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कोमल भी ज़ोर ज़ोर से आ…आह. कर रही थी

समीर एक कॉलेज मे प्रोफेसर था उम्र 31साल स्मार्ट था. शादी को 2 साल हुए थे पर उसकी बीवी ज़्यादा खूबसूरत नही थी. इसलिय कॉलेज की कमसिन लड़कियो की जवानी लूटने की उसकी फॅंटेसी थी. कोमल फाइनल इयर मे पढ़ने वाली एक खूबसूरत लड़की थी. जो लास्ट 2 साल से कॉलेज का ब्यूटी कॉंपिटेशन जीतती आ रही थी. हर लड़का उसका दीवाना था. वो चीज़ ही कुछ ऐसी थी. 5’6″ का कद.. फिगर 34-24-36. आँखे काली..लंबे बाल..और टाइट सलवार-कुर्ता पहनती थी. जिसकी वजह से उसके बोब्स और फ्लेशी थाइस का अंदाज़ा आता था. पर वो पढ़ाई मे ज़्यादा होशियार नही थी. सब के साथ घुल-मिल के रहती थी. समीर भी जब-जब उसे देखता मचल के रह जाता।

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वो कमसिन 20 साल की कयामत थी पढ़ाते वक़्त वो साइड से जाकर उसकी टांगे बोब्स निहारता जब वो सामने होती तो जानबुझ कर पेन गिरा के उसे उठाने के लिए कहता और उसके झुकने के बाद उसके गोरे बोब्स देखता. एक दिन समीर ने अनाउन्स किया की 3 दिन बाद वो एग्जाम लेने वाला हे.. जिसका पेपर वो खुद सेट कर चुका हे.. जिसके मार्क्स फाइनल एग्जाम के मार्क्स मे जुडेगे. कोमल का वो सब्जेक्ट काफ़ी वीक था. कोमल के लिए समीर के टेस्ट मे पास होना बड़ा ज़रूरी था. इसलिय कोमल ने डिसाइड किया की वो समीर के कॅबिन से एग्जाम पेपर चुरा लेगी.. वो जानती थी कीदोपहर 4 बजे समीर चाय पीने बाहर जाता हे और उस वक़्त कॅबिन के आस- पास भी कोई नही रहता.. तब वो पेपर चुरा सकती हे..और वो ये भी जानती थी की समीर अलमारी की चाबिया कहा रखता हे.. अगले दिन 4 बजे पहले ही वो समीर पर ध्यान दे रही थी.. समीर जैसे ही कॅबिन से बाहर गया..वो चुपके से कॅबिन मे घुस गयी.. उसने कपबोर्ड की चाबी ड्रॉर से निकाली और पेपर बाहर निकाल के अपने मोबाइल मे पेपर के फोटो लेने लगी. वापस पेपर अलमारी मे कर लॉक किया और चाबी रखने के लिए पीछे मूडी तभी एकदम से उसके होश ही उड गये। पीछे समीर उसकी सारी हरकते न की सिर्फ़ देख रहा था बलकी अपने मोबाइल मे रेकॉर्ड भी कर रहा था।

समीर एकदम भड़क गया था.. उसने कहा..” अच्च्छा !! तो अब चोरी करके के पास होगी तुम? में तुम्हारी कंप्लेंट अभी प्रिन्सिपल से करता हूँ..सबूत भी हे.. फिर वो तुम्हे निकाल देंगे.. कही भी एड्मिशन नही मिलेगा..”

कोमल रोने लगी.. गिड़गिडाने लगी.. सर माफ़ कर दीजिए.. दोबारा यह ग़लती नही होगी.. कह के समीर के पैर पकड़ लिए.. तभी समीर की नज़र उपर से उसके बोब्स की और चली गयी.. समीर ने सोचा.. इस से अच्छा कौनसा मौका मिलेगा.. इस हसीन कली को चोदने का.. वो मन ही मन मुस्कुराया..और बोला..नही..सज़ा तो तुम्हे मिलेगी ही..कोमल फिर रोने लगी.. सर ऐसा मत कीजिए… मेरी लाइफ खराब हो जाएगी मेरे पेरेंट्स भी मुझसे नाराज़ हो जाएँगे.. सर ” समीर बोला ठीक हे.. में तुम्हारी कंप्लेंट प्रिन्सिपल से नही करूँगा.. पर उसके बदले मुझे क्या मिलेगा? कोमल स्माइल कर के बोली..” सर!” उसके बदले जो आप कहेंगे..में करूँगी.. किसी को मेरे चोरी के बारे मे मत बताना.. समीर ने उसके शोल्डर्स को पकड़ के उठाते हुए कहा.. तो फिर ठीक हे.. अपनी यह खूबसूरत जवानी मेरे नाम कर दो.. यह सुन कर वो एकदम से पीछे हट गयी..बोली..” सर यह आप क्या कह रहे है? नही!

बिल्कुल नही…ऐसा नही हो सकता..” और वो कॅबिन से बाहर जाने लगी.. समीर बोला ठीक हे.. में ज़बरदस्ती नही करूंगा पर तुम जैसे ही कॅबिन से बाहर जाओगी में प्रिन्सिपल के ऑफीस जाकर यह कारनामा दिखा दूँगा..

फिर तुम कॉलेज से निकाली जाओगी.. तुम्हारे दोस्त तुम्हे ताने मारेंगे..तुम्हारे माता पिता तुम्हारे वजह से शर्म महसूस करेगे.. या फिर मेरी बात मानो..तो सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा..बस यह बात हम दोनो के बीच ही रहेगी.. और में तुम्हे पेपर की कॉपी भी दे दूँगा.. फ़ैसला तुम्हारा.. या तो कॅबिन से बाहर जाओ.. या तो कॅबिन का दरवाजा बंद कर के मेरी और आ जाओ.. कोमल थोड़ी देर गुम-सूम सी खड़ी रह सोचती रही.. दो आँसू पलकों से गाल पर आ गये.. और उसने कॅबिन का दरवाज़ा बंद कर दिया.. और समीर की तरफ आ गयी।

समीर का हथियार पूरा खड़ा हो चुका था समीर ने कोमल की कमर मे हाथ डाल कर अपनी तरफ खिच लिया…कोमल की धड़कने ग़ज़ब की तेज हो चुकी थी.. वो धीरे धीरे सिसक रही थी.. अब वो समीर की बाहो मे नज़रे झुकाए खड़ी थी..समीर ने कोमल के सिर को उपर उठाया. और कहा जान मत घबराओ.. में तुम्हे चाँद की सैर करा दूँगा.. तुम ज़िंदगी भर नही भूलोगी. में अभी आया. समीर कही 2 मिनिट के लिए जाकर वापस आ गया. कोमल की आँखे आँसू से तो समीर की हवस से पूरी भर चुकी थी.. समीर ने लौटते ही कोमल की कमर मे हाथ डाल अपनी और खिच लिया।

और उसके नितंबो पर दोनो हथेली रख कर गालो पर किस करते हुए बोला जान अब तक तुमने मुझे बहोत तडपाया हे आज तेरे खूबसूरती का रस पी कर रहूँगा..कोमल बस खड़ी थी..समीर ने कोमल की बाहे अपने गले मे डाल दी..और उसका दुपट्टा निकाल फेक दिया. उसके टाइट कुर्ती मे से उसके बोब्स का शेप आसानी से दिख रहा था. अब समीर का हथियार पेंट मे समा ही नही रहा था. उसने कोमल के चेहरे को निहारा. बला की खूबसूरती झलक रही थी. उसकी जुल्फ चेहरे पर लटक रही थी.. आँसू बह रहे थे।

समीर ने उसके आँसू पीते हुए कहा रो मत जान. समीर ने कोमल के लाल होंठो पर अपने होंठ रख दिए और कभी उपर के लीप को होंठो के बीच ले चूमा. कभी नीचे के लीप को..कोमल ने आँखे बंद कर ली थी.. उसी दरमियाँ वो कोमल के गोलाकार नितंबो को उसकी सलवार पर से ही सहला रहा था, कभी मसल रहा था. उसका पूरा बदन इतना सॉफ्ट था.. समीर ज़्यादा टाइम वेस्ट नही करना चाहता था. 2-3मिनिट के बाद वो कोमल के गर्दन, कानो पर किस करने लगा, एक हाथ से बोब्स तो दूसरे से उसकी ज़ुल्फो को सहलाने लगा. समीर ने रुक कर अपनी शर्ट और बनियान उतार दी।

समीर फिर से किस करते हुए गले से नीचे आने लगा सीने तक आते ही उसने अपने दोनो हाथो से कोमल के बोब्स को कस के पकड़ लिया..और कहा कोमल तुम तो कामदेवी हो..उसने टेबल से सारा सामान नीचे गिरा दिया..और टेबल पर बैठ गया..कोमल को खिच के उसने अपने पैरो को कोमल के पीछे से क्रॉस कर के लॉक किए..और उसके बोब्स को दोनों हाथो से मसलने लगा…कोमल के मुहं से आवाज़ निकल गइ..” उयईईई माआ….” पर समीर को कोई परवाह नही थी..समीर के कॅबिन से आवाज़ बाहर जा नही सकती थी.. उसने पीछे हाथ डाल ज़िप को धीरे धीरे नीचे खिच लिया..और कंधे से कुर्ती नीचे खिच खिच के कमर तक उतार दी।

पिंक टाइट ब्रा मे कोमल के बोब्स ज़ोर-ज़ोर से उपर नीचे हो रहे थे वो बोब्स को ब्रा के उपर से ही सहलाने लगा और उसकी क्लीवेज पर किस करने लगा.. कोमल ने अपनी उंगलिया समीर के बालो मे फसा दी..और एग्ज़ाइट्मेंट की वजह से उपर मुहं कर दिया.. समीर ने नीचे से कोमल की सलवार भी ढीली कर दी।

कुर्ती और सलवार दोनो पैरो तक उतार दी. अब कोमल बस दो कपड़ो मे थी.. मानो कोई मॉडल बिकनी मे पोज़ दे रही हो.. उसकी पिंक पेंटी बड़ी स्टाइलिश थी. समीर ने नीचे उतार कर अपनी पेंट उतार दी.. उसका हथियार उच्छल उच्छल कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था।

उसने कोमल को टेबल से सटा दिया और उसकी ब्रा के हुक को एक ज़टके मे खोल कर ब्रा उतार फेक दी उसके वाइटिश बोब्स और एरेक्ट पिंक निपल्स कमाल थे..उसने लेफ्ट वाला निप्पल चूसना स्टार्ट किया और राईट वाले निप्पल को भी मसलना चालू किया.. कोमल..उफफफ्फ़..ब्सस्सस्स सीईईइइर्ररर.. कर रही थी. पर समीर कहा रुकने वाला था.. फिर उसने एक हाथ से उस की नाज़ुक कमर और नेवेल को सहलाना चालू किया..कोमल गुद-गुदी के कारण उच्छल रही थी.. समीर ने अपनी जॉकी उतार दी.. उसका 6″सोल्जर पूरा अटेन्षन था..समीर ने कोमल को टेबल पर लेटा दिया फिर शोल्डर से लेकर दोनो तरफ से हाथ नीचे नीचे लेकर कमर को पकड़ लिया..और उसकी नेवेल पर किस करने लगा।

कोमल अपने नितंब उपर उठा रही थी..उसी का फ़ायदा उठाते हुए समीर ने कोमल की पेंटी उतार फेकि जब समीर ने कोमल की चूत देखी तो मचल उठा.. कोमल सॉफ लड़की थी…उसकी चूत बिल्कुल शेव्ड गोरी और 3

उंगलियो जितनी ब्रॉड थी. उसने कोमल के थाइस को सहलाते हुए.. किस करते करते उपर आने लगा..कोमल ने टेबल अपने नाखूनो से नोच रखा था… समीर ने टेबल के ड्रॉर मे कुछ तो टटोल के वासलीन की डिबिया बाहर निकाली.. वासलीन निकाल अपने लिंग पर पूरी मालिश की।

फिर कोमल के बाल ज़ोर से पकड़ के उसके होंठो पर किस किया तभी वासलीन कोमल के चूत पर लगा दिया.. बीच वाली उंगली से उसके चूत के अंदर तक.. वॅसलीन भर दिया..उसकी चूत गजब की सॉफ्ट थी..वो उसके लिप्स को तो कभी निपल्स को दातो से धीरे धीरे काट रहा था..और एक हाथ से अपने हथियार को सहला रहा था..अब उसका कंट्रोल ख़त्म हो गया.. वो कोमल के टाँगो के बीच खड़ा हो गया..उसने कोमल की टाँगो को अपनी कमर के उपर पीछे से लपेट लिया..उसकी कमर को पकड़ लिया।

और अपना पूरा तना लिंग कोमल की कुँवारी चूत पर रख दिया और उसके बोब्स को पूरा मुहं मे और एक ज़टके के साथ आधा लिंग चूत के अंदर डाल दिया.. कोमल के मुहं से ज़ोर की चीख निकल पड़ी…”मररररर गईिईईई…उयययययीीईई माआसा……”

उसकी चूत बेहद टाइट थी.. कुँवारी जो थी.. उसकी चूत से खून निकल रहा था.. समीर ने लिंग बाहर निकाला और फुल स्पीड से और एक ज़टका दिया.. कोमल की सील तोड़ते हुए उसका लिंग कोमल के चूत की गहराई तक चला गया.. कोमल सिसक रही थी.. समीर अब धीरे धीरे अपनी कमर हिला हिला के कोमल को धक्का लगा रहा था. उसकी दोनो टाँगो को उसके नितंबो को सहला रहा था, उसे किस कर रहा था. हर एक धक्के के साथ कोमल की पायल “चन्न” कर रही थी.. वो मीठी आवाज़ समीर को और उकसा रही थी. समीर ने अपने गाड़ी फुल स्पीड मे दौड़नी चालू कर दी…कमरे मे बस “छनन्न…च्चनन्न…छनन्न” आवाज़ आने लगी. कोमल भी ज़ोर ज़ोर से आ…आह. कर रही थी. तभी 5 मिनिट मे कोमल झड़ गई.तभी “पचक पचक आवाज़ भी उसकी सेक्स शोर मे शामिल हो गयी.. समीर अब खुद टेबल पर लेट गया और कोमल को अपने उपर खिच के नीचे से अपनी कमर उठा उठा के कोमल को धक्के लगाने लगा।

थोड़ी देर बाद उसने वैसे ही कोमल को गोदी मे उठा कर खड़े खड़े ही धक्के देना शुरू कर दिया उसने अपनि स्पीड बहोत तेज कर दी…और आख़िर झड़ गया…उसका वीर्य का फव्वारो से कोमल की चूत भर के बहने लगी…वो थक के कोमल के उपर गिर गया. दोनो साँसे भरते भरते पडे रहे…फिर समीर कही चला गया और मोबाइल लिए वापस आ गया.. तभी कोमल अपनी पेंटी..ब्रा पहन रही थी.. समीर ने कोमल को मोबाइल दिखाया.. उन दोनो का सेक्स प्रोग्राम पूरा रेकॉर्ड हो गया था. कोमल तो हक्की– बक्की रह गई।

उसने कहा सिर अब तो जो आप को चाहिए था वो मिल गया अब ये क्यू? डेलीट कर दीजिए समीर ने कहा जान तू एक बार चोदने की नही…रोज़ रोज़ चोदने वाली चीज़ हे…अब जा…कल इसी टाइम यहा आ जाना..खूब मज़ा करेंगे….अगर नही आई तो यह वीडियो क्लिप.. कॉलेज के हर स्टूडेंट के मोबाइल मे नज़र आएगी. उसके बाद लगभग हर रोज़ समीर कोमल को चोदता रहा.. कभी कॉलेज, तो कभी अपने फार्म हाउस पर.. कुछ दिन बाद कोमल की शादी हो गई.. पर अब भी जब वो मायके आती हे.. समीर उसे बुला कर चोद देता हे.. क्युकी वो क्लिप वो उसके पति को भी दिखा सकता हे ना ।

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