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चोर को अपने हुस्न जाल में फसाकर मैंने चुदवा लिया

मैं बरेली की रहने वाली हूँ। मैं बहुत गोरी और सुंदर लड़की हूँ। मेरा फिगर 36 30 32 का है। मेरा जिस्म भरा और गदराया हुआ है। मेरे कपड़ों से ही मेरे जिस्म के उतार चढ़ाव दिखते है। मेरे होठ बहुत सेक्सी और रसीले है पर दोस्तों मेरी चूत के होठ उससे भी जादा बड़े बड़े, रसीले और सेक्सी है। मुझे चुदना और मोटा लंड खाना बहुत पसंद है। मेरे घर के आसपास के लकड़े मुझे माल, सामान, आईटम, टोटा और ना जाने क्या क्या बुलाते है। मैं अच्छी तरह से जानती हूँ की वो मुझे बहुत पसंद करते है और मेरे मस्त मस्त मम्मे वो पीना चाहते है और मेरी रसीली बुर वो चोदना चाहते है। जब मैं किसी सड़क से निकलती हूँ तो लड़के मुझे बार बार पलट कर देखते है और मन ही मन मुझसे प्यार करने लग जाते है। मेरी एक एक मुस्कान पर कितने लड़कों का क़त्ल हो जाता है और उनका दिल उछलकर बाहर आ जाता है। सब मुझसे बात करना चाहते है और बस मिलने का कोई बहाना ढूँढना चाहते है। सभी मुझे बस एक बार जी भर के चोदना और खाना चाहते है। मैं बहुत गोरी और जवान लड़की हूँ। मेरा बदन बहुत गोरा और सुडौल हूँ। मेरा फिगर कमाल का है।।

दोस्तों एक दिन की बात है मेरे पति अपने काम से कुछ दिनों के लिए अमेरिका चले गये थे। मेरे पति एक प्राइवेट कम्पनी में साइंटिस्ट थे और अक्सर अमेरिका रिसर्च के काम से जाया करते थे। उस दिन मेरा सेक्स करने के बहुत मन कर रहा था पर पति को अमेरिका जाना पड़ा। मैं उनको कार से ऐयरपोर्ट छोड़ आई थी। जब घर पहुची तो वही सन्नाटा मुझे काट खाने को दौड़ रहा था। किसी तरह मैं टीवी देखकर टाइम काटने लगी पर जैसे ही रात के 10 बजे मेरे अंदर सेक्स करने की इक्षा बहुत प्रबल हो गयी। दोस्तों मैं घर पर पूरी तरह से अकेली थी और मोटा लंड खाने को तडप रही थी। फिर मैं बेडरूम में चली गयी। मैंने अलमारी से जबरदस्त और हॉट चुदाई वाली dvd निकाली और टीवी में लगा दी। एक 6 फुट का काला निग्री आदमी एक गोरी अमेरिकन औरत को अपने 12” के लौड़े से जल्दी जल्दी चोद रहा था। विडियो देखकर मैं बहुत अधिक गर्म हो गयी थी। फिर मैंने अपने सारे पकड़े निकाल दिए। मैं घर पर साड़ी में रहती थी। मैंने साड़ी ब्लाउस और पेटीकोट उतार दिया था। अब मेरे जिस्म पर सिर्फ ब्रा और पेंटी थी। मैंने अपनी पेंटी उतार दी। फिर अलमारी से वाईब्रेटर निकाला। मैं बेड पर लेट गयी और दोनों पैर मैंने खोल दिए और अपनी चूत पर लगा दिया। जैसे ही मैंने वाईब्रेटर का बटन ऑन किया वो मेरे चूत पर घूं घूं करने लगा और मेरी चूत थरथराने लगी और कांपने लगी। मुझे आनंद मिल रहा था। फिर मैं जल्दी जल्दी डिलडो अपनी चूत में डालने लगी। उसी समय पता नही कैसे मेरे घर में एक चोर घुस आया और सीधा मेरे कमरे में आ गया। उसने मुंह पर काली मंकी कैप पहन रखी थी। उसके हाथ में एक लम्बा चाक़ू था।

“खबरदार!! अगर अपनी जगह से हिली तो। तिजोरी की चाबी दो!! मुझे अपने सारे पैसे और गहने दे दो” चोर जोर से चिल्लाया। दोस्तों उसे देखकर मुझे लंड खाने का मन करने लगा। वो चोर तो मेरे पैसे और गहने लूटना चाहता था पर मैं उसका मोटा लंड खाना चाहती थी।
“देती हूँ!!! देती हूँ” मैंने कहा और मैं बेड से नीचे उतर आई। मेरे घर की तिजोरी घर के कोने वाले कमरे में थी। चोर ने मेरी तरफ अपना लम्बा चाकू तान रखा था। मैंने धीरे धीरे उस कमरे की तरफ जा रही थी। चोर मेरे पीछे चल रहा था। वो सावधान था की कहीं मैं कोई पैतरा ना मार दूँ। तभी मैंने जमीन पर गिरने का नाटक किया और जल्दी से अपनी ब्रा खोल दी और दूर फेक दी और पैर में मोच आने का नाटक करने लगी। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“अईईई….. अईईई…. अईईई….मेरे पैर में मोच आ गयी!!!” मैंने तेज से चिल्लाई
दोस्तों मेरी ब्रा के उतरने के बाद मेरे 36” के बेहद बड़े बड़े और कसे मम्मे चोर को दिख रहे थे और अब वो मेरे खूबसूरत चिकने जिस्म को बार बार उपर से नीचे ताड़ रहा था। उसने चाक़ू अपनी जेब में रख लिया और जल्दी जल्दी अपनी जीभ मेरी खूबसूरत जवानी देखकर लपलपाने लगा।
“आह आह चोर जी!! तिजोरी में कुछ नही है। आप मुझे चोद के मजे ले लो। मेरे पति घर में कोई पैसा नही रखते है। आप प्लीस मुझे चोद के मजे ले लो और यहाँ से चले आओ” मैंने कहा “ठीक है ….ठीक है—चलो कमरे में चलो। और देखो किसी तरह की कोई होशियारी नही करना। मैं एक बहुत खतरनाक चोर हूँ” वो बोला। उसने अपना काला मंकी कैप लगाया हुआ था। जिससे मैं उसे पहचान ना सकू।
“चलो बिस्तर पर लेट जाओ!!” चोर बोला
दोस्तों वो मेरे हुस्न के जाल में फंस चुका था। आज मेरे पति घर पर नही थे पर फिर भी मेरे लिए मोटे लंड का जुगाड़ हो गया था। वो देखने देखने में काफी मोटा तगड़ा था। मुझे उम्मीद थी की उसका लंड भी काफी लम्बा और मोटा होगा। फिर उनसे अपनी पेंटी और अंडरवियर निकाल दिया। उसका लंड 9” लम्बा था और डेढ़ इंच मोटा था। उसके लंड को देकते ही मुझे मजा आ गया। चोर ने अपनी शर्ट और वो काली मंकी कैप नही उतारी। उसे डर था की कहीं मैं उसे पहचान ना लूँ। फिर वो मेरे उपर आकर लेट गया। और मेरे रसीले होठ चूसने लगा। दोस्तों मैं गोरी चिट्टी और भरे हुए जिस्म वाली औरत थी। चोर को मैं पसंद आ गयी थी। उसने मेरे मम्मे पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। 36” की मेरी चूचियां बेहद बड़ी बड़ी और गोल गोल थी और देखने में किसी गेंद की तरह लग रही थी। चोर मेरे जिस्म को हर जगह छू रहा था। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मेरी नंगी रसीली छातियों पर उसके हाथ नाच रहे थे। फिर उसने मेरे होठो पर अपने होठ रख दिए और जल्दी जल्दी मेरे रसीले होठ चूसने लगा। मुझे मजा आ रहा था। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की सेक्सी आवाजे निकाल रही थी। चोर तो बेहद चुदासा और चूत का प्यासा लग रहा था। वो मेरे होठ को ऐसी चूस रहा था जैसे मैं उसकी बीवी हूँ। आज सही मौके पर वो मेरे घर में आया था। उसने काफी देर तक मेरे होठ चूसे। मैं पूरी तरह गर्म हो गयी थी। मेरी कामुक आवाजे और जादा उसका मनोबल बढ़ रही थी। फिर वो मेरे बूब्स पर आ गया और मेरी गोल मटोल चूची को उसने हाथ में पकड़ लिया। दोस्तों मेरी चुचियाँ इतनी बड़ी थी की वो मुश्किल से चोर के हाथों में समा रही थी। चोर जल्दी जल्दी मेरे मम्मे दबाने लगा। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” बोलकर सेक्सी और कामुक आवाजे निकालने लगी। चोर की मेरी आवाजे और अधिक चुदासा बना रही थी। वो मेरे मम्मे को किसी टमाटर की तरह दबा रहा था। फिर वो मेरे उपर लेट गया और मेरी बायीं चूची मुंह में लेकर चूसने लगा। मैं तड़पने लगी। लगा लग रहा था की एक साल से उसने किसी औरत की चूची नही पी है। वो जल्दी जल्दी मुंह चलाकर मेरी बायीं चूची चूस रहा था। चोर भरपूर मजा ले रहा था। मैं भी उसका पूरा साथ निभा रही थी क्यूंकि आज मेरा भी सेक्सी करने का बहुत मन था। चोर तो मेरी जवानी और हुस्न पर पूरी तरह लट्टू हो गया था। वो जल्दी जल्दी मेरी बायीं चूस रहा था। फिर उसने मेरी दाई चूची मुंह में भर ली और दबा दबाकर पीने लगा। मैं “…..ही ही ही……अ अ अ अ .अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह….. उ उ उ…” की आवाजे निकाल रही थी और सेक्सी और कामुक आवाजे निकाल रही थी। मेरा तो मन था की चोर बस जल्दी से मुझे कसके चोद दे। मेरे जिस्म में काम की अग्नि जल गयी थी। मैं तडप रही थी और अपने होठ खुद ही चबा रही थी और दांत से काट रही थी। चोर मेरे सफ़ेद निपल्स की चूची को जल्दी जल्दी पी रहा था। मुझे भरपूर मजा मिल रहा था। उसने 20 मिनट मेरी रसीली चूची को चूसा। फिर मेरे पैर खोल दिए। मेरी चूत में उनसे अपना 9” का लंड डाल दिया फिर वो मुझे जल्दी जल्दी चोदने लगा। ये कहानी आप इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैंने हाथ के पंजों से बिस्तर की चादर पकड़ ली और कसकर भींच ली क्यूंकि मेरी [चूत] में अब तूफान आ चुका रहा। वो हौक हौंक के मेरी चूत मारने लगा। इस तरह चुदवाने में बहुत मजा मिल रहा था। खाली मुट्ठी चुदवाने में बड़ा अजीब लगता है। मैं “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” बोलकर चिल्ला रही थी। चोर जल्दी जल्दी मेरे भोसड़े में अपना लंड चला रहा था। मैं चुद रही थी। मुझे सेक्स का नशा चढ़ गया था। चोर फक फक करके मुझे फक कर रहा था। मैं अच्छी तरह जानती थी की वो मेरे रूप, रंग और खूबसूरती को भोगना चाहते है।वो मेरी जवानी का मजा लूटना चाहता है। वो मुझे पेट पर हाथ से गोल गोल सहला सहलाकर चोद रहे थे। कुछ देर बाद मेरी चूत रवां हो गयी और चूत का छेद पूरी तरह से खुल गयी। उसका रास्ता खुल गया। चोर पूरी ताकत लगाकर मुझे पेल रहा था। मेरी चूत से ढेर सारा ताजा मक्खन निकला रहा था जो चुदते समय चोर के मोटे लौड़े पर ग्रीस की तरह अच्छे से चुपड़ गया था। इससे वो अच्छे से फट फट करके मुझे चोद पा रहे थे। मैं लगातार “आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” की कामुक आवाजे निकाल रही थी। चोर इन आवाजो को सुनकर और अधिक जोश में आ जाता था। किसी पिस्टन की तरह उनका लौड़ा मेरी चूत में फिसल रहा था, अंदर बाहर हो रहा था और मेरी चूत को चोद रहा था। 15 मिनट बाद चोर जल्दी जल्दी लम्बे और गहरे धक्के मेरी रसीली चूत में मारने लगा और फिर 20 मिनट तक पटक पटक कर चोदने के बाद वो मेरी चूत में ही वीर्य छोड़ दिया। उसने अपना गर्म गर्म लावा मेरे भोसड़े में छोड़ दिया। उसके साथ साथ मैं भी स्खलित हो गयी थी। फिर वो बिस्तर पर लेट गया। मैं उसका लंड चूसने लगी। मैंने आधे घंटे तक उसका लंड चूसा। फिर वो बिना कोई पैसे लिए मेरे घर से चला गया। दोस्तों आज मेरे पति घर पर नही थे फिर भी मुझे मोटा लंड खाने को मिल गया था। मेरी चुदाई की आग अब शांत हो चुकी थी।

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