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कोमल की सजा और समीर का मजा

प्रेषक : समीर …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर है और आज में आप सभी को अपनी एक सच्ची सेक्स अनुभव की घटना सुनाने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपने कॉलेज की ही एक लड़की को चोदा। यह घटना में आप सभी को आज पूरे विस्तार से सुनाऊंगा, लेकिन उससे पहले में थोड़ा बहुत अपना परिचय भी आप सभी से करा देता हूँ। दोस्तों मुझे कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है। दोस्तों समीर एक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर था और उसकी उम्र 31 साल थी। वो बहुत स्मार्ट था और उसकी शादी को अभी दो साल हुए थे, लेकिन उसकी बीवी इतनी ज़्यादा सुंदर नहीं थी और इसलिए वो हमेशा अपने कॉलेज की हसीन लड़कियों की जवानी लूटने की उम्मीद में रहता था। दोस्तों कोमल कॉलेज के आखरी साल में पढ़ने वाली एक बहुत सुंदर सीधीसाधी लड़की थी जो पिछले दो सालों से अपने कॉलेज का ब्यूटी कॉम्पीटिशन भी जीत रही थी और इसकी वजह से कॉलेज का हर एक लड़का उसका दीवाना था क्योंकि वो चीज़ ही कुछ ऐसी थी, बहुत मस्त हॉट, सेक्सी, उसका 5.6 इंच का कद, उसके फिगर का साईज 34-24-36, आँखे बड़ी बड़ी काली, लंबे बाल और वो हमेशा बिल्कुल टाईट सलवार कुर्ता पहनती थी जिसकी वजह से उसके सुंदर बूब्स का और सेक्सी अंदाज़ आता था, लेकिन वो पढ़ाई में ज़्यादा होशियार नहीं थी और हमेशा सबके साथ घुल-मिलकर रहती थी और समीर भी जब जब उसे देखता एकदम मचल कर रह जाता क्योंकि वो कमसिन 20 साल की कयामत थी और पढ़ाते वक़्त वो साईड से जाकर उसकी टांगे और बूब्स निहारता और जब वो सामने होती तो जानबूझ कर अपना पेन गिराकर उसे उठाने के लिए कहता और फिर उसके बाद वो उसके गोरे गोरे बूब्स देखता।

एक दिन समीर ने अपनी क्लास में सभी स्टूडेंट्स को बताया कि तीन दिन के बाद आप सबके एग्जाम है, जिसका पेपर वो खुद सेट कर चुका है और जिसके नंबर आखरी परीक्षा के नंबर में जुड़ने वाले है। कोमल का वो विषय बहुत ही कमज़ोर था और अब कोमल के लिए समीर के टेस्ट में पास होना बहुत ज़रूरी था और इसलिए कोमल ने मन ही मन निर्णय लिया कि वो समीर के केबिन से एग्जाम पेपर चुरा लेगी क्योंकि वो जानती थी कि शाम को चार बजे समीर चाय पीने अपने केबिन से बाहर जाता है और उस वक़्त के बाद केबिन के आस पास कोई भी नहीं रहता तो वो पेपर चुरा सकती है और वो यह बात भी जानती थी कि समीर अपनी अलमारी की चाबियाँ कहाँ पर रखता है? तो अगले दिन चार बजे से पहले ही वो समीर सर पर पूरा पूरा ध्यान दे रही थी और फिर समीर जैसे ही अपने केबिन से बाहर गया तो वो चुपके से उसके केबिन में घुस गयी। उसने अलमारी की चाबी ड्रॉयर से निकाली और एग्जाम पेपर बाहर निकालकर अपने मोबाइल में पेपर के फोटो लेने लगी और फिर वापस पेपर अलमारी में रखकर लॉक किया और फिर वो चाबी रखने के लिए पीछे की तरफ मुड़ी, लेकिन तभी एकदम से उसके होश ही उड़ गये और उसके चेहरे का रंग एकदम फीका पड़ गया और उसकी सांसे ऊपर की ऊपर और नीचे की नीचे ही अटक गई क्योंकि पीछे समीर खड़ा हुआ उसकी सारी हरकतों को सिर्फ़ देख ही नहीं रहा था वो बल्कि अपने मोबाइल में उसे रिकॉर्ड भी कर रहा था। अब समीर एकदम से उस पर भड़क गया था और उसने बहुत गुस्से से कहा कि अच्छा तो अब तुम चोरी करके पास होगी? में तुम्हारी शिकायत अभी प्रिंसिपल से करता हूँ। मेरे पास इस बात का सबूत भी है और फिर वो तुम्हे कॉलेज से बाहर निकल देंगे और तुम्हे कहीं भी एड्मिशन नहीं मिलेगा। कोमल यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और गिड़गिड़ाने लगी कि सर प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए। में दोबारा ऐसी कोई भी ग़लती नहीं करूंगी प्लीज सर और यह बात कहकर उसने समीर के दोनों पैर पकड़ लिए। तभी समीर की नज़र ऊपर से उसके बूब्स की तरफ चली गयी और फिर समीर ने सोचा कि मुझे इससे अच्छा कौन सा मौका मिलेगा इस हसीन कली को चोदने का। वो मन ही मन मुस्काया और बोला कि नहीं सज़ा तो तुम्हे मिलेगी ही। कोमल फिर से रोने लगी और बोली कि सर प्लीज ऐसा मत कीजिए। मेरी पूरी लाईफ खराब हो जाएगी और मेरे माता पिता भी मुझसे नाराज़ हो जाएँगे, सर प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए। समीर बोला कि ठीक है में तुम्हारी बात प्रिंसिपल से नहीं करूँगा, लेकिन उसके बदले मुझे क्या मिलेगा? तो कोमल मुस्कुराकर बोली कि सर उसके बदले जो आप कहेंगे में वो सब करूँगी, लेकिन प्लीज आप किसी को मेरी चोरी के बारे में मत बताईएगा। तभी समीर ने उसके कंधे को पकड़कर उसे उठाते हुए कहा कि तो फिर ठीक है तुम अपनी यह सुंदर जवानी मेरे नाम कर दो।

यह बात सुनकर वो एकदम से पीछे हट गई और बोली कि सर यह आप क्या कह रहे है? नहीं बिल्कुल नहीं, ऐसा नहीं हो सकता और फिर वो बड़बड़ाते हुए केबिन से बाहर जाने लगी तो समीर बोला कि ठीक है में तुमसे कोई भी जबरदस्ती नहीं करूँगा, लेकिन तुम जैसे ही केबिन से बाहर जाओगी तो में सीधा प्रिंसिपल के ऑफिस में जाकर तुम्हारा यह कारनामा उन्हे दिखा दूँगा और फिर उसके बाद तुम इस कॉलेज से बाहर निकाली जाओगी और तुम्हारे दोस्त तुम्हे ताने मारेंगे और तुम्हारे माता, पिता तुम्हारी वजह से हमेशा बहुत शर्म महसूस करेंगे या फिर मेरी बात मानो तो सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा क्योंकि बस यह बात हम दोनों के बीच में ही रहेगी और फिर में खुद ही तुम्हे पेपर की कॉपी भी दे दूँगा अब यह फ़ैसला तुम्हारा है या तो तुम इस केबिन से बाहर चली जाओ या फिर इस केबिन का दरवाजा बंद करके मेरी और आ जाओ।

फिर कोमल थोड़ी देर बिल्कुल गुम-सुम सी खड़ी रहकर सोचती रही और उसके आँसू अब पलकों से गाल पर आ गये और फिर उसने केबिन का दरवाज़ा बंद कर दिया और समीर के पास आ गयी। समीर इसके आगे की बात को मन ही मन सोच रहा था, लेकिन तभी उसका हथियार पूरा का पूरा खड़ा हो चुका था। समीर ने कोमल की कमर पर हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींच लिया। कोमल की धड़कने बहुत बड़ चुकी थी और वो धीरे धीरे सिसक रही थी और अब वो समीर की बाहों में अपनी नज़ारे झुकाए हुई खड़ी थी। समीर ने कोमल के चेहरे को ऊपर उठाया और कहा कि मेरी जान तुम मुझसे ज्यादा मत घबराओ, में तुम्हे चाँद की सैर करा दूँगा और तुम ज़िंदगी भर नहीं भूलोगी रुको में अभी आया और फिर समीर करीब दो मिनट के लिए बाहर जाकर वापस आ गया। कोमल की आँखे आँसू से तो समीर की आखें हवस से पूरी तरह भर चुकी थी। समीर ने लौटते ही कोमल की कमर में हाथ डालकर उसे अपनी और खींच लिया और उसके बूब्स पर अपनी दोनों हथेली रखकर उसके गालों पर किस करते हुए बोला कि जान अब तक तूने मुझे बहुत तड़पाया है, लेकिन में आज तेरे सुंदर जिस्म का रस पीकर ही रहूँगा।

कोमल बिल्कुल बेसस खड़ी हुई थी और अब समीर ने कोमल की बाहों को अपने गले में डाल दिया और उसका दुपट्टा निकालकर फेंक दिया और उसकी एकदम टाईट कुरती में से उसके बूब्स का आकार बहुत आसानी से दिख रहा था और गहरे गले वाली ड्रेस के कारण उसकी सुंदर छाती भी बहुत आसानी से दिख रही थी और अब समीर का हथियार उसकी पेंट में समा ही नहीं रहा था और उसने कोमल के चेहरे को निहारा, उस पर बहुत बला की सुन्दरता झलक रही थी और उसकी जुल्फें चेहरे पर लटक रही थी और आँसू बह रहे थे। समीर ने उसके आँसू पीते हुए कहा कि रो मत मेरी जान, में तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और समीर ने कोमल के अनार जैसे लाल लाल होंठो पर अपने होंठ रख दिए और कभी ऊपर के होंठ को चूमता तो कभी नीचे के होंठ को। अब कोमल ने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी। उसी बीच वो कोमल के गोलाकार नितंबो को उसकी सलवार पर से ही सहला रहा था तो कभी मसल रहा था। उसका पूरा बदन इतना मुलायम था कि अब समीर चुमाचाटी में ज़्यादा टाईम खराब नहीं करना चाहता था और फिर दो तीन मिनट के बाद वो कोमल की गर्दन, कानों पर किस करने लगा और उसे चाटने लगा। एक हाथ से बदन तो दूसरे से उसकी ज़ुल्फो को सहलाने लगा। फिर कुछ देर बाद समीर ने थोड़ा रुककर अपनी शर्ट और बनियान को उतार दिया। समीर का शरीर बहुत मजबूत था और वो फिर से किस करते हुए धीरे धीरे गर्दन से नीचे आने लगा और सीने तक आते ही उसने अपने दोनों हाथों से कोमल के बूब्स को कसकर पकड़ लिया और कहा कि कोमल तुम तो कामदेवी हो। उसने टेबल से सारा सामान नीचे गिरा दिया और टेबल पर बैठ गया औ कोमल को थोड़ा खींचकर उसने अपने पैरों को कोमल के पीछे से क्रॉस करके जकड़ लिया और उसके बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लगा। कोमल के मुहं से सिसकियों की आवाज़ निकल गई अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उईईईईईईई माँ, लेकिन समीर को इसको कोई परवाह नहीं थी क्योंकि समीर के केबिन से आवाज़ बाहर जा नहीं सकती थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उसने कुरती के पीछे हाथ डालकर चेन को धीरे धीरे नीचे सरकाया लिया और फिर कंधे से कुरती नीचे सरकाकर कमर तक उतार दिया। गुलाबी कलर की बिल्कुल टाइट ब्रा में कोमल के बूब्स ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे हो रहे थे और फिर वो बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही सहलाने लगा और उसकी छाती पर किस करने लगा। कोमल ने अपनी उंगलियाँ समीर के बालों में फंसा दी और जोश की वजह से ऊपर मुहं कर दिया। समीर ने नीचे से कोमल की सलवार भी ढीली करके कुरती और सलवार दोनों को पैरों तक उतार दी और अब कोमल बिल्कुल बेसस, लेकिन जोश में खड़ी हुई थी, मानो कोई मॉडल बिकिनी में पोज़ दे रही हो और उसकी गुलाबी पेंटी बहुत सुन्दर थी। समीर ने उसे नीचे उतारकर अपनी पेंट को भी नीचे उतार दिया क्योंकि उसका हथियार उछलकर बाहर आने की कोशिश कर रहा था। फिर उसने कोमल को टेबल से सटा दिया और उसकी ब्रा के हुक को एक झटके में खोलकर ब्रा को उतारकर फेंक दिया उसके गोरे गोरे बूब्स और उस पर हल्के गुलाबी कलर के निप्पल बहुत कमाल के थे।

अब उसने उसके सीधे वाले निप्पल को चूसना शुरू किया और दूसरे वाले निप्पल को और बूब्स को मसलना शुरू किया और अब कोमल मोन कर रही थी उफफफ्फ़ब्सस्सस्स उह्ह्हह्ह माँ सीईईइइर्ररर, लेकिन समीर अब कहाँ रुकने वाला था? फिर उसने एक हाथ से उसकी नाज़ुक कमर और नाभि को सहलाना शुरू किया तो कोमल गुदगुदी के कारण उछल रही थी। समीर ने अपनी अंडरवियर को उतार दिया और उसका 6 इंच का लंड पूरा खड़ा था। समीर ने कोमल को टेबल पर लेटा दिया और फिर कंधे पर लेकर दोनों तरफ से हाथ नीचे लेकर कमर को पकड़ लिया और उसकी नाभि पर किस करने लगा। कोमल मोन करके अपनी चूतड़ को ऊपर उठा रही थी और उसी बात का फ़ायदा उठाते हुए समीर ने कोमल की पेंटी को उतार फेंका। जब समीर ने कोमल की चूत देखी तो वो बिल्कुल मचल उठा क्योंकि कोमल एकदम साफ सुथरी लड़की थी और उसकी चूत बिल्कुल शेव गोरी और तीन उंगलियों जितनी मोटी थी। उसने कोमल की जांघो को सहलाते हुए घुटनों से किस करते करते ऊपर आने लगा।

फिर कोमल टेबल पर बिछे कपड़े को अपने नाखूनों से नोच रही थी और समीर ने टेबल के ड्रॉयर में से वेसलीन को बाहर निकाला और अपने लंड और कोमल की चूत पर लगा दी। फिर वो उसके होंठो को तो कभी निप्पल को दांतों से धीरे धीरे काट रहा था और एक हाथ से अपने हथियार को सहला रहा था, लेकिन अब उसका कंट्रोल ख़त्म हो गया और वो कोमल के पैरों के बीच में खड़ा हो गया। उसने कोमल के पैरों को अपनी कमर के ऊपर पीछे से लपेट लिया उसकी कमर को पकड़ लिया और अपना पूरा तना हुआ लंड कोमल की कुँवारी गरम योनि पर रख दिया और उसके बूब्स को पूरा मुहं में भरते हुए एक झटके के साथ आधा लिंग योनि के अंदर डाल दिया। कोमल के मुहं से बहुत ज़ोर की चीख निकल पड़ी अह्ह्ह्ह माँ में मरररर गईईईई उईईईईईई माँ। दोस्तों उसकी चूत बहुत टाइट थी और बिल्कुल कुँवारी थी। उसकी योनि से अब खून बाहर निकल रहा था और समीर ने थोड़ा सा लिंग को बाहर निकाला और फिर फुल स्पीड से और एक झटका दिया तो उसका लिंग कोमल की सील को तोड़ता हुआ कोमल की योनि की गहराईयों तक चला गया। कोमल सिसक रही थी और समीर अब धीरे धीरे अपनी कमर हिला हिलाकर कोमल को चोद रहा था और उसके दोनों पैर उसकी जांघो को सहला रहे थे और वो उसे किस कर रहा था। हर एक धक्के के साथ कोमल की पायल छन छन की आवाज कर रही थी। वो मीठी आवाज़ समीर को और भी उकसा रही थी।

फिर समीर ने अपने गाड़ी को अब फुल स्पीड में दौड़ना शुरू कर दिया। अब कमरे में बस छन छन की आवाज़ आने लगी थी। तभी कोमल भी ज़ोर ज़ोर से मोन कर रही थी और पांच मिनट में कोमल झड़ गई। कोमल ने समीर को कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसे चूमने लगी। तभी फच फच की आवाज़ भी उस सेक्स में शामिल हो गई। अब समीर खुद टेबल पर लेट गया और कोमल को अपने ऊपर खींचकर नीचे से अपनी कमर उठा उठाकर कोमल को चोदने लगा। थोड़ी देर बाद उसने वैसे ही कोमल को गोद में उठाकर खड़े खड़े ही चोदना शुरू कर दिया। उसने अपनी स्पीड को बहुत बड़ा लिया था और फिर वो आख़िर में झड़ गया। उसके वीर्य के फव्वारे से कोमल की योनि भरकर बहने लगी। अब वो थक कर कोमल के ऊपर गिर गया और करीब दो चार मिनट के लिए वो दोनों ज़ोर ज़ोर से साँसे भरते हुए ऐसे ही पड़े रहे, लेकिन अब कोमल के चेहरे पर एक संतुष्टि की मुस्कान थी क्योंकि वो उस चुदाई से बहुत खुश थी। फिर समीर उठा और कहीं चला गया और हाथ में मोबाइल लिए वापस आ गया। तब कोमल अपनी पेंटी, ब्रा पहन रही थी। फिर समीर ने कोमल को अपना मोबाइल दिखाया जिसमे उन दोनों का सेक्स प्रोग्राम पूरा रिकॉर्ड हो गया था जिसे देखकर कोमल तो बिल्कुल हक्की बक्की रह गई।

कोमल बोली कि सर अब तो जो आपको चाहिए था वो मिल गया, अब यह क्यों? प्लीज आप इसे डीलीट कर दीजिए। फिर समीर ने कहा कि जान तू एक बार चोदने की नहीं बल्कि रोज़ रोज़ चोदने वाली चीज़ है। अब जा और कल इसी टाइम यहाँ पर आ जाना, हम बहुत मज़ा करेंगे और अगर तू नहीं आई तो यह वीडियो क्लिप कॉलेज के हर एक स्टूडेंट के मोबाइल में नज़र आएगी। फिर उसके बाद लगभग हर रोज़ समीर कोमल को चोदता रहा, कभी कॉलेज तो कभी अपने फार्म हाउस पर तो कभी होटल में। कुछ दिन बाद कोमल की शादी हो गई, लेकिन अब भी जब वो मायके आती है तो समीर उसे बुलाकर चोद देता है क्योंकि वो क्लिप तो उसके पति को दिखाना एक बहाना है। अब उन दोनों को एक दूसरे की जरूरत महसूस होने लगी थी और कोमल अपनी पति की चुदाई से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं थी। उसे उसकी चुदाई से इतना सुख नहीं मिलता था जितना उसे समीर से मिलता था।

धन्यवाद …

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