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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – १७

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मैं लेटा हुआ कल रात के बारे में सोचने लगा तभी बाथरूम का गेट खुला और शिप्रा दीदी नहा के बाहर आयी उन्होंने वाइट कलर का सलवार सूट पहना हुआ था बहुत ही सेक्सी लग रही थी उन्होंने टॉवल से अपने गीले बाल पोछते हुए मुझे आँख मारी और बोला “गुडमोर्निंग ….”
अब आगे – मैंने भी उन्हें मुस्कुरा के गुड मोर्निंग कहा और आँखों से इशारा करके अपने पास बुलाया शिप्रा दीदी दरवाजे के पास गयी इधर उधर देखा की कोई है तो नहीं और फिर मेरे पास आई और बोली “हाँ जी बोलो क्यों इशारे कर रहे हो ” मैंने उनका हाथ पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया वो खुद को संभाल नहीं पाई और मेरे ऊपर लेट गयी हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे मैंने उनके गीले बालों में हाथ फेरते हुए कहा “शिप्रा दीदी बड़ी सेक्सी लग रही हो यार ” और उन्हें किस करने के लिए आगे बड़ा उन्होंने मेरे होंठ पर अपनी ऊंगली रख के मुझे पीछे करते हुए कहा “नहीं अभी नहीं कोई आ जायेगा” मैंने कहा “चेक किया ना आपने अभी कहाँ है सब ” उन्होंने कहा “सब ड्राइंग रूम में बैठे है पेपर पढ रहे है” मैंने पलट के उन्हें बेड पे लिटा दिया और खुद उनके ऊपर लेट गया शिप्रा दीदी मेरे नीचे थी और मैं उनके ऊपर बहुत ही सेक्सी , कामुख और मदहोश कर देने वाली खुशबु आ रही थी उनके बदन में से मैंने उन्हें निहारते हुए बोला “तो एक छोटा सा किस तो दे दो ” उन्होंने कहा “नहीं हिम्मत है तो खुद ले लो ” मैंने उनके दोनों हाथ पकडे और उनके होंठो के पास अपने होंठ लेके गया उन्होंने अपना फेस घुमा लिया मैंने उनकी नाजुक गर्दन पे किस किया और कहा “किस दे रही हो या काट लूं यहाँ पे सबको दिख जायेगा ” उन्होंने कहा “अच्छा बाबा लो ” और उन्होंने अपना फेस सीधा कर लिया मैंने अपने होंठ शिप्रा दीदी के होंठो पे रखे और हम दोनों ने एक प्यारा सा किस किया वो मेरे होंठ चूस रही थी और मैं उनके , मैं अपना एक हाथ उनके गीले और खुशबुदार बालों में फेर रहा था और दूसरा हाथ उनके बोबे पे रखा तो उन्होंने मेरा हाथ झटक दिया और “कहा नहीं अभी नहीं अब चलो नहीं तो कोई देख लेगा “
ये कह के उन्होंने मुझे धक्का दिया और बेड से खड़ी हो गयी और फिर कांच में देख कर अपने बाल सुखाने लगी और बनाने लगी मैं थोड़ी देर तक उन्हें ऐसे ही देखता रहा फिर खड़ा हुआ और उनके पास गया वो अपने दोनों हाथ ऊपर करके अपने बालों में क्लिप लगा रही थी और मैंने पीछे से हाथ डालके उनके दोनों बोबे पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगा उन्हें सहलाने लगा उन्होंने मेरे दोनों हाथ झटकते हुए कहा “बेशर्म इंसान जब देखो इन्ही के पीछे पड़े रहते हो कोई देख लेगा ” ये कह के वो खिलखिलाके हंसती हुई रूम के बाहर चली गयी मैं भी उठ के अपना मुह धोके ड्राइंग रूम में गया वहां बस पापा मम्मी ही बैठे थे मैंने उन्हें गुड मोर्निंग कहा और मम्मी से पूछा “मम्मी प्रीती दीदी कहाँ है ” मम्मी ने कहा “अरे वो उसकी फ्रेंड के गयी है पास में ” मैंने कहा “सुबह सुबह ” तो मम्मी ने कहा “हाँ उसने एक बुक मंगाई थी बसवही देने गयी है , अच्छा सोनू वो शिप्रा को बोल की चाय उबल गयी होगी तो छान के ला दे सबके लिए”
मैंने कहा “हाँ मम्मी ” मैं किचन में गया तो शिप्रा दीदी चाये के पास ही खड़ी थी मैंने पीछे से जाके उनकी कमर को पकड़ लिया और उनकी पूरी पीठ पे किस करने लगा मैंने कहा “शिप्रा दीदी आज तो बहुत ही सेक्सी लग रही हो आप ” फिर मैं पीछे से उनकी गर्दन पे किस करने लगा और उन्हें किस करते करते मैं अपना हाथ उनकी पतली सी सलवार पे से उनकी गांड पे फेरने लगा उनकी गांड बहुत ही कोमल थी फिर मैंने उनका हाथ पकड़ के उन्हें अपनी तरफ घुमाया उन्होंने कहा “सोनू पागल है क्या कोई देख लेगा ” मैंने कहा “कोई नहीं देखेगा प्रीती दीदी है नहीं और पापा मम्मी बातें कर रहे है जब तक उनकी आवाजें हमें सुनाई दे रही है तब तक कोई प्रॉब्लम नहीं है ” ये कह के मैं उन्हें किस करने लगा और उन्हें भी मेरी बात सही लगी और वो भी मुझे किस करने लगी मैंने उन्हें किस करते करते उनके बालो का क्लिप खोल दिया जिससे उनके बाल खुल गए
और मैं उन्हें किस करते हुए उनके बालो में हाथ फेरने लगा वो भी मेरे होंठो को चूस रही थी उन्हें किस करते करते मैंने अपना हाथ उनके बालों से निकाला और उनके बोबे पे रख दिया और उनके होंठ चूसते हुए उनके बोबे दबाने लगा शिप्रा दीदी के दोनों हाथ मेरे बालो में थे और मुझे किस करते हुए वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी थोड़ी देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे के होंठ चूसते रहे फिर मैंने उन्हें अलग किया और उनकी आँखों में देखा तो उनकी आँखें नशीली और पूरी तरह से लाल हो चुकी थी मैं और उत्तेजित हो गया और उन्हें वापस किस करने लगा अब मैंने उन्हें किस करते हुए अपने हाथ नीचे से उनके कुर्ते के अंदर डाला आज शिप्रा दीदी ने कुर्ते के नीचे शमीज और उसके नीचे ब्रा पेहेन रखी थी मैंने उन्हें किस करते हुए पहले शमीज पे से उनके बोबे दबाये फिर उनकी शमीज में हाथ डालने के लिए उसे ऊपर करने की कोशिश की लेकिन वो ऊपर नहीं हुई शिप्रा दीदी ने शमीज अपनी सलवार के अंदर डाल रखी थी मैंने और थोडा जोर लगाया तो उनकी शमीज उनकी सलवार में से निकल गयी अब मैंने उनकी शमीज भी ऊपर कर दी और उन्हें किस करते हुए उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और उनके हाथ को अपने लंड पे लगाया अब शिप्रा दीदी लोअर पे से मेरे पूरे लंड पे अपना हाथ फेरने लगी मैं उन्हें किस कर रहा था और मेरा हाथ शिप्रा दीदी के कुर्ते में था उनकी ब्रा पे और शिप्रा दीदी का हाथ मेरे लंड पे था
तभी शिप्रा दीदी ने अपना हाथ मेरे लोअर के अंदर डाल दिया और लोअर के अंदर से मेरे नंगे लंड को सहलाने लगी मैं अब बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चूका था मैंने उसी समय शिप्रा दीदी को किचन की दीवार से सटा दिया और उन्हें किस करते करते उनका कुर्ता ऊपर करने लगा फिर मैंने शिप्रा दीदी के होंठ छोड़े और उनकी गर्दन पे स्मूच करने लगा उनकी गर्दन पे अपने होंठ फेरने लगा फिर मैं उनके सामने घुटनों के बल बैठ गया और उनका कुर्ता ऊपर कर दिया फिर उनकी शमीज ऊपर की फिर उनकी ब्रा भी ऊपर कर दी आज शिप्रा दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी थी उनकी ब्रा ऊपर करते ही उनके दोनों बोबे मेरी आँखों के सामने नंगे हो गए शिप्रा दीदी के दोनों बोबो के निप्पल खड़े हुए थे मैंने शिप्रा दीदी का एक बोबा अपने मुह में लिया और उसे चूसने लगा और उनके दूसरे बोबे को अपने हाथ से दबाने लगा शिप्रा दीदी के मुह से सिसकियाँ निकल रही थी उनकी आँखें बंद थी और उनके दोनों हाथ मेरे बालो में चल रहे थे
फिर मैंने उनके दुसरे बोबे को मुह में लिया और उसे चूसने लगा और पहले वाले बोबे के खड़े हुए निप्पल को अपनी उंगली से गोल गोल घुमाने लगा फिर मैं और नीचे गया और शिप्रा दीदी की नाभि पे किस किया फिर मैंने अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी और उनकी नाभि में अपनी जीभ गोल गोल घुमाने लगा उनकी नाभि में अपनी जीभ घुमाते हुए मैं उनके दोनों बोबे अपने दोनों हाथ से दबाने लगा फिर मैं और नीचे गया उनकी सलवार पे से उनकी चूत पे किस किया और उनकी सलवार का नाडा खोलने लगा शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ पकड़ लिया मैंने ऊपर देखा तो उन्होंने ना में अपना सर हिलाया मैं वापस ऊपर गया और उनके बोबे चूसने लगा फिर थोड़ी देर शिप्रा दीदी के बोबे चूसने के बाद मैं वापस ऊपर गया अब शिप्रा दीदी बेकाबू हो चुकी थी उन्होंने मुझे पागलों की तरह किस करना चालू कर दिया वो मेरे होंठो को चूसने लगी और मैं भी उन्हें किस करने लगा और किस करते हुए उनके नंगे बोबे दबाने लगा फिर मैंने अपना हाथ नीचे उनकी दोनों झांगो में डाल दिया और सलवार पे से उनकी पूरी चूत मसलने लगा
तभी मम्मी की ड्राइंग रूम से आवाज आई “शिप्रा चाय लिया बेटा जल्दी ” शिप्रा दीदी ने मेरे होंठ छोड़े लेकिन मैं अभी भी उनकी चूत मसल रहा था शिप्रा दीदी ने कांपती और लडखडाती आवाज में कहा “हाँ मॊस्सी बस्स्स्स अभी लाअय्यीईई ” लेकिन मैं शिप्रा दीदी को छोड़ ही नहीं रहा था मैं वापस उनके नंगे बोबे चूसने लगा और सलवार पे से उनकी चूत रगड़ने लगा शिप्रा दीदी का हाथ भी मेरे लोअर में था और वो भी मेरे नंगे लंड को मसल रही थी मैं वापस ऊपर गया अब हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे वो मेरी आँखों में देखते हुए मेरे नंगे लंड को रगड़ रही थी और मैं उनकी आँखों में देखते हुए उनकी सलवार पे से उनकी चूत को रगड़ रहा था फिर मैंने उनकी आँखों में देखते देखते अपना हाथ उनकी सलवार के अंदर उनकी पेंटी में डाल दिया और उनकी नंगी चूत को ऊपर से लेके नीचे तक रगड़ने लगा
फिर मैंने उनकी आँखों में देखते हुए अपनी एक उंगली उनकी चूत की दोनों स्किन के बीच डाल दी और उसे ऊपर नीचे करने लगा अब शिप्रा दीदी की आँखें बंद हो चुकी थी और वो बहुत लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी फिर मैं उन्हें किस करने लगा उनके होंठ चूसने लगा और जल्दी जल्दी अपनी उंगली उनकी चूत के अंदर ऊपर नीचे करने लगा और तभी शिप्रा दीदी ने मेरे बालों को जोर से खींचते हुए मुझे एक लम्बा सा किस किया और शिप्रा दीदी झर गयी उन्होंने थोड़ी देर बहुत प्यार से मेरी आँखों में देखा और नीचे घुटनों के बल बैठ गयी और मेरा लोअर नीचे कर दिया मेरा नंगा खड़ा हुआ लंड उनकी आँखों के सामने था उन्होंने मेरे लंड पे किस किया फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पे गोल गोल घुमाई फिर उन्होंने अपनी उंगली से मेरे लंड के छेद को थोडा सा चोडा किया और उसपे अपनी जीभ घुमाने लगी मैं तो हवा में था और
फिर शिप्रा दीदी ने मेरा लंड अपने मुह में ले लिया मैं वापस उसी जन्नत में पहुँच गया वो मेरे लंड को चूसने लगी मैं शिप्रा दीदी के बालों में अपना हाथ फेरने लगा फिर शिप्रा दीदी मेरे लंड के टोपे को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मेरी आँखों में देखा और मेरे लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लगी फिर मेरी आँखों में देखते हुए ही उन्होंने वापस मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और उसे चूसने लगी मेरा एक हाथ शिप्रा दीदी के बोबे पे गया और मैं उनका बोबा दबाने लगा वो भी जल्दी जल्दी मेरे लंड को चूसने लगी मैंने दूसरा हाथ उनके सर पे लगाया और अपने लंड पे धक्का दिया वो और जल्दी जल्दी मेरे लंड को चूसने लगी और तभी मेरा मुट निकल गया मेरा सारा मुट शिप्रा दीदी के मुह में निकल गया जिसे वो निगल गयी फिर वो खड़ी हुई हमने एक किस किया उन्होंने अपने कपडे सही किये मैंने अपना लोअर ऊपर किया और देखा तो चाय पूरी काली होके जल चुकी थी शिप्रा दीदी ने फटाफट वो पतीला धोया और नई चाय बनाने लगी तभी मम्मी के आने की आवाज आई मैं पानी पीने लग गया और शिप्रा दीदी चाय बनाने में मम्मी ने आके पुछा ” क्या कर रही है शिप्रा क्या हुआ चाय का ये क्या नई चाय क्यों बना रही है क्या हुआ “…..
मम्मी ने शिप्रा दीदी से पूछा “अरे शिप्रा चाय तो मैं चड़ा के गयी थी तू नई क्यों बना रही है ” शिप्रा दीदी ने जवाब दिया “अरे मौसी वो दूध फट गया था इसलिये नयी चाय बनाई ” मम्मी ने कहा “ठीक है जल्दी से छान के लिया ” और मम्मी किचन से बाहर चली गयी मम्मी के जाते ही मैंने शिप्रा दीदी को वापस पीछे से पकड लिया और पीछे से हाथ डालके उनके बोबे दबाने लगा और उनकी गर्दन पे किस करने लगा शिप्रा दीदी बोली “ओये अभी तो किया है इतना कुछ तेरा दिल नहीं भरा क्या ” मैंने कहा ” नहीं दीदी चलो वापस करते है ना आपका बदन तो बहुत प्यारा है ” शिप्रा दीदी ने मेरा हाथ झटकते हुए कहा ” पागल है क्या छोड़ मुझे कोई आ जाएगा हट जाने दे मुझे ” मैंने उन्हें छोड़ दिया और किचन से बाहर अपने रूम में जाके लेट गया और जो भी अभी किचन में हुआ उस के बारे में सोचने लगा शिप्रा दीदी में कुछ बात तो थी उन्हें हमेशा छूने की इच्छा होती थी मैं सोचने लगा की जब शिप्रा दीदी चली जाएंगी तब मैं क्या करूँगा तभी शिप्रा दीदी की आवाज आई “सोनू चाय पी ले ” मैं उठ के ड्राइंग रूम में गया और बैठ के सब के साथ चाय पीने लगा इतने में प्रीती दीदी भी अपनी फ्रेंड के यहाँ से वापस आ गई उन्होंने ग्रे कलर का टॉप और ब्लैक कलर की केप्री पेहेन रखी थी बड़ी सेक्सी लग रही थी प्रीती दीदी उनके पतले टॉप में से उनके मोटे बोबे बाहर निकल रहे थे शिप्रा दीदी के चक्कर में मैं अपनी दीदी को तो भूल ही गया था लेकिन सेक्सी तो दोनों ही थी प्रीती दीदी को देखते ही मम्मी ने कहा “अरे प्रीती बेटा आ गई दे दी बुक ” प्रीती दीदी ने कहा ” हाँ मम्मा ” तो मम्मी ने कहा ” चल आजा चाय पी ले ” प्रीती दीदी ने मुझे देख के बोला “और आलसी इन्सान आज जल्दी कैसे उठ गया ” और मेरे सर पे अपना हाथ फेरते हुए शिप्रा दीदी और मेरे बीच बैठ गयी ….

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