भाई और बहन कणिका

प्रेषक : नमन …

हैल्लो दोस्तों… मेरा नाम नमन है। में हरियाणा की एक छोटी सी सिटी से हूँ। में बी.टेक थर्ड ईयर का स्टूडेंट हूँ। ये कहानी मेरी और मेरे मामा की लड़की कणिका की है में अपने बारे में बता दूँ.. मेरी हाईट 6 फुट है बॉडी स्लिम और लंड 6.5 इंच का है। वैसे तो में और कणिका बचपन से एक दूसरे को जानते है और काफ़ी अच्छे दोस्त भी थे लेकिन मैंने कणिका के बारे मे कभी ग़लत नहीं सोचा.. वो 12वीं क्लास में पढ़ती थी।

ये कहानी 1 महीने पुरानी है जब में अपने मामा के घर गया। मेरे मामा के 2 बच्चे है कणिका और आर्यन अभी छोटा है। में और कणिका बहुत सी बातें शेयर करते थे तो वो मुझसे अक्सर पूछती रहती थी कि तुम्हारी कितनी गर्लफ्रेंड्स है और में हमेशा बोलता था कि मेरी तो एक भी नहीं है.. लेकिन आजकल उसे देखकर मन मे अजीब सी फीलिंग्स आने लगी थी। उसके बूब्स बहुत बड़े हो गये थे.. उसका साइज़ था 34-28-36.. उसके बूब्स देखकर कभी कभी मन मे अजीब सी इच्छा होती थी। मन करता था कि अभी जाकर पकड़ लूँ और सारा रस पी लूँ लेकिन इतनी हिम्मत नहीं होती थी। उसने भी बहुत बार मेरे खड़े लंड को देख लिया था।

एक दिन मामा मामी मार्केट गये हुए थे और आर्यन कोचिंग गया था। कणिका मेरे लिए चाय बन रही थी और में ड्रॉइंग रूम मे बैठा टी.वी देख रहा था तो उसी टाईम मेरी नज़र उसकी गांड पर पड़ी क्या गांड थी उसकी? मन कर रहा था कि अभी लंड घुसा दूँ अपना। में उसकी गांड की तरफ देख ही रहा था कि उसने मुझे देख लिया और बोली भाई क्या देख रहा है। मैंने अपने आप को संभाला और बोला कि कुछ नहीं बस तेरी बॉडी शेप को देख रहा हूँ.. काफ़ी बड़ी हो गई है तू।

इतना बोलते ही वो शरमा गई और थोड़ी देर में 2 कप चाय लेकर आ गई और मुझे चाय दी.. वो मेरी साईड में ही बैठी थी। में भी उसकी साईड देखने लग गया.. वो बोली भाई ऐसे क्या देख रहा है? में तेरी बहन हूँ। में चुपचाप टी.वी देखने लगा और टी.वी का रिमोट उठाकर चेनल बदलने लगा। इतने में चाय का कप मेरे उपर गिर गया तो वो एकदम से घबरा गई और मुझसे बोलने लगी भाई क्या हुआ? अभी तो टाँगे जल जाती.. उसने मुझसे कहा कि जल्दी से पेंट उतारो.. में पानी ले कर आती हूँ। मैंने अपनी पैंट उतार दी। अब में सिर्फ़ अंडरवेयर और टी-शर्ट में था। वो पानी लेकर आई.. में सोफे पर बैठ गया और वो रूमाल से मेरी जांघे साफ करने लगी। पहले तो कोई प्रोब्लम नहीं हुई.. लेकिन बाद में मेरा लंड टाइट होने लगा।

वो मेरे लंड को देखकर शरमा गई और पीछे हटकर लंड को देखने लगी। पहले तो में लंड को ढकने लगा.. लेकिन बाद में मैंने हाथ हटा लिया.. वो शरमा कर अपने रूम मे भाग गई। में पीछे गया तो वो बेड पर बैठी थी में भी उसके पास बैठ गया। उसके हाथ के ऊपर हाथ रख लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा। वो गर्म होने लगी और उसने मेरे लिप्स पर लिप्स रख दिए। में भी उसे किस करने लगा और किस करते करते मैंने उसके बूब्स पर हाथ रख दिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। वो आवाजें निकालने लगी.. उम्म ज़ोर से दबाओ मेरी जान.. सारा दूध पी जा.. कुछ मत छोड़। वो ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगी। मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी। उसने काले कलर की ब्रा पहनी हुई थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को किस करना शुरू कर दिया। दोस्तों ये कहानी आप xVasna.com पर पड़ रहे है।

वो भी गर्म होकर मेरी छाती पर किस करने लगी और बोलने लगी कि मुझे चोद दे.. आज बहुत दिन से तेरे ख्वाब देख रही हूँ.. बस अब मत छोड़ो मुझे। मैंने उसकी पेंट भी उतार दी.. वो अब मेरे सामने पेंटी और ब्रा में थी। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके बूब्स को किस करने लगा और उस पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा और उसके पेट पर किस करने लगा। मन कर रहा था कि खा जाऊं उसके बूब्स को। अब मैंने उसकी पेंटी के उपर से ही चूत पर हाथ रख दिया.. वो कूद पड़ी और आवाज़ निकालने लगी उह्ह्ह प्लीज डाल दे अपना लंड.. मर जाउंगी में, चोद दे मुझे। मैंने भी अपना अंडरवियर उतारा और लंड उसकी चूत के उपर रख दिया.. वो अपने आप उछलने लगी और बोलने लगी कि अब ना देर लगा.. डाल दे और फाड़ दे मेरी चूत।

मैंने लंड पर थोड़ा ज़ोर लगाया तो उसकी चूत बहुत टाईट थी। मैंने एक झटका लगाया तो आधा लंड उसकी चूत मे अंदर गया और वो ज़ोर से चिल्लाने लगी.. उउऊईई माँ मररर गई.. बहुत दर्द हो रहा है.. पूरा डाल दे। मैंने फिर ज़ोर से झटका मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत मे अंदर चला गया और वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी। उसकी चूत में से खून निकल रहा था। मैंने उससे पूछा आर यू वर्जिन तो उसने कहा कि नो आई एम नोट वर्जिन.. उसकी चूत में से खून आ गया और वो बोलने लगी ज़ोर से चोद। मैंने अपनी स्पीड बड़ाई और ज़ोर से झटके मारने लगा.. वो उम आईईईई मर गई की आवाज़ निकल रही थी। मैंने और ज़्यादा स्पीड बड़ा दी और वो बोलने लगी मेरे अंदर से कुछ निकल रहा है। ये सुनकर मैंने स्पीड और बड़ा दी और वो झड़ गई। उसके झड़ने की गर्मी से मैंने भी माल उसकी चूत में डाल दिया और उसके ऊपर सो गया। फिर हम दोनों ने किस किया और उठकर कपड़े पहने। दोस्तों ये थी हमारी कहानी.. में आज भी उस पल को याद करके गर्म हो जाता हूँ और मूठ मारता हूँ ।।

धन्यवाद …

वैधानिक चेतावनी : यह साइट पूर्ण रूप से व्यस्कों के लिये है। यदि आपकी आयु 18 वर्ष या उससे कम है तो कृपया इस साइट को बंद करके बाहर निकल जायें। इस साइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ व तस्वीरे पाठकों के द्वारा भेजी गई हैं। कहानियों में पाठकों के व्यक्तिगत् विचार हो सकते हैं, इन कहानियों व तस्वीरों का सम्पादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नहीं है। आप अगर कुछ अनुभव रखते हों तो मेल के द्वार उसे भेजें