जॉब कर रहा हूँ. ये कहानी मेरी और मेरी कजिन बहन निशा के बीच की है. मेरी कजिन बहन निशा की उम्र 22 साल है और वो दिखने में बहुत सुंदर है. अब में आपको मेरे बारे में बता दूँ कि मेरी उम्र 27 साल है और मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच और लंड 7 इंच लम्बा है जो किसी भी औरत या लड़की को संतुष्ट कर सकता है. मेरी कज़िन निशा मेरी सबसे अच्छी दोस्त है और हम लोग दिल्ली में साथ-साथ रहते थे. हमारी वहाँ पर बड़ी जॉइंट फेमिली है. में और निशा एक ही कमरे में और 2 कज़िन बहने और राहुल एक साथ एक ही कमरे में सोते थे. सब के बेड अलग-अलग थे, लेकिन एक ही कमरे में थे.

ये स्टोरी नवम्बर 2013 की है, मेरा प्रमोशन हो गया था और ट्रान्सफर जोधपुर में जुलाई 2013 में हुआ था और निशा की शादी एक बिज़नसमेन के साथ फिक्स हो गयी थी जो अमेरिका में रहते है. उन्होंने डिसाइड किया कि सगाई जोधपुर में और शादी उदयपुर से करेंगे और मुझे जिम्मेदारी दी गयी कि में जोधपुर में सारा इंतज़ाम कर लूँ और वो 1 नवम्बर को आयेगें और सगाई 6 नवम्बर को और शादी 11 नवम्बर को फिक्स थी. मैंने एक रिसोर्ट बुक कर लिया, जिसमें 12 कमरे थे.

अब सब जोधपुर पहुँच गये और अपने-अपने कमरे में सेट हो गये और वो कुल 30 लोग थे. अब वो सब सेट हो गये और मुझे और निशा को एक ही कमरा मिल गया. तब तक मुझे निशा के बारे में कोई ग़लत फीलिंग नहीं थी. फिर हम सबने खाना खाया और कुछ मर्द दारू पीने के बाद खाना खाकर सोने चले गये. अब मैंने भी कुछ ज़्यादा ही पी रखी थी.

फिर जब में कमरे में पहुंचा तो मैंने देखा कि निशा नाइटी पहने हुए अपना हाथ सिर पर रखकर सो रही थी. फिर में जब बेड पर गया और कंबल के अंदर लेटा तो तभी मेरी नज़र निशा के बूब्स पर पड़ी, जो सांस लेने की वजह से ऊपर नीचे हो रहे थे. अब दारू की वजह से मेरे अंदर एक नशा सा हो गया था, फिर मैंने धीरे से कंबल उठाया तो देखा कि गोरा रंग दूध सा जो चाँद की चांदनी में चमक रही थी, निशा ने स्लीव पिंक और सिल्की नाइटी पहन रखी थी. अब में उसके हाथों की बगल को सूंघने लगा, तो उसकी खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी और मेरा लंड पूरा तन गया और में जब से जोधपुर आया था तो मैंने कभी सेक्स नहीं किया था.

अब में धीरे से निशा की नाईटी उठाने लगा. उसने लाल रंग की पारदर्शी पेंटी जो कि साईड से थ्रेड की थी. अब में धीरे से उसकी पेंटी के पास लेटा और उसकी पेंटी के ऊपर सूंघने लगा. अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी पेंटी पर एक हल्का सा किस कर दिया. अब मुझे नशे की वजह से कुछ समझ में नहीं आ रहा था. फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी के अंदर हाथ डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा.

फिर जैसे ही मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाला तो वो थोड़ा हिली और उसके मुँह से आआआहह इसस्स्स्स हममममम्मम्म की आवाज़ आई. फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी उतारने की कोशिश की तो उसकी आँखें खुल गयी. अब मुझे उस समय बहुत डर लगा तो उसने देखते ही कहा भाई आप ये क्या कर रहे हो? तो मैंने कुछ नहीं बोला, तो वो हँसी और बोली भाई इसके लिए में कितने दिनों से इंतज़ार कर रही थी, लेकिन आपने कभी ऐसा किया ही नहीं था.

फिर इतना सुनते ही में उसके ऊपर लेट गया और उसके लिप पर किस करने लगा और उसके दोनों होंठो को अपने दोनों होंठो के बींच में ले लिया और उसको चूसने लगा और अब उसकी जीभ मेरी जीभ से टकराने लगी और हम एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे. फिर कुछ देर के बाद हम अलग हुए और अब निशा की साँसे गर्म हो रही थी. फिर में उसके गालों को चूमने लगा और फिर उसकी गर्दन को किस करने लगा और अब निशा आआहह्ह्ह ओहह इसस्स्स्स्स्सस्स अहहह्ह्ह की आवाज़ निकाल रही थी.

मैंने उसकी नाईटी उतार दी. अब वो सिर्फ़ लाल कलर की ब्रा और पेंटी में थी. अब में उसकी जवानी देखकर पागल हो गया था और फिर मैंने उसके बगल में लेटकर उसके गले को चूमा और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स की निप्पल को चाटने लगा. अब निशा बोली आआहह भाई बहुत अच्छा लग रहा है.

फिर मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसकी गुलाबी निप्पल को देखकर मैंने उसकी एक निप्पल पर अपनी जीभ को भी रगड़ा और उसके आस पास चाटने लगा और एक हाथ से उसकी बूब्स दबाने लगा. निशा सिसकियां भरने लगी आह्ह भाई चाटो मत बस चूसो मेरे निप्पल को आआआहह भाई चूसो, उसे ऊऊहह भाई मुँह में भर लो चूस लो, आआह्ह्ह्ह भाई आआअहह और भाई चूसो ना, आआअहह आह आह आह अच्छा लग रहा है भाई, आआआहह. अब में उसकी निप्पल को चूसने और काटने लगा.

निशा बोली कि भाई और काटो आआआहह भाई बस ज़्यादा ज़ोर से नहीं आआआहह. फिर में उसके हाथ को उठाकर उसकी बगल को चाटने लगा, तो अब वो पागल हो रही थी. फिर में धीरे से उसकी नाभि के पास गया और उसकी निप्पल को चूसने लगा. फिर मैंने उसको उल्टा लेटा दिया. फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और उसकी गांड पर बैठ गया और उसकी कमर को जीभ से चाटने लगा.

फिर उसके गले से उसकी पूरी पीठ चाटने लगा तो वो आआआहह ऊऊऊऊह भाई और चाट साले इतने दिन से कहाँ था? चाट साले आआआआआहह कह रही थी. अब उसकी आवाज़ सुनकर में और पागल हो रहा था. फिर मैंने उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी गांड को हल्के से काटा तो उसने ओउउक्ककचह साले बहनचोद काट क्या रहा है? चूस साले बहन की गांड को चाट आआअहह्ह्ह्हह्ह औरररररर आआजज साले चाट अपनी बहन की गांड, साले बहुत तड़पाया है तूने. तेरे नाम से कितनी बार चूत की आग बुझाई है, आज इसकी पूरी आग बुझा दे.

फिर मैंने निशा की पेंटी उतार दी और उसकी गांड फैलाकर उसकी गांड के छेद को चाट लिया. अब निशा से रहा नहीं गया तो वो मुझे धक्का देकर मेरे ऊपर लेट गयी और हम 69 की पोज़िशन में आ गये और अब निशा मेरे लंड को मुँह में लेकर चूस रही थी और में उसकी चूत को फैला कर चाट रहा था.

फिर कुछ देर तक चाटते-चाटते निशा ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला, हाह्ह्ह्ह राज आआआअहह चाट साले, आआअहह और चाट आह आह आह आह, अब में झड़ने वाली हूँ, आहह आह आह आह आह आह आअआा में गईईईईई और उसकी चूत से तेज फव्वारा बहता हुआ मेरे मुँह में भर गया और निशा मेरे लंड को चूसने लगी और में भी झड़ गया और उसने मेरा सारा रस पी लिया. फिर निशा बोली कि आआहह साले आज तूने जाते-जाते मेरी चूत की खुजली बुझा दी, अब साले बहनचोद अपनी निशा को पेल दे. अब उसने मेरा लंड पकड़ा और चूसने लगी, ह्म्‍म्म्मम आह आह साले राज क्या लंड है? तेरा साले झड़ने के बाद भी तना हुआ और खड़ा है, आआहह.

फिर मैंने उसको लेटाया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया जिससे उसकी चूत और फैल गयी. अब में अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा. अब निशा मस्त हो रही थी तो वो बोली कि डाल ना साले. अब मत तड़पा और डाल दे, अंदर पेल दे अंदर और जोर से चोद मुझे बहनचोद और मत तड़पा और वो मेरा लंड पकड़कर अंदर डालने लगी.

फिर मैंने हल्के से अपना लंड उसकी चूत में डाला तो उसने अपनी गांड उपर उठा दी जिससे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में पूरा समा गया और में हल्के-हल्के अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. अब निशा ने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने बूब्स पर मेरा सर दबा दिया और बोलने लगी कि साले आआआआहह वाऊऊऊऊऊऊ आह आहा अहाआसस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स, चोद साले. फिर 20 मिनट की चुदाई के बाद उसने कहा कि अया आह आहा हा हा चोद, में झड़ने वाली हूँ, चोद और चोद आह और जोर से आआआआआहह आआआहह में झड़ी.

फिर मैंने बोला कि साली कुत्तिया में भी झड़ने वाला हूँ, तो वो बोली अंदर ही डाल दो कोई डर नहीं है. फिर मैंने उसको ज़ोर से पकड़ा और अपना पूरा पानी उसकी चूत में डाल दिया, फिर में उसके ऊपर लेट गया. निशा बोली राज भाई क्या बात है? आज आपने मेरी बरसो की आग शांत कर दी और हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बाहों में सो गये.

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