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गावं की पुलिस वाली भाभी को चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और में पंजाब से हूँ, मेरी उम्र 28 साल है और हाईट 5 फुट 6 इंच और सरकारी जॉब करता हूँ। मेरी इस साईट पर ये पहली कहानी है तो अगर कोई गलती हो जाए तो मुझे माफ़ कर देना। अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। दासुया चुनाव में मेरी ड्यूटी लग गई, हमें दासुया से 15 किलोमीटर दूर सरकारी गाड़ी में एक गावं में चुनाव के एक दिन पहले जाना था तो मैंने ऑफिसर से बात की में अपनी बाईक पर आ जाता हूँ तो वो मान गया। फिर मैंने बाईक ली और एक घंटे बाद हम अपने स्टेशन पर पहुँच गये।

अब सारा सामान सेट करने के बाद जब में बाहर निकला तो में हैरान हो गया, क्योंकि बाहर जो 2 लेडी कॉन्स्टेबल थी, वो दोनों मेरे गावं की ही थी और एक तो मेरे दोस्त की बीवी थी और दूसरी बड़ी सेक्सी लेडी थी और वो मेरी ड्रीम गर्ल थी। जब भी में गावं में उसे देखता तो उसे चोदने का मन करता और उसे भी पता था कि में उसे प्यार भरी नज़रों से देखता हूँ, लेकिन कभी बात नहीं हो पाई। वो बड़ी मस्त हॉट भाभी थी और उसका नाम नेहा था, पर्फेक्ट फिगर साईज और मस्त पंजाबी माल थी, वो किसी के भी मन में शैतान जगा सकती थी। फिर जैसे ही में बाहर निकला तो मेरे दोस्त की बीवी ने मुझे बुलाया और वो मुझे देखकर खुश हो गई कि मेरी भी ड्यूटी वहीं पर है। फिर उसने मेरी ड्रीम गर्ल नेहा को बताया कि में उनके गावं का हूँ। फिर वो बोली कि अच्छा, इन्हें कभी देखा तो नहीं और उसने चुपके से सेक्सी नज़रों से मुझे देखा।

फिर मेरी ज़ुबान से अचानक निकला कि में तो आपको हर रोज देखता हूँ, यह सुनकर वो दोनों हंस पड़ी। फिर शाम को मेरे ऑफिसर ने मुझे घर जाने की अनुमति दे दी, मेरे दोस्त की बीवी अपने क़िसी रिश्तेदार के यहाँ जाने वाली थी तो भाभी ने नेहा से कहा कि वो मेरे साथ चली जाए तो मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे, लेकिन पहले तो वो मना कर रही थी। फिर उसने अपने ससुर को फोन किया और उसके ससुर ने मुझसे कहा कि घर में कोई नहीं है तो तुम ही नेहा को साथ ले आना, क्योंकि गावं में मुझे एक अच्छा इंसान माना जाता है तो वो मान गई। नेहा जब अपनी यूनिफॉर्म उतार कर काला सलवार सूट डाल कर आई तो मेरे लंड का बुरा हाल हो गया। अब हम अपने गावं की और चल पड़े। फिर मैंने जानबूझ कर लंबा रास्ता लिया और एक पंचर की दूकान पर अपनी बाईक के अगले टायर में हवा भी ज्यादा करवा ली ताकि ज़्यादा झटके लगे। उस गावं से निकलते ही पहले हमने नॉर्मल बातें की।

फिर मैंने कहा कि आपका पति बहुत लकी है, जिसे एक सुंदर जॉब वाली लड़की मिली है। फिर वो बोली कि फौज की नौकरी भी कोई नौकरी है, जॉब तो आपकी है, हर रोज घर जाकर अपनी पत्नी से तो मिल सकते हो तो मैंने कहा कि इसलिए तो मुझे आप जैसी पत्नी चाहिए, अभी तो में बिना शादीशुदा हूँ। फिर वो बोली कि वो भी मिल जायेगी। अब वो भी मुझसे खुल चुकी थी। फिर उसने मुझसे सीधे ही पूछा कि तुम मुझे हर रोज घूरकर क्यों देखते हो? तो मैंने झट से कहा कि आप हो ही इतनी सेक्सी। यह सुनकर उसने मुझे धीरे से मारा और कहा कि तुम बड़े बेशर्म हो। उसका चेहरा लाल हो गया और वो मुझसे चिपक गई। अब में उसकी गर्म साँसे अपने कानों पर महसूस कर रहा था, तब वो बोली कि तुमने शादी क्यों नहीं की? तो मैंने एक तीर और छोड़ा और बोला कि मुझे आप जैसी सुंदर जॉब वाली लड़की नहीं मिली।

फिर वो मेरे और पास आ गई और बोली कि तुम तो मेरे पीछे ही पड़ गये हो। फिर मैंने कहा कि तुमने पीछे पड़ने ही कब दिया? यह सुनकर उसने मुझे एक चिमटी काटी और कहा कि तुम बड़े बदमाश हो। फिर मैंने कहा कि तुम्हें देखकर तो कोई भी बदमाश बन जाए और मैंने अपना लेफ्ट हाथ घुमाया और उसकी जांघ पर रख दिया तो वो झट से बोली कि प्लीज बाईक ठीक से चलाओ तो में थोड़ा डर गया और बाईक चलाने लगा। में 10 मिनट तक चुपचाप बाईक चलाता रहा और बारिश भी आने वाली थी और शाम का अंधेरा भी होने लगा था और अभी हमें 16-17 किलोमीटर जाना था। फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली कि प्लीज राज कोई बात करो ना तो मैंने बोला कि में जो बातें में करता हूँ, वो तो तुम्हें अच्छी नहीं लगती तो क्या बात करूँ? फिर वो बोली कि प्लीज जैसे तुम्हें आती है वैसे ही करो, लेकिन प्लीज करो ना, में बोर हो रही हूँ।

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