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भैया से परेशान भाभी ने दिया चूत का गिफ्ट

भैया से परेशान भाभी ने दिया चूत का गिफ्ट.. हेल्लो दोस्तों मेरा नाम गुरमीत है. मैं पंजाब में रहता हूँ. मेरी उम्र अभी 27 साल की है. अभी तक कुवांरा हूँ. चूत के लिए इधर उधर भटक कर मुह मारता फिरता था. मेरे को मन में चुदाई की बड़ी लालसा हो रही थी. मेरे को चूत चोदने की तड़प रही थी. इस प्यास को बुझाई मेरी सबसे बड़ी वाली सुष्मिता भाभी ने. उनके आकर्षक बदन को देख कर मैं भी फिसल गया. उनकी 36- 32- 34- के बॉडी फिगर को देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था. फ्रेंड्स पहले कभी ऐसा नही हुआ था. मैं भाभी को कभी हवस की नजरों से नही देखता था. मेरे को भाभी को चोदने का मन अभी हाल ही में होने लगा. कई दिन हो गए थे. मेरे से कही भी चूत का जुगाड नही हो पा रहा था. मुठ मार मार कर काम चला रहा था. लेकिन भाभी के 36 के बड़े बड़े दूध ने मुझे अपनी तरफ खींच रहे थे.  

भूख और चूत के लिए कुछ भी करना पड़ता है भूख में खाना और चूत के लिए रिश्ते नही देखे जाते. मै भी लाइन में लग गया. रोज रात में ब्लू फिल्म देख देख के मुठ मारता था. अब तो भाभी की ब्रा पैंटी से भी मैं खेल लेता था। मेरे को उनकी पैंटी की खुशबू बहुत पसंद थी. जब भी उनकी पैंटी दिखती मैं सूंघकर जरूर मुठ मारता था. मैं हमेशा घर पर बैठे बैठे भाभी को चोदने की प्लानिंग बना रहा था. मेरे लंड को पल भर में उनकी मटकती गांड खड़ा कर देती थी. उनकी चढ़ती जवानी का मजा मेरे बड़े भैया उठा रहे थे.वो पंजाब में ही अपना काम चला रहे थे. वो बाइक की एजेंसी लिए हुए थे. भाभी जैसी खूबसूरत माल पाकर वो भी अपनी किस्मत पर बहुत इतरा रहे थे. भाभी के बदन का दीवाना होकर मै भी ग्रहण की तरह लगा हुआ था. भैया की शादी हुए अभी दो साल ही हुए थे.

एक दिन मैं भाभी के साथ बैठा हुआ था. घर पर कोई नहीं था. सब लोग शिमला पिकनिक पर गए हुए थे. मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं थी इसलिए नहीं जा पाया. भाभी को भी मेरी देख रेख में छोड़ गए थे. मेरी तो किस्मत खुल गयी. भाभी चाय बनाकर अपने और मेरे लिए लाकर बैठ गयी. हम दोनों लोग चाय पी रहे थे. भाभी ने उस दिन घुटने के ऊपर तक की मैक्सी पहने हुई थी. उनकी दोनों गोरी गोरी टाँगे दिख रही थी. मै बहुत ही गौर से देख रहा था. भाभी मेरी नजरो को देख रही थी. उनकी टांगो पर एक भी बाल नहीं था. लग रहा था अभी हेयर रिमूवल क्रीम लगा कर हटाई हो. मैंने आज तक इससे चिकनी टांग किसी की नही देखी थी. भाभी भी मुझे चुदासी लग रही थी. वो अपनी मैक्सी से पैर ढकने के बजाय और उठा दी. मै पैर से लेकर दूध तक देख रहा था. भाभी भी मेरे तने हुए लंड को लोवर में देख रही थी. मेरा लंड लोवर में ही उफान मारने लगा.

भाभी: देवर जी आपकी नजर कहां है??
मै: भाभी कुछ नहीं मै तो आपके खूबसूरत से हॉट सेक्सी फिगर को देख रहा था
भाभी: अच्छा तो तुम मेरी खूबसूरती को ताड़ रहे थे. ये अच्छी बात नही है. कोई तुम्हारी बीबी को ताड़े तो??
मै: कह दूंगा उससे तुम भी देखो
भाभी की चुदने की हवस उनकी काली काली आँखों में दिख रही थी. मैं भी सोचने लगा जब भाभी के टांग इतने खूबसूरत हैं तो चूत कैसी होगी??
भाभी ने मुह लटका लिया.
मै: भाभी क्या हुआ?? कुछ परेशान लग रही हो
भाभी: कुछ नहीं गुरमीत बस वैसे ही

मैंने बार बार पूछा तो उन्होंने बताया. भैया रात को देर से आते हैं. खाना खाते है और फिर सेक्स किया तो किया नही तो सो गए. भैया को चोदने में जितना समय लगता था भाभी तो उतने में गर्म भी नहीं होती थी. मैंने भाभी के पास जाकर अपने सीने से लगा लिया. वो आंसू बहाकर मेरे को और भी ज्यादा चिपकाने को मजबूर कर रही थी. मेरा लंड तो लोवर फाड़ कर बाहर निकलने को हो रहा था. भाभी के पीठ पर ब्रा का हुक मेरे हाथों में लग रहा था. मैं भाभी के पीठ को सहला सहला कर उनसे प्यार कर रहा था. धीरे धीरे मेरा हाथ फेरना काम कर गया. वो मेरे से और भी ज्यादा चिपकने लगी.

मै: मत रो भाभी आज मै आपका सारा दुःख दर्द कम कर दूंगा
भाभी: कैसे करोगे तुम सब??
मैं: भाभी आपको सेक्स करने से मतलब है या भैया हो ये ज़रूरी है. भाभी मेरे तरफ देखते हुए हसने लगी.
भाभी: बहुत ही समझदार हो गया है तू. अपनी भाभी की प्यास बुझायेगा.
मै: तो क्या करूं भाभी मेरे से आपकी ये तड़प देखी नहीं जाती.

भाभी भी मुझसे लिपट कर अपने कमल जैसे होंठो से किस कर लिया. मै भी उनकी मैक्सी को उठाते हुए उनकी गांड दबा रहा था. मोटी मोटी निकली हुई गांड को हाथ से पकड कर दबा रहा था. वो मेरे को कुतिया की तरह चाट कर चूम रही थी. ऐसा लगता था भाभी भी कई दिनों की चुदासी थी. हम दोनो आज एक दूसरे की प्यास बुझाने जा रहे थे. मै भाभी से 8 इंच बड़ा था. मेरे को झुककर किस करना पड रहा था. भाभी मेरे कंधे को पकड़े दबाये हुए किस कर रही थी. नाजुक नाजुक होंठ को चूसने में बहुत मजा आ रहा था. उनकी रसीली होंठ को चूस चूस कर लाल लाल कर दिया. वो अपनी सांस मेरे नाक पर छोड़ रही थी. मेरे को बहुत ही जोश आ गया। मैंने उनकी होंठो को काट काट कर चूसने लगा. वो धीरे धीरे से “……अई…अई. ..अई……अई….इसस्स्स्स् स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारी भरकर साँसे छोड़ रही थी. मैंने उन्हें उठा लिया और बिस्तर पर पटक दिया. अपनी शर्ट को निकाल कर उनके ऊपर चढ़ गया. भाभी के मैक्सी को उठा दिया. उनकी दिल की धड़कनें तेज हो रही थी.

मैं भी बिल्कुल हवस का पुजारी बना हुआ था. गले से चूमता हुआ नीचे की तरफ धीरे धीरे बढ़ रहा था. भाभी के दोनों मम्मे पहाड़ की तरह ऊँचे ऊँचे खड़े थे. मेरे को उनका पूरा नंगा बदन देखना था. मैंने झट से उन्हें बैठाकर उनकी मैक्सी निकाल दी. भाभी बहुत गजब की 21 साल की माल थी. मैं उनके जिस्म का एक एक अंग छू छू कर आनंद ले रहा था. उनके पीठ पर किस करने लगा. वो अपने पूरे बदन को रस्सी की तरह ऐंठने लगी. मेरे को पता चल गया. भाभी का जोश चरम सीमा पर पहुँच गया है. भाभी ने काले रंग की ब्रा और उसी की मैचिंग की पैंटी पहने हुई थी. ब्रा में दबे सॉलिड मम्मो को आजाद करने के लिए ब्रा की हुक को खोल दिया. दोनों दूध आजाद होने पर भी खड़े थे. भाभी के दूध में ज़रा सा भी लटक नहीं था. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम   उनको अभी कोई बच्चा नहीं हुआ था इसीलिए उनके दोनों मम्मे बहुत ही सख्त थे. मैंने दोनों हाथों में भाभी के बड़े बड़े 36 इंच का दूध लेकर दबाना शुरू क़िया. दोनों बहुत ही सॉफ्ट सॉफ्ट थे. मैंने कुछ देर तक दबाकर एक एक करके निप्पल को पीने लगा. वो मेरे कंधे पर हाथ रख कर मुझे दूध पिला रही थी. पीते पीते बीच बीच में मै उनके निप्पल को काट लेता. वो जोर से “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सिसकारी भरती थी. लंबे लंबे नाखूनो को मेरे कंधे में गड़ा देती थी.

वो ऐसा बार बार कर रही थी. मैंने भी अब अपना कार्यक्रम आगे बढ़ाने के लिए अपना लोवर निकाल दिया. भाभी मेरे नाड़े वाले कच्छे में लंड को तना देखकर चौंक गयी. फ्रेंड्स आपको तो पता ही है नाड़े वाला कच्छा कितना ढीला होता है. मेरा लंड गर्म होकर रॉड की तरह खड़ा था. भाभी मेरे लंड को कच्छे के ऊपर से ही सहलाते हुए कहने लगी.

भाभी: गुरमीत तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है. ये तो लगभग 6 इंच का लगता है. तुम्हारे भैया का तो इससे आधा लगता है.
भाभी: काश मुझे तुम्हारे भैया के जगह तुम्हारा लंड रोज मिलता तो कितना अच्छा होता
मै: चूस लो भाभी जी भर के आज अपनी प्यास बुझा लो!!
इतना कहते ही वो मेरे नाड़े को खोलने लगी. नाडा खुलने पर भी कच्छा मेरे लंड पर ही टंगा रहा. उन्होंने मेरे कच्छे को नीचे खींच कर गिरा दिया. मेरे लंड को हाथो से छूकर उसकी गर्माहट का एहसास करके मुठ मारने लगी. मेरा लंड आगे पीछे होते ही और भी टाइट होने लगा. वो मेरे लंड के साथ बच्चो की तरह खेल रही थी.

धीरे धीरे अपनी जीभ को लगाते हुए मेरे लंड का पूरा टोपा अपने मुह में लेकर चूसने लगी. गुलाबी रंग के सुपारे को चूस चूस कर और भी ज्यादा गुलाबी बना दिया. मेरे लंड की दोनो गोलियां लटक रही थी. वो कभी कभी मेरे दोनो गोलियों को भी मुह में रखकर टॉफी की तरह चूसती रही थी. मै अब उन्हें चोदने को बेकरार हो गया. मेरे लंड का टोपा फूल कर फटने को हो रहा था. मैंने भाभी के मुह से अपना लंड निकाल कर उनको गर्म करने लगा. मैंने उनको बिस्तर के किनारे करके बेड से नीचे बैठ गया. उनकी पैंटी को सरकाकर मैंने नीचे गिरा दिया. दोनों टांगों को खोलकर मैंने उनकी गुलाबी चूत का दर्शन किया. मेरे को उनकी चूत चाटने का मन करने लगा. मैने अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाकर बिस्किट पर लगे क्रीम की तरह चाटना शुरू किया. वो जोर जोर से साँसे भर कर सूं… सूं… की आवाज निकाल रही थी. मैं उनकी चूत की एक एक टुकड़े को मुह में भरकर पी रहा था. वो “……अई …अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की मधुर सुरीली आवाज निकाल रही थी. भाभी को अब रहा नही जा रहा था. वो बार बार मेरे मुह को अपनी चूत में चिपका रही थी. मैंने उनकी चूत चाट चाट कर गीली करवा दी.

उन्होंने अपना सारा माल मेरे मुह में छोड़ दिया. मै सब चाट पोंछ कर अंदर तक साफ़ कर दिया. भाभी की गांड के नीचे तकिया रखकर अपने लंड के बराबर उनकी चूत को उठा दिया. मैं बेड से नीचे खड़ा हो गया था, भाभी लेती हुई थी. भाभी अपनी दोनों टाँगे उठाये चूत में लंड घुसने का इंतजार कर रही थी. मेरे को भाभी को तड़पा के चोदने का था. मैंने भाभी की चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा. मेरे लंड रगड़ते ही वो तड़पने लगी. कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उनकी छेद से सटाकर धक्का मार दिया. भाभी की चुदी चूत में मेरा लंड आसानी से घुस गया. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम  फिर भी मेरे मोटे लंड ने उनकी चीखे निकलवा दी. वो जोर से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” की आवाज निकालने लगी. धक्के पर धक्का मार कर मैंने अपना लंड पूरा जड़ तक घुसा दिया. अंदर बाहर करके मै भाभी की चूत फाडने लगा. भाभी की रसीली चूत को चोदने में बहुत ही मजा आ रहा था. भाभी: क्या बात है मेरे राजा!! आज मेरी चूत को फाड़कर मुझे अच्छे से चोदो. मै उनकी चूत में और जोर जोर से अपना लंड पेलने लगा. मेरे तेज चुदाई से उनकी चूत में दर्द होने लगी. वो अपनी ऊँगली से चूत को मसल रही थी.

मैने उन्हें बिस्तर के सहारे झुकाकर खुद खड़ा होकर चोदने लगा. उनकी गांड पर हाथ मार मार कर कुत्ते की तरह जोर जोर से चोदने लगा. वो भी “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज से पूरा कमरा भर दी. वो कई बार झड़ चुकी थी. मेरे लंड अब उसके माल में पूरा डूबकर घच.. पच.. घच ..पच.. की आवाज निकाल रहा थी. भाभी मेरे से और तेज और तेज बोल बोल कर स्पीड को बढ़ा दी. जोर की जबरदस्त चुदाई से भाभी को बहुत मजा आ रहा था. मैंने भाभी की चूत चुदाई बंद करके गांड मारने की सोच रहा था. लेकिन उससे पहले मेरी भी पिचकारी निकलने वाली थी. मैं भी झड़ने वाला हो गया. मैंने भाभी से कहा “मै झड़ने वाला हूँ”

भाभी ने मेरे को मुह में माल छोड़ने को कहा. मैंने सारा का सारा माल भाभी के मुह में भर दिया. भाभी ने मेरा माल पीकर चैन से सांस लेकर मुझसे चिपक कर लेट गयी. उस दिन मैंने भाभी की कई राउंड चुदाई की. भाभी की गांड को फाड़कर खूब मजा लिया.

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