काल्पनिक कहानी से लंड की दीवानी बनी

हाई मेरा नाम प्रियंका है और मैं पटना से हूँ मगर अब आगरा मे जॉब करती हूँ, Antarvasna ये मेरी काल्पनिक कहानी है जिसे मैं आप सबके एंटरटेनमेंट के लिए लिख रही हूँ,
मेरी उमर 22 साल है हाइट 5.4 फिग 36,30,35 वेरी फेर, मेरी मोम शालिनी उमर 40 हाइट 5.6 वेरी फेर लंबे बालों के साथ फिगर 38,32,37 बहोत हॉट और सेक्सी, मेरे डॅड 48 साल के अक्सर बिजनेस के कारण बाहर रहते है, मेरा भाई 20 साल का जो मेरे डॅड का बिज्निस देखता है और मेरी मोम उसकी हेल्प करती है.

अपनी +2 पास कर चुकी हूँ मेरा एक बाय्फ्रेंड है जिसके साथ मैं कई बार सेक्स भी कर चुकी हूँ, मैं कभी-कभी ड्रिंक और स्मोक भी कर लेती हूँ, एक दिन मेरे मोम और डॅड शहर से बाहर गये हुए थे, मैं सो कर उठी और तैयार हो कर ब्रेकफास्ट किया तब मेरा भाई मेरे साथ था वो थोड़ा परेशान था, मैने उससे पूछा क्या हुआ ब्रो,

ब्रो “कुछ नही दीदी कुछ ख़ास बात नही”,मैं “तो तू इतना परेशान क्यो लग रहा है”,

ब्रो “कुछ नही दीदी”, मैं “बताओ ना मैं शायद तेरी कोई हेल्प कर पाउ”.

ब्रो “नो दीदी आप कोई हेल्प नही कर पाओगी”, मैं “बता तो शायद कोई हेल्प कर पाउ”,

ब्रो “दीदी नयी बस्ती मे एक क्लब है उस पर हमारा कोई 15 लाख बाकी है और वो पेमेंट नही कर रहे लास्ट टाइम मोम थी तो वो ले आई थी समझा बुझा कर पता नही केसे, वो गुंडे लोग है कोई भी पेमेंट लेने जाता है तो उसे डरा धमका कर भेज देते है, और परसों एक पेमेंट करनी है और मोम डॅड बाहर है पता नही केसे क्या करूँ समझ नही आ रहा”,

मैं “बताओ अगर मैं कोई हेल्प कर सकती हूँ तो”, ब्रो “उसमे आप क्या हेल्प कर पाओगी?”, मैं “क्या मैं ट्राइ करूँ”,

ब्रो “केसा ट्राइ दीदी”, मैं “कहो तो मैं पेमेंट लेने की कोशिश करूँ”,

ब्रो “अगर डॅड को पता चल गया तो?”, मैं “केसे पता चलेगा अगर हम मे से कोई बताएगा ही नही तो?”, ब्रो “ओके थॅंक्स दीदी”, मैं “कब जाना है”, ब्रो “उसका क्लब 12 बजे ओपन हो जाता है और तब वहाँ काफ़ी लोग हो जाते है उससे पहले”, मैं “ओके मैं तेयार हो कर आती हूँ”, ब्रो “दीदी वहाँ आप हमारी कलेक्षन एजेंट बन कर जाना और वेसी ही ड्रेस पहनना”,

मैं “ओके ब्रो”,
ब्रो “थॅंक्स दीदी”,

मैं चेंज करने चली जाती हूँ और सोचती हूँ क्या पहनूं.
मैं एक वाइट ब्रा पहनती हूँ सॅटिन का और वाइट पैंटी सॅटिन की और उपर से स्लिप और लोवर. मेन स्कर्ट जिसके सारे बटन आगे को होते है और स्लिप के उपर एक जॅकेट-स्कर्ट मेरे नीस तक होती है और मेकप करके बाहर आती हूँ,

मैं “ब्रो केसी लग रही हूँ”,
ब्रो “सच आ हॉट गर्ल”,
मैं “थॅंक्स”,
मैं “अड्रेस और पेपर्स दो (वो मुझे दो पेपर्स देता है)”,
ब्रो “इसमे सब डीटेल्स है”,

मैं “ओके अब मैं जाती हूँ”, मैं अड्रेस पूछते हुए उस एरिया मे पहुँचती हूँ और कार रोड पर पार्क कर देती हूँ और अड्रेस पूछते हुए गली मे चली जाती हूँ, दो तीन गलियों के बाद उसका अड्रेस मिलता है, मैं अंदर जाती हूँ वो जगह एक क्लब है जहाँ लोग जुआ खेलने और दारू पीने जाते हैं और गुण्डों का इलाक़ा होने की वजह से वहाँ पोलीस भी जाने से डरती है. दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

मैं भी डरते-डरते अंदर जाती हूँ और पूछती हूँ अफजल जी कहाँ मिलेंगे, कोई 8-10 लोग वहाँ जुआ खेल रहे होते है और दारू पी रहे होते है, एक मुझे इशारे से बताता है कि वो है अफजल जी, वो कुछ खा रहे होते है मैं उनके सामने चेर पर जा कर बैठ जाती हूँ और सिगरेट जलाती हूँ पर वो मेरी ओर कोई ध्यान नही देते और उठ कर अपने रूम की तरफ चले जाते है.

मैं उठती हूँ और अपनी सिगरेट बुझाती हूँ और गुस्से मे वापस लोटने को होती हूँ, तभी अपने ब्रो के बारे मे सोचती हूँ और फिर रुक जाती हूँ, वो रूम के बाहर खड़ा हो कर मेरा वेट कर रहे होते है, मैं उसी ओर चली जाती हूँ, वो गेट पर खड़े रहते है और मैं उनको टच करते हुए रूम मे चली जाती हूँ वो अंदर आते हैं और पूछते हैं.

अफजल “हां अब बोल कौन है तू”,
मैं “सर मैं आदित्य ट्रेडिंग से आई हूँ आप की ओर कुछ पेमेंट है जो काफ़ी लेट हो गयी है इसलिए मुझे मेरे बॉस ने आपके पास भेजा है”,
अफजल “पहले तो कोई और आता था”,
मैं “जी इस बार मैने अभी जाय्न किया है इसीलिए बॉस ने मुझे भेजा है (और पेपर पर्स से निकाल कर उसके हाथ उसके मे पकड़ा देती हूँ) वो पेपर नही खोलता और वो फोल्ड करता है और मुझे खींचते हुए मेरी ब्रा मे घुसा देता है (और पास पड़ी चेर पर मुझे झटके से मुझे बिठा देता है) और माथे से उंगली फेरते हुए मेरे लिप्स तक आता है और फिर मेरे पीछे आ जाता है और मेरा पर्स मेरे कंधे से उतार कर अलग कर देता है और पीछे खड़ा हो कर मेरी जेकेट का बटन ओपन करता है, मैं उठने को होती हूँ तो धक्का दे कर फिर बिठा देता है.मैं डर कर बैठ जाती हूँ और वो मेरे हाथ पीछे कर के चेर से बाँध देता है, मुझे बहोत दर्द होता है पर मैं डर के कारण चुप हो जाती हूँ, फिर वो मेरी स्लिप मे हाथ डाल कर बहोत कस कर मेरे बूब्स दबाता है, मुझे बहोत दर्द होता है और मैं चिल्ला पड़ती हूँ आआआआआअहह, फिर वो आगे आता है और मेरी स्कुर्त के सारे बटन खोलता है.

मैं उससे बोलती हूँ प्लज़्ज़्ज़्ज़ नो पर वो नही सुनता और स्लिप उपर कर के मेरी पैंटी भी झटके से उतार देता है शर्म से मेरी आँखें बंद होने लगती है और वो मेरे थिंग्स को सहलाता है मेरे अंदर एक करेंट सा दौड़ने लगता है, थोड़ी देर बाद वो मुझसे दूर जा कर खड़ा हो जाता है और बोलता है कि जब तक अब तुम नही कहोगी मैं तुम्हें अब हाथ भी नही लगाउन्गा तब तक मैं थोड़ी गरम हो कुकी होती हूँ और आँखें बंद कर लेती हूँ बंद आँखों मे भी मुझे उसके मजबूत बदन का एहसास होता है, वो दूर खड़ा हो कर अपना लंड सहलाता है पेंट मे हाथ डाल कर. मैं नो नो ही बड-बडाती रहती हूँ पर सोचती हूँ कि जब इतना कुछ हो गया है, तो कुछ भी कर के ब्रो के लिए पेमेंट भी निकलवानी है.

मैं साइड मे बनी खिड़की की ओर देखती हूँ और सोचती हूँ इसे जो करना है कर ले पर प्लीज़ कोई देखे ना और मैं उसकी ओर देख कर कहती हूँ प्ल्ज़, प्ल्ज़ फक मी आइ आम बेगिंग यू प्ल्ज़ फक मी प्ल्ज़ फक मी, वो मेरे पास आता है और कुछ नही बोलता सिर्फ़ मेरी आँखों मे देखता है, उसे मेरी आँखों मे सेक्स की भूख सॉफ नज़र आती है, वो सीधे बिना कुछ बोले अपना लंड मेरी चूत पर रखता है और एक झटके से अंदर डाल देता है.

मुझे बहोत बुरी तरह दर्द होता है और कस कर चीख निकल जाती है, आआआअहह मररर्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईई, वो रुक जाता है और बोलता है साली चीख मत वरना सब विंडो पर आ कर हमारी लाइव चुदाई देखेंगे, अभी तक उसका आधा भी अंदर नही गया होता मैं उससे बोलती हूँ, प्ल्ज़ निकाल लो मैं मर जाउन्गी, वो बोला मैने कोई ज़बरदस्ती तो नही की ना जब तू मुझसे चुदने की भीख माँग रही थी.

तब ही डाला मैने, अब सज़ा भुगत और मेरे मूह पर हाथ रख कर एक ज़ोर का झटका मारता है फिर मेरी चीख गु गु गु कर के मेरे मूह मे ही रह जाती है पर दर्द बहोत होता है, मैं अपनी टांगे एक्सिटमेंट मैं फेला कर चेर पर आगे को हो जाती हूँ फिर वो अपना लंड पूरा बाहर निकालता है.

फिर एक झटके मे अंदर पेल देता है, मैं फिर चीख पड़ती हूँ शायद बाहर तक आवाज़ ज़रूर गई होगी, फिर वो लगा-तार अंदर बाहर करता है फुल स्पीड मे, मैं रोने जेसी हो जाती हूँ और चिल्लाती हूँ उूुुुउउइईईईईई माआआआआआ मर गयी, अब उसकी स्पीड बढ़ जाती है और मैं बुरी तरह से चीखती हूँ, आआहह आआहह उूुउउफफफ्फ़ उूुुउउफफफफ्फ़ मररर्र्र्र्ररर गैिईईई माआअ और 5-6 मिंट की चुदाई के बाद झड जाती हूँ.

मेरी चूत स्लिपपरी हो जाती है और वो अपनी स्पीड और बढ़ा देता है, फिर अचानक वो स्लो हो जाता है मैं थोड़ा रिलॅक्स होती हूँ पर वो मुझे रिलॅक्स होने का ज़्यादा टाइम नही देता और फिर पूरा लंड बाहर निकाल कर एक झटके से अंदर पेल देता है और वही रुक जाता है और वहीं से अंदर की ओर छोटे-छोटे झटके देता है, उसका लंड अब मुझे अपनी बच्चेदानी से टकराता हुआ फील होता है.

मैं ओवर एग्ज़ाइटिंग मैं अपने पूरे नाख़ून उसकी पीठ पे गढ़ाते हुए झड जाती हूँ, उसकी 18-20 मिनट की चुदाई मे मैं 3 बार झड चुकी होती हूँ, फिर अचानक एक ज़ोर का झटका दे कर अंदर ही रुक जाता है, उसका फव्वारा चूत मे चल जाता है, मेरी चूत पूरी तरह उसके माल से भर जाती है और फिर वो अपना लंड निकाल लेता है. दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

उसका माल मेरी थिंग्स पर बहने लगता है, मैं उठ कर खड़ी होने को होती हूँ पर मेरे पैर लड़खड़ाने लगते है, वो मुझे संभलता है और बेड पर लिटा देता है, वो बाहर जाता है और मेरे लिए जूस ले कर आता है, मैं पीती हूँ और रिलॅक्स करती हूँ अब हमारी बाते शुरू होती है,

अफजल “अब बता अपने बारे मे”,
मैं “मैने अभी कुछ दिन पहले ही आदित्य ग्रूप जाय्न किया है और पहली बार आप के यहाँ ही पेमेंट लेने आई हूँ प्लीज़ आप दे दो नही तो मेरी नौकरी चली जाएगी”,

अफजल “पहले तो वहाँ से कोई और आता था”,

मैं “सर मुझे नही पता”,
अफजल “कोई बात नही मैं तुझे एक पार्ट दे देता हूँ पेमेंट का”,

मैं “थॅंक्स सर (वो मुझे 5 लाख का चेक देता है और बोलता है कि अपना नंबर दे दो नेक्स्ट पेमेंट के लिए तुम्हे कॉल कर दूँगा)”,
मैं “थॅंक्स सर”, मैं अपने कपड़े ठीक करती हूँ और बाहर को निकल जाती हूँ, बाहर सब लोग मुझे घूर कर देख रहे होते है, मैं लड़खड़ाती हुई अपनी कार तक आती हूँ मेरे पर काँप रही होते है, किसी तरह मैं घर तक पंहुचती हूँ मेरा ब्रो घर पर नही होता, मैं अपने रूम मे सो जाती हूँ.

सपने मे मुझे सिर्फ़ अफजल ही अफजल दिखाई पड़ता है मैं उसके लंड की पूरी तरह दीवानी हो चुकी होती हूँ

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