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बीबी के जाने के बाद अपनी साली दिया को जमकर चोदा

हैल्लो फ्रेंड्स।hindi sex stories, hindi chut ki chudai ki kahani,desi sex kahani,  desi chudai story, मेरा नाम राजन है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मैं एक बहुत बड़ी प्राईवेट कम्पनी मैं जॉब करता हूँ. फ्रेंड्स। मैं बहुत समय से  कॉम पर कहानी पढ़ रहा हूँ और फिर मेरा भी दिल हुआ कि मैं भी मेरी एक रियल कहानी लिखूँ.

फ्रेंड्स मैं दिखने मैं ठीक-ठाक और गोरा-चिट्टा हूँ मेरी हाईट 5’9″ है और मेरी उम्र 26 साल है. अब मैं आप लोगों का और ज्यादा टाइम ना लेते हुए मैं, अपनी कहानी पर आता हूँ. यह बात आज से 3 माह बैक की है जब मुझे मेरे कम्पनी के बहुत बड़े प्रोजेक्ट के वज़ह से एक साल के लिए फ़्रांस में जाना पड़ा था. मैं और मेरी पत्नी अपनी पैकिंग मैं लगे हुए थे और उसी दौरान मेरी साली, दिया जो मेरी पत्नी के चाचाजी की लड़की है। हमारी हेल्प के लिए आई हुयी थी. 

  • दिया एक कॉलेज में पढ़ती है 
  • वो सिर्फ 21 इयर्स की है । 
  • उसकी हाईट 5’3” इंच है. 
  • उसका फ़िगर शायद, 34-28-34 होगा। 
  • और वो हम लोगों से शुरू से ही बहुत करीब है। 
  • वो मुझसे भी हमेशा ही पूरी तरह से खुलकर बातें करती है.

मैंने अपने आफ़िस से एक वीक की छुटियाँ ली हुयी थी। क्योंकि मुझे पैकिंग के अलावा और भी बहुत सारे काम करनें थे। फिर मेरी पत्नी सुबह सुबह ही अपने आफ़िस के लिए निकल जाती थी. उसके वापस आने तक मैं और दिया सिंगल ही रहते थे. वैसे मैं अपने वर्क मैं ज्यादातर बिजी रहता था और वो T.V देखने मैं, या नेट पर हमेशा बिजी रहती थी. वो तो हमेशा मेरे पीछे ही पड़ी रहती थी। कि उसे एक बार हार्ड ड्रिंक टेस्ट करना है. पर वो अपनी बहन को इस बात का पता नहीं लगने देना चाहती थी। क्योंकि उसे डर था कि कहीं उसकी बहन उसकी यह बात उसके मम्मी, पापा को ना बता दे.

फिर एक दिन मैं उसके लिए एक वोड्का की बोतल और मेरे लिए एक बियर लाया। जब मेरी पत्नी आफ़िस के लिए गई हुयी थी. मैंने दिया को कभी भी गलत नज़र से नहीं देखा और हमेशा उसे बच्चे की तरह समझाया करता था. फिर मैंने उसका पेग ऑरेंज जूस के साथ बनाया और अपनी भी बियर लेकर उसके साथ ही बैठ गया और पीने के साथ ही मैं अपने काम मैं भी बिजी हो गया और वो T.V देखने लगी। तभी थोड़ी देर बाद दिया मेरे पास आई और बोली कि उसे एक और पेग पीना है. तो मैं उठा और उसके लिए दूसरा पेग बनाकर लाया और उसके बाद वो मेरे साथ ही बैठी रही। उसकी आँखो से लग रहा था कि उसे नशा चढ़ रहा है. फिर हम लोग आपस मैं इधर उधर की बातें कर रहे थे. मैंने दिया से उसके बॉय-फ्रेंड के बारे मैं पूछा और वो मेरी मैरिज से पहले के अफेयर्स के बारे मैं पूछने लगी और बातों ही बातों मैं पता नहीं कैसे वो मेरे सेक्सुअल रिलेशन्स पर आ गई. फिर दिया ने बोला कि उसने तो बस फिल्म ही देखी है। उसको और उसके बॉयफ्रेंड को कभी कोई अच्छा मौका नहीं मिला. फिर पता नहीं क्यों मुझे अंदर से रोमांटिक सा महसूस होने लगा। तो मैं दिया से और विस्तार मैं पूछने लगा कि वो और उसका बॉयफ्रेंड क्या क्या करते थे? 

अभी तक मेरे मन मैं दिया के लिए कोई भी गलत ख्याल नहीं आया था। लेकिन अंदर ही अंदर अजीब सा महसूस हो रहा था. दिया को बहुत अच्छी ख़ासी चढ़ चुकी थी। और वो मुझे सब कुछ ज्यादा ही विस्तार मैं बता रही थी. तो इतने मैं उसने मुझसे कहा कि अब मैं अपनी कुछ बातें उसे बताऊँ। लेकिन अब मेरा मूड बातें करनें का नहीं। कुछ शरारत करनें का हो रहा था. तो मैंने दिया से पूछा कि उसे क्या अभी रोमांटिक महसूस हो रहा है? तो उसने हाँ कह दिया और फिर मैंने बोला कि क्यों ना कुछ टाईम के लिए हम दोनों ही मस्ती कर ले? इस बात पर हम दोनों ही हँसने लगे. 

मैंने हँसते हँसते दिया से उसके फिगर का साईज पूछा और उस बात पर वो शरमा गई. तो मैंने उससे कहा कि नहीं बताएगी तो जीजू अपने हाथों से नाप भी सकते है। 

तो वो हंसकर बोली की यह मैं कभी नहीं कर सकता. तो उसके यह बोलते ही मैंने झट से उसके चूचियाँ पर हाथ रख दिया और उसे हल्का सा दबा दिया और हँसने लगा. फिर दिया बहुत चकित हो गई। लेकिन उसने मुझे कुछ नहीं बोला और मुस्कुराने लगी.

तो मुझे लगा की शायद, यही अच्छा मौका है और फिर मैंने दिया से कहा कि बाकी का साईज भी तुम खुद ही बता दो नहीं तो वो भी मुझे नापना पड़ेगा. फिर वो इस बात पर स्माईल करनें लगी और मैंने अपना हाथ उसके कूल्हों पर रख दिया. दिया ने एक टॉप पहना हुआ था और नीचे स्कर्ट. इतने मैं दिया ने मुझे ज़ोर से धक्का दे दिया और मस्ती मैं हँसने लगी. मुझे भी थोड़ा जोश आया और मैंने उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसे कसकर हग कर लिया। लेकिन दिया अभी भी हंस रही थी। और यह देख मैंने अपने होठ उसके होठ पर रख दिए और फिर से उसको कसकर किस कर लिया। तभी दिया की हँसी एकदम से रुक गई और वो ज़ोर ज़ोर से साँसें लेने लगी और हम थोड़ी देर इसी तरह रहे और उसके बाद मैंने दिया के होठो पर धीरे-धीरे किस करना शुरू किया और फिर दिया भी बहुत अच्छे से मेरा साथ दे रही थी. फिर मैंने धीरे से अपना एक हाथ उसकी जांघ पर रखा और उसको सहलाने लगा.

दिया की जांघे बहुत ही चिकनी, मुलायम और गोरी थी. उसने ढीली सी स्कर्ट पहन रखी थी। जिसके कारण मुझे आराम से पूरा मस्ती भरा अहसास मिल रहा था और मैं उसकी जांघो पर ऊपर से नीचे तक अपना हाथ घुमा रहा था और लगातार किस की स्पीड भी बढ़ती जा रही थी. 

तो इतने मैं मैंने अपना दूसरा हाथ दिया के टॉप मैं डाल दिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा तभी मैं बहुत चकित हुआ क्योंकि उसने ब्रा नहीं पहनी थी. यह बात जानकर मुझे और जोश आ गया और अब मेरा लौड़ा पूरा सख्त हो चुका था और अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. तो मैंने दिया का हाथ अपने लौड़ा पर रख दिया और उससे लौड़ा को सहलाने को बोला। लेकिन वो एकदम से शरमा गई और मुझसे और कसकर चीपक गई। लेकिन उसका हाथ मेरे लौड़ा से नहीं हटा. फिर मैंने उसके टॉप को धीरे से थोड़ा ऊपर किया और उसके चूचियाँ देखे। सच बोलूं वो अंदर से बहुत सुंदर और गोरे थे। एकदम सही गोलाई के चूचियाँ और साथ मैं हल्के गुलाबी निप्पल. फिर मैंने अपनी टी-शर्ट भी ऊपर कर दी। फिर मैं और दिया कसकर चिपक गए और जैसे ही उसके नंगे चूचियाँ मेरी नंगी चेस्ट पर चिपके वैसे ही मुझे एक बहुत ही अच्छा एहसास हुआ. तभी मैंने दिया के होठ अपने होठ मैं भर लिए और उनको कसकर चूसने लगा. हम बहुत कामुक होते जा रहे थे। मैंने उसका टॉप उतारकर फेंक दिया और अपनी टी-शर्ट भी उतार दी. अपने होठ उसके चूचियाँ पर ले गया और उनको अच्छे से सक करनें लगा और एक हाथ दिया की जांघ से कूल्हों के साईड मैं डाल दिया. दिया के कुल्हे बहुत ही मुलायम थे और मैं अपने दोनों हाथ से उसको अच्छे से मसाज और सहला रहा था. तो दिया मेरे लौड़ा को कसकर पकड़े हुयी थी। वो शायद, मस्ती मैं सब कुछ भूल गई और बस ऊहह आआहहह कर रही थी।. मैंने दिया को स्कर्ट उतारने को बोला। तो उसने मना कर दिया और बोल कि आज के लिए बस इतना बहुत है। 

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लेकिन मैं कहाँ रुकने वाला था. मैं अपना एक हाथ कूल्हों से सीधा उसकी पुस्सी पर ले गया जो पूरी तहर गरम थी। और मैंने अपनी एक ऊँगली उस पर जैसे ही रखी दिया के मुहं से आआहह निकल पड़ी और उसने बोला कि प्लीज अपना हाथ पुस्सी से हटा लो। क्योंकि उसने कभी अपनी पुस्सी अपने बॉयफ्रेंड को भी नहीं छूने दी. तभी यह सुनकर मेरा जोश और बढ़ा और मैंने दिया की स्कर्ट पीछे से सरकानी शुरू की और फिर उसने एकदम से अपनी स्कर्ट पकड़ ली और नहीं बोलने लगी और मैंने धीरे से एक ऊँगली उसकी पुस्सी मैं डालनी शुरू की और अपने अंगूठे से पुस्सी के दाने को सहलाने लगा। दिया अपने हाथ स्कर्ट से हटाकर सीधे मुझसे चिपक गई और बोलने लगी कि जीजू मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ आप वाकई मैं बहुत कमाल के हो.

मैंने कहा कि हाँ ऐसा ही हूँ और मैंने उसकी स्कर्ट को खींचकर फेक दिया और अपनी भी पेंट को उतार दिया. दिया अभी तक मेरा लौड़ा अंडरवियर के अंदर हाथ डालकर पकड़ें हुयी थी। और जैसे ही उसने मेरे 6.5 इंच के लौड़ा को देखा तो वो थोड़ा सहम गई और बोली कि जीजू यह मेरी पुस्सी के अंदर नहीं जाएगा? और प्लीज आप ट्राई भी मत करना. तो मैंने दिया से बोला कि तुम इसकी टेंशन मत लो अभी बस मजे करो और मैंने दिया को वहीं धक्का दे दिया और उसके पैर फैला दिए। क्या नज़ारा था उसकी मक्खन जैसी जांघे और उसके बीच की गहराइ मैं गुलाबी पुस्सी एकदम कामुक और साफ दिख रही थी. फिर मैंने अपने दोनों हाथ दिया के चूचियाँ पर रखे और उसकी जांघो को किस करना शुरू किया और धीरे धीरे उसकी पुस्सी के पास पहुंच गया. फिर मैं उसकी पुस्सी के चारो और किस करनें लगा और दिया छटपटाने लगी और फिर मैंने अपने पूरे होठ उसकी पुस्सी के होठ पर रख दिए और अपनी जीभ उसकी पुस्सी पर और मैं उसकी पुस्सी चाटने लगा और उसके बाद अपनी एक ऊँगली उसकी पुस्सी मैं डालनी शुरू की और साथ ही मैं अपनी जीभ से उसके क्लिटोरिस को चाट रहा था.

दिया तेज़ तेज़ साँसे ले रही थी। और चिल्ला रही थी. उसके बाद मैंने अपनी उस ऊँगली को बाहर निकाला और उसकी पुस्सी का सारा लिसलिसा रस अपने लौड़ा पर लगा दिया. फिर अपने लौड़ा का टोपा उसकी पुस्सी पर रख दिया और एक बहुत हल्का सा धक्का दिया और मेरी दिया ने मुझे कसकर पकड़ लिया और वो बोली कि जीजू प्लीज ना.. थोड़ा आराम से.. और फिर मैंने भी इस बात का खयाल रखा और फिर धीरे से दूसरा झटका दिया. दिया ज़ोर से चिल्ला उठी और मुझे उसकी पुस्सी मैं खून दिखने लगा। शायद,, उसकी सील टूट चुकी थी. फिर मैंने तीसरे जोरदार धक्के मैं अपना लौड़ा उसकी पुस्सी मैं डाल दिया। तो वो बहुत ज़ोर से चिल्ला पड़ी और मुझे लौड़ा को बाहर निकालने के लिए बोलने लगी. वो ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी। और फिर मैंने दिया को झटके देना बंद किया और उसके होठ पर प्यार से किस करनें लगा और मैंने उसको बोला कि पहली चुदाई मैं थोड़ा दर्द होता है. दो मिनट के बाद वो कुछ ठीक हुयी और फिर मैंने अपना लौड़ा आगे पीछे करना शुरू किया कुछ देर मैं दिया को भी मज़ा आने लगा और वो मेरा पूरा साथ देने लगी। लेकिन थोड़ा थोड़ा उसको दर्द भी हो रहा था. मैंने भी अपना आधा ही लौड़ा अंदर डाला था जिससे उसको ज्यादा दर्द ना हो. फिर हम दोनों 10-15 मिनट सेक्स करते रहे और फिर मैंने झड़ने के टाईम अपना लौड़ा पुस्सी से बाहर निकाल लिया और सारा वीर्य उसकी नाभि पर गिरा दिया. मेरे फ़्रांस आने से पहले दिया 4 दिन और हमारे साथ रही और उन चार दिनों मैं मैंने और दिया ने कई बार अलग अलग तरीके से सेक्स किया. आज भी हम नेट पर एक दूसरे से जुड़े हुए है और हम अब कैम मैं एक दूसरे को देखकर सेक्स करते है.

फ्रेंड्स यह मेरी पहली कहानी है और मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगों को बहुत पसंद आएगी ।

धन्यवाद।

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