कैसे मेरी चूत फटी और सील टूटी मैं सुनाती हु अपनी दास्तान

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मेरे प्यारे दोस्तों मैं नयी नयी हु इस वेबसाइट पे नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम, पहले तो आप को नए साल की हार्दिक शुभकामनाये, आपको इस साल अनेक खुशियां मिले, वो भी मिले जिसे आप चाहते है, और जिसके बारे में सोच के मूठ मारते है उसकी चूत आपको मिले. आपको लग रहा होगा की मेरी बात जब इतनी गन्दी है तो मैं कैसी हुँ, मैं अच्छी हुँ, मैं मस्त लड़की हुँ, जो सोचती हुँ वो बोलती हुँ, मैं अपने मन में कुछ भी नहीं रखती हुँ, पर कुछ बात सब को नहीं बताई जाती इसलिए मैं अपनी चुदाई की बात कैसे मेरी चूत फटी और सील टूटी मैं आज आपको अपनी चुदाई की दास्तान सुना रही हुँ,

मेरा नाम कोमल है, बस यूं कहिये को अभी जवान हुई हुँ, लड़के घूरने लगे है सिटी बजाने लगे है, अरे यार हां लड़के की छोडो अंकल के मुह से भी लार टपक जा रहा है मुझे देख के, सब लोग चाहते है टच करूँ, किश करूँ, बूब प्रेस करूँ, पर ये सब को तो नसीब नहीं हो सकता है, हां मैं आपको भी नहीं मना कर रही हुँ, आप भी मेरे चूत के बारे में और मेरी बूब के बारे में सोच कर मूठ मार सकते है, एक बार ट्राई करना बहुत मजा आएगा, मैं खाव्बो में आउंगी और चुदवाउंगी, ये मेरे वादा है.

क्या बताऊँ दोस्तों एक तो आजकल टीवी उफ्फ्फ दिमाग ख़राब कर देता है, हमेशा किसी की सुहागरात हो रही है, किसी की किसिंग हो रही है, किसी के ऊपर कोई चढ़ा है, किसी की घुघट कोई उतार रहा है, उसपर से मेरी सहेलियां जो चुद चुकी है नयी नयी वो तो और भी दिमाग खराब कर देती है, कहते रहती है, ओह्ह्ह यार क्या बताऊ मेरा बॉय फ्रेंड मुझे ऐसे चोदा था, कोई कहती है, जीजा जी ने तो कल मेरी चूच प्रेस कर दिए, कोई कहती है मेरे टूशन बाले सर कल मेरे गांड में लंड सटाये, तो कोई कहती है डोग्गी स्टाइल में सबसे सच्चा लगता है चुदाई का, ये सब सुन सुन कर मेरी चूत हमेशा गीली हो जाया करती थी.

मैंने कुछ कर भी नहीं सकती, मेरा कोई ब्यॉय फ्रेंड नहीं है ना तो मेरे कोई जीजा जी है, जहा आई हुँ वह नई नई हुँ, किसी से खुल कर बात नहीं पर पा रही हुँ, इस वजह से मैं इधर उधर ताक झांक की, ताकि कोई मिले और मैं हलाल हो जाऊँ, पता तो चले चुदाई क्या होती है, चूत में जब लंड जाता है तो कैसा लगता है, यही सब सोचकर रात को तकिये के सहारे मैं काट लेती, घर में बड़ी हुँ, छोटी बहन बहुत छोटी है तो मैं किसी से बात भी नहीं कर सकती, मां को क्या बताऊँ ? चुदना चाहती हुँ? मार ही डालेगी.

माँ और पापा को मेरे करियर की पड़ी थी तो वो रोज रोज कही ना कही पता कर रही थी क्या होगा मेरे लिए सबसे अच्छा, कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला था क्यों की मार्क्स अच्छे नहीं थे, इसवजह से मैंने ओपन में एडमिशन ली, एक दिन हमलोग अपने मासी के यहाँ गए खाना खाने, तो मौसा जी बोले क्या कर रही है कोमल, तो मम्मी बोली देखो ना जी अभी तो ओपन में नाम लिखवा दिए है, अब कोई अच्छा सा कंप्यूटर क्लास ज्वाइन करवाने की सोच रही हुँ, आप ही बताओ कोई अच्छा सा ताकि ये अपना हाथ साफ़ कर सके और किसी ऑफिस में जॉब कर सके.

मौसा जी बोले अरे नहीं इंस्टिट्यूट में कुछ भी नहीं बताता है, मैं दो तीन महीने बता दूंगा ऐसे भी मैं घर पर से ही अकाउंट का काम करता हुँ, और इसकी मासी भी स्कूल चली जाती है नई नई टीचर की जॉब लगी है, तो कोई दिक्कत नहीं होगा, मैं कोमल को ट्रेंड कर दूंगा, मेरी मम्मी को अच्छा लगा आईडिया और मैंने आने लगी मौसा जी के पास कंप्यूटर पढ़ने, मौसा जी बड़े रंगीन मिजाज के है, धीरे धीरे वो मेरे से बड़े प्यारी प्यारी बातें करते और समझाते, वो मुझे छोटी समझ रहे थे, पर मैं उनकी हरेक बात को समझती थी, पर अनजान बनती थी, वो मुझे छूने लगे, पीठ पर हाथ फेरने लगे, मैंने भी मजे लेने लगी, उनको भी मजा आने लगा. चाहिए क्या यही चाहिए उन्हें भी और मुझे भी.

मासी तो स्कूल जाती थी, उसके बाद एक दिन मौसा जी ने मुझे डफ्लोरशन वीडियो दिखाया जिसमे वर्जिन (जिसकी चुदाई अभी तक नहीं हुई हो) लड़कियों की सील कैसे होती है और कैसे चुदाई होती है दिखाई, सच पूछो दोस्तों मजा आ गया, फिर मौसा जी बोले, कोमल तुम भी अगर मजा लेना चाहती हो तो मैं तुम्हे ऐसे ही मजा दूंगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा, मैं तैयार हो गई, मैं सोची की इससे अच्छा कुछ भी नहीं हो सकता है चुदाई भी हो जाएगी मजा भी ले लुंगी और बाहर मुह भी नहीं मारना पड़ेगा.

फिर मौसा जी मेरे होठ को किश करने लगे मेरे गुलाबी होठ जैसे गुलाब की पंखुड़ी हो मौसा जी चूसने लगे और पिंक कर दिए, पहले तो मुझे अच्छा नहीं लग रहा था फिर धीरे धीरे मैं भी मजा लेने लगी, उसके बाद उन्होंने मेरे स्कर्ट ऊपर कर दिया और मेरे पेंटी में हाथ डाल के मेरे चूत को सहलाने लगे, चूत चिकनी थी सहला रहे थे, मेरे शरीर में गुदगुदी हो रही थी फिर वो मेरे टी शर्ट को ऊपर कर दिए मैं अंदर टेप पहनी थी, उन्होंने उतार दिया और मेरे चूच (बूब) को देखकर मौसा जी बोले की ओह्ह्ह माय गॉड क्या चीज है, और बोले आज मजा आ जायेगा, और वो मेरे निप्पल को ऊँगली से दबाने लगे, ओह्ह मेरे मुह से तो सिसकियाँ निकलने लगी.

थोड़े देर बाद वो मेरे होठ को किश करते हुए गर्दन से चूच के पास पहुंचे और हौले हौले जीभ से छूने लगे, फिर क्या कहना मेरे रोम रोम खड़ा हो गया था, फिर वो मेरी टांगो को अलग अलग कर के चूत को (बूर को) झांके लगे अंदर लाल लाल था, एक मटर के दाने के बराबर अंदर छेद था, उसमे एक ऊँगली तक नहीं जा सकती पर उन्होंने मुझे इतना छुआ और जीभ से भी चूत को गुदगुदाने लगे जिसने मेरी चूत से लस लसा सा तरल निकलने लगा जिससे मेरी चूत काफी चिकनी हो गई थी, फिर मौसा जी ने अपने लंड को निकाला.

मैं तो डर गई थी, मैं सोच रही थी इतना मोटा लंड कैसे जायेगा मेरी बूर में, मैं ये सोच कर डर रही थी तो मौसा जी बोले चिंता नहीं करो कुछ भी नहीं होगा एक बार दर्द होगा फिर आराम से जायेगा फिर तो तुम रोज रोज मजा ले सकोगी, उसके बाद उन्होंने मेरे चूत पे लंड को रखा मैं सिहर गई थी, और फिर वो एक झटके दिए, पर लंड फिसल गया और मैं दर्द से कराह उठी, उन्होंने फिर से मेरे चूच को सहलाया गाल को छुआ हॉट को किश किया और फिर से लंड को चूत पे रखा इस बार उन्होंने थोड़ा थूक भी लगाया था, उसके बाद उन्होंने एक झटके दिए और आधा लंड मेरे चूत में घुसा दिया, मैं जोर जोर से रोने लगी और कहने लगी निकालो प्लीज, निकालो प्लीज.

मौसा जी थोड़े देर के लिए रूक गए, और हौले हौले अंदर बाहर करने लगे तब तक मेरे चूत से पानी निकलने लगा पानी के साथ साथ खून की कुछ बंधे भी उनके लंड पे था, फिर वो चोदने लगे, क्या बताऊँ दोस्तों मेरी सील टूट चुकी थी, चूत फट चूका था मैंने सोचा भी नहीं था की पहली चुदाई मेरी इतनी मोटी लंड से होगी, उस दिन तो थोड़ा दर्द हुआ पर मजा भी बहुत आया, फिर दूसरे दिन के बाद से तो मैं खुद ही कहती थी मौसा जी कंप्यूटर बाद में पहले मुझे चोदो, और मैं आज तक मजे ले रही हुँ, खूब चुदती हुँ,

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