Home / हिंदी सेक्स कहानियाँ / भाई बहन / मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – २१

मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – २१

आगे की कहानी >>>
मूवी खत्म करके हम लोग शाम को घर पहुंचे प्रीती दीदी जाके बिस्तर पे लेट गयी और मैं और शिप्रा दीदी एक दुसरे की आँखों में देख के मुस्कुरा रहे थे – अब आगे – मैं शिप्रा दीदी को देख रहा था और शिप्रा दीदी मुझे तभी मम्मी आई और शिप्रा दीदी से कहा ” शिप्रा तू कपडे चेंज कर ले और मेरी थोड़ी सी हेल्प करा दे” फिर मम्मी ने प्रीती दीदी को आवाज लगायी “अरे प्रीती शिप्रा के बाद तू भी चेंज करके मेरी हेल्प करा चल उठ ” शिप्रा दीदी हमारे रूम के बाथरूम में जाने लगी जेसे ही शिप्रा दीदी बाथरूम का दरवाजा बंद करने वाली थी मैंने इधर उधर देखा और शिप्रा दीदी के साथ बाथरूम के अंदर घुस गया शिप्रा दी हक्की बक्की रह गयी मैंने शिप्रा दीदी को बाथरूम की दीवार से लगा दिया और उनके दोनों बोबे दबाते हुए कहा “दीदी आज तो मजा आ गया हॉल में कितनी अच्छी तरह से चूसती हो आप ” शिप्रा दीदी ने मुझे अलग करने की कोशिश करते हुए बोली “सोनू छोड़ ना यार तू पागल है क्या किसी को पता पड़ गया तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी ” मैंने शिप्रा दीदी के बोबे मसलते हुए कहा ” किसी को पता नहीं पड़ेगा मेरी जान आज तो तेरी चड्डी पूरी गीली हो गयी होगी ना जरा दिखा तू मुझे ” ये कह के मैंने शिप्रा दीदी की जींस की तरफ हाथ बढाया शिप्रा दीदी बोली “सोनू जा यार” मैंने कहा ” दीदी वैसे भी तो जींस उतारोगी आप तो उतार ही दो ना जितना आप लेट करोगी उतनी ही प्रॉब्लम होगी “
शिप्रा दीदी अपनी जींस उतारने लगी और शिप्रा दीदी के टॉप पे से उनके दोनों बोबे मेरे हाथ में थे जिन्हें मैं मसल रहा था फिर शिप्रा दीदी ने अपनी जींस उतार दी शिप्रा दीदी मेरे सामने अब टॉप और पेंटी में खड़ी थी मैंने जल्दी से शिप्रा दीदी के पेंटी में अपना हाथ डाल दिया और अपनी एक ऊँगली उनकी चूत में डाल के बोला “अरे दीदी ये तो अभी भी गीली है अभी हो गयी होगी ना मेरी हरकतों से ” शिप्रा दीदी बोली “यार जा ना तू ” मैंने कहा ” जाऊंगा दीदी लेकिन आपको पूरी नंगी देख के उतारो ना अपना टॉप ” शिप्रा दीदी अपना टॉप उतारने लगी अब शिप्रा दीदी मेरे सामने ब्रा और पेंटी में ही थी फिर शिप्रा दीदी अपने हाथ पीछे लेके गयी और अपनी ब्रा का हुक खोल दिया शिप्रा दीदी के टाइट और मोटे बोबे बाहर आ गये उनके ब्राउन कलर के छोटे छोटे निप्पल बिलकुल टाइट खड़े हुए थे फिर शिप्रा दीदी ने अपनी पेंटी भी उतार दीदी अब मेरे सामने मेरी प्यारी शिप्रा दीदी पूरी नंगी खड़ी थी
मैंने आज पहली बार उन्हें ढंग से पूरी नंगी देखा था क्या सेक्सी बदन था उनका बिलकुल गोरा खुले लम्बे काले बाल बड़ी बड़ी काली आँखें गुलाबी होंठ पतली लम्बी सी गर्दन मोटे टाइट और गोर बोबे उनपे छोटे छोटे ब्राउन निप्पल पतला सा पेट गोरी झांगें गुलाबी सी चूत जिन पर छोटे छोटे बाल आ गये थे मैं उन्हें ऐसे ही नंगी ऊपर से लेके नीचे तक देखने लगा मेरा लंड बिलकुल टाइट खड़ा था इतने में शिप्रा दीदी बोली “ले बस हो गयी ना नंगी देख लिया ना सब कुछ अब जा प्लीज जा यार ” मैंने उनके पास जाते हुए उनसे कहा “दीदी आपके निप्पल खड़े है आपकी पेंटी गीली थी देखो ना आप भी कितने मूड में हो ” ये कह के मैं उन्हें किस करने लगा फिर उनके निप्पल चूसने लगा थोड़ी देर उनके निप्पल चूसने के बाद मैंने अपनी जींस नीचे कर दी और अपनी अंडरवीएर भी नीचे करके अपना खड़ा लंड बाहर निकाल लिया अब मैं वापस शिप्रा दीदी के बोबे चूसने लगा और शिप्रा दीदी मेरे नंगे खड़े लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी उनके बोबे चूसते चूसते मैं अपने एक हाथ से उनकी उनकी नंगी चूत सहलाने लगा अब शिप्रा दीदी भी पूरी तरह से गरम हो गयी थी उन्होंने मेरा मुह ऊपर किया और मुझे किस करे लगी मेरे होंठ चूसने लगी फिर वो घुटनों के बल नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को अपने मुह में ले लिया और उसे चूसने लगी मेरी आँखें बंद हो गयी मैंने उनके लम्बे खुले बालों को सहलाने लगा और वो मेरा लंड चूसने लगी
तभी बाहर से मम्मी की आवाज आई ” अरे शिप्रा तूने चेंज नहीं किया क्या अभी तक और ये सोनू कहाँ है तूने कहीं भेजा क्या उसे ” हम दोनों के होश उड़ गए मैंने जल्दी से अपनी जींस ऊपर की शिप्रा दीदी ने मम्मी से कहा “हाँ मौसी बस कर लिया मैंने चेंज हाँ मौसी वो सोनू को मैंने अपना रिचार्ज कराने भेजा है बस आता ही होगा ” मम्मी ने कहा “ठीक है” फिर शिप्रा दीदी बोली “देखा इसीलिए कह रही थी अब दोनों मरेंगे रुक मैं गेट खोल के देखती हू और सुन पहले मैं बाहर जाउंगी इशारा करुँगी तो मेरे पीछे पीछे आना मैं सबको बातों में लगा लुंगी तब तू जल्दी से मैन गेट की तरफ चले जाना ताकि सबको लगे की तू बाहर से आया है ” मैंने कहा “ठीक है दीदी ” फिर हम बाहर निकले शिप्रा दीदी के प्लान से मैं बाहर पहुँच गया थोड़ी देर बाद में घर के अंदर आया मुझे देख के शिप्रा दीदी बोली “अरे सोनू बहुत देर लगा दी करा दिया क्या रिचार्ज ” मैंने कहा ” हाँ दीदी ” फिर मम्मी ने कहा “चल प्रीती चेंज करले जल्दी से ” प्रीती दीदी चेंज करने के लिए जाने लगी
लेकिन मुझे देख के रुक गयी और बोली “शिप्रा दीदी का रिचार्ज कराने गया था तो बोल के ही चला जाता मैं भी अपना करवा लेती ” मैंने कहा की ” मैं बार बार नहीं जाऊंगा अब ” तभी प्रीती दीदी के हाथ से उनका टॉवल गिर गया उसे उठाने के लिए वो जैसे ही नीचे झुकी उनके टॉप के गले में से मुझे उनकी पूरी ब्रा का शेप दिखने लगा मेरा लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा मैं बड़े ध्यान से उनके टॉप के गले में से उनके गोर मोटे ब्रा में क़ैद बोबे देख रहा था फिर प्रीती दीदी टॉवल उठा के मुड के जाने लगी और उनकी टाइट जींस में से मैं उनकी गांड का शेप देखने लगा क्या गांड थी मेरी दीदी की फिर मैंने सोचा की क्यों ना आज प्रीती दीदी को नंगी देखा जाए मैंने धीरे से किचन में देखा मम्मी और शिप्रा दीदी खाना बना रही थी
मैं धीरे से अपने रूम में आया और पेचकस से बाथरूम के दरवाजे में फंसाया हुआ पेपर का टुकड़ा बड़े ध्यान से निकाला और फिर छेद में से अंदर झाँक के देखा तो सामने प्रीती दीदी दीदी वो बाथरूम में लगे कांच के सामने हिल रही थी फिर उन्होंने अपने बाल खोले और अपने बालो को सहलाते हुए खुद को कांच में देखने लगी एसा लग रहा था की वो खुद को निहार रही है फिर प्रीती दीदी ने अपने दोनों हाथों से अपने टॉप को नीचे से पकड़ा और ऊपर कर दिया और उसे उतार दिया अब प्रीती दीदी मेरे सामने वाइट ब्रा और जींस में थी कितनी सेक्सी लग रही थी मेरी प्यारी दीदी फिर उन्होंने अपनी जींस भी उतार दी प्रीती दीदी ने क्रीम कलर की पेंटी पेहेन रखी थी कितना चिकना और चमकता हुआ गोरा बदन था उनका प्रीती दीदी मेरे सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी थी फिर प्रीती दीदी ने अपनी ब्रा का हुक खोल और अपनी ब्रा भी उतार दी प्रीती दीदी के मोटे मोटे टाइट टाइट गोरे गोरे बोबे मेरी आँखों के सामने थे
प्रीती दीदी ऐसे ही थोड़ी देर तक खुद को नंगी कांच में निहारती रही फिर उन्होंने शमीज पहनी और उसके ऊपर स्लीवलेस टॉप पेहेन लिया और केप्री पेहेन ली मैंने जल्दी से पेपर का टुकड़ा छेद में वापस डाला और रूम से बाहर आ गया लेकिन मेरी हालत बहुत ख़राब थी पहले शिप्रा दीदी को पूरी नंगी देखा थोड़ी देर अपना लंड चुस्वाया फिर प्रीती दीदी को आधी नंगी देख लिया मेरी हालत ख़राब हो गयी थी एक बार तो मैंने सोचा की मुट मार लू क्या लेकिन फिर मन मैं ख्याल आया नहीं खुद के हाथ से वो मजा कहा जो मजा शिप्रा दीदी के मुह में है यही सोच के मैंने सोचा की रात को ही चुस्वाऊंगा शिप्रा दीदी को फिर मैं किचन में गया शिप्रा दीदी बर्तन साफ़ कर रही थी खड़ी खड़ी और मम्मी खाना बना रही थी तभी प्रीती दीदी की आवाज आई ” मम्मी पास वाली आंटी आपको बुला रही है ” मम्मी उठ के किचन से बाहर चली गयी
मैंने इधर उधर देखा बाहर कोई नहीं था मैंने झट से शिप्रा दीदी को पीछे से पकड़ लिया और उनके बोबे उनके टॉप पे से दबाते हुए उनके गले को चूमते हुए कहा “यार दीदी कुछ रास्ता निकालो बहुत मूड हो रहा है आप तो आधे में से ही चली गयी ” शिप्रा दीदी बोली “अभी तो छोड़ मुझे रात को देखते है ” मैं उनकी पीठ पर किस करने लगा फिर मैंने थोडा सा पानी लिया और शिप्रा दीदी के टॉप के गले में से अंदर डाल दिया शिप्रा दीदी मचल गयी और कहा “शैतान क्या कर रहा है मैं फिर वापस शिप्रा दीदी के बोबे दबाने लगा उनके बोबे दबाते दबाते मैंने पीछे मुड के देखा तो मुझे इसे लगा की वहां से अभी अभी कोई गया हो मैं उन्हें छोड़ के किचन के गेट के पास गया तो वहां कोई नहीं था मैं फिर शिप्रा दीदी को छेड़ने लगा इस बार वापस मुझे ऐसा लगा जेसे की हमें कोई देख रहा हो
मैंने सामने पड़ी कांच की प्लेट में से ध्यान से देखा तो मुझे हरे कलर का कुछ नजर आया मैंने फिर शिप्रा दीदी को छोड़ा और किचन से बाहर आ गया बेडरूम में प्रीती दीदी टीवी देख रही थी और उन्होंने हरे कलर का टॉप पेहेन रखा था मैंने सोचा कहीं प्रीती दीदी ने तो हमें नहीं देख लिया मैं प्रीती दीदी के पास जाके बैठा तो प्रीती दीदी मुझे देखने लगी मैंने उन्हें देखते हुए कहा की “क्या हुआ दीदी ” उन्होंने ना में सर हिलाया लेकिन आज वो मुझे बहुत अजीब तरह से देख रही थी थोड़ी देर में मम्मी ने बोला “चलो बच्चे लोग सब खाना खाओ आ जाओ ” हम सब टेबल पे बैठ गए शिप्रा दीदी और प्रीती दीदी मेरे सामने बैठी थी थोड़ी देर में हम खाना खाने लगे खाना खाते खाते मैंने अपना पैर शिप्रा दीदी के पैर पे फेरा वो मुझे देख के मुस्कुराई मैं भी उन्हें देख के मुस्कुराया फिर मैंने प्रीती दीदी की तरफ देखा तो वो मुझे ही देख रही थी मेरी फट गयी की कहीं उन्होंने मुझे देख तो नहीं लिया शिप्रा दीदी को इशारे करते हुए फिर मैं चुप चाप खाना खाने लगा खाना खाके हम लोग टीवी देखने लगे तभी प्रीती दीदी को मम्मी ने बुला लिया
उनके जाते ही मैंने शिप्रा दीदी से कहा “दीदी अब आज रात को क्या और केसे करना है मेरा तो बहुत मूड है लेकिन प्रीती दीदी भी पास में रहेंगी क्या करे ” तो शिप्रा दीदी बोली “अभी हम सब बैठ कर टीवी देखते हुए आधा या एक घंटे तक बातें करेंगे तो आज तू जल्दी सोने का बहाना करके अपने रूम में चला जाना और लाइट ऑफ करके बेड पे साइड में सो जाना थोड़ी देर बाद मैं किसी तरह से बहाना बना के यहाँ से निकल के तेरे पास आ जाउंगी जब तक प्रीती सोने आयेगी तब तक हम कर लेंगे आधा घंटा होगा ” मैंने कहा ” ठीक है दीदी जल्दी आना आप ” फिर मम्मी प्रीती दीदी भी आ गये और सब बैठ कर बातें करने लगे दस मिनट बाद मैंने कहा की ” मम्मी मुझे तो नींद आ रही है मैं तो सोने जा रहा हू ” मम्मी ने कहा ” ठीक है गुडनाईट

आगे की कहानी जरी रहेगी>>>>

वैधानिक चेतावनी : यह साइट पूर्ण रूप से व्यस्कों के लिये है। यदि आपकी आयु 18 वर्ष या उससे कम है तो कृपया इस साइट को बंद करके बाहर निकल जायें। इस साइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ व तस्वीरे पाठकों के द्वारा भेजी गई हैं। कहानियों में पाठकों के व्यक्तिगत् विचार हो सकते हैं, इन कहानियों व तस्वीरों का सम्पादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नहीं है। आप अगर कुछ अनुभव रखते हों तो मेल के द्वार उसे भेजें