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हर तरह का मजा दूंगी: कॉलेज की मस्त लडकिया

प्रेषक : निशा
निशा, मेघना और  नेहा तीनो एक ही कॉलेज में एक ही क्लास में पढ़ती है . तीनो आपस में गहरी दोस्त है . एक दूसरे के साथ हमेशा रहती है . तीनो कॉलेज में बड़ी मशहूर है पढने में भी और शैतानी करने में भी .तीनो अपनी खूबसूरती और बड़ी बड़ी चूंचियों वाली के नाम से भी मशहूर है .ये अपनी चूंचियाँ हिला हिला कर चलती
है .  बेहद सेक्सी बदन है इनका ? आगे से चूंची हिलती है और पीछे से गांड . इनकी मुस्कान और अश्लील बातों पर ही लड़के मरते है .
ये खूब मस्ती करती है और खुले आम लड़कों को गालियाँ सुनाती है . कभी कभी क्लास रूम में भी सुना देती है गालियाँ . पर गुस्से से नहीं बल्कि प्यार से . जैसे एक लड़के ने पूंछा यार निशा कल मैं नहीं आया थो कल क्या हुआ कॉलेज में ?  निशा बोली कल लड़कों की गांड मारी गयी थी . पर तू क्यों नहीं आया क्या घर में अपनी माँ चुदा रहा था ? नेहा बोली नहीं यार ये भी अपनी गांड मरवा रहा होगा बिचारा ? मेघना ने कहा नहीं यार कल दिन भर किसी लड़की की झांट के बाल गिन रहा होगा बहन चोद ? तीनो खिलखिला कर हंस पड़ी .
एक दिन क्लास में विक्रम सर पढ़ा रहे थे उसने एक सवाल पूंछा निशा से वह नहीं बता पायी तो दूसरा पूंछा वह भी नहीं बता पाई तो सर ने तीसरा पूंछ दिया तब वह बोली अब कितनी और गांड मारोगे सर ? सीधे सीधे मेरी माँ ही चोद लो  न सर ? सारा क्लास हंस पड़ा और सर भी हंस पड़े ?
एक बार कविता मेम पढ़ा रही थी तो नेहा बोली मेम पढ़ते पढ़ते तो मेरी गांड फटी जा रही है . सबने एक ठहाका लगाया . मेम भी मुस्करा पड़ी . फिर एक दिन नेहा ने कहा इम्तहान आने वाले है मेम अब चुदेगी मेरी माँ ? मेघना ने जबाब दिया यार माँ तो सबकी चुदती है इसमें नयी बात क्या है ? इतने में एक लड़का बोला अब इसकी चुदने की बारी है . सारा क्लास एक बार फिर हंस पड़ा
ये लड़कियां एम् बी ए की स्टूडेंट्स है . इनका फाईनल इयर है . इसलिए ये अपना रिजल्ट बनाना चाहती है . मैं विक्रम हूँ .  २८ साल का एक मस्त हट्टा  कट्टा गोरा चिट्टा नौजवान ?  हैंडसम हूँ और बातें भी अच्छी करता हूँ . मैं आसानी से लड़कियों को पटा लेता हूँ . मैं इनके क्लास का सब कुछ हूँ . मैं ही कॉलेज की तरफ से सब कुछ करता हूँ . इसलिए ये लड़कियां मेरे आगे पीछे घूमती रहती है . मुझे लड़कियों के आस पास रहना अच्छा लगता है क्योंकि मैं लड़कियां चोदने का शौक़ीन हूँ . मुझे लड़कियों के मुह से गालियाँ सुनना अच्छा लगता है जब वे किसी और को गालियाँ देती है . जब वे अपने मुह से ‘लण्ड’ ‘लण्ड’ कहती है तो मेरे ‘लण्ड’ में उबाल आ जाता है . मैंने कॉलेज इसलिए ज्वाइन किया की यहाँ लड़कियां आसानी से मिल जाती है चोदने  को .
एक दिन तीनो मेरे घर आ गयी . छुट्टी का दिन था . दिन के ११ बजे थे . मैंने इन्हें बैठाया और बातें करने लगा . फिर मैंने कहा अच्छा मैं आपके लिए चाय बनाकर लाता हूँ . मेघना बोली मैं चाय नहीं पीती ? निशा बोली सर इतनी गर्मी में चाय ना बाबा ना ?  मैंने कहा तो फिर क्या लाऊँ ? नेहा तुरंत बोल पड़ी कोई व्हिस्की विस्की पिलाओ न  सर ?  मैंने कहा अभी लो मुझे क्या मालूम था की आप व्हिस्की पीती है ? मेघना बोली अभी आपको क्या मालूम हम लोग क्या क्या पीती है, सर  ?
तीनो हंस पड़ी ? मैंने व्हिस्की पिलानी शुरू कर दी . तीनो मस्त होने लगी .
मैंने कहा :- आप लोग तो बहुत अच्छी लड़कियां है . मुझे बहुत पसंद है .
मेघना :- आप भी मुझे पसंद है सर . हम तीनो आपको बहुत चाहती है .
मैंने कहा :- सुना है की आप लोग गालियाँ खूब देती है .
नेहा :- लड़के है ही मादर चोद ऐसे जिनको गालियाँ देनी पड़ती है सर ?
मैंने कहा :- मुझे सुनाओगी गालिया ? मुझे लड़कियों के मुह से गालियाँ अच्छी लगती है .
मेघना :- वाओ, ये बहुत बढ़िया है सर . मैं तो सुन कर खुश हो गयी
मैंने कहा :- अच्छा तुम तीनो पांच पांच गालियाँ सुनाओ मुझे . पर कोई गाली रिपीट नहीं होनी चाहिए .
मेघना :- ठीक है सर ? तेरी माँ का भोषडा साले, बहन चोद, गांडू, माँ के लौड़े, झान्टू कहीं का ?
निशा :- तेरी बहन की बुर साले, मैं तेरी माँ चोदूंगी यही, तेरी गांड फट जाएगी कमीने, तेरी झांटो  में लगा दूँगी आग  और तेरा लण्ड नोच के फेंक दूँगी समझे ?
नेहा :- साला बेटी चोद  बैठे बैठे गाली सुन रहा है  बहन के लौड़े, तेरी गांड में पेलूँगी गधे का लण्ड, तेरी माँ की चूत, भोषड़ी के ?
मैं बहुत खुश हुआ मेरा लौड़ा साला पैंट के नीचे कुलबुलाने लगा . खड़े होकर तालियाँ बजायीं और सबकी पीठ थपथपाकर कहा शाबाश ? इतने में मेघना बोली सर, मैं एक ख़ास बात कहने के लिए आयी हूँ . देखिये हम लोगों का फाईनल इयर है हमें रिजल्ट बनाना है हम तीनो को चाहिए सौ में सौ नंबर ?
मैंने कहा :- ठीक है मैं देखूँगा ?
निशा बोली :- मैं तो साफ़ साफ़ कहती हूँ चाहे मुझे चोद लो सर, लेकिन मुझे सौ में से सौ नंबर दे दो .
नेहा बोली :- हा सर मैं भी चुदवाने को तैयार हूँ . मुझे भी सौ में सौ नंबर चाहिए ?मेघना बोली :- देखिये सर, बात बड़ी साफ़ है अगर हमें अपनी बुर देकर हमारा  ज़िन्दगी भर का फ्यूचर बन जाता है तो इसमें हर्ज़ ही क्या है . मुझे भी चोद लो सर ? तुम हमारी इच्छा पूरी कर दो , मैं तुम्हारी इच्छा पूरी कर दूँगी .
यह सुनकर मैं मन ही मन बड़ा खुश हुआ . यही तो मुझे चाहिए ? मैंने हां कर दी और वे चली गयी . मैंने अपना काम कर दिया . जब इम्तहान का वख्त आया तो हमने तीनो को खूब पढाया और उनका हौसला बढाया . बाद में जब रिजल्ट आया तो तीन की तीनो ने टॉप किया . मैं यह जान कर बहुत खुश हुआ . मैंने इतना खुश हो गया की मैंने खुद  इतवार को उनकी पार्टी का प्रोग्राम अपने घर में रख लिया .
दिन के करीब ११ बजे वे तीनो आ गयी , मैं अकेला बैठा हुआ था . वे सब मुझसे गले मिली . मैंने धीरे से ड्रिंक्स चालू कर दी .

इतने में मेघना बोली :- सर, आज हम तीनो आपके के लिए एक प्रोग्राम देंगी ?
मैंने कहा :- मैं आपको बताना चाहता हूँ की मैंने अपने एक दोस्त को बुला लिया है . उसका नाम है अज़ीज़ . मेरा पक्का दोस्त है . न मैं उससे कुछ छुपाता हूँ और न वो मुझसे . मैं आपसे से भी नहीं छुपाऊँगा . असल बात यह है की मैं उसकी बीवी चोदता हूँ . अज़ीज़ खुद मुझसे अपने सामने अपनी बीवी  चुदवाता है . मुझे भी उसकी बीवी चोदने में बड़ा मज़ा आता है .
नेहा बोली :- फिर तो कोई बात नहीं, सर  . ये तो मेरे लिए ख़ुशी की बात है ? पर वो अभी आया नहीं ?
मैंने कहा :- अभी आधे घंटे के बाद आएगा ? अकेला ही आएगा उसकी बीवी अभी माईके गयी है .
मेघना :- तुम अपने दोस्त की बीवी चोदते हो बहन चोद तुम्हे शर्म नहीं आती माँ के लौड़े ?
मैंने कहा :-अरे जब उसे चुदवाने में शर्म नहीं तो मुझे चोदने में क्यों हो ?
निशा :- तो तुम भी भोषड़ी के अपनी बीवी चुदवाओगे अपने दोस्त से ?
मैंने कहा :- हा बराबरी तो करनी पड़ेगी न ?
नेहा :- अगर वह  बुर चोदी चुदवाने के लिए तैयार न हो तब ?
मैंने कहा :- तो मैं उससे शादी ही नहीं करूंगा . मैं शादी के पहले उसे सब कुछ बता दूंगा ?
मेघना :- तब तो जो शादी करेगी वह छुप छुप कर कई मर्दों से चुदवाने लगेगी और तेरी गांड मारती रहेगी ,  तेरे लण्ड की तरफ देखेगी भी नहीं ?
मैंने कहा :- मेरे लण्ड को देखने वाली कई  बीवियां है ?
तब तक अज़ीज़ आ गया . मैंने उसे लड़कियों से मिलवाया . अज़ीज़ मुझसे भी ज्यादा हैंडसम है . गोरा है तगड़ा तंदुरस्त है . लड़कियां उसे देखती ही रह गयी .
जब एक एक पैग ख़तम हुआ तो मेघना बोली सर अब मैं अपना डांस प्रोग्राम पेश कर रही हूँ . निशा ने मोबाईल पर एक अश्लील गाना लगा दिया और तीनो लड़कियां उस पर नाचने लगी . ठुमका लगाने लगी . मैं और अज़ीज़ दोनों मज़ा लेने लगे .उसके बाद जो हुआ उसकी मुझे कल्पना भी न थी . नाचते नाचते मेघना ने अपना कुर्ता उतार दिया वह ब्रा में आ गयी . उसकी बड़ी बड़ी चूंचियाँ बाहर झाँकने लगी . उसे देख कर निशा ने भी कुरता उतार दिया और ब्रा के अन्दर से ही अपनी चूंचियाँ हिलाने लगी . नेहा भी उसकी लायीं आ गयी . उसकी चूंची कम न थी . तीनो लड़कियों की चूंचियाँ आग लगा रही थी . इतने में उधर निशा ने अपना सलवार भी उतार दिया  उसकी मोटी  मोटी मस्त जांघे हमको मज़ा देने लगी . फिर नेहा ने भी सलवार खोला और मेघना ने भी . तीनो लड़कियां बिकिनी में आ गयी . इधर हमारे लण्ड अन्दर ही अन्दर मचलने लगे . १० / १२ ठुमकों के बाद मेघना ने अपनी ब्रा भी उतार दी . उसकी नंगी बड़ी बड़ी चूंचियाँ बड़ी जोर जोर से उछलने लगी . उसे देख कर नेहा ने भी चूंचियाँ  खोल दी ? हम दोनों एकटक उन्हें देखने लगे . निशा ने जब चूंचियाँ खोली तो माहौल में आग लग गयी . गाना जोर पकड़ने लगा . थोड़ी देर में तो गज़ब ही हो गया . मेघना ने अपनी पैटी भी खोल दी . वह हो गयी बिलकुल नंगी . उसकी खुली चूत देख कर हमारे लण्ड बहन चोद  खड़े हो गये . नेहा ने भी अपनी चड्ढी खोल कर फेंक दी . उसकी मस्त चूत सबके सामने उछलने लगी . वह टाँगे फैलाकर फैलाकर अपनी बुर दिखाने लगी . अब बची निशा ? वह कहाँ पीछे रहने वाली थी . वह एक बार उछली  और अपनी पैंटी खोल कर अलग हो गयी . उसकी चम् चमाती हुई चूत हम दोनों को पागल बनाने लगी . अब हमारे सामने तीनो लड़कियां एकदम नंगी नंगी नाचने लगी . हमें डबल नशा होने लगा . हम आँखे गड़ा कर देखने में व्यस्त हो गये . १५  मिनट तक नंगी नाचने के बाद मेघना ने हाथ बढ़ाकर मुझे उठा लिया . मैं भी उसके साथ नंचने लगा . उधर नेहा और निशा ने अज़ीज़ को उठा लिया . हम दोनों के अन्दर आग लगी हुई थी . इतने में गाना ख़तम हो गया .मेघना :- हाय सर , तुम्हे शर्म नहीं आती की नंगी नंगी लड़कियों के आगे तुम कपडे पहने खड़े हो मादर चोद ? नेहा :- अरे इन भोषड़ी वालों को भी नंगा कर दो न ? ये भी हमारे साथ नंगे नाचेंगे ? निशा :- और इनके  बहन चोद लण्ड भी नाचेंगे हमारे साथ . मैं देखूँगी की किसका लण्ड कितना और कैसे नाचता है ? बस हम दोनों देखते ही देखते नंगे हो गये . उछलने लगे हम और हमारे लण्ड ? लड़कियां हमारे लण्ड पकड़ कर नाचने लगी और हम उनकी चूंचियाँ पकड़ कर ? कभी गांड में हाथ फिरा कर कभी उनकी चूत सहलाकर और कभी उनकी कमर में हाथ डाल कर ? हमारे लण्ड टना टन खड़े थे . अचानक एक ब्रेक हो गया . हम लोग थोड़ा रुके ?
मेघना :- सर, आज हम तीनो अपना वादा पूरा करेंगी ?
मैंने कहा :- यार कैसा वादा ? क्या करोगी ?
नेहा :- मैं तुमसे चुदवाऊँगी सर ?  क्योंकी मैंने वादा किया थी की यदि आप मुझे सौ में सौ नंबर देंगे तो मैं तुमको अपनी बुर दूँगी ?
मेघना :- हां सर आज तो मैं चुदवा कर ही घर जाऊंगी . तेरे बहन चोद लण्ड  ने मेरी चूत में आग लगा दी है . अब तो मैं तेरा लण्ड इसमें जरुर पेलूँगी और पेलूँगी तेरे दोस्त अज़ीज़ का भी लण्ड ? आज रात भर चोदो मुझे ? निशा :- हां मैं भी इसीलिए अपनी चूत  खोलकर बैठी हूँ . तुम दोनों के लण्ड  बारी बारी इसमें घुसाऊंगी इसमें ? बिना चुदवाये घर नहीं जाऊंगी ?
ऐसा कह कर निशा ने मेरा लण्ड पकड़ लिया और उसे चूम कर चाटने लगी . उसके साथ नेहा भी लग गयी वह भी पेल्हड़ से सुपाडे तक चाटने लगी लण्ड . फिर दोनों एक दूसरे के मुह में लण्ड घुसेड़ने लगी . एक दूसरे को पिलाने लगी लण्ड ? मैं मस्त हुआ जा रहा था . उधर मेघना अज़ीज़ के लण्ड से खेल रही थी .उसे चूस रही थी और चाट रही थी . अज़ीज़ उसकी गांड पर हाथ फिरा रहा था . मेघना मानी नहीं और अज़ीज़ का लण्ड अपनी बुर में घुसा लिया और गचागच चुदवाने लगी . उधर मैं भी उन दोनों को बारी बारी से चोदने में जुट गया . इतनी टाईट बुर आज मैं पहली बार चोद रहा हूँ . मेरा लण्ड चिपक कर घुस रहा है दोनों की चूत में , मैं देख रहा हूँ की मेघना बड़ी मस्ती से चुदवा रही है . अज़ीज़ उसे बिलकुल उसी तरह चोद रहा है जिस तरह मैं इसकी बीवी चोदता हूँ . उसे अज़ीज़ का लण्ड पसंद आ गया है ?
थोड़ी देर में मैं अज़ीज़ की जगह चला गया और अज़ीज़ मेरी जगह ? मेरा लण्ड मेघना चाटने लगी और अज़ीज़ का लण्ड निशा और नेहा ? मैंने जब लण्ड मेघना की बुर में पेला तो मुझे एक नयी मक्खन जैसी चूत का मज़ा मिलने लगा . उसकी उछलती हुई चूंचियाँ  देख देख कर मेरा लण्ड और ताव खाता जा रहा था  . मैंने उसे पीछे से चोदा . वह बोली सर तेरा लौड़ा मेरी बुर के चीथड़े उड़ा रहा है ? बड़ा हरामी और बेरहम है तेरा लण्ड ? मैंने जब पहली बार तुम्हे देखा था तो उसी दिन ठान लिया था की इस भोषड़ी का लण्ड मैं एक दिन अपनी चूत में पेलूँगी . आज मेरी प्रतिज्ञा पूरी हुई . मैंने यह भी सोंचा था की अगर नेहा और निशा की भी बुर मिल जाए तो मज़ा आ जाये ? आज वो भी हो गया .

उधर से नेहा बोली :- अभी हुआ नहीं माँ के लौड़े विक्रम . अभी मैंने ठीक से चुदवाया नहीं है ? आज रात भर चुदवाऊँगी और कल दिन भर भी .
निशा बोली  :- साले तू बस हम तीनो को चोदता जा, देखती हूँ की तेरे इस भोषड़ी वाले लण्ड में कितना दम है ?
इतने में मैंने कहा यार मेघना अब मैं निकलने वाला हूँ . वह फ़ौरन घूमी और मारने लगी दनादन्न सड़का . मुझे मज़ा पे मज़ा आ रहा था . जब मैं झड़ने लगा तो मेघना ने मेरा लण्ड बड़े मन से चाटा ? उधर निशा और नेहा अज़ीज़ का झड़ता हुआ लण्ड चाटने में लगी थी .
दोस्तों उसके बाद मैं इन लड़कियां का काम करता और ये लड़कियां मुझसे खूब चुदवाती ? जाने के पहले इन लड़कियों ने मुझे तीन नयी लड़कियों से परिचय करा दिया . जिया, रिया और प्रिया ? इनको मेरा लण्ड पकडाया . तीनो ने बड़े प्यार से मेरा लण्ड पकड़ा हिलाया चूमा और चाटा . लण्ड चारों तरफ से घुमा घुमा कर देखा . फिर तीनो ने मिलकर लण्ड चूसा और सड़का लगाया . उसके बाद लण्ड का वीर्य तीनी ने मिलकर कर चाटा
जिया बोली :- सर, तुम चिंता न करो इनके जाने के बाद मैं तुम्हे अपनी बुर देती रहूंगी और तेरा मादर चोद लण्ड पीती रहूंगी
रिया बोली :- मैं तेरा दिमाग नहीं लण्ड चाटा करूंगी सर ? मुझे सड़का मारना लण्ड चाटना लण्ड पीना बड़ा अच्छा लगता है . मैं तुमसे खुले आम चुदवाती रहूंगी .
प्रिया बोली :- सर मैं तो हर दिन चुदवाने के लिए तैयार हूँ . आज सड़का मारा है कल इसे अपनी बुर में पेलूँगी  ? और फिर गांड में घुसेडूंगी . मैं तो गांड भी मरवाती हूँ सर ?  तेरे लण्ड को हर तरह का मज़ा दूँगी  ?

धन्यवाद

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