चड़ती जवानी और मेरा हथौड़े जैसा कड़क लंड

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प्रेषक : राज अग्रवाल

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राज अग्रवाल है और मेरी उम्र 22 साल है। में हैदराबाद का रहने वाला हूँ और लेकिन कहानी को शुरू करने से पहले में कामुकता डॉट कॉम को धन्यवाद देना चाहता हूँ.. क्योंकि इस वेबसाईट के माध्यम से में अपनी कहानी आप लोगों तक पहुंचा रहा हूँ। दोस्तों मधु और मेरे बीच अब हर सप्ताह सेक्स होता था। एक दिन में मधु के यहाँ पर गया हुआ था.. तो मधु ने बताया कि उसकी दीदी घर पर आने वाली है और उसकी दीदी बंगलोर में इंजिनियरिंग की पढ़ाई करती है और उनकी अब थोड़े ही दिनों में छुट्टियाँ शुरू हो जाएगी तो वो यहाँ पर कुछ दिनों के लिए आ जाएगी.. उसका नाम रिचा है। दोस्तों में आपको बता दूं कि रिचा मधु की बड़ी बहन है और उसका गोदाम तो मधु से बड़ा है। उसका फिगर कुछ 36-28-34 का है.. एकदम मस्त गोरी चिट्टी है।

मधु को अपने फ्रेंड के भाई की शादी में भोपाल जाना था और रिचा की भी कॉलेज की छुट्टियाँ चल रही थी तो वो यहाँ पर मधु के फ्लेट पर कुछ दिनों के लिए रुकने के लिए आ गई। मधु और रिचा बहुत क्लोज़ हैं तो इसलिए मधु ने रिचा को एक दिन हमारे बारे में सब कुछ बता दिया.. तो मधु ने मुझे शनिवार को डिनर पर अपने घर पर बुलाया। तब उसकी दीदी भी आई हुई थी और रिचा हमसे करीब एक साल ही बड़ी है। तब पहली बार मैंने रिचा को देखा और रिचा को देखते ही मेरे तो होश ही उड़ गये और मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि रिचा जैसी माल इस धरती पर होती होगी। उसके चूतड़ एकदम सही है और वो जब चलती है तो गांड के साथ साथ उसके बूब्स भी मस्त उछलते है। में तो उसके बूब्स का दीवाना हो गया था। फिर हमने एक साथ बैठकर डिनर किया और उसकी बहन ने मेरे बारे में पूछा वगेरा वगेरा। मुझे यह बात बाद में पता चली कि वो दोनों इतने क्लोज़ थे कि दोनों एक दूसरे की चूत में उंगली भी डालते हैं और अपनी अपनी चूत को ठंडा करते है।

फिर अगले दिन में और रिचा मधु को स्टेशन छोड़ने गये और उसे छोड़कर हम ऑटो करके वापस अपने घर पर आ रहे थे। हमने ज़्यादा बातें नहीं की.. लेकिन मेरे दिमाग़ में तो यह बात चल रही थी कि उसको कैसे चोदूं और मैंने उससे सीधे सीधे पूछा कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? तो उसने बोला कि नहीं है। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम हैदराबाद कितने बार आ चुकी हो? तो उसने कहा कि में बहुत कम आई हूँ और इस शहर के बारे में ज़्यादा कुछ जानती भी नहीं हूँ और उसने मुझे कहा कि में ही उसे हैदराबाद क्यों नहीं घुमा देता? तो में सोचने लगा कि यह बहुत अच्छा मौका है तो मैंने भी जल्दी से हाँ कर दी और फिर उसने कहा कि आज में बहुत थक गयी हूँ तो हम कल सुबह चलगें। फिर मैंने कहा कि ठीक है और दिन में अपनी क्लास बंक करके उसे घूमाने ले गया और हम सुबह 9 बजे निकले उससे पहले हमने नाश्ता किया और उस दिन गर्मी बहुत थी तो मैंने कहा कि आज बहुत गर्मी है तो क्यों ना हम वाटर पार्क चलें? फिर उसे तो मेरे और मधु के बारे में सब पता था.. तो उसे भी ऐसे किसी मौके की तलाश थी और फिर उसने भी ठीक है कह दिया। फिर हमने वहीं से एक टेक्सी बुक की और वहाँ से हम सीधा वाटर पार्क चले गये और वाटर पार्क में हमने एंट्री करवाई और अंदर चले गये.. लेकिन उस दिन ज़्यादा भीड़ भी नहीं थी.. क्योंकि वो सोमवार का दिन था।

सोमवार को भीड़ बहुत कम रहती है तो में पुरुष टॉयलेट गया और सिर्फ़ स्विम्मिंग ट्रंक्स पहन कर बाहर आया और बाहर बहुत सी लड़कियाँ हॉट और सेक्सी थी उनको देखकर मेरा लंड तो तरस रहा था। तभी रिचा अंदर से आई और मेरा मुहं तो खुला की खुला रह गया। वो काली कलर की हॉट बिकिनी में थी उसके बूब्स क्या लटक रहे थे यार सच आआहह में तो पागल ही होये जा रहा था और में ना जाने किस ख़यालों में खो गया था और ग़लती से मेरे मुहं से सेक्सी निकल गया। फिर वो मेरे पास आई और बड़े ही सेक्सी अंदाज़ से उसने कहा कि धन्यवाद। में तो उस पर मानो फिदा हो गया था। उसने कहा कि चले नहाने.. तो मैंने कहा कि क्यों नहीं डियर? हमने वहाँ पर रैन डिस्को किया। रैन डिस्को में बहुत लोग थे और हम सब नाच रहे थे और नाचते नाचते जानबूझ कर में उसे छूने की कोशिश कर रहा था और वो भी अपनी मोटी गांड मेरे लंड से सटा कर नाच रही थी।

फिर मेरा लंड तो हथोड़े सा कड़क हो गया था और उसे इस बात का पता भी चल गया था। तभी उसने मेरे लंड पर एक हाथ मारा और पीछे मुड़कर मुझे आँख मारकर स्माईल देने लगी। तो में समझ गया कि यह भी साली किसी रंडी से कम नहीं है और आज तो साली को चोदकर ही रहूँगा। फिर हम करीब पांच घंटो की मजे मस्ती करने के बाद उसके घर पहुँचे और शाम हो चुकी थी और हम थोड़े थके हुए थे। तो उसने कहा कि तुम आज यहीं पर रुक जाओ.. मुझे मधु के बारे में कुछ बातें करनी है। तो में समझ गया कि यह मुझसे क्या चाहती है? तो मैंने भी थोड़ा नाटक करते हुए आख़िर में हाँ बोल दिया। फिर रात के उस समय दस बज रहे थे और हम दोनों टीवी देख रहे थे कि तभी आचनक लाईट चली गयी और घर में एकदम अंधेरा था और हमे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। फिर में रिमोट को उठाने के लिए साईड में हाथ बढ़ा रहा था कि मुझे अपने पेंट के ऊपर कुछ महसूस हुआ।

वो रिचा का हाथ था और मैंने हाथ को झट से पकड़ लिया.. उसने सॉरी कहा और बोली कि वो मोबाईल ढूंड रही थी। में अब समझ गया कि यह नाटक कर रही है तभी वो मोमबत्ती लेने उठी और खिड़की की और बढ़ चली और फिर में भी उसके पीछे चल दिया। तो मैंने रिचा से पूछा कि तुम क्या ढूंड रही हो? तो उसने कहा कि में मोमबत्ती ढूंड रही हूँ। तभी मैंने कहा कि मेरे पास 7 इंच की एक लम्बी मोमबत्ती है उसमें आग लगा आज तू। तो वो हंस कर बोली कि तुम ना बहुत शैतान हो और अब मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया और मैंने अपनी पेंट की ज़िप खोली और अपना लंड बाहर निकाला। वो मोमबत्ती ढूंडने में व्यस्त थी और में उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और अपना लंड उसकी गांड के चिपका दिया.. तो वो थोड़ा डर गयी और बोली कि यह क्या है? तो मैंने कहा कि मोमबत्ती है क्या अंदर डालूं? तो वो झट से पीछे मुड़ी और मेरे लंड को पकड़ कर बोली कि में सब जानती हूँ तुम्हारे बारे में कि तुमने क्या क्या किया है मेरी बहन के साथ। तो में थोड़ा सा डर गया और फिर उसने कहा कि क्या हुआ चुप क्यों हो गये? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं और तभी वो झुकी और मेरे लंड को दोनों हाथों से पकड़ कर चूसने लगी आहह क्या बताऊँ दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था? वो लंड को पागलों की तरह चूस रही थी.. जैसे कि बरसों से लंड की भूखी हो।

फिर उसने कहा कि राज आज तो तू मुझे चोद दे और चोदकर मुझे अपनी रांड बना दे। तभी मैंने उसको पकड़ा और उस पर चढ़ गया और ज़ोरो से क़िस करने लगा और मैंने कहा कि साली रंडी सुबह से मेरा खून गरम कर रही है आज तो तुझे पटक पटक कर चोदुंगा और उसने भी कामुक होकर कहा कि आज फाड़ दे मेरी चूत को.. बना दे इसे भोसड़ा.. लेकिन अब मुझे उसकी बातों से लग रहा था कि वो वर्जिन नहीं है और फिर में उसे किस करते करते उसके बूब्स को दबा रहा था। तभी लाईट आ गयी.. मैंने उसे देखा वो तो मानो परी जैसी लग रही थी। मैंने उसे उठाया और कंधे पर उठाकर बेडरूम में ले गया। फिर उसने भी ज्यादा देर ना करते हुए अपने सारे कपड़े खोल दिए। फिर में उसकी चुचियों को देखकर हैरान रह गया। फिर उसने कहा कि क्या हुआ चौंक क्यों गये? यह सब मधु का कमाल है उसने मेरे बूब्स चूस चूसकर इतने बड़े कर दिये है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे हैं।

में तो यह बात सुनकर दंग रह गया.. फिर में उस पर बैठ गया और अपना लंड उसके बूब्स के बीच रगड़ रहा था उउफ़फ्फ़ क्या मज़ा आ रहा था? और मैंने उससे कहा कि पहले में तेरे बूब्स की चुदाई करूंगा। तो उसने कहा कि तुझे जो करना है कर ले.. आज में वैसे भी तेरी रांड हूँ। फिर में जोश में आ गया और अपना लंड उसके बूब्स पर रगड़ने लगा और वो भी मस्त हो चुकी थी उउउफफफ्फ़ आअहह इसस्स्स्शह करके आवाज़ निकाल रही थी। फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसकी चूत की और बड़ा.. मुझे लड़कियों की चूत और गांड की सुगंध बहुत पसंद है में उससे और उत्तेजित हो गया और उसकी चूत को किसी जानवरों की तरह चाट रहा था और वो भी मज़े में अपनी कमर उछाल रही थी उूुउउफफफ्फ़ राज खा जाओ.. मस्त चोदो मेरी चूत को.. बुझा दो इसकी प्यास आअहह माँ और जोर से आआहह। तभी यह सुनकर में और भी जोश में आ गया और उसकी चूत को अपनी दो उँगलियों से चोदने लगा। फिर मैंने ज्यादा देर ना करते हुए अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रख दिया और उसे उसकी चूत के ऊपर ही रगड़ रहा था। तो वो उउउम्म्म्म उूउउफ्फ माँ मरी आअहह कर रही थी और फिर उसने कहा कि बस और मत तड़पा साले अब जल्दी से चोद दे मेरी चूत। उसे तड़पाने से मुझे और मज़ा आ रहा था और मैंने अपना लंड ठीक उसकी चूत के होल के नीचे रखा और हल्का हल्का धक्का देने लगा। वो तड़पने लगी और तड़प कर वो जैसे ही हिल रही थी तो उसके बूब्स भी पूरे जोश में आ गये थे। फिर मैंने एक जोर का झटका मारा और पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और वो दर्द के मारे जोर से चीखने लगी। मैंने फिर अपने होंठो को उसके होंठो पर रख दिया और में एक तरफ उसके निप्पल को ज़ोर ज़ोर से निचोड़ रहा था। वो उउम्म्म्म आआअहह दर्द से उछल रही थी। फिर कुछ देर में ऐसे ही शांत रहा और उसका दर्द कम होने के बाद फिर से एक झटका मारा और चोदने लगा। वो अब पूरे मज़े में आकर अपनी बड़ी बड़ी गांड पटक पटक कर चुदवा रही थी। दोस्तों सच बताऊँ तो इससे बड़ी रांड मैंने आज तक कभी देखी नहीं थी जो चुदवाने के लिए कुछ भी कर सकती थी। फिर चोदते चोदते में उसके बूब्स का हिलना देख रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर वो करीब तीन बार झड़ चुकी होगी और उसकी गरम गरम चूत का पानी मेरे लंड को और भी उत्तेजित कर रहा था। फिर मैंने उससे कहा कि में झड़ने वाला हूँ ओह अहह तो उसने कहा कि अंदर ही झड़ जा मुझे वीर्य चूत में चाहिए। फिर में उसे और ज़ोर से चोदने लगा और पूरे कमरे में से फच फच करके आवाज़ आने लगी और पाँच मिनट के बाद में उसकी चूत के अंदर झड़ गया और हम आधे घंटे तक हम ऐसे ही पड़े रहे और थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और रिचा मेरे लंड को साफ करना लगी। फिर मैंने कहा कि अब में तेरी गांड मारूंगा। तो उसने कहा कि आज नहीं फिर कभी और में भी अब बुरी तरह थक गया था। फिर हम चादर के अंदर नंगे ही सो गये और फिर रात को मेरी 4 बजे नींद खुली और नींद खुलते ही मेरा लंड उसकी गांड के बीच रखा हुआ था और में धीरे धीरे करके उसे रगड़ रहा था और मुझे उसकी गांड की गर्माहट बहुत अच्छी लग रही थी।

फिर वो भी नींद में उम्म्म्मम आआहह कर रही थी। फिर मैंने उसे उल्टा लेटा दिया और अपना लंड उसकी गांड के गड्ढो के बीच रगड़ रहा था और फिर उसकी भी नींद खुल गई तो मैंने कहा कि मुझे तेरी गांड मारनी है। तो वो बोली कि ठीक है कर लो जो भी तुम्हारी मर्जी हो और वो जल्दी ही मान गयी। फिर मैंने तेल लगाकर गांड पर अपना लंड टिकाया और एक ही झटके में मैंने उसकी गांड में अपना लंड घुसेड़ दिया और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन वो दर्द से चीख रही थी। मैंने करीब उसे आधे घंटे तक चोदा और सारा वीर्य उसकी गांड में डाल दिया। फिर हम सुबह ग्यारह बजे उठे एक साथ नहाए, नाश्ता किया और उसने मुझे किस किया और बोली कि यह दो दिन मेरे लिए सबसे अच्छा समय था। अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं ।।

धन्यवाद …

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