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बंगाली कुवारी चूत की चुदाई

दोस्तो मेरे बारे मे तो आप जानते ही हैं लेकिन फिर भी बता देता हूँ मे नॉएडा मे रहता हूँ एक जॉब की तलाश मे हूँ हाइट ६.५ इंच बॉडी आवरेज लुक वाइज़ स्मार्ट हूँ. अब घटना पे आता हूँ ये घटना रियल है ये स्टोरी अभी एक महीने पहेले की है हुआ यूँ कि मै अपनी जॉब की तलाश मे था तो मुझे एक भाईसाब ने अपने साथ रख लिया उनका ठेकेदारी का काम था और उन्होने मुझे अपने यहाँ सूपरवाइज़र रख लिया था उनकी साइट दिल्ली मे ही चल रही थी रेसिडेन्षियल क़्वार्टेर मे वो मुझे अपने साथ ले जाते और मुझे गाड़ी मे बिठा कर ऑफीस का काम कराते और मे उनकी साइट पे काम देखता था मुझे साइट देखने का अच्छा एक्सपीरियेन्स भी था इसी लिए मेरे लिए कुछ मुश्किल भी नही था वही एक फ्लैट था जिसमे एक बंगाली फॅमिली रहा करती थी उस फॅमिली मे ५  लोग थे मा बाप बेटा बेटी और दामाद बेटी ने लव मॅरेज की थी इस लिए उसके पति के पास ज़्यादा कुछ नही था तो इसी लिए वो अपने पेरेंट्स के पास ही रहती थी मे हमेशा उसी के फ्लैट के बाहर भाईसाब की गाड़ी मे बैठा रहता था उस लड़की का नाम करिश्मा (नेम चेंज्ड ) था करिश्मा सुबह सुबह अपने घर मे क्लीनिंग और डस्टिंग किया करती थी और डस्टिंग करते हुए वो बाहर वाले पोर्षन मे भी झाड़ू लगाया करती थी करिश्मा कभी भी ब्रा नही पहना करती थी और वो मुझे देख के अपना मूह फेर लिया करती थी मगर दोस्तो यकीन मानो साली थी बहुत सुन्दर एक दम गोरी चिट्ठी दूध की तरह और मस्त फिगर , जब वो झाड़ू लगाते वक्त ब्रा नही पहनती थी तो उसकी चुचियाँ मस्त तरीके से हिला करती थी और उसके निपल भी दिखा करते थे मे कैसे अपने आप पे कंट्रोल करता था मे ही जानता था मन तो करता था साली का रेप कर डालु मगर नही कर सकता था अपनी फॅमिली का ख्याल आ जाता था कुछ दिन ऐसे ही बीत गये करीब 10 दिन तक मे हर रोज़ उसके फ्लैट के”यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे हैं” सामने खड़ा रहता और उसकी चुचियाँ और निपल देखा करता वो सारे सरकारी फ्लैट्स थे तो हमारे पास रेपेरिंग के लिए काफ़ी फ्लैट्स थे जो कि खाली थे और उन फ्लैट्स को हमे रिपेर और अपग्रेड करके वापिस देना पड़ता था , बस यूही दिन बीतते गये मे उसे देखता वो मुझे एक नज़र देखती और अपना क्लीनिंग और डस्टिंग करके अंदर चली जाती , वो जानती थी कि उसने ब्रा नही पहनी और उसकी गाउन का गला भी काफ़ी बड़ा था और वो जब भी नीचे की तरफ झुकती तो मुझे उसके बूब्स और निपल दोनो सॉफ सॉफ दिख जाते एक दिन भाईसाब आए और उन्होने मुझसे कहा कि यार एक फ्लैट मिला है जिसमे टाइल और पत्थर का काम करवाना है मैंने पूछा कॉन सा तो उन्होने मुझे उसी के फ्लैट का नंबर. दिया मे उसके फ्लैट के सामने हर रोज़ खड़ा ज़रूर होता था मगर उसका फ्लैट नंबर कितना है ये नही जानता था नेक्स्ट डे वो फिर से सॉफ सफाई करने जब बाहर आई तो मैंने उसे फ्लैट नंबर पूछा जिसमे मैंने काम करवाना था | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | उसने कहा कि ये नंबर. उसी के फ्लैट का है और हमे ही काम करवाना है मे बहुत खुश हुआ मुझे लगा कि जैसे मेरा काम 50 % बन गया बाकी भी बन जाएगा तो मैंने उसे पूछा कि कब से काम करवाना है तो उसने अपनी फॅमिली मे डिसकस करके बताया कि 1 वीक के बाद क्यूंकी मा और पापा गाँव जा रहे है 15 डेज़ के लिए और ब्रदर अपने एग्ज़ॅम देने देल्ही से बाहर जा रहा है 1 मंत के लिए , काम आराम से हो सकेगा नही तो घर मे सारे लोग रहेंगे तो कहीं अडजेस्ट नही हो पाएँगे और प्रॉब्लम्स भी काफ़ी आएँगी मैंने उसे ओके कहा और अपना मोबाइल नंबर. दे के आ गया और कहा जब करवाना हो तो एक दिन पहेले बता देना एक वीक के बाद उसका फोन आया और उसने मुझे नेक्स्ट डे से काम स्टार्ट करने को कहा उसका एक बेटा था 7 मंत्स का जिसे वो दूध पिलाया करती थी मैंने काम स्टार्ट करवा दिया अब मे किसी और फ्लैट्स मे नही जाया करता था सिर्फ़ उसी के फ्लैट मे रहा करता था वो तब भी बिना ब्रा के रहा करती थी और मेरी नियत उसे देख के बहुत खराब हुआ करती थी कभी कभी तो मैंने उसी के बाथरूम मे जाके मूठ मारी थी क्यूंकी मुझे वहाँ उसकी पेंटी और ब्रा तंगी हुई मिलती थी और उन्हे सूंघ सूंघ कर मे मूठ मारा करता था एक दिन मैंने उसके बाथरूम मे जब मूठ मारी तो मे पानी डालना भूल गया और मेरा सारा माल वही ऐसे ही पड़ा रहा , थोड़ी देर के बाद वो बाथरूम मे गयी और जब बाहर आई तो मेरे पास आके बैठ गयी और मुझ देख के मुस्कुराने लगी मुझे कुछ समझ नही आया मैंने भी उसकी तरफ मुस्कुरा दिया मगर मे कुछ समझ नही पाया जब वो दूसरी बार मुस्कुराइ तो मैंने उसे पूछ लिया कि आपको क्या मे जोकर दिख रहा हूँ जो आप मुझे देख के मुस्कुरा रहे हो तो उसने कहा नही तो मैंने पूछा कि फिर क्या बात है तो वो बोली कि आपने मेरा बाथरूम गंदा किया इसी लिए मुस्कुरा रही हूँ ये सुन के मेरे होश उड़ गये और मुझे पसीने आने लग गये मुझे लगा की आज तो मेरी गांड मर गयी ये अपने पेरेंट्स ये कहेगी और इसके पेरेंट्स भाई साब से और भाई साब ने मेरी फॅमिली को बता देना है मे डर गया तो वो मुझे देख के बोली कि क्या हुआ तुम इतने सहमे सहमे से क्यू हो तो मे कुछ नही बोला उसने फिर से पूछा कि बोलो ना क्या हुआ मैंने कहा कि कुछ नही सॉरी वो कंट्रोल नही हुआ इसी लिए ऐसा किया तो उसने किया कोई बात नही नॅचुरल है मगर ये तो बताओ कि तुमने ऐसा क्या देखा कि तुम कंट्रोल न नही कर पाए पहले तो मे चुप रहा फिर उसने जब दुबारा पूछा तो मैंने उसे सब सच बता दिया वो चुप चाप वहाँ से चली गयी और कुछ नही बोली . अगले 3 – 4 दिन वो मुझसे थोड़ी दूर दूर रही और मुझसे बात भी नही की , मुझे बहुत बुरा लगता था मैंने भी उस फ्लैट मे जाना छोड़ दिया था , मगर 4 -5 दिन बाद मुझे लेबर ने कहा कि आपको फ्लैट की मेडम बुला रही है , मे चला गया और वहाँ जाके मैंने करिश्मा से पूछा क्या हुआ तो उसने मुझे कुछ एक्सट्रा काम करने को कहे जो मेरे लिए पासिबल नही थे लाइक किचेन सेल्फ़ ग्रनाइट मार्बल एट्सेटरा मैंने उसे मना कर दिया और कहा कि ये काम नही हो सकते मेरे अग्रीमेंट मे नही है तो उसने मुझसे बड़े प्यार से रिक्वेस्ट करी तो मुझसे मना नही किया गया तो मैंने भाई साब से कहा किसी भी तरह उस लेडी का काम करवा दो वो बहुत शिकायत कर रही है | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | हमारे काम की तो उन्होने भी उसके लिए हां कर दी और मैंने”यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे हैं” उसका काम करवा दिया लास्ट दिन जब उसका काम ख़तम हो रहा था तब में लेबर से कह रहा था कि अपना समान सारा निकालो और कुछ भी मत छोड़ना हमे आज के बाद इस फ्लैट मे नही आना | कहते है ना दोस्तो कि अगर तुम किसी भी लड़की को या औरत को बहुत भाव दो और उसके बाद उसे एक दम से इग्नोर कर दो तो वो ज़रूर फसेगि और मेरे साथ भी वही हुआ करिश्मा ने मुझसे कहा कि मुझे आपसे पर्सनल कुछ काम है शाम के टाइम आएगा मे ये सुन कर वहाँ से चुप चाप चला गया शाम को जब उसके घर पहुँचा तो उसने मुझे अंदर बुलाया और गेट बंद कर लिया मे उसे देख के बोलने लगा कि देखो करिश्मा जी आप मेरी कमज़ोरी का ग़लत फ़ायदा उठा रही है मैंने आपका पहला काम केसे केसे करवाया है ये मे ही जानता हूँ और अब आप दूसरा काम बता रही है सॉरी करिश्मा जी मे नही करवा सकूँगा और मे जा रहा हूँ इतना बोल के मे खड़ा हो गया और जाने लगा उसने तुर्रंत मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपनी तरफ खेचा तो मे जाके उसके ऊपेर सोफे पे गिर गया और उसकी चुचियाँ मेरे सीने मे गढ़ गयी मे थोड़ी देर उसके ऊपेर ही पड़ा रहा वो कुछ नही बोली बस हम दोनो की साँसे तेज चल रही थी मैंने उसे किस किया तो उसने कुछ नही कहा तो बस दोस्तो फिर क्या था निकल पड़ी मेरी तो और में जानवरो की तरह उसपे टूट पड़ा और उसके ऊपेर मैंने किस्सस की बारिश कर दी और वो भी मेरा भरपूर साथ देने लगी और 15 मिनिट तक हम एक दूसरे को किस करते रहे कभी वो मेरे होंठ चुस्ती तो कभी मे उसके और मैंने उसकी चुचियों और चूत सब को चॅटा तो वो बहुत गरम हो गयी . उसके बाद उसने मेरा अंडरवेर छोड़ के बाकी सारे कपड़े उतार दिए अब मेरी बॉडी पे ज़्यादा बालों को देख के वो पागल हो गयी और कहने लगी कि मुझे खूब सारे बलों वाली मर्दो की बॉडी बहुत पसंद है और वो मेरे चेस्ट पे और निपल पे किस्सस करने लगी , उसने मुझे पागल बना दिया था कहते है दोस्तो कि अगर पहाड़ की लड़की पट जाए तो उससे अच्छे मज़े और कोई नही दे सकती और वो हुआ भी मैंने उसे दीवाल के सहारे खड़ा किया और ऊपर से उसकी गाउन के बटन तोड़ दिए और उसकी चुचियो को अपने मूह मे डाल लिए क्या पिंक निपल थे और खूब चूसने लगा और दूसरा निपल हाथ से छेड़ने लगा , वो बुरी तरह मचलने लगी और उसने अपनी दोनो टांगे मेरी कमर मे डाल दी और पागलों की तरह मुझे किस करने लगी मेरे बालों को खेच ने लगी और मेरे कानो को नोचने लगी मैंने उसे ज़मीन पे खड़ा किया और उसकी गाउन उठा के उसकी पेंटी फाड़ दी उसकी चूत एक दम चिकनी एक बाल भी नही था , मैंने उसे खूब चटा और उसकी चुचियो से चाटता हुआ नीचे की तरफ बढ़ा और सीधा पहुँच गया उसकी चूत पे और जेसे ही मैंने उसकी चूत पे फिगर रखी तो उसने अपना पानी छोड़ दिया और मेरा पूरा हाथ भीग गया , मैंने उसकी चूत पे अपना मूह रख दिया और उसकी सिसकारी निकल गयी ओह्ह्ह मययी विशाल और फिर वो अपनी बंगाली भाषा मे कुछ बोलने लगी मुझे समझ नही आया कि उसका मतलब क्या है बस यही सुनाई दिया उतररू उतररूव फिर मैंने कहा कि हिन्दी मे बोलो तो उसने कहा कि अब मत कुछ बोलो बस चोद दो इससे ज़यादा मुझे अब नही बर्दाश कर पाउन्गि और मैंने उसे उसके बेड पे लिटा दिया और उसकी गांड के नीचे एक पिल्लो रखा और उसकी चूत मे अपना लॅंड डालने ही वाला था कि उसने रोक दिया और मुझे अपने बिस्तर के नीचे से कॉंडम निकाल के दिया मैंने तुरंत कॉंडम चड़ाया और फिर से उसकी चूत मे अपना लंड डाल दिया और वो सिसकारियाँ भरने लगी आहह विशाल मज़ा एयेए गया मेरी जान बहुत मस्त लंड है तुम्हारा अब चोदो और फाड़ दो इस चूत को तुमने मुझे बहुत दिनो से तडपा रखा है और मैंने धक्के मारने चालू किए और फिर धीरे धीरे स्पीड बढ़ा दी वो बोलती रही आहह मेरी जान और उसके बाद फिर से उसने बंगाली भाषा सुरू कर दी और मैंने उसे फिर से मना किया तो वो हिन्दी मे बोलने लग गयी विशालहुबहुत मज़ा आ रहा है | आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |  क्या मस्त लंड है तुम्हारा आह और मे भी कह रहा था डार्लिंग तेरी चूत भी बहुत मस्त है ऐसा लग रहा है जैसे कोई परी चोद रहा हूँ आज मेरा सपना पूरा कर दिया तेरे नाम की”यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे हैं” मूठ मार मार के मेरा हाथ और लंड दोनो दुख गये आज जाके तेरी चूत मिली है मेरी राअनीईइ तेरी चूत को चोद चोद के लाल कर दूँगा सूजा दूँगा साअली क्कू बहुत मज़ा हहे हान्ं मेरे राजा चूद ज्ज्ज्जििइत्त्तता चोद्द्ना है आअहह और फिर उसने मुझे टाइट पकड़ लिया और ओर मेरी पीठ पे ओपेर से लेके नीचे तक खरॉच दिया और वो झाड़ गयी मगर अभी मेरा शांत नही हो पाया था मगर उसने मुझे रोक दिया और कहा की प्ल्ज़ अब दर्द हो रहा है थोड़ी देर बाद कर लेना मैंने उसकी बात मान ली और मे रुक गया वो उठी और पानी पी कर आई और मेरे लिए भी लाई मैंने पानी पिया तो थोड़ी देर बाद मेरा लंड बैठ गया वो अपने कपड़ो की हालत देखने लगी और बोली ये क्या कर दिया तुमने मेरे कपड़े फाड़ दिए मैंने कहा बड़ी जल्दी पता चल गया जब फाड़ रहा था तब तो कह रही थी कि सब कुछ फाड़ दो तो वो हस्ने लगी और कहने लगी कि तब तो होश ही नही था और कहा कि वैसे मुझे बहुत मज़ा आया तुम्हारे साथ तो मैंने पूछा कि तुम्हे अपने पति के साथ मज़ा नही आता क्या तो उसने कहा कि नही ऐसा नही है मेरे पति भी मुझे बहुत मज़ा देते है मगर बस अपने को बहुत रोकने की कोशिश की मगर रोक नही पाई और ये सब हो गया उसके बाद वो मेरी तरफ पीठ कर के नीचे झुक के अपने कपड़े उठा ने लगी मुझे पीछे से उसकी गांड और उसकी चूत दिखाई दे रही थी मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मैंने उसे पीछे से फिर पकड़ लिया और तो वो बोलने लगी कि नही अभी नही मगर मुझे कंट्रोल नही हो रहा था और मैंने पीछे से ही लंड उसकी चूत मे डाल दिया और उसकी चुदाई करने लगा और तेज़ तेज़ झटके मारने लगा पहले तो वो मना करती रही फिर वो भी पूरा साथ दे ने लगी उसकी चुचिया मेरे झटको की वजह से बहुत तेज़ तेज़ हिल रही थी तो मैंने आगे हाथ डाल के उसकी चुचियों को पकड़ लिया और चोदने लगा वो फिर से सिसकारी भरने लगी और कहने लगी ऊऊऊउ ओह विशाल तुमने मेरी चूत का सचमुच भुर्ता बना दिया मज़्ज़्ज़्ज़ाअ गया तेरी चुदाई से मुझे हर रोज़ चोदेगा तो मे हर रोज़ चुद्ने के लिए तैयार हूँ चोद मुझे और ज़ोर से और इतना कहते कहते हम दोनो एक साथ झाड़ गये और बिस्तर पे एक दूसरे के ऊपर लेट गये थोड़ी देर एक दूसरे के ऊपर लेटने के बाद मे उठा तो उसने मेरा कॉंडम उतारा और पेपेर मे रख के अपने डस्टबिन मे फेक दिया और फिर मे वापिस अपने काम पे गया मगर मेरा मन नही लगा और दोस्तो मे उसे हर रोज़ चोद्ता मगर कहते है ना कि किस्मेत हर रोज़ एक जैसे नही होती”यह कहानी आप हिंदी सेक्सी कहानियाँ पर पढ़ रहे हैं” वो वान्हा से सिफ्ट हो गयी और हम दोनो एक दूसरे से मिल भी नही पाए और उसका और मेरा कॉंटॅक्ट टूट गया आज फिर अकेला हूँ और कोई दूसरी ढूँढ रहा हूँ |

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