बाजू वाली चाची की ज़ोरदार चुदाई

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यह बात उन दीनो की है जब में 10त स्टॅंडर्ड में था और ई वाज़ जस्ट 18य्र्स ओल्ड, तट टाइम ई वाज़ नोट सो मच अवेर ऑफ सेक्स और ऑल. बट थोड़ी सी क्यूरीयासिटी थी मॅन मे…तो नो अबत सेक्स. मेरे बाजू मे एक चाची थी जो की अराउंड 28 य्र्स की होंगी, शी वाज़ हॅविंग टू किड्स, बट स्टिल शी लुक्स वेरी सेक्सी और अपीलिंग. शी वाज़ हॅविंग आ नाइस फिगर फुल ऑफ कुवर्व्स एवेरिवेर.हेयरबट्स वाज़ सो नाइस इन शेप, राउंड बट्स.इन आ सिंगल सेंटेन्स शी वाज़ सो सेक्सी.

मे उनको कही बार नहाते देखा हे वो इसलिए मे उसके घर काफ़ी टाइम जाता हूँ कुछ ना कुछ काम से सो ई गेट चान्स,उनके बूब्स बहुत ही खूबसूरात थे, थोड़े साइज़ में छ्होटे थे लेकिन तने हुए थे ओर निपल्स खड़ी हुई थी.चुत पर थोड़े बाल थे लेकिन वो बहुत ही सेक्सी लगते थे. वन दे शी केम तो और हाउस तट टाइम शी वाज़ हॅविंग आ स्माल किड और शी वाज़ टेकिंग रेस्ट इन बेडरूम अट और प्लेस.तट टाइम नोबडी वाज़ तेरे अट माई होमे और शी वाज़ स्लीपिंग विदहेयरकिड. सडन्ली ई वाज़ जस्ट पासिंग बाये तट रूम और ई सॉ की उनकी सारी थोड़ी सी ऊपर उठ गयी है, और मुझे उनके गोरे-गोरे, चिकने-चिकने पैर दिखाए देने लगे.में बहुत देर तक उन्हे यू ही देखता रहा और जब मुझसे नही रहा गे तब मैने हिम्मत करके उनके करीब गे और बेड पर बेठ गे.और धीरे-धीरे उनके पैरों पर हाथ फेरने लगा.मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा और मेरी थोड़ी हिम्मत और बादने लगी क्योंकि वो बहुत ही गहरी नींद में सो रही थी.मैने धीर से उनकी सारी उनकी कमर तक ऊपर कर दी, और मुझे अचानक शॉक लगा, क्योंकि उन्होने पैंटी नही पहनी थी और मुझे उनकी चुत सॉफ नज़र आ रही थी.उन पर थोड़े हल्के बाल थे, में बहुत देर तक उनकी चुत को निहाराता रहा और फिर हिम्मत करके मैने अपना दाहिना हाथ उनकी चुत पर रख दिया, और धीरे धीरे उनकी प्यारी सी चुत को सहलाने लगा.अचंक 5 मिनट के बाद उनकी नींद खुलगई और उन्होने मुझे इस हालत में देख लिया और खुद को भी, तो मेजल्दी से पास में सो रहे उनके बच्चे को सुलने की आक्टिंग करने लगा. उन्होने कुछ नही कहा और अपने कपड़े ठीक करके करवट लेकर वापिस सो गयी.और में वहाँ से चला आया.

उस दिन मुझे रात में नींद नही आई, सारी रात चाची की चुत सामने घूमती रही. मॅन में बस यही सोचता रहा की किसी भी तरह उन्हे चोद सकुन.और इसी इंतेज़ार में 2 साल निकल गये और में 12त स्टॅंडर्ड में पहुच गया.और बड़ा भी हो गया था और सेक्स के बड़े में बहुत कुछ समझने भी लगा था. चाची वहीं पर रहती थी, और गर्मी के दिन होने की वजह से हम शाम को घर के सामने के पार्क में ही बहुत देर तकहनेलते रहते थे. साथ में चाची भी आ जाती थी और हम लोगो को करीब 8-8:30 हो जाते थे फिर खाना खाने के बाद हम लोग फिर से पार्क में आ जाते थे. मे उसँके बच्चो & मे खुक सेक्टिंग केराता था वहीं पर कई बार में चाची के पास बेठ जाया कराता था और वो मुझसे बात किया कराती थी, लेकिन कुछ दीनो से वो मुझसे कुछ ज़्यादे ही खुल गयी थी, वो मुझसे लड़कियों के बड़े में बात करने लगी थी, मुझसे पूछती थी की लड़कियों में मुझे क्या अच्छा लगता है और मैने उन्हे बताया भी था की मुझे लड़कियो के बूब्स बहुत ही अच्छे लगते हैं और उन्हे दबाने का मॅन कराता है. वो मुझसे पूछा कराती थी की तेरी तो गिरकफर्ीएंड होगी जिसके साथ तू सेक्स कराता होगा, लेकिन मैने उन्हे बता दिया था की स्टिल ई आम वर्जिन. एक दिन में स्केटिंग करके तक कर उनके पास जाकर बेठा तो उन्होने धीरे से मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगी, मेरी समझ मे कुछ नही आया और में चुप छाप बेठ कर उनकी यह हरकत देखता रहा, फिर उन्होने मेरा हाथ पकड़ के अपने बूब्स पर रख दिया तो में कापने लगा, लेकिन वो धीरे धीरे मेरे हाथ को ऊपर से दबाने लगी, और मुझे उनके कड़क बूब्स का स्पारच महसूस होने लगा, थोड़ी देर बाद मैने भी उनके बूब्स को दबाना चालू कर दिया, फिर उन्होने मुझसे कहा की अगर और कुछ करना चाहते हो तो अभी नही रात को मेरे रूम में आ जाना, मेने कहा की अंकल होंगे तो उन्होने बताया की वो कहीं सरकारी काम से बाहर गये हैं और 2दिन बाद आएँगे, मैने कहा ठीक है और फिर वापिस खेलने लग गया.लेकिन दिमाग़ में वोही बातें घूम रही थी.

फिर रात को खाना खाने के बाद मे अपनी आंटी को बोला की बाजू मे अंकल नही हे तो उसँके यहा सोने चला गया और सब लोगों के सोने का इंतेज़ार करने लगा, सब लोग जैसे ही सो गये वैसे ही में चाची के रूम में गया, रूम मे नाइट बल्ब जल रहा था, और चाची करवट करके लेती हुई थी, मैने हिम्मत करके उनके करीब गया और उनके गले में हाट डाल दिया, और उन्हे सहलाने लगा, वो जाग रही थी उन्होने करवट लेकर मुझे अपनी बाहों में जाकड़ लिया और मुझे चूमने लगी, में भी उनके किस्सस का जवाब देने लगा, बहुत देर तक हम एक दूसरे के होंठ चूस्ते रहे, फिर उन्होने मेरा हाथ अपने बूब्स पर रख दिया, और ज़ोर से दबाने लगी, में समझ गे और उनके बूब्स को ब्लाउस के उप्पर से ही दबाने लग गया, धीरे धीरे मुझे अपने आप में गर्मी लगने लगी और में गरम हो गया, मेरा लॅंड खड़ा हो गे और मेरी पेंट से बाहर आने के लिए तड़पने लगा. मैने धीरे से उनका ब्लाउस उतार दिया और ब्रा भी अलग कर दी, अब उनके बूब्स बिल्कुल नंगे थे मेरे सामने और में उन्हे चूसने लगा और चाची के मूह से सिसकारियाँ निकलना शुरू हो गयी, मैने चूस्ते-चूस्ते उनकी सारी भी अलग कर दी और उनका पेटीकोआट और पैंटी भी उतार दी, अब चाची मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और उनकी चुत मुझे सॉफ दिखाई दे रही थी, लेकिन आज उनकी चुत पर बाल नही थे शायद उन्होने शेव की ती.

मैने अपनी उंगली उनकी चुत में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा, और वो ज़ोर-ज़ोर से आआआआहह उूुुउऊहह बाआआआअसस्स्स्स्सस्स भी करूऊऊऊऊऊऊ, चिल्लाने लगी.फिर उन्होने मेरी पेंट और अंडरवियर उतार दी और मेरेलुँद को हाथ मे लेकर मसलने लगी, मुझे ऐसा लगने लगा जैसे में स्वर्ग का आनंद प्राप्त कर रही हू.फिर उन्होने मेरा लंड अपने मूह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया, और वो मेरा पूरा लंड अपने मूह में गले तक सामने की कोशिश करने लगी. कुछ देर बाद में भी बहुत ही गरम्म हो गया और वो भी और फिर उन्होने अपने मूह के थूक से मेरे लंड को चिकना किया और खुद की चुत पर भी लगाया, और फिर मेरा लंड पकड़ के अपनी चुत पे रख दिया और कहा आजा राजा-बजा दे बाजा, में समझ गया की वो अब चूड़ना चाहती है और देर किए बागेर मैने अपने लंड को धक्का देना शुरू कर दिया और जैसे ही मेरा थोड़ा सा लंड उनकी चुत में गे अवो सिसकार उठी आआआहह उउउहह ऊऊओऊउक्कककच्छ बस करो, लेकिन में नही मना और. मेने अपना पूरा लंड उनकी चुत में डाल दिया, उन्होने मुझे जाकड़ लिया और मुझे धक्के मरने से रोकने लगी, कहने लगी की दर्द सहन नही हो रहा है, थोड़ी देर रुक जाओ. मैने कहा ठीक है और में उनके बूब्स दबाने लगा और उनके होठों को चूकने लगा, थोड़ी देर बाद जब वा खुद अपनी गांड उच्छलने लगी तब में समझ गया की अब यह मस्ती में आ गयी है और फिर मेने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए और 5 मिनट बाद हम दोनो झाड़ गये और में उनके ऊपर ही लेट गया और उनके बूब्स को चूसने लगा, वो मुझे कहने लगी की क्यों मज़ा आया, मैने सर हिला के हाँ का इशारा किया, और उनसे चिपक गया.

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