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दील्ली के होटल में बहन की चुदाई

हेल्लो फ्रेंड्स, मैं फिर हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर. ये कहानी मेरी और मेरी बहन के बिच में हुए सेक्स के बारे में हैं. मेरी बहन को पेपर देने के लिए दिल्ली जाना था इसलिए मैं भी उसके साथ चला गया क्यूंकि मेरी माँ ने मुझे बहन के साथ जाने के लिए कहा था. माँ ने कहा इसके साथ जा और साथ में दिल्ली भी घूम लेना. मैं मन में सोचा की चलो दिल्ली में हनीमून मना के आयेंगे, क्यूंकि इस से पहले भी मैंने अपनी बहन को चोदा था!
हम लोग शनिवार को सुबह दिल्ली के लिए चल पड़े क्यूंकि उसका पेपर सन्डे को था. दोपहर को करीब २ बजे हम लोग दिल्ली में थे. पहले तो हमने एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में लंच किया और फिर एक मीडियम होटल में कमरा ले के उसमे सामान वगेरह सेट किया.
मेरी बहन नहाने के लिए चली गई, मैंने उसे कहा की दरवाजा खुला रख के ही नहाना.

वो हंस के बोली, ठीक हैं, तुम्हारे इरादे तो नैक हैं ना.

मैं हंस पड़ा और उसकी गांड पर एक मार दी.

वो जैसे ही बाथरूम में घुसी मैंने भी अपने कपडे उतारे और उसके पीछे बाथरूम में घुस गया. अंदर वो अपनी चुंचियां पकड के खड़ी हो गई जैसे की मुझ से छिपा रही थी. मैंने कहा, दिखाओ ना!

उसने अपने हाथ को हटा दिया और उसकी बड़ी बड़ी चुंचियां झूल गई. मैं आगे बढ़ा और उसकी चुन्चियों को चूसने लगा. उसकी नीपल्स अकड चुकी थी और वो मदहोश ही थी. मेरा लंड तो कब का खड़ा था उसे चोदने के लिए. लेकिन मैं आज अपनी बहन की सेक्स वीडियो बनाना चाहता था. मैंने उसे कहा, मैं तेरी चूत की वीडियो बनाना चाहता हूँ आज.

हट, पागल हैं क्या तू, पंगे करवा देंगा.

अरे इसमें तेरा फेस या ऐसी कोई चीज नहीं होंगी जिस से कोई तुझे पहचाने. म्यूट में ही शूट करूँगा. जब घर में जुगाड़ नहीं होता तब इसे देख के मुठ मार लूँगा, वैसे तेरी शादी के बाद तेरी याद भी तो हहोनी चाहियें ना मेरे पास.

पक्का ना, फेस और आवाज मत लेना. मैं चेक करुँगी वीडियो को बाद में.

प्रोमिस.

इतना कह के मैं कमरे में गया और अपना मोबाइल ले आया. बहन की बड़ी चुंचियां, उसकी चूत, गांड सब हिस्सों का मैं वीडियो बनाने लगा. मेरे कहने पर मेरी बहन ने चूत में ऊँगली भी करी जिसका वीडियो भी मैंने बनाया. फिर मैंने उसे कहा, तू मेरा लंड पकड़ के हिला दे. मैं उसका भी वीडियो बना लेता हूँ.

उसने अपने हाथ में मेरा लोडा पकड़ा और वो उसकी मुठ मारने लगी. मेरा तो बुरा हाल हो चूका था उसके स्पर्श से ही. अब मैं रुक नहीं सकता था नहीं तो लंड से वीर्य बहार आ जाता.

मैं वापस रख के आया अपना मोबाइल और निचे बैठ के बहन की चूत में अपनी जबान रख दी. उसने आह भरी और मेरे माथे के ऊपर अपना हाथ रख दिया. उसने मुझे अपनी और खिंचा और मैं उसकी प्यासी चूत को चाटने लगा. उसकी चूत में खारा खारा स्वाद था जो मुझे बड़ा मस्त लग रहा था. वो सिसकियाँ ले रही थी और मेरे माथे को और भी जोर जोर से अपनी चुत के ऊपर खींचती जा रही थी. मेरी जबान से चूत के दाने को सहलाने के बाद मैंने उसे छेद के अन्दर कर दिया था और वो जोर जोर से आह करने लगी थी. मेरे दोनों हाथ उसकी गांड के ऊपर ही थे जिसे मैं जोर जोर से दबा रहा था, मेरी बहन की गांड एकदम मुलायम हैं जिसके ऊपर एक भी बाल नहीं हैं. वो सिसकियाँ लेती गई और मैंने चूत चाटने का कार्यक्रम तब तक चालू रखा जब तक वो मेरे मुहं पर झड़ी नहीं. उसकी चूत का सारा रस चाटने के बाद मैंने अपना लंड उसके मुहं के सामने रख दिया.

वो समझ गई इसका मतलब और अपन मुहं खोल के लोडे को चूसने लगी. वो मेरे बॉल्स को पकड के लोडे को जोर जोर से चूस रही थी. मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी.

फिर उसने लोडा बहार निकाला और चिकने लोडे को अपने हाथ से हिलाते हुए बोली, तेरी भी शादी करेंगे ना घरवाले, फिर तो तू मुझे भुला देंगा.

मैंने कहा, नहीं दीदी आप ने तो मुझे सेक्स सिखाया हैं, आप को तो मैं बुढापे में भी चोदुंगा. हां दुस्वारी होंगी हम दोनों की शादी के बाद लेकिन हम कुछ करेंगे.

इतना कह के मैंने उसे वापस मेरे लोडे की और धकेल दिया. उसके मुहं में मेरा लोडा वापस चलने लगा. अब मैंने दीदी के माथे को दोनों साइड से पकड लिया और अपने लंड के झटके देने लगा. मैं उसके मुहं को जोर जोर से चोद रहा था. दीदी को बलोजॉब में बड़ी महारथ हाशिल थी वो तो गले तक मेरा लंड ले रही थी.

मुझे लगा की अगर ऐसे ही बहन लंड चुस्ती रही तो मैं झड जाऊँगा. मैंने अपना लंड निकाला और दीदी को दिवार पकड के खड़ा कर दिया. फिर वहाँ पड़े हुए लाइफबौय साबुन को ले के उसकी चूत और गांड में मलने लगा. कुछ ही देर में ढेर सारा झाग हुआ और उसके छेद भी चिकने हो गए. फिर मैंने उसे भी मेरे लोडे पर साबुन लगाने के लिए कहा.

कुछ देर में मेरा लोडा भी झाग से भर गया. मैंने अब अपना लंड चुत पर रखा और एक झटका दिया. बहन की चूत में लंड फच सेघुस गया. उसने एक आह भरी लेकीन मैंने पीछे से उसका मुहं खीच के उसके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया. उसकी आवाज मुहं में ही मर के रह गई. अब मैं अपने घुटनों के आगे से अपने बदन को झटके दे रहा था. मेरा लंड उसकी चूत में फच फच की आवाज से अन्दर बहार हो रहा था. उसने भी एक मिनिट में मेरा सपोर्ट करना चालू कर दिया. वो अपनी गांड को हिला के मेरा मस्त सपोर्ट करती जा रही थी. मेरा लंड उसकी चूत में मस्त अन्दर बहार हो रहा हैं.

जोर जोर से करो ना आह आह ओह ओह…. बहन की चुदास बढ़ गई थी.

ये ले मेरी जान, इतना कह के मैं उसे और भी जोर जोर से ठोकने लगा.

मेरा लोडा उसकी चूत के अन्दर तक घुस के बहार आ रहा था. फिर मैं एक झटके में उसे अन्दर कर देता था. बहन की गांड भी अब दुगुनी स्पीड से हिल रही थी और वो मुझसे कस के चुदवा रही थी.

पांच मिनिट और उसे चोदा उतने में तो मेरा वीर्य आके मेरे सुपाडे में जमा हो गया.

मैंने बहन के कान में किस देते हुए कहा, निकलने वाला हैं मेरा.

मेरी चुन्चियों पर दे दो आज.

वो उल्ट के निचे बैठ गई. मैं लोडा अपने हाथ में पकड के हिला रहा था. एक मिनिट में तो मेरे लोडे से झाग के साथ वीर्य की बुँदे टपकने लगी. मैंने सारा के सारा वीर्य उसके बूब्स पर ही निकाल दिया. मैंने और कुछ देर हिला के सभी वीर्य खाली किया. उसने मेरे लोडे को चाट के साफ़ किया. फिर हम लोग नाहा के कमरे में आये.

वो बदन पोंछ के नंगी ही पढ़ाई करने लगी. मैं अपने मोबाइल में गेम खेलने लगा.

१० मिनिट में तो मेरा फिर से खड़ा हो गया.

मैंने बहन को कहा, चलो ना मुझे तुम्हारी गांड मारनी हैं आज!

ही ही ही, पढ़ लेने दे मुझे आज के दिन. कल पेपर के बाद हम सब कुछ करेंगे…!

दुसरे दिन की कहानी मैं आप को फिर लिख के भेजूंगा दोस्तों!

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