गांड से पहले चुत को खुश किया (Gand se pahle chut ko khus kia)

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हाई दोस्तों, आज जो में कहानी आपको बताने जा रहा हू वो सुनीता नाम कर के वक आंटी के साथ हुआ था, जो करीब ४८ की थी | असल में वो मेरी दोस्त की मोम थी, उनकी जिस्म एक दम एक नयी लड़की की तरह थी और गांड तो इतने बड़े थे की पूछो ही मत | जब वो चलती थी तब उसकी एक बार इस तरफ होती थी और फिर दूसरी तरफ दखते ही खड़ा हो जाता था | में हमे श यही सोचता था की कब इसको चोदी, पर वो बहुत कडक किस्म की आंटी थी और बहुत ही अजीब भाषा इस्तेमाल करती थी बोले तो बहुत ही सख्त थी इसीलिए हम सब उनके घर जाना बंद कर दिए थे |एक दिन में में आंटी के घर गया और फिर पूछा की आंटी अरुण हे क्या ?वो नही हे स्कूल की टूर से वो गया हुआ हे, तुम्हे नही पता था क्या ?पता तो था पर ये नही पता था की इतनी जल्दी चला जायेगा | वेसे अंकल जी हे क्या, या वो भी बाहर गए हुए हे ?हाँ वो भी बाहर गए हे और दस दिन के बाद ही आयेंगे |अब मेरे दिल में लड्डू फुने लगे थे इन सब बात को सुन के की आंटी अब कुछ दिनों के लिए घर में बिलकुल अकेली हे, फिर में जाने ही वाला था की आंटी बोलीसमीर मेरे कमर में दर्द हे क्या तुम मेरे लिए बाम लेके आ सकते हो क्या बाजार से |क्यों नही आंटी ? जरुर, फिर आंटी ने मुझे पैसे दिए और में आंटी के लिए बाम ले आया और फिर देके जाने लगा तभी में फिरसे पलता और बोला आंटी आप अकेली पीठ में लगा लोगी क्या या फिर में लगा दूँ |अरे हाँ, चलो अंदर आ जाओ और लगा दो |मैं अंदर गया और फिर आंटी बिस्तर पे उल्टा लेट गया और एम् आंटी के बगल में बतेह गया | आंटी ने फिर अपना साडी ठीक की और फिर मेने उनके कमर पे बाम लगाना शुरू किया | मेरी नज़र तो उनके गांड पे टिकी हुई थी, और हाथ कमर पे चल रहा था और दूसरा हाथ मेरे लंड पे चल रहा था, मन तो कर रहा था की उठा के पेल दू पर मुझे ऐसे ही काम चलाना पड रहा था | करीब बीस मिनट तक बाम लगाने के बाद आंटी बोली हो गया समीर अब तू जाओ, मेरा मन तो नही था पर जाना पड रहा था | जेसे ही में उठ के जाने लगा आंटी ने मेरा खड़ा हुआ लंड देख लिया और बोलीतुम कितने गंदे हो, मेरे कमर को छू के तुम ये गंदे गंदे काम कर रहे थे, तुम्हे शर्म नहीं आती क्या ?सॉरी आंटी, आप इतनी सुन्दर हो की में अपने आप को रोक नही प् रहा था और ये ऐसा हो गया | देखो कितना कडक हो गया ये और फिर मेने अपनी ज़िप खोल के मोटा लंड बाहर निकाल दिया |छी इतना बड़ा किसी का होता हे क्या, तुम केसे हो | मेने तो आज तक नही सोचा की किसी का इतना मोटा भी हो सकता हे | तुम मुझे सपने में भी देखते हो क्या ?जी आंटी में आपके बारे में हमेशा सोचता था की आपकी इस मोटी प्यारी गांड को कभी में अपना लंड खिलाऊ |अच्छा ! पर गांड को खिलने से तुम्हे मेरे आगे वाले छेद को खुश करना होगा तब पीछे वाला मिलेगा |क्यों नही आंटी में तो तैयार हू, और फिर आंटी उठ के खड़ी हो गयी और एक एक करके उपर से कपडे उतारने लग गयी | सबसे पहले तो मुझे उनके वो दो बड़े बड़े चुचे नज़र आये जिसके बारे में मेने कभी नही सोचा था, और फिर उन्होंने बाकी निचे के भी उतार दिए और फिर मझे उनकी मस्त वाली चुत नज़र आई और फिर वो पलती और झुक के वो दिखाई जिसके लिए में पागल हुए जा रहा था, क्या जबरदस्त गांड थी उनकी |घुस जा बेटे, अपनी आंटी के गांड में घुस जा, आज तुझे में अपना जिस्म दे रही हू अंदर आ जा |फिर में उनके करीब पंहुचा और उन्हें कस के अपने बाहों में भर लिए तो आंटी ने भी मुझे कस के गले लगा लिया और फिर हम दोनों एक दूसरे को चूमने लग गए |तुम्हे कैसा लगता हे जब तुम्हारी सपनो की रानी तुम्हारी बाहों में हो ?बहुत अच्छा लगता हे | फिर आंटी ने मेरा लंड को अपने हाथो में लिए और बोली की शयद इसको किसी चीज़ की जरुरत हे और फिर वो घुटनों के बल बैठ गयी और उसे मुह में लेके चूसने लग गयी और उसपे जीभ फेरने लग गयी और बिच बिच में वो मेरे अंडकोष को भी दबा दे रही थी, में तो अपने आप को रोक ही नही प् रहा था और दो मिनट में मैं उनके मुह में झड गया और उनके पुरे मुह को मुठ से भर दिया | उन्हें कुछ भी तकलीफ नही हुई और सारा मुठ एक बार में गटक गयी | फिर उन्होंने मेरे लंड को चाट चाट के साफ़ किया | फिर वो बिस्तर पे पैर खोल के लेट गयी और बोली अब तुम्हारी बरी हे आंटी की चुत को चाटो | मेने फिर आंटी की चुत पे अपना मुह रख दिया और चाटने लगा, ओटी सिसकिय भरने लग गयी और फिर बिच में मैं अपना जीभ उनकी गांड की छेद पे भी घुमा दिया तो आंटी कापने लग गयी | मैं कस कस के उनकी चुत को छठा और फिर वो बहुत ही जल्दी मेरे मुह में झड गयी और फिर मने उनकी चुत का रस पी लिया |आब और मत तड़पाओ जल्दी से अपना ये शैतान वाला लंड मेरे चुत में डाल दो |मेने फिर अपने लंड को पकड़ा और उनकी चुत पे सेट किया और एक धक्का दिया तो मेरा आधा उनके चुत में गया और जब दूसरा शोट दिया तो फिर पूरा चला गया | अब में कस कस के धक्के देने लगा और आंटी भी मेरा साथ देने लगी फिर आंटी बोली मादरचोद, तू अपने दोस्त की माँ को चोदेगा वो भी जो तेरे माँ की उम्र की हे तो फिर तुझे अच्छे से चोदना होगा चल और चोद मुझे, हाँ ऐसे ही अह्ह्ह्ह्ह हम्मम्मम हाँ हाँ ऐसे ही चोद हम्म्म्म और और और कर लगे रह ऐसे ही ओह्ह्ह्ह्ह्ह एस्स्स्स मैं आ रही हूँ, मैं आ रही हूँ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऐईईईई बोलते बोलते वो कस के मेरे लंड पे ही झड गयी |अब में खुद चुदना चाहती हूँ चल तू लेट जा, और फिर में लेट गया और आंटी में उपर आके मेरे लंड को पकड़ के अपने चुत पे सेट किया और एक भी बार में अंदर ले लिया और फिर मेरे उपर उछलने लग गयी और आगे पीछे करने लगी जेसे गाडी का गिअर बदल रही हो | मेने फिर उनके बड़े बड़े चुचो को पकड़ लिया जो बहुत देर से लटक रहे थे, मेने उन्हें पकड़ के मसलना शुरू कर दिया | हम दस मिनट तक उसी हाल एम् चुदाई का मज़ा लेते रहे और फिर वो बोली मैं आ रही हूँ अह्ह्ह एस्स्स्स्स्स्स मई आईईईई और फिर मेने उन्हें कस के अपने बाहों में लिए और फिर अपने पेरो को उनके कमर पे बंद दिया और कस के उन्हें अपने से चिपका लिया और फिर कस के नचे से जल्दी जल्दी चार पञ्च और शोट दिए और वो फिरसे मेरे उपर झड गयी और फिर मैं भी झड गया | हम एक दूसरे के उपर करीब पाँच मिनट तक पड़े रहे और फिर अलग होके सो गए |थोडा आराम करने के बाद मेने आंटी से बोला आंटी अब आपकी दूसरे छेद की बारी हे |हाँ मेरे लाल, आ जा पर आराम से करना पहली बार पीछे ले रही हं और ये शैतान भी बहुत मोटा हे आराम से करना | तुम्हारे अंकल ने भी बहुत बार माँगा था मेरी कुंवारी गांड पर मेने आज तक नही दिया | पर तुमने आज चुत को खुश कर दिया इसीलिए मुझे पता हे तुम मुझे गांड से भी खुश करोगे इसीलिए दे रही हूँ |मेने फिर उनको क्रीम लाने को कहा और फिर आंटी अलमारी से क्रीम लेके आई, मेने पहले उनकी गांड को ढीला किया ऊँगली डाल डाल के और चाट के और फिर गांड ओ खोल के उसमे क्रीम लगा दिया और फिर अपने लंड पे लगा दिया और फिर मेने धक्का लगाया तो हल्का सा अंदर गया और फिर कुछ और धक्को के बाद पूरा चला गया | अब में धीरे धीरे उनके गांड को पेलने लगा जब तक उन्हें मज़ा नही आया, में अपना पूरा दम लगा के उन्हें धक्का देता और फिर लंड खीच लेता | मैं अपने पुरे शारीर को उनके ऊपर धकेल देता और उनके चुचो को साथ में दबा भी देता, वो अब कराहने लग गयी और बोली तू कितना बड़ा मादरचोद हे, और चोद और अपनी आंटी को चोद दे आज बुरी तरह और कस कस के मेरी गांड को चोद जेसे चुत मारा, तू ऐसे चोद रहा हे मैं तो चल भी नहीं पाऊँगी कुछ दिनों तक और दर्द भी बहुत होगा पर तेरे लंड के मज़े के लिए में सह लुंगी चल और चोद मुझे अह्ह्ह्ह्ह्ह ह्म्म्म्म्म्म्म उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ उ उ उ उ उ आज खुश करदे अपनी आंटी को अह्ह्ह्ह्ह्ह | मैं उनकी गांड को करीब दस मिनट तक पेला और फिर उन्ही के गांड में झड गया और तब तक लंड डाले रखा जब तक पूरा अंडकोष खली नही हो गया | मैं फिर बाजू में लेट गया और हम दोनों आराम किया फिर आंटी ने मेरे गाल पे किस किया और बोली बहुत अच्छे !इसके बाद जब तक अरुण नही आया तब तक ऐसा ही चलता रहा, और फिर उसके आने के बाद बहुत मुश्किल से कभी मोका मिलता हे ये सब करने के लिए |

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