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बहन की सहेली की गांड मारी बिना कंडोम के

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम निखिल है और मेरी उम्र 18 साल है और मेरे लंड का साइज़ 7 इंच का है. मेरा रंग गोरा है और मैं दिखने में एवरेज ठीकठाक हूँ. जब मैं 9th में था तभी से मुझे सेक्स के बारे में पता चलने लगा था. हम लोग दिल्ली में रहते हे.

और मेरे घर में मेरे मम्मी, पापा, और मेरी एक बड़ी बहन हैं मेरे अलावा. मेरी बहन मुझसे करीब 4 साल बड़ी है. और वो एक कम्पनी में जॉब करती हो. जब मैं घर पर अकेला होता था तब मै मोबाइल के अन्दर सेक्सी वीडियो देखता था. और बहोत मजे ले ले के मुठ मारता था. मुझे सेक्स की ज्यादातर नोलेज इन्टरनेट के माध्यम से ही हुई थी.

मैं और मेरा लंड अब एक चूत के लिए तड़प रहे थे. मुझे किसी भी हालत में एक चूत की जरूरत थी. जिसके अन्दर मैं अपना लंड डाल कर अपने लंड की खुजली को शांत कर सकूँ. पर मुझे ये बात किसी से कहने में बहुत ही शर्म आती थी. मुझे समझ नहीं आ रहा था की आखिर मैं करूँ तो करूँ क्या!

मेरी बहन के साथ उसकी एक फ्रेंड जॉब करती थी. वो दोनों डेली एक साथ ही ऑफिस में जाती थी और साथ में ही वापस भी आती थी. हमारा घर इस सहेली के घर और ऑफिस कके बिच में था इसलिए बहन की फ्रेंड अंकिता उसे बुलाने के लिए डेली हमारे घर आती थी. अंकिता थी तो सांवली लेकिन अगर कोई उसका फिगर देख ले तो उसकी चूत मारने का दिल करने लगे वैसा था. मैं तो खुद ही उस वाली के सेक्सी बदन के ऊपर फ़िदा हुआ पड़ा था. मैं मौके देखता था उसकी मटकती हुई गांड और आगे के मस्त बूब्स देखने के. और उसकी चूत को चोदने के सपने देख रहा था.

वो जब भी घर पर आती और चांस मिलता तो मैं उसे जरुर देखता था. और वो भी मुझे देख के स्माइल जरुर देती थी. मेरा मन उसको चोदने को करने लगा था. मैं अब उसे चोदने के बहाने ढूंढने में लगा हुआ था. मैंन अंकिता के साथ सेक्स करना का कोई ठोस प्लान नहीं बना पा रहा था.

एक दिन की बार है मेरे सारे घर वाले एक पार्टी में गए हुए थे. सन्डे का दिन था इसलिए दीदी भी पापा मम्मी के साथ पार्टी को ही गई थी. मैं नहीं गया क्यूंकि मैंने कल ही अपने दोस्त से कुछ पोर्न मूवी का नया स्टॉक लिया था इसलिए उसे देख के रॉयल मुठ मारने का  प्लान था मेरा. मुझे गद्दे के ऊपर लम्बे हो के पोर्न देख के लंड हिलाने में बड़ी मस्ती चढ़ती है. आज मुठ मारनी भी अंकिता के नाम की ही थी.

बड़े सेक्सी ढंग से अपनी पेंट और अंडरवियर को निकाल के मैं बेड पर लेटा हुआ था. और मेरे सामने ब्ल्यू फिल्म मेरे कंप्यूटर के ऊपर चल रही थी. मैं बड़े मजे से अपने लंड को ऊपर निचे कर रहा था. सच में बहोत ही मस्त माहोल बना हुआ था. मेरे राईट हेंड में मेरा 7 इंच का लंड था जिसको मैं मस्ती में जोर जोर से ऊपर निचे कर रहा था.

इतने में ही डोरबेल बजी. मुझे सच में इतना गुस्सा आया क्यूंकि किसी मादरचोद ने मुठ मारने का सब मजा एक ही सेकंड में किरकिरा कर दिया था. मैंने ही मन में गालियाँ निकाली और कपडे पहन के डोर तक गया. गुसे में मैं अपने कंप्यूटर को बंद करना ही भूल गया था.

जैसे ही गेट खोला तो मेरे सामने अंकिता खड़ी हुई थी. मेरा गुस्सा पिगल गया. उसने आज एकदम टाईट जींस पहनी हुई थी और उसके ऊपर एक मस्त टॉप. सच में वो आज बड़ी क़यामत लग रही थी. उसको देख के मेरे ओझल होते हुए लंड में फिर से अकड आ गई. उसने मुझे मेरी दीदी के बारे में पूछा तो मैंने कहा वो तो पापा मम्मी के साथ पार्टी में गई है. मैंने अंकिता को घर में आने के लिए कहा.

वो अन्दर चली गई और मैं गेट बंद करने लगा. जब मैं अंदर गया तो मेरी गांड फट के हाथ में आ गई. क्यूंकि अंकिता मेरे रूम में बेड पर बैठी ब्ल्यू फिल्म के पॉज किये हुए सिन को ही देख रही थी. उसको ये देखते हुए देख के मेरी गांड फटी पड़ी थी. मैं ये सोच रहा था साले आज तो तू गया! मुझे ऐसा था की आज मैं किसी की गांड मारने की सोचते हुए लंड हिलाऊंगा लेकिन अब हालत ऐसे थी की अंकिता मेरी गांड मेरे घरवालों से मरवाने की कगार पर थी!

फिर मैंने जल्दी से कंप्यूटर का मेन पॉवर स्विच ही निकाल दिया. और वो बंद हो गया. मैं फिर अंकिता के पैरो में पड़ गया और उस से माफ़ी मांगने लगा. मैंने उसे मिन्नत की की वो किसी को इसके बारे में कुछ ना बताये. वो मुझे जो करने को कहे उसके लिए मैं रेडी था ऐसे भी बोला मैंने उसको. मैंने कहा बस एक बार माफ़ कर दो मुझे.

अंकिता ने मुझे कंधे से पकड के ऊपर उठाया और बोली: देखो निखिल ये एज में सभी लोग ऐसे करते है. इसलिए मेरे से डरने की कोई जरूरत नहीं है!

उसके मुहं से ये सब सुनने के बाद मुझे सच में बहोत ही शांति मिली. फिर मैंने मौका देख कर उस से पूछा की क्या आप भी ये सब करती हो? उसने कहा की हां! मैंने कहा आप का मन भी ये सब करने को करता होगा. उसने कहा करता तो है लेकिन मुझे अभी तक एक सही पार्टनर नहीं मिला जिसके साथ मैं ये कर सकूँ. उसने बताया की मैंने दो लडको के साथ सेक्स किया है लेकिन वो सिर्फ टाइम पास वाले थे और मुझे छोड़ कर चले गए. अब मैं अकेली हूँ और मेरा बहोत दिल करता है सेक्स के लिए तुम्हारी तरह ही पर अब डर भी लगता है धोखेबाजों से.

मेरे में पता नहीं कहाँ से हिम्मत आ गई. मैंने कहा मेरे साथ करोगी? इस से हम दोनों का काम हो जाएगा! व कुछ नहीं बोली और सिर्फ स्माइल देने लगी. मैंने मन ही मन कहा निखिल बेटा हंसी तो फंसी ले ले इसकी! मैं अंकिता का हाथ पकड के उसे बाथरूम में ले गया. और शावर को ओन कर के हम दोनों उसके निचे भीगने लगे. मैंने उसे इधर उधर टच कर के माहोल को एकदम रोमांटिक बना रहा था.

देखते ही देखते हम दोनों की आँखे बंद हो गई और मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया. और फिर उसे किस करना शरु कर दिया. वो किस में मेरा पूरा साथ दे रही थी. किस करते करते मैंने उसके और अपने सारे कपडे निकाल दिए. अब हम दोनों पुरे नंगे शावर के निचे पानी में भीग रहे थे.

हम दोनों पुरे गरम हो चुके थे. अब मेरा लंड चूत में जाने के लिए एकदम रेडी था. मैं अंकिता को उठा कर बेड पर ले आया और उसके बूब्स और चूत को अच्छे से चूसा. चूत को चूसने के बाद मेरे मुहं में ही उसकी चूत का पानी भर गया. इस पानी को मैं झट से पी भी गया.

उसके बाद मैं अंकिता की चूत में लंड डालने लग गया. पर उसने मुझे मन कर दिया क्यूंकि पिछली बार उसके बॉयफ्रेंड के माल से वो प्रेग्नेंट हो गई थी. इसलिए वो डर रही थी बिना कंडोम के सेक्स करने से. पर उस वक्त तो मेरे पास कंडोम था भी नहीं. अंकिता ने कहा कंडोम के बिना चूत में लंड नहीं डालने दूंगी. लेकिन अब इतने गरम हो तो अपने लंड को मेरी गांड में ही डाल के पानी निकाल लो अपना.

उसके मुहं से मेरी गांड मार लो ये सुनके मुझे और भी जोश चढ़ गया. और मैं फिर उसकी गांड और अपने लंड को हर्बल शेम्पू से लथपथ कर के बैठ गया. उसको थोडा आगे को झुका के मैंने अपने लंड को उसकी गांड में घुसा दिया. उसकी गांड में से खून निकल रहा था पर मैंने वो सब इग्नोर कर के शेम्पू वाला चिकना लंड अन्दर डाल दिया. पहले पहले उसे बहुत दर्द हुआ और वो बहुत छटपटा रही थी. लेकिन फिर अंकिता को भी गांड मरवाने में मजा आया. मैंने करीब 20 मिनिट तक उसकी गांड की चुदाई की. और फिर अपना गरम गरम पानी उसके अन्दर ही छोड़ दिया.

फिर वो जाने लगी घर रेडी हो के. मैंने कहा अगली बार कंडोम ला के रखूँगा. वो हंस के बोली, फिर चूत में जरुर डालने दूंगी!!!

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