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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – १५

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फिर मैंने दीदी की केप्री उतारने की सोची लेकिन उनकी कैप्री का इलास्टिक बहुत टाइट था वो नीचे नहीं हुई अब मैंने दीदी की केप्री और चड्डी उतारने का विचार त्याग दिया और मैं वापस दीदी के बोबे चूसने लगा और उनकी केप्री के अंदर से उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा मैं बहुत ज्यादा गरम हो चूका था मैंने अपना लोअर थोडा सा दीदी के पेरो पे डाला और थोडा सा चादर पे ताकि मुट यहाँ वहां ना गिर जाए फिर मैंने दीदी के बोबो को उनके निप्पल को चुसना चालू किया और अपने हाथ से दीदी का हाथ पकड़ा और उनके हाथ से अपना नंगा लंड पकड़वाया और उसे ऊपर नीचे करने लगा मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था दीदी के हाथों में तो जादू था मैं जल्दी जल्दी दीदी के बोबे चूसने लगा और जल्दी जल्दी उनके हाथ से अपना लंड हिलाने लगा थोड़ी देर में मेरा मुट निकल गया आज मेरा बहुत सारा मुट निकला था आज मैं बहुत संतुष्ट था थोड़ी देर बाद मैं सही हुआ मैंने अपने पास देखा मेरी आधी नंगी दीदी मेरे साथ बेड पे थी मैंने दीदी के होठो पे वापस बहुत ही गहरा और लंबा किस किया फिर उनके कपडे ठीक किये अपना लोअर हटाया उसे छुपा के नया लोअर पेहेन के दीदी के पास आके लेट गया मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी सुबह हुई तो दीदी ने मुझे उठाया “सोनू उठ जा स्कूल जाना है ” मैं उठा फिर दीदी मेरे पास आई और बोली “क्यों डर गया था कल तू क्या हुआ “…….
फिर मैंने दीदी की केप्री उतारने की सोची लेकिन उनकी कैप्री का इलास्टिक बहुत टाइट था वो नीचे नहीं हुई अब मैंने दीदी की केप्री और चड्डी उतारने का विचार त्याग दिया और मैं वापस दीदी के बोबे चूसने लगा और उनकी केप्री के अंदर से उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा मैं बहुत ज्यादा गरम हो चूका था मैंने अपना लोअर थोडा सा दीदी के पेरो पे डाला और थोडा सा चादर पे ताकि मुट यहाँ वहां ना गिर जाए फिर मैंने दीदी के बोबो को उनके निप्पल को चुसना चालू किया और अपने हाथ से दीदी का हाथ पकड़ा और उनके हाथ से अपना नंगा लंड पकड़वाया और उसे ऊपर नीचे करने लगा मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था दीदी के हाथों में तो जादू था मैं जल्दी जल्दी दीदी के बोबे चूसने लगा और जल्दी जल्दी उनके हाथ से अपना लंड हिलाने लगा थोड़ी देर में मेरा मुट निकल गया आज मेरा बहुत सारा मुट निकला था आज मैं बहुत संतुष्ट था थोड़ी देर बाद मैं सही हुआ मैंने अपने पास देखा मेरी आधी नंगी दीदी मेरे साथ बेड पे थी मैंने दीदी के होठो पे वापस बहुत ही गहरा और लंबा किस किया फिर उनके कपडे ठीक किये अपना लोअर हटाया उसे छुपा के नया लोअर पेहेन के दीदी के पास आके लेट गया मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी सुबह हुई तो दीदी ने मुझे उठाया “सोनू उठ जा स्कूल जाना है ” मैं उठा फिर दीदी मेरे पास आई और बोली “क्यों डर गया था कल तू क्या हुआ “….
मैंने दीदी के होठो पे वापस बहुत ही गहरा और लंबा किस किया फिर उनके कपडे ठीक किये अपना लोअर हटाया उसे छुपा के नया लोअर पेहेन के दीदी के पास आके लेट गया मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी सुबह हुई तो दीदी ने मुझे उठाया “सोनू उठ जा स्कूल जाना है ” मैं उठा फिर दीदी मेरे पास आई और बोली “क्यों डर गया था कल तू क्या हुआ “………
अब आगे – मैंने दीदी से कहा “वो दीदी मुझे बाहर से कुछ आवाजें आ रही थी इसलिए मुझे डर लग रहा था लेकिन आप कल रात को इतनी ज्यादा गहरी नींद में कैसे सो रही थी ” दीदी ने बोला ” अरे सोनू वो विवेक सर की टेंशन के कारण परसों नींद ही नहीं आई और कल मम्मी ने खांसी की दवाई भी दे दी थी तो उससे और ज्यादा नींद आ गयी चल अब तैयार हो जा फटाफट स्कूल के लिए ” फिर हम दोनों स्कूल के लिए हमारी स्कूल बस का वेट करने लगे बस आयी तो मैंने देखा की बस का कंडेक्टर मेरी दीदी को घूर घूर के देख रहा था फिर जेसे ही दीदी बस म चडी तो कंडेक्टर ने धीरे से अपना हाथ दीदी की गांड पे फेरा उसने ऐसा इतने ध्यान से किया की किसी ने नोटिस नहीं किया लेकिन वो मैंने देख लिया था थोड़ी देर बाद हम स्कूल पहुंचे स्कूल मे कुछ ख़ास नहीं हुआ 1 बजे हम स्कूल से घर पहुंचे घर पहुँच के देखा तो डाइनिंग टेबल पे 1 लड़की बैठी हुई थी और खाना खा रही थी मैंने दीदी से पूछा ” ये कौन है दीदी ” दीदी ने कहा “स्टुपिड मुझे क्या पता मैं भी तो स्कूल से आई हु अभी अभी तेरे साथ ” इतने में मम्मी ने बोल “अरे बच्चो आ गए तुम देखो तो कौन आया है “
उस लड़की ने पीछे मुड के देखा तो दीदी चिल्ला पड़ी ” माय गॉड शिप्रा दीदी आप कब आये ” और दीदी भाग के उनके गले लग गयी शिप्रा दीदी को मैं नहीं पहचान पाया क्योंकि मैं उनसे बचपन में मिला था वो मेरी मौसी की लड़की थी जो बी कॉम फाइनल इयर में थी बहुत ही सेक्सी लग रही थी वो दीदी से खूब गले मिली और बोली ” ओहो मेरी प्रीती बहुत बड़ी हो गयी तू तो कौनसी क्लास में है तू ” दीदी ने कहा ” दीदी 12 th में हू और आप क्या कर रहे हो आजकल ” तो शिप्रा दीदी ने बोला ” मेरा बी कॉम का फाइनल इयर चल रहा है ” फिर शिप्रा दीदी ने मेरी दीदी को साइड मे किया और मुझे देख के बोली “ओ हेल्लो मिस्टर कौनसी दुनिया में हो , तूने तो मुझे पहचाना ही नहीं होगा छोटा सा था जब मैं मिली थी तुझसे ” मुझे तो शिप्रा दीदी की कोई बात सुनाई ही नहीं दीक्योंकि मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया
ब्लैक कलर का टॉप ब्लू कलर की जींस लम्बे बाल सर पे गोगल लगा हुआ होंठो पे लाइट ब्राउन कलर का लिप ग्लॉस 1 हाथ में घडी और 1 हाथ मे बेन्गल्स वो बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही थी वो मेरे पास आई और चुटकी बजा के बोली “ओये दीन दुनिया से बेखबर कौनसी दुनिया में है पहचाना या नहीं ” मैंने ना में सर हिला दिया उन्होंने कहा “भोंदूमल मैं शिप्रा हु तेरी मौसी की लड़की अब कुछ याद आया ” इतने में मम्मी बोल पड़ी ” अरे शिप्रा इसे कहाँ से याद होगा ये तो बहुत ही छोटा था तब फिर तुम मिले भी तो नहीं उसके बाद ” तो शिप्रा दीदी ने कहा “अरे तो अब मिल लेंगे मौसी , कौनसी क्लास मे है तू भोंदूमल ” मैंने कहा “10th में ” तभी दीदी ने बोल ” शिप्रा दीदी आज इतने सालो बाद 1 दम से कैसे आना हुआ ” तो शिप्रा दीदी ने कहा “अरे यार मेरे फाइनल इयर के एग्जाम आने वाले है तो 2 – 3 बुक्स है जो मिल नहीं रही है बस वही लेने आई थी यहाँ से परसों निकलने का प्लान है “
इसपे दीदी बोली “क्या दीदी इतने सालो बाद आये हो और बस 2 दिन में चले जाओगे थोडा तो रुको ” तो शिप्रा दीदी ने कहा “अरे प्रीती अभी एग्जाम है बाद में आउंगी फिर छुट्टियों में ” मैं तो छुप छुप के बस शिप्रा दीदी को ही देख रहा था वो बहुत सेक्सी थी मैं उनका दीवाना हो चूका था उन्होंने v नैक का टॉप पेहेन रखा था जिसमे से उनके कंधो पर से उनकी ब्रा की 1 स्ट्रेप दिख रही थी शिप्रा दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी थी मेरी नजरे उनके पूरे बदन पे थी उनके टॉप में से उनके बोबे बाहर आ रहे थे फिर नीचे टॉप उनके पेट से चिपका हुआ था और जीन्स में से उनकी प्यारी कोमल गांड बाहर आ रही थी मैं उनके टॉप के गले में से उनके बोबे देखने की कोशिश कर रहा था इतने में मम्मी ने कहा “अरे शिप्रा तू नहा के फ्रेश हो जा और रेस्ट कर ले थोड़ी देर ” शिप्रा दीदी ने कहा “जी मौसी ” और कुर्सी पे से उठते हुए अपने सेंडल उठाने लगी जैसे ही वो झुकी उनके टॉप के गले में से मुझे अंदर का नजारा देखने का मौका मिला मुझे शिप्रा दीदी की ब्रा की थोड़ी सी झलक मिली
लेकिन तभी शिप्रा दीदी ने अपना मुह ऊपर करके बोला ” अरे सोनू सुन तो ” और उन्होंने मुझे उनके टॉप के गले में झांकते हुए पकड़ लिया मैंने जल्दी से अपनी नजरे हटा ली लेकिन मैं जनता था की शिप्रा दीदी मुझे देख चुकी है उनके टॉप के अंदर झांकते हुए वो थोडा सा मुस्कुराई शायद वो समझ गयी थी की मैं क्या देख रहा था उन्होंने मुझसे कहा “अरे सोनू सुन मुझे 2 शेम्पू का पाउच ला के दे ” मैंने कहा ” हाँ दीदी ” मैंने सोचा की बाल बाल बच गए आज तो फिर मैंने सोचा की शिप्रा दीदी नहाने जाने वाली है तो क्यों ना उन्हें नंगी देखा जाये मैं जल्दी से शेम्पू के पाउच लेके आया उन्हें दिए और अपने रूम में जाके बैठ गया थोड़ी देर में शिप्रा दीदी नहाने गयी उन्होंने दरवाजा बंद किया और इतने मैं मेरी दीदी रूम में आगयी और बोली “ओये तुझे मम्मी बुला रही है जा ” मुझे इतना गुस्सा आया अपनी दीदी पर की यार इसे भी अभी ही आना था क्या खैर मैंने सोचा चलो रहने दो बाद में देखेंगे कभी और बहार चला गया थोड़ी देर बाद शिप्रा दीदी नहा के बाहर आयी बहुत ही सेक्सी लग रही थी
गीले गीले बाल गोरा चेहरा डार्क ब्लू कलर का स्लीवलेस टॉप चेक्स वाला पजामा चिकने चमकते हाथ वो बहुत सेक्सी लग रही थी थोड़ी देर बाद शिप्रा दीदी और मेरी दीदी दोनों बैठ कर टीवी देखने लगे मैं चुपके से बाथरूम में गया और वहा पे शिप्रा दीदी की ब्रा और पेंटी ढूँढने लगा फिर मैंने देखा की उन्होंने अपने टॉवल के नीचे अपनी ब्रा और पेंटी धोके सुखा रखी थी मैंने उनकी पेंटी उठाई और उसे सूंघने लगा और शिप्रा दीदी की ब्रा को अपने मुह पे रगड़ने लगा उनकी पेंटी में से बहुत ही कातिल और कमसिन खुशबु आ रही थी मेरा लंड खड़ा हो चुका था मैंने शिप्रा दीदी की पेंटी अपने पूरे नंगे लंड पे फेरी मैं उनकी पेंटी अपने लंड पर लपेट ही रहा था रहा था की तभी मम्मी ने मुझे आवाज लगायी मैंने जल्दी से शिप्रा दीदी की ब्रा पेंटी वापस उसी जगह रखी खुद को नार्मल किया और बाहर आया मुझे देख ” मम्मी ने बोला कहाँ घूम रहा है शिप्रा दीदी बुला रही है ना कम से कम ढंग से मिल तो ले उनसे
मैंने कहा ” हाँ मम्मी ” मैं जाके शिप्रा दीदी के साथ बैठ गया उन्होंने मुझे देखते ही बोला “और हमारे छोटू मोटू सोनू यहाँ तो आओ ” मैं उनके पास चला गया शिप्रा दीदी ने मुझे हग कर लिया और उनके बदन की इतनी कामुख खुशबु थी और उनके बोबे मेरी छाती को छू रहे थे इन सब से मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा हो गया और मेरा खड़ा लंड हलके से उनके पैर पे लग गया उन्होंने मुझे अलग किया और वो फिर मुझे देख के फिर से मुस्कुराई शायद उन्हें पता चल चुका था की मेरा लंड खड़ा हुआ था हम लोगो ने थोड़ी सी बातें की फिर रात का खाना खाने बैठ गए हम खाना खा रहे थे तो पापा ने मम्मी से पुछा की “शिप्रा के सोने का एडजस्टमेंट कहा किया 1 काम करो मैं ड्राइंग रूम में सो जाता हू तुम शिप्रा के साथ सो जाना ” तो मम्मी ने कहा “नहीं जी मैंने सोनू और प्रीती के जो बेड अलग अलग थे उनको मिला दिया है तो तीनो बच्चे साथ में आराम से सो जाएँगे ” मैंने मन ही मन सोचा की काश शिप्रा दीदी मेरे पास सो जाये हम लोगो ने खाना खत्म किया और सोने के लिए अपने रूम में आ गये दीदी ने कहा की “शिप्रा दीदी आप हम दोनों के बीच सोना ताकि हम दोनों आपसे बात कर सके ” शिप्रा दीदी ने कहा ” ठीक है “
थोड़ी देर बाद हम लोग सो गए शिप्रा दीदी मेरे पास ही सो रही थी मैं सोच रहा था की क्या करू नींद में शिप्रा दीदी के बदन को हाथ लगाऊं या नहीं वो जग गई तो अगर उन्हें पता चल गया तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था 1 घंटे बाद मैंने अपना हाथ शिप्रा दीदी की तरफ किया मैंने अपना हाथ उनके चादर के अंदर उनके पजामे के ऊपर से उनके घुटने पे रखा उन्होंने कुछ रियेक्ट नहीं किया फिर मैं अपना हाथ धीरे धीरे ऊपर ले जाना लगा उनकी झांगो की तरफ उन्होंने कुछ रियेक्ट नहीं किया फिर मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनकी झांगो पे फेरने लगा फिर मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनकी दोनों झांगो के बीच डालने लगा तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मैं बुरी तरह से डर गया मैंने अपना हाथ बाहर खींच लिया तभी शिप्रा दीदी ने मेरे कान में बोला “सोनू मैं अभी सोयी नहीं हू जब सो जाऊ तब करना ” मेरी तो हालत ख़राब हो गयी
उन्होंने फिर मेरे कान में बोला “क्या करना चाहता है बोल ” मैं कुछ नहीं बोला मेरी डर के मारे हालत ख़राब हो गयी थी तभी शिप्रा दीदी ने अपने हाथ से मेरे खड़े हुए लंड को पकड़ लिया मेरे लोअर पे से और मेरे कान में बोली “तूने जबसे मेरे टॉप के अंदर देखा है तब से ये ऐसे ही खड़ा है ना ” मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये हो क्या रहा है तभी अचानक शिप्रा दीदी ने मेरे लोअर में अपना हाथ डाल दिया और मेरे नंगे खड़े लंड को अपने हाथ से पकड़ लिया और मेरे लंड के टोपे पे अपनी उंगलिया फिराते हुई मेरे कान में बोली “अरे वाह सोनू तू तो बहुत बड़ा हो गया है ” मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था शिप्रा दीदी मेरे लंड पे हाथ फेर रही थी और मुझे बहुत डर लग रहा था मैंने डरते डरते और रुआंसा होते हुए कहा “प्लीज शिप्रा दीदी मम्मी से मत कहना प्लीज ” शिप्रा दीदी ने मेरे लंड पे अपना हाथ फेरते हुए मेरे कान मे बोला ” अरे नहीं बोलूंगी बोलना होता तो पहले ही बोल देती जब दिन में तू मेरी ब्रा की स्ट्रेप देख रहा था मेरे टॉप में झाँक रहा था जब तू बाथरूम मैं मेरी अंडर गारमेंट्स से खेल रहा था तुझे क्या लगता है मुझे नहीं पता था क्या हम लडकियों को सब पता होता है समझा मेरे भोंदूमल , अच्छा ये बता की पहले ये सब किसी के साथ किया है “
मैंने कहा “नहीं दीदी ” तो दीदी ने कहा “गुड आयी लव वर्जिन्स ” तभी शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी दोनों झांगो के बीच डाल दिया और मेरे कान में बोली “बता क्या क्या देखना चाहता है कहाँ कहाँ हाथ लगाना चाहता है ” अब मैं थोडा रिलैक्स था और शिप्रा दीदी अपने हाथ से लगातार मेरे लंड को सहला रही थी इसलिए मैं मदहोश भी हो चुका था मैंने कहा ” शिप्रा दीदी सबसे पेहले मैं आपके बोबो पे हाथ फेरना चाहता हूँ ” शिप्रा दीदी ने कहा ” हाँ ले न फेर न तुझे अच्छे लगते है क्या मेरे बोबे ” और वो मेरा हाथ अपने टॉप पे ले गयी अपने बोबो पे और बोली “ले तेरा हाथ मेरे बोबो पे है अब बोल क्या करना चाहता है ” मैंने शिप्रा दीदी के बोबो को दबाया और शिप्रा दीदी के बोबे पे हाथ लगते ही मैं पागल हो गया मैं पलट के शिप्रा दीदी के ऊपर चढ़ गया और उन्हें होंठो पे किस करने लगा वो भी मेरे बालो में अपना हाथ फेरने लगी और मुझे किस करने लगी लेकिन तभी उन्होंने मुझे रोका और कहा ” यहाँ नहीं सोनू प्रीती पास में ही सो रही है कहीं और चलते है चल छत पे चलते है “
मैंने कहा ” दीदी छत पे तो आस पास सब ऊपर ही सोते है चलो जीने तक ही चलते है ” और शिप्रा दीदी और मैं जीने पे चल दिए जीने पे पहुँचते ही मैंने उन्हें दीवार से सटाया और उन्हें पागलों की तरह किस करने लगा वो भी मुझे वेसे ही किस करने लगी मैं किस करते हुए उनके बोबे दबा रहा था फिर मैंने नीचे उनकी गर्दन पे स्मूच करना चालू किया शिप्रा दीदी मेरे बालो में हाथ फेर रही थी फिर मैं नीचे गया और उनका टॉप इतनी जोर से खींचा की वो थोडा सा फट गया मैंने उनका टॉप उतार के फेंक दिया अब शिप्रा दीदी मेरे सामने अपनी ब्लैक ब्रा में थी मैंने उनकी ब्रा के दोनों कप नीचे कर दिए और शिप्रा दीदी के बोबे मेरी आँखों के सामने नंगे हो गए उनके निप्पल डार्क ब्राउन कलर के थे उनके दोनों निप्पल खड़े हुए थे मैंने उनके 1 बोबे अपने मुह में लिया और चुसना चालू किया शिप्रा दीदी के मुह से सिसकियाँ निकलने लगी फिर मैं उनके दोनों बोबे चूसने लगा और वो मेरे बालो में हाथ फेर रही थी मैं और नीचे गया और उनके पेट पे स्मूच करने लगा फिर मैंने उनकी नाभि में अपनी जीभ डाल दी और उसे गोल गोल घुमाने लगा उनकी नाभि में जीभ घुमाते हुए मैं उनके बोबे भी दबा रहा था शिप्रा दीदी की सिसकियाँ बढती जा रही थी
फिर मैंने उनका पजामा उतार फेंका शिप्रा दीदी ने पिंक कलर की स्ट्राइप्स वाली लो वेस्ट पेंटी पेहेन रखी थी मैंने अपना मुह उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे रखा उनकी चूत बहुत ही ज्यादा गरम थी मैंने शिप्रा दीदी की पेंटी पे से उनकी चूत पे किस किया अपने होंठो से उनकी चूत पे स्मूच किया और उनके दोनों निप्पलो को अपनी उंगलियों से गोल गोल घुमाने लगा शिप्रा दीदी मेरे बालों में हाथ फेर रही थी शिप्रा दीदी की पेंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी फिर मैंने शिप्रा दीदी की पेंटी भी उतार दी अब शिप्रा दीदी मेरे सामने पूरी नंगी थी उनकी चूत बिलकुल चिकनी थी और बहुत ज्यादा गीली थी उनके डिस्चार्ज के कारण मैंने उनकी नंगी चूत के ऊपर की तरफ थोड़ी सी स्किन बाहर निकल रही थी उसपे अपने होंठ रखे शिप्रा दीदी सिहर उठी फिर मैंने उनकी चूत की दोनों स्किन को अलग किया और उसके अंदर अपनी जीभ डाल दी अब शिप्रा दीदी मेरे बालों को खींचने लगी कभी वो मेरे बालो को खींचती कभो मेरे सर को अपनी चूत पे धक्का देती मैं लगातार उनकी चूत चाटता रहा मेरे दोनों हाथ उनके बोबो पे थे और मेरी जीभ शिप्रा दीदी की चूत में शिप्रा दीदी बहुत तेज तेज और लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी
फिर मैंने उनकी चूत के होल पे अपनी जीभ रखी और उसे गोल गोल घुमाने लगा अब शिप्रा दीदी बहुत ही जोर जोर से सिसकियाँ लेने लगी वो बहुत जल्दी जल्दी मेरे बालों पे अपनी उँगलियाँ चलाने लगी मैं भी शिप्रा दीदी की चूत में अपनी जीभ ऊपर नीचे घुमाने लगा और उनकी पूरी चूत को चाटने लगा और जोर जोर से उनके बोबे दबाने लगा उनके निप्पलो को गोल गोल घुमाने लगा तभी उनके मुह से आवाज निकली ” आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सोनॊऒऒ “और उनकी चूत से बहुत सारा पानी निकल गया मैं उनकी चूत का सारा पानी चाट गया और वापस उनकी चूत चाटने लगा फिर थोड़ी देर बाद मैं अपनी ऊँगली उनकी चूत में डालने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली “सोनू तू मुझे बहुत जन्नत दिखा चूका अब मेरी बारी है तुझे असली जन्नत दिखाने की तूने आज तक ऐसी जन्नत नहीं देखी होगी ” ये कह के शिप्रा दीदी ने मुझे खड़ा किया और मुझे जोरदार किस किया फिर मेरे गले पे किस किया एसे वो मेरे पूरे बदन को चूमते चूमते नीचे जाने लगी फिर वो घुटनों के बल बैठी मेरा लोअर उतारा और मेरा लंड उनकी आँखों के सामने आ गया उन्होंने मेरे लंड पे किस किया मेरी तो आँखें ही बंद हो गयी शिप्रा दीदी के कोमल होंठ मेरे लंड पे लगते ही
फिर उन्होंने मेरे पूरे लंड को किस करने के बाद उसे अपने मुह में ले लिया मैं तो जेसे दूसरी दुनिया में था शिप्रा दीदी अपने होंठो और जीभ से मेरे लंड को चूसने लगी चाटने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा था मैं शिप्रा दीदी के बालो में अपने हाथ फेरने लगा मैंने नीचे देखा तो मेरा लंड शिप्रा दीदी के मुह में था और वो मेरी तरफ देख रही थी मेरे लंड को चूसते हुए हम दोनों की नजरे मिली फिर शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ पकड़ के अपने बोबे पे लगाया मेरे हाथ पहले शिप्रा दीदी के बालो पे थे फिर उनके कंधे से होते हुए उनके बोबे पे चले गए शिप्रा दीदी मेरा लंड चूस रही और मैं उनके बोबे दबा रहा था फिर मैं 1 हाथ से शिप्रा दीदी का बोबा दबाने लगा और दुसरे हाथ से उनके बाल सहलाने लगा शिप्रा दीदी ने मेरा लंड जल्दी जल्दी चुसना शुरू कर दिया मैं भी जल्दी जल्दी शिप्रा दीदी का बोबा दबाने लगा मेरा मुट निकलने ही वाला था मैंने शिप्रा दीदी के दोनों बोबे अपने हाथो में पकड़ लिए और उन्हें जोर जोर से दबाने लगा शिप्रा दीदी भी जल्दी जल्दी मेरा लंड चूसने लगी और तभी मेरा मुट निकल गया मेरा सारा मुट शिप्रा दीदी के मुह मे निकल गया जिसे वो निगल गयी और मेरे लंड को साफ़ कर दिया उन्होंने मेरा लंड अपने मुह से निकाला हम दोनों की नजरे 1 दुसरे से मिली शिप्रा दीदी खड़ी हुई फिर हम दोनों ने 1 प्यारा सा लम्बा सा किस किया मैंने शिप्रा दीदी से बोला ” आयी लव यू दीदी ” तभी मम्मी की आवाज आयी “कौन है वहा “………

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