मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – १२

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मैं वहां से जल्दी से निकल गया और सोचा चलो मम्मी ने कुछ नहीं देखा लेकिन मुझे अभी भी डर लग रहा था की कहीं दीदी ने अगर ये बोल दिया की उन्होंने उन्होंने किसी को आवाज नहीं लगायी तो भी में फंस जाऊंगा मैं परदे के पीछे खड़ा होक मम्मी की बात सुनने लगा मम्मी ने बाथरूम का दरवाजा खट खटा के कहा “क्या हुआ प्रीती क्यों आवाज लगा रही थी ” दीदी ने अंदर से कहा “अरे मम्मी टंकी में पानी ख़तम हो गया है बोरिंग चालू करो ” अब मेरी जान में जान आयी की चलो बच गया आज तो थोड़ी देर बाद दीदी नहा के बाहर आई बहुत सेक्सी लग रही थी उन्होंने ब्लैक कलर की नाइटी पेहेन रखी थी दीदी मम्मी के साथ खाना बनाने किचन में चली गयी और मैं बैठा बैठा जो भी मैंने अभी तक दीदी के साथ किया वो सब सोचने लगा मैं दीदी के बदन का दीवाना हो गया था मेरी हमेशा उनके बदन को छूने की इच्छा होती हमेशा उनके कपडे उतार के उन्हें नंगी देखने की इच्छा होती मैंने दीदी के पूरे बदन पे अपना हाथ फेर चूका था और आज बस में मैंने उनके बोबे भी दबाये थे और दीदी ने भी अपने हाथ से मेरा लंड हिलाया था अब मैं आगे बड़ना चाहता था उन्हें अपने हाथों से पूरी नंगी करके उनके बोबे चुसना चाहता था उनकी चूत चाटना चाहता था उन्हें अपना लंड चुस्वाना चाहता था उन्हें चोदना चाहता था
लेकिन मुझे पता था की एसा हो नहीं सकता क्यों की 1 भाई बेहेन के बीच में ये चीज़ इतनी जल्दी और इतनी आसानी से नहीं हो सकती मैं यही सब सोच रहा था की इतने में दीदी आगयी और मेरे पास बैठ गयी और बोली “ओये क्या सोच रहा है इतना ध्यान से किस लड़की के बारे में सोच रहा है ” मैंने बोला “कुछ नहीं दीदी ” दीदी ने कहा “क्या हो गया इतना खोया सा क्यों है ला रिमोट दे टीवी का ” मुझे मस्ती सूझी मैंने कहा ” नहीं दे रहा ” तो दीदी मुझसे रिमोट छीनने लग गयी मैंने रिमोट अपने हाथ में लेके ऊपर कर दिया दीदी उसे लेने के कोशिश करने लगी मैंने कहा “लो न दीदी मैं तो कबसे आप को देना चाहता हु लेकिन आप ले ही नहीं रहे हो ” तभी दीदी 1 दम से मेरे ऊपर कूद गयी दीदी मेरे ऊपर थी मैंने अपना हाथ और पीछे की तरफ कर दिया दीदी रिमोट छीनने के लिए झुकी और मुझे दीदी की नाइटी के गले में से उनकी ब्रा दिख गयी ये ब्रा नई थी दीदी की ये ब्रा मैंने पहले कभी नहीं देखि थी ये ब्रा बिलकुल टाइट थी दीदी के बोबो पे से इस कारण बहुत ही सेक्सी शेप बन रहा था दीदी क बोबो का दीदी ने आज लाइट ब्लू कलर की ब्रा पेहेन रखी थी
मैं उनकी ब्रा और बोबे देखने में इतना खो गया की दीदी ने कब रिमोट ले लिया मुझे पता ही नहीं चला दीदी रिमोट लेके बोली “देख लिया ना मैं खुद ही अगर कुछ लेना चाहूँ ना तो अपने आप ही ले लेती हूँ ” मैंने सोचा दीदी कब लोगी मेरा लंड अपने इन कोमल होंठो के अंदर इतने मम्मी आई और बोली ” सोनू प्रीती चलो खाना लग गया चलो खाना खालो ” हम दोनों खाने की टेबल पे बैठ गए और खाना खाने लगे इतने में मम्मी ने पापा से कहा ” अरे सुनो आज मेरे भाई का फोन आया था वो कह रहा था की पिताजी की तबीयत ख़राब है तो चलो अपन समाचार लेके आ जाते है कल ” मुझे फ़ौरन ख्याल आया अरे यार पूरा १ दिन और पूरी 1 रात मैं और मेरी प्यारी दीदी इस घर में अकेले रहेंगे अब मैं कुछ प्लान कर सकता हूँ इतने में पापा ने कहा “हा चलो कल मेरी छुट्टी भी है तो कल हो आते है तो परसों शाम तक वापस आ जायेंगे ” मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ की अब सही वक़्त आ गया है थोड़ी देर बाद हम सब खाना खा के उठ गए मैं और दीदी अपने रूम मैं आ गये और अपने अपने बेड पे लेट गए दीदी ने अपना सेल निकाला और चैटिंग करने लगी और
मैं ये सोचने लगा की इस 1 दिन और 1 रात का कैसे अच्छी तरह से उपयोग किया जाये मेरे दिमाग में आया की दीदी को अगर पता ही नहीं चले की उनके साथ क्या हुआ है तो , मुझे मेरा रास्ता मिल गया था मैंने प्लान बनाया की 1 ऑरेंज वोडका का quater लाऊंगा और उसे ऑरेंज कोल्ड ड्रिंक में के दीदी को पिला दूंगा और उनके साथ सब कुछ कर लूँगा लेकिन फिर मेरे मन मैं १ बात आयी की यार सोनू जब दीदी बस में होश मे थी तब करने में जितना मजा आया था उतना जब दीदी सो रही थी तब नहीं आया था तो क्यों ना एसा कुछ किया जाये की दीदी के सामने सब हो मैंने वोडका को अपना प्लान B बनाया की अगर कुछ नहीं हुआ तो ये करूँगा और प्लान A के बारे मैं सोचने लगा तभी मेरे दिमाग मैं १ आईडिया आया क्यों मैं दीदी को एसा कुछ करते हुए पकड़ लूं की वो मेरे चुप रहने के लिए मुझे सब कुछ करने दे मैंने कहा यही सही है फिर मैंने सोचा आज बस की घटना से शुरआत करता हू मैंने दीदी से पूछा “दीदी आज आप बस में क्या कर रहे थे ” दीदी जल्दी से उठ के अपने बेड पे बैठ गयी और मुझसे पुछा ” क्या !!!!! “….
तभी मेरे दिमाग मैं १ आईडिया आया क्यों मैं दीदी को एसा कुछ करते हुए पकड़ लूं की वो मेरे चुप रहने के लिए मुझे सब कुछ करने दे मैंने कहा यही सही है फिर मैंने सोचा आज बस की घटना से शुरआत करता हू मैंने दीदी से पूछा “दीदी आज आप बस में क्या कर रहे थे ” दीदी जल्दी से उठ के अपने बेड पे बैठ गयी और मुझसे पुछा ” क्या !!!!! “
अब आगे :- दीदी ने वापस मुझसे पूछा “क्या कहा तूने ” इतने में मम्मी ने दीदी को बुलाया दीदी चली गयी फिर मैंने वापस सोचा की यार सोनू अगर तूने ऐसा कुछ किया या दीदी को ब्लैकमेल करने की कोशिश की तो इन 2 दिनों में तो हो सकता है की दीदी मुझे सब करने दे लेकिन जब पापा मम्मी आ जायेंगे तो कुछ नहीं हो पायेगा दीदी वो मस्ती मजाक भी बंद कर देंगी जिसके वजह से मैं दीदी के मजे लेता था और दीदी सतर्क भी हो जायेगी क्योंकि उनको मेरे बारे मे पता भी चल जायेगा और क्या पता जब पापा मम्मी आ जाये तो वो उन्हें बता दे इन सब में बहुत रिस्क था इसलिए मैंने दीदी को बेहोश करके ही सब कुछ करने का प्लान बनाया इतने में दीदी वापस आई और मुझसे पूछा “बता ना क्या बोल रहा था तू क्या कर रही थी मैं बस में ” मैंने बात पलट दी मैंने कहा ” अरे दीदी मैं पूछ रहा हु की आप बस मैं क्या कर रहे थे जब आपकी तबियत ख़राब हो रही थी “
दीदी बोली “कुछ नहीं क्या करती बैठी थी आँख बंद करके चल अब सो जा कल स्कूल जाना है ” मैंने बोला ” स्कूल ?? क्यों कल तो अपन को घर पर ही रुकना है ना पापा मम्मी बाहर जा रहे है ” दीदी बोली “नहीं उनका प्लान केंसिल हो गया है ” मेरा दिमाग ख़राब हो गया मैंने सोचा साला जब भी कुछ प्लान बनाता हूँ मेरी ही वाट लग जाती है मैं चुप चाप मन मसोस के सो गया सुबह हम दोनों भाई बेहेन स्कूल के लिए निकल गए दीदीअपनी क्लास में चली गयी और मैं अपनी क्लास में 7th पीरियड में मैं टॉयलेट करने गया हमारे स्कूल मैं टॉयलेट काफी बड़ा था और उसमे 8 टॉयलेट्स थे मैं अंदर गया तो अंदर कोई भी नहीं था मैं 1 टॉयलेट में घुस कर गेट बंद करके बैठ गया तभी किसी ने गेट खोला और अंदर आया मुझे पता नहीं था की वो कौन था फिर दूसरा इन्सान भी अंदर आया उनमे से 1 बोला यार आज कामिनी मैडम को देखा क्या सामान बन के आयी है मैं वो आवाज पहचान गया वो विवेक सर की आवाज थी जेसा की मैंने बताया था की विवेक सेर 1 नंबर का कमीना इंसान था जो स्कूल की लड़कियों को छूने के बहाने ढूढता था कभी उनके कन्धों पे हाथ फेरता था तो कभी पीठ पे उनके साथ दीपक सर भी थे मैं उनकी बातें सुनने लगा
विवेक सर – “यार कामिनी को देखा क्या कंचा लग रही थी आज लाल साड़ी खुले हुए बाल कट स्लीव का ब्लाउज चिकने हाथ क्या सेक्सी लग रही थी साली के बोबे कितने बाहर आ रहे थे ब्लाउज में से “
दीपक सर – “हां यार मेरा तो सुबह सुबह ही खड़ा हो गया था उसको देख के पता नहीं किसके नीचे जाएगी साली “
विवेक सर – “हाँ यार क्या कमसिन अदा है उसकी बार बार अपने बाल पीछे कर रही थी साली के अंडर आर्म्स भी चिकने और गोरे गोरे उसकी चूत भी उतनी ही चिकनी होगी “
दीपक सर – “और गांड देखी उसकी साड़ी में से जब चल रही थी तो कैसे ठुमक रही थी मस्त माल है और विवेक तू कब से इन मैडम को देखने लगा तेरा क्लास की लडकियों से दिल भर गया क्या “
विवेक सर – “नहीं यार लेकिन वो केस हुआ था ना 1 लड़की कुतिया ने शिकायत कर दे थी ना प्रिंसिपल से तब से चुप बेठा हूँ “
दीपक सर – “अच्छा तो आजकल किसी के हाथ नहीं फेर रहा क्या “
विवेक सर- “नहीं यार लेकिन 1 लड़की है जिसने मुझे पागल कर रखा है सेक्सी है यार बहुत क्या बदन है उसका क्या बोबे है
उसकी स्कूल की यूनिफार्म में से बाहर आते है उसकी जवानी ने मुझे पागल कर रखा है आजकल “
दीपक सर – “अच्छा कौन है “
विवेक सर – “12th A में है प्रीती सक्सेना उसने , उसकी तो मैं चुदाई करना चाहता हू अपने स्कूल की अच्छी अच्छी लडकिया तो सारी काम में आ चुकी है बस वो ही अनछुही है “
दीपक सर – “हा यार है तो सेक्सी वो मैंने तो हाथ पकड़ा था 1 बार जब बोर्ड पे सम करवा रहा था उस से बहुत ही कोमल और चिकने हाथ है पता नहीं बोबे कितने मुलायम होंगे उसके “…..

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