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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – १६

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मैंने थोडा छुप के नीचे देखा तो सीडियो के पास मम्मी थी मैंने जल्दी से अपना लोअर पहना और अपने बाल सही किये और शिप्रा दीदी ने अपनी ब्रा पेंटी उठाई मैंने शिप्रा दीदी को अँधेरे में छुपाया और इससे पहले की मम्मी लाइट जलाती मैंने नीचे आते हुए बोला ” मैं हूँ मम्मी सोनू ” मम्मी ने मुझे देखते हुए बोला ” सोनू इतनी रात को ऊपर जीने पे क्या कर रहा है तू ” मैंने कहा “मम्मी वो मुझे छत पे से कुछ आवाज आई थी तो वो चेक करने आया था “
मम्मी ने ऊपर आते हुए बोला ” कहाँ से बता मुझे ” मैंने मम्मी को रोकते हुए बोल ” अरे मम्मी वो बिल्ली थी मैंने भगा दिया उसे चलो अब सो जाओ आप भी ” मम्मी ने कहा ” ठीक है बेटा तू भी सोजा ” फिर मम्मी अपने रूम में चली गयी और गेट बंद कर लिया मैंने थोडा राहत की सांस ली और वापस जीने पे गया वहां जाके देखा तो शिप्रा दीदी अपने सारे कपडे पेहेन चुकी थी और थोड़ी सी डरी हुई खड़ी थी मुझे देखते ही उन्होंने बोला “आज तो बाल बाल बच गए सोनू , मेरा दिल तो अभी भी जोर जोर से धड़क रहा है ” मैंने बोला “देखू तो दीदी ” और ये कहते हुए मैंने उनके टॉप पे से उनका 1 बोबा पकड़ लिया और उसे दबाने लगा अपने हाथ से शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ झटकते हुए बोला “पागल है क्या अगर मौसी वापस आगयी तो चल अब यहाँ से ” और वो जाने लगी मैंने उनका हाथ पकड़ के उन्हें अपनी तरफ खींचा और हग कर लिया और उन्हें किस करने लगा
उन्हें किस करते हुए मैं अपने दोनों हाथ उनकी गांड पेफेरने लगा उनकी गांड को सहलाने लगा उसे दबाने लगा थोड़ी देर बाद वो अपने होंठ मुझसे छुडाते हुए बोली ” अरे सोनू यार मरवाएगा क्या चल अगर मौसी वापस आ गयी तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी चल ना यार ” मुझे उनकी बात सही लगी अगर मम्मी वापस आ जाती तो बचने का कोई चांस नहीं था और हो भी सकता है की वो वापस चेक करने के लिए आ जाये मैंने कहा ” हाँ दीदी चलो ” हम दोनों अपने रूम में आ गये शिप्रा दीदी ने पहले मेरी दीदी को चेक किया , वो गहरी नींद में सो रही थी फिर हम दोनों बेड पे लेट गए लेकिन आज मुझे जिस जन्नत का एहसास शिप्रा दीदी ने कराया था वो मैं अभी तक भूला नहीं था जब मैंने शिप्रा दीदी को वापस हग करके किस किया था तब से मेरा लंड वापस खड़ा हो गया था जो अभी तक खड़ा था
फिर शिप्रा दीदी पानी पीके मेरे पास लेटी और उनके लेटते ही मैंने उनके टॉप पे से उनके बोबे पे अपना हाथ रख दिया वो मुस्कुरा के मेरे कान में धीरे से बोली ” हाँ हाँ अब तू थोड़ी ना मानेगा आखिर शेर के मुह खून जो लग गया है ” मैंने कहा”दीदी खून नहीं आपका बोबा लग गया है” शिप्रा दीदी बोली “धत” मैं उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाना लगा शिप्रा दीदी के मुह से धीरे से सिसकी निकली मैंने शिप्रा दीदी के कान में कहा “दीदी आपके बोबे कितने नरम नरम मुलायम मुलायम है” फिर मैंने अपना हाथ शिप्रा दीदी के टॉप के नीचे से उनके पेट पे रखा और उनके पेट को सहलाने लगा शिप्रा दीदी ने मेरे कान मे कहा “मत कर सोनू प्रीती पास में ही सो रही है “
लेकिन मुझे तो जेसे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था मैं शिप्रा दीदी को वापस गरम करना चाहता था मैं उनके पेट को सहलाते हुए अपना हाथ उनके टॉप के नीचे से धीरे धीरे ऊपर लेके जाने लगा शिप्रा दीदी सिसकियाँ लेने लगी फिर मेरा हाथ उनकी ब्रा पे टच हुआ मैंने पहले उनके दोनों बोबे उनकी ब्रा पे से दबाये फिर उनकी ब्रा के दोनों कप्स को नीचे कर दिया शिप्रा दीदी के दोनों बोबे उनके टॉप के अंदर नंगे हो गए थे मैंने उनके 1 नंगे बोबे को दबाया और उनके निप्पल को अपनी ऊँगली से गोल गोल घुमाने लगा अब शिप्रा दीदी भी गरम हो चुकी थी उन्होंने मेरी तरफ करवट ली और अपने होंठ मेरे होंठो पे रख दिए और मुझे पागलो की तरह किस करने लगी
मैं भी उन्हें किस करने लगा और उनके दोनों नंगे बोबे दबाने लगा शिप्रा दीदी भी मुझे किस करते हुए अपना हाथ मेरे चादर में डालके नीचे ले गयी और लोअर पे से मेरे खड़े हुए लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी शिप्रा दीदी के दोनों निप्पल खड़े हो चुके थे मैं उनके दोनों निप्पलो से खेलने लगा फिर मैंने शिप्रा दीदी के होंठ छोड़े और अपना हाथ उनके पेट से नीचे उनकी चूतकी तरफ लेके गया शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया मैं वापस उन्हें किस करने लगा थोड़ी ही देर में उनकी पकड़ ढीली हो गयी और मैंने जल्दी से अपना हाथ सीधे उनकी कैप्री के अंदर से उनकी पेंटी के अंदर डाल दिया
अब मेरा हाथ शिप्रा दीदी की नंगी और चिकनी चूत पे था मैं अपना हाथ उनकी पूरी चूत पे फेरने लगा उनकी नंगी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा उनकी चूत बहुत ही ज्यादा गीली थी धीरे धीरे शिप्रा दीदी अपनी टांगें खोलने लगी अब मेरा हाथ उनकी पूरी चूत में ऊपर नीचे हो रहा था शिप्रा दीदी पूरी तरह गरम हो चुकी थी वो मेरे होंठो को छोड़ ही नहीं रही थी और मैं भी उनके होंठो को चूसते हुए उनकी चूत को सहला रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मुझे किस करते हुए मेरे लोअर के अंदर अपना हाथ डाल दिया और मेरे नंगे लंड को सहलाने लगी उसे ऊपर नीचे करने लगी
मैंने अपनी 1 ऊँगली शिप्रा दीदी की चूत के होल पे रखी और गोल गोल घुमाने लगा शिप्रा दीदी इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गयी की उन्होंने अपने दांत से मेरा 1 होंठ को काट लिया मैंने दर्द के कारण अपने होंठ उनसे छुडाये फिर मैंने अपनी उंगलियों से शिप्रा दीदी की clit को सहलाने लगा अब शिप्रा दीदी पागल हो चुकी थी उनकी आँखें बंद थी मैंने उनकी clit को सहलाना जारी रखा और उनकी गर्दन पे स्मूच करते हुए नीचे जाने लगा शिप्रा दीदी ने एकदम से मेरे बाल पकड़ लिए और धीरे से कहा “नहीं वहां नहीं मैं खुद पर काबू नहीं रख पाऊँगी जहाँ तुम्हारी उंगलिया है वहीँ सहलाते रहो मैं झरने वाली हूँ ” मैं वापस उन्हें किस करने लगा और अपनी उंगलियों से उनके clit को जल्दी जल्दी सहलाने अब शिप्रा दीदी ने अपना हाथ मेरे लंड पे से हटा लिया और मेरे हाथ को पकड़ लिया मैं फिर भी सहलाता रहा थोड़ी ही देर में उन्होंने अपने नाखून मेरे कंधे पे गडा दिए और उसे रगड़ दिया और उनके मुह से 1 लम्बी सी सिसकी निकली “आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह …..” मैंने उनकी आवाज को दबाने के लिए अपने होंठ उनके होंठ पे रख दिए
शिप्रा दीदी झर चुकी थी उनकी पूरी पेंटी उनकी चूत के डिस्चार्ज में गीली हो गयी थी मैंने अपना हाथ उनकी पेंटी में से निकाला और उसे चाटने लगा शिप्रा दीदी ये देख के मुस्कुराने लगी उन्होंने मुझे 1 प्यारा सा किस किया और अपने हाथ से मेरी चादर के अंदर मेरे लोअर को नीचे तक उतार दिया अब मैं चादर के नीचे बिलकुल नंगा था उन्होंने अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और उसे हिलाने लगी मुझे थोड़ी देर तो मजा आया फिर मुझे थोड़ी सी अपने लंड पे जलन होने लगी मैंने शिप्रा दीदी से कहा ” दीदी आपके हाथ और आपकी उंगली की अन्घूठी से मुझे थोड़ी सी जलन हो रही है ” दीदी ने अपना हाथ निकाला और अपनी पेंटी के अंदर डाला फिर वापस मेरे लंड पे लगाया अब उनका हाथ चिकना हो गया था मैं समझ गया की शिप्रा दीदी अपनी चूत का डिस्चार्ज मेरे लंड को चिकना करने के लिए इस्तेमाल कर रही है अब उनका हाथ चिकना हो गया था वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को हिलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं भी उनके नंगे बोबे दबाने लगा फिर मैंने शिप्रा दीदी से कहा की “दीदी प्लीज अपने मुह में लो न चूसो ना ” शिप्रा दीदी ने कहा “नहीं सोनू बहुत रिस्क है प्रीती पास में ही सो रही है उसको पता लग जाएगा तू फ़िक्र मत कर मैं हाथ से ही मजा दे दूंगी “
और वो मेरे लंड को वापस हिलाने लगी मुझे मजा आ रहा था शिप्रा दीदी जल्दी जल्दी मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लगी मैं भी उनके बोबे मसलने लगा फिर मुझे कुछ ध्यान आया और मैंने शिप्रा दीदी से कहा की ” दीदी मुट निकलेगा तो चादर गन्दी हो जाएगी क्या करे ” शिप्रा दीदी ने कुछ सोचा फिर अपनी चादर में हाथ डाला और मैंने धयान से देखा तो उन्होंने अपनी कैप्री पूरी उतार दी फिर अपनी पेंटी उतारी उसे अपने हाथ में लिया मैं समझ गया की उनका आईडिया क्या था उन्होंने अपनी पेंटी मेरे लंड पे रखी और वापस अपनी कैप्री ऊपर करने लगी मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा “नहीं दीदी उसे नीचे ही रहने दो मैं वहां हाथ फेरते हुए झरना चाहता हूँ ” शिप्रा दीदी मुस्कुराई और बोली “अच्छा हाथ तो छोड़ चादर तो ओड़ने दे “
दीदी ने अपनी पेंटी मेरे लंड पे लपेटी और फिर उसे ऊपर नीचे करने लगी अब मुझे पहले से बहुत ज्यादा मजा आ रहा था मुझे पता था की मेरे लंड पे शिप्रा दीदी की पेंटी है और शिप्रा दीदी खुद उसे अपने हाथो से मेरे लंड पे लपेट कर मेरा लंड हिला रही है अब मेरा लंड बहुत ही चिकना हो गया था शिप्रा दीदी की पेंटी में बहुत ज्यादा डिस्चार्ज था इस वजह से उनके डिस्चार्ज की चिकनाई के कारण अब मेरा लंड आसानी से ऊपर नीचे हो रहा था शिप्रा दीदी ने मेरे लंड को हिलाते हुए मुझे किस करने लगी फिर मैंने शिप्रा दीदी की ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी ब्रा उनके टॉप में से बाहर निकाल दी और उनके पूरे टॉप को उनके गले तक ऊपर कर दिया शिप्रा दीदी ने अपनी ब्रा अपने तकिये के नीचे रखी और वापस मुझे किस करने लगी और जल्दी जल्दी मेरा लंड ऊपर नीचे करने लगी मैं भी जल्दी जल्दी उनके बोबे दबाने लगा
उन्होंने कहा “अरे धीरे दबा ना यार कहीं भागी थोड़ी ना जा रही हूँ ” मैंमुस्कुरा दिया और उनके बोबे दबाते हुए उन्हें किस करने लगा अब मैं झरने ही वाला था तभी मैंने शिप्रा दीदी से कहा की ” दीदी मैं आपके बोबे चूसते हुए और आपके वहां हाथ फेरते हुए झरना चाहता हूँ ” शिप्रा दीदी मुस्कुरा के बोली ” धीरे धीरे तेरी इच्छाएं तो बढती ही जा रही है , रुक मैं कुछ करती हूँ ” फिर उन्होंने मेरी तरफ करवट ली अपना हाथ अपने सर पे रख के अपने हाथ के बल लेट गयी इससे उनके दोनों बोबे मेरी तरफ भी हो गए और थोड़े से लटक भी गए फिर शिप्रा दीदी ने कहा “अब तू थोडा सा नीचे होजा और कर जो करना है ” वो जल्दी जल्दी मेरा लंड हिलाने लगी और मैं उनके बोबे चूसने लगा फिर मैंने शिप्रा दीदी से कहा “दीदी अपनी झांगे तो खोलो मेरा हाथ वहां नहीं जा पा रहा ” शिप्रा दीदी ने अपनी झांगे थोड़ी खोली और मैंने अपना हाथ उनकी दोनों झांगों के बीच डाल दिया और उनकी चूत सहलाने लगा
मुझे बहुत मजा आ रहा था मेरे मुह में शिप्रा दीदी का बोबा थामेरा हाथ उनकी नंगी चिकनी चूत पे था और वो अपने हाथो से मेरा लंड हिला रही थी अब शिप्रा दीदी ने जल्दी जल्दी मेरा लंड ऊपर नीचे करने लगी मैं भी उनके बोबे को चूसने लगा और उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा मेरा मुट निकलने ही वाला था मैं इतना ज्यादा उत्तेजित हो गया की मैंने शिप्रा दीदी का निप्पल अपने दांत से काट लिया उनके मुह से आवाज निकली ” आउच ….जंगली आराम से कर ना ” मैं मुस्कुरा दिया और वापस उनका निप्पल चूसने लगा शिप्रा दीदी अपनी पेंटी को मेरे लंड के टोपे पे लपेट कर जल्दी जल्दी मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लगी और मैं भी जल्दी जल्दी अपना हाथ उनकी चूत पे फेरने लगा और थोड़ी ही देर मैं मेरा मुट निकल गया मेरा सारा मुट शिप्रा दीदी की पेंटी पे निकल गया शिप्रा दीदी ने अपनी पेंटी से मेरा पूरा लंड साफ़ किया और फिर वो पेंटी अपने मुह के पास लायी और मेरा सारा मुट अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ़ कर दिया और मुझे आँख मारके मुस्कुराई
मुझे इसकी बिलकुल उम्मीद नहीं थी वो सीन और शिप्रा दीदी का आँख मारना इतना सेक्सी लगा की मैंने शिप्रा दीदी को उसी समय पकड़ा और 1 लम्बा किस किया फिर हम दोनों अलग हुए शिप्रा दीदी ने मेरे कान में कहा “मजा आया ” मैंने कहा ” बहुत दीदी और आपको ” दीदी ने कहा “मुझे कितना मजा आया ये तो तुझे मेरी पेंटी से ही पता चल गया होगा ना ” और हम दोनों मुस्कुरा दिए फिर शिप्रा दीदी ने कहा “हाँ तो अब ऊपर करलू क्या अपनी केप्री ” मैंने कहा ” नहीं दीदी ऐसे ही रहने दो ना ” दीदी मुस्कुरा दी और अपनी केप्री ऊपर की अपनी ब्रा पहनी अपना टॉप नीचे किया और अपनी पेंटी को तकिये के नीचे रखा मैंने भी अपना लोअर ऊपर किया और फिर हम दोनों सो गए सुबह मेरी आँख खुली तो बेड पे मैं अकेला ही था शिप्रा दीदी और मेरी दीदी दोनों उठ चुके थे मैं लेटा हुआ कल रात के बारे में सोचने लगा तभी बाथरूम का गेट खुला और शिप्रा दीदी नहा के बाहर आयी उन्होंने वाइट कलर का सलवार सूट पहना हुआ था बहुत ही सेक्सी लग रही थी उन्होंने टॉवल से अपने गीले बाल पोछते हुए मुझे आँख मारी और बोला “गुडमोर्निंग ….”….

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