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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – २२

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मैंने अपने रूम में आ गया लाइट ऑफ करके बेड की साइड पे लेट गया थोड़ी देर बाद मैंने सोचा की लोअर चेंज कर लेता हूँ तो मैं बाथरूम में गया और लोअर और अंडरविएर उतार के खाली बरमूडा पेहेन लिया फिर बेड की साइड पे लेट गया जैसे ही मैं लेटा मुझे मेरे पास किसी के होने का एहसास हुआ मेरा मन ख़ुशी के मारे पागल हो गया मैंने सोचा वाओ यार शिप्रा दीदी भी इतनी जल्दी आ गई लगता है आज तो इनका भी बहुत मूड है मैंने उन्हें हग करते हुए उनके कान में कहा ” शिप्रा दीदी इतनी जल्दी आ गई आप तो आज आपका भी बहुत मूड हो रहा है ना ” फिर मैं उनके बोबे दबाते हुए बोला “दीदी आज तो हाल में मजा आ गया आपके साथ आपका बदन तो बहुत ही प्यारा है ” फिर मैंने अपना हाथ उनके लोअर के अंदर डाल दिया और उनकी पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा और उनके कान में कहा “शिप्रा दीदी आपकी चूत कितनी प्यारी है “
फिर मैं उनके ऊपर लेट गया और उनकी गर्दन पे स्मूच करने लगा मेरा खड़ा हुआ लंड उनकी चूत पे अड़ रहा था फिर मैं साइड में लेटा और उनके टॉप के नीचे से अपना हाथ अंदर डालने लगा उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मैंने कहा “क्या हुआ शिप्रा दीदी पहली बार थोड़ी ना दबा रहा हूँ आपके बोबे छोड़ो मेरा हाथ ” फिर मैंने अपना हाथ उनके टॉप के अंदर डाल दिया उन्होंने आज ब्रा नहीं पहनी थी मैंने उनके बोबे दबाते हुए उनसे कहा “क्या बात है शिप्रा दीदी आज आपने ब्रा नहीं पहनी ” फिर मैंने उनका हाथ लिया और अपने खड़े लंड पे रखते हुए बोला “शिप्रा दीदी सहलाओ ना इसे आज आपके लिए ही बस खाली बरमूडा पहना है ” वो अपना हाथ मेरे लंड पे घुमाने लगी फिर मैं अपना हाथ उनके लोअर के अंदर उनकी पेंटी के अंदर डालने लगा लेकिन वापस उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मैंने कहा “क्या हुआ शिप्रा दीदी छोड़ो ना ” मैंने अपना हाथ उनसे छुड़ाया और पेंटी के अंदर से उनकी चूत को सहलाने लगा उनके मुह से सिसकियाँ निकलने लगी फिर उनकी नंगी चूत को सहलाते हुए
मैंने उनका टॉप ऊपर किया उनकी शमीज ऊपर की और उनके नंगे बोबो पे अपने होंठ फेरने लगा उनके निप्पल खड़े हुए थे मैं एक हाथ से उनकी नंगी चूत सहलाने लगा और उनके बोबे चूसने लगा उनकी सिसकियाँ और तेज होती गयी मैंने कहा “शिप्रा दीदी आपके बोबे मस्त है कितने मुलायम है आप भी मेरे लंड पे ढंग से अपना हाथ फेरो ना आज क्या हुआ है आपको ” ये कह के मैंने अपना हाथ उनकी पेंटी में से निकाला और उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रखा और ऊपर नीचे करने लगा थोड़ी देर बाद वो अपने आप ही मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लगी “मैंने कहा बस शिप्रा दीदी करते रहो मजा आ गया जल्दी जल्दी करो ” वो जल्दी जल्दी करने लगी फिर मैंने कहा “शिप्रा दीदी चूसो न मुह में लो ना मेरा लंड ” उनका हाथ रुक गया मैंने कहा ” क्या हुआ दीदी आज आप इतना अजीब बर्ताव क्यों कर रही हो आप कितनी बार तो चूस चुकी हो मेरा लंड प्लीज चूसो ना ” फिर मैंने उन्हें अपने ऊपर लिटाया वो मेरे ऊपर लेट गयी फिर नीचे गयी और मेरे लंड को मुह में ले लिया मुझे मजा आ गया वो मेरे लंड को चूसने लगी मैंने कहा “हाँ शिप्रा दीदी ऐसे ही चूसती रहो हाँ दीदी जल्दी जल्दी चूसो ” मैं उनके बालों में हाथ फेरने लगा फिर मैंने कहा “हाँ दीदी जल्दी हाँ शिप्रा दीदी मेरा निकलने वाला है आई लव यू शिप्रा दीदी आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ” और मेरा सारा मुट उनके मुह में चला गया वो जोर से खांसी और चादर से अपना मुह साफ़ किया
फिर मैंने उन्हें नीचे सीधा लिटाया और कहा “शिप्रा दीदी अब मेरी बारी ” मैंने उनका लोअर और पेंटी नीचे की और उनकी चूत पे किस किया उनके मुह से सिसकी निकली फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पे रखी और उसे चाटने लगा वो पागलों की तरह मचलने लगी मैंने उनका टॉप और शमीज ऊपर कर दी और अपने दोनों हाथों से उनके बोबे दबाने लगा और उनकी चूत चाटने लगा वो दोनों हाथो से तकिये को पकड़ के अपनी चूत को मेरे मुह पे धक्का देने लगी फिर मेरे बालों में अपने हाथ फेरने लगी मुझे पता लग गया की उन्हें मजा आ रहा है मैं उनकी पूरी चूत में अपनी जीभ ऊपर नीचे फेरने लगा उनकी चूत से बहुत सारा डिस्चार्ज निकल रहा था फिर मैं उनकी चूत की होल पे अपनी जीभ घुमाने लगा उसे चाटने लगा वो अपने हाथों से मेरे कंधे पे धक्का देने लगी मैं समझ गया की वो झरने वाली है फिर मैं अपनी जीभ से उनकी क्लिट को जल्दी जल्दी सहलाने और उनकी सिसकियाँ तेज होती गयी और थोड़ी देर बाद उनकी चूत से बहुत सार पानी निकल गया जिसे मैंने चाट के साफ़ कर दिया
फिर मैं ऊपर गया और उनके कान में कहा “कैसा लगा शिप्रा दीदी मजा आया ” तभी किसी के आने की आहट हुई मैंने कहा “शिप्रा दीदी कोई आ रहा है ” उन्होंने फटाफट अपने कपडे ठीक किये और चादर ओड के करवट लेके लेट गयी तभी मम्मी ने पर्दा हटाया और लाइट जलाई मैंने पूछा ” क्या हुआ मम्मी” उन्होंने कहा “अरे प्रीती से पूछ की शाम को आंटी जो नंबर दिया था वो उसने कहाँ लिखा ” मैंने कहा तो “पूछ लो ना आपके पास ही तो है प्रीती दीदी ये तो शिप्रा दीदी है सोयी हुई ” मम्मी ने कहा “अभी भी नींद में है क्या शिप्रा तो बाहर अपनी मम्मी से फोन पे बात कर रही है ये प्रीती है पूछ के बता मुझे फटाफट ” ये सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी मैंने अपना सर पकड़ लिया की यार ये क्या किया मैंने अब मुझे डर लगने लगा मैं बिना प्रीती दीदी की तरफ देखे रूम से बाहर चला गया मुझे बहुत डर लग रहा था की अब क्या होगा
तभी मम्मी ने पर्दा हटाया और लाइट जलाई मैंने पूछा ” क्या हुआ मम्मी” उन्होंने कहा “अरे प्रीती से पूछ की शाम को आंटी जो नंबर दिया था वो उसने कहाँ लिखा ” मैंने कहा तो “पूछ लो ना आपके पास ही तो है प्रीती दीदी ये तो शिप्रा दीदी है सोयी हुई ” मम्मी ने कहा “अभी भी नींद में है क्या शिप्रा तो बाहर अपनी मम्मी से फोन पे बात कर रही है ये प्रीती है पूछ के बता मुझे फटाफट ” ये सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी मैंने अपना सर पकड़ लिया की यार ये क्या किया मैंने अब मुझे डर लगने लगा मैं बिना प्रीती दीदी की तरफ देखे रूम से बाहर चला गया मुझे बहुत डर लग रहा था की अब क्या होगा…
अब आगे – मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था की मैं क्या करूँ और क्या नहीं मैं खुद को कोस रहा था की मैंने पहले ये चेक क्यों नहीं किया की मेरे पास कौन लेटा था मुझे बहुत डर लग रहा था की अब कल क्या होगा कहीं प्रीती दीदी कुछ मम्मी को तो नहीं बता देंगी मैं यही सब सोच रहा था की तभी अपनी मम्मी से फोन पे बात करते हुए शिप्रा दीदी मेरे सामने आ गयी उन्होंने मुझसे इशारे में कहा की “यहाँ क्या कर रहा है अंदर जा मैं आ रही हूँ ” मैंने भी उन्हें इशारे में हाँ कहा एक बार तो मेरे मन में आया की मैं सब शिप्रा दीदी को बता दूँ लेकिन फिर मैंने सोचा नहीं इस बात को जितना छुपा के रखा जाये उतना ही अच्छा है मेरी अंदर रूम में जाने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी क्यों की मुझे पता था की वहां प्रीती दीदी सो रही है तभी मम्मी ने मुझे देख के पूछा ” अरे सोनू पूछा प्रीती से की कहाँ रखा है नंबर ” मैंने कहा “रुको मम्मी पूछता हूँ ” मैं धीरे से अंदर गया बेड पे प्रीती दीदी चादर ओढ़ के सो रही थी मैं उनके पास गया और उनसे कहा “प्रीती दीदी मम्मी वो शाम वाले नंबर के बारे में पूछ रही है कहाँ रखा है आपने ” उन्होंने धीरे से कहा ” फ्रिज के ऊपर “
मैंने जाके ये मम्मी को बता फिर वापस अपने रूम में गया और बेड पे लेट गया थोड़ी देर में प्रीती दीदी धीरे से बोली “सोनू ” मैंने कहा ” हाँ दीदी ” उन्होंने कहा की “आज जो हुआ वो दोबारा कभी नहीं होगा मुझे भी नहीं पता की ये सब कैसे हो गया सब बहुत ही जल्दी हुआ ” मैंने कहा “हाँ दीदी अब ऐसा कभी नहीं होगा लेकिन आपने मुझे रोका क्यों नहीं ” प्रीती दीदी बोली “सब कुछ इतना जल्दी हुआ की मुझे संभलने का कुछ सोचने या समझने का मौका ही नहीं मिला ” मैंने कुछ नहीं कहा फिर प्रीती दीदी वापस बोली “तेरे और शिप्रा दीदी के बीच ये सब कुछ कब से चल रहा है ” मैंने कहा ” क्या दीदी ” उन्होंने कहा की ” तूने सब कुछ बोला है मेरे सामने तू सच सच बता की कब से चल रहा है ये सब ” मैंने डरते हुए कहा की ” दीदी बस आज ही हुआ है वो भी गलती से ” उन्होंने कहा की ” झूठ मत बोल तू क्या मुझे पागल समझता है क्या मैं तुझसे दो साल बड़ी हूँ तुझसे ज्यादा अक्ल है मुझ में मुझे भी सब पता है पिक्चर हाल में कोई इतना भी अँधेरा नहीं रहता की मुझे कुछ दिखाई ना दे की कौन क्या कर रहा है या मुझे पता नहीं पड़ सके की मेरे पैर पे कौन हाथ फेर रहा है “
ये सुनते ही मेरी तो हालत ख़राब हो गयी मैंने सोचा यार प्रीती दीदी को तो सब पता है पता नहीं और कितना कुछ जानती है ये उन्होंने फिर कहा “वो हॉल में तेरा हाथ था ना मेरे पैर पे ” मैंने कहा ” हाँ दीदी मुझसे गलती हो गयी सॉरी ” उन्होंने कहा “अरे सोनू अभी तेरे उम्र इन सब चीजों की नहीं है अभी पढने की है समझा मुझसे प्रॉमिस कर की अब कभी शिप्रा दीदी के साथ ऐसा कुछ नहीं होगा ” मैंने कहा ” हाँ दीदी ” लेकिन फिर मैंने सोचा की अब मुझे भी दीदी को डराना पड़ेगा इसीलिए मैंने उनसे कहा ” प्रीती दीदी मेरी उम्र पढने की है इन सब चीजों की नहीं है तो आप भी तो ज्यादा बड़ी नहीं हो आपकी उम्र भी तो इन सब चीजों की नहीं है फिर आप के सेल पे किसका मेसेज आता है की गुड मोर्निंग जान आप किस से चैटिंग करती रहती हो दिन भर और आप लैपटॉप पे किस से फेसबुक पे विडियो चैट करते हो “
ये सुनते ही प्रीती दीदी की हालत ख़राब हो गयी उन्होंने कहा की ” तुझे ये सब कैसे पता ” मैंने कहा दीदी मैं इतना भी छोटा नहीं हूँ की मुझे ये पता ना हो की मेरी बेहेन क्या कर रही है मुझे भी सब पता है” प्रीती दीदी गुस्से से बोली “अपने आप को बहुत स्मार्ट समझता है क्या तो अब ये स्मार्टनेस मम्मी के सामने दिखाना कल जब मैं मम्मी को तेरे और शिप्रा दीदी के बारे में बताउंगी ” अब मेरा डर खत्म हो गया था क्यों की प्रीती दीदी को पता चल चुका था की मुझे भी उनके बारे में सब पता है मैंने कहा “बता देना मैं भी बता दूंगा मम्मी को आपकी और आपके BF की चैट और आपकी विडियो चैट और जो उस दिन आपने बस में किया वो भी ” अब प्रीती दीदी उठ के बेड पे बैठ गयी उन्होंने कहा ” तुझे बस के इंसिडेंट बारे में कैसे पता ” मैंने कहा ” दीदी मैं इतना भी छोटा नहीं हूँ की मुझे पता ना हो की मेरी बेहेन क्या कर रही है “
प्रीती दीदी बोली “क्या क्या पता है तुझे बस वाले इंसिडेंट के बारे में ” अब मैंने सोचा की क्या करूँ सब बता दूँ क्या फिर मैंने सोचा नहीं सब कुछ खुल के बता दिया तो बात बिगड़ सकती है प्रीती दीदी को एसे दिखाता हूँ की मुझे ज्यादा नहीं पता मैंने कहा “उस दिन बस में वो लड़का जो आपके पास खड़ा था वो आप के हाथ पे अपना हाथ फेर रहा था फिर वो आपके कंधे पे हाथ फेर रहा है ” प्रीती दीदी ने कहा “और ” मैंने कहा ” और क्या बस यही देखा था मैंने और मैं भी बता दूंगा मम्मी को की आपने उसे मना भी नहीं किया ” प्रीती दीदी ने मेरा हाथ अपने हाथों में लिया और कहा “सोनू मैं बहुत डर गयी थी इसीलिए कुछ बोल ना सकी उस दिन बस में ” मैंने भी इसी बात का फायदा उठाया और कहा “बस प्रीती दीदी मैं भी आपको यही समझाना चाहता था मैं भी डर गया था क्योंकि शिप्रा दीदी ने मुझसे कहा था की जैसा उन्होंने बोला वैसा ही मैं करूँ नहीं तो वो मम्मी से मेरी झूठी शिकायत कर देंगी की मैंने उनके यहाँ वहां हाथ लगाया रात को सोते समय “
प्रीती दीदी बोली “अच्छा ऐसा किया शिप्रा दीदी ने ” मैंने कहा “हाँ दीदी अभी भी उन्होंने ही मुझे कहा था की प्रीती और मोसी अभी बातें करेंगे तो तू सोने का बहाना बना के रूम में चले जाना थोड़ी देर में मैं भी आ जाउंगी फिर हम करेंगे जैसा मैंने बोला वैसा ही करना नहीं तो देखा लेना अब आप ही बताओ मैं भी क्या करता किसे सच बताता कोई मानता ही नहीं ” मेरी बात सुन के प्रीती दीदी ने मुझसे गले लगा लिया और कहा “अरे पागल मुझसे बोलता ना मुझे पता है की जब डर में ऐसी कंडीशन आ जाये की कोई विश्वास ना करे तो कैसा लगता है मैं भी भुगती हुई हूँ विवेक सर और बस वाली कंडीशन से ” वो रोने लगी मैंने भी उन्हें कस के पकड़ लिया और जूठ मूठ के आंसू ले आया प्रीती दीदी को हग करके मेरा लंड खड़ा होने लगा था मैंने उनसे कहा “प्रीती दीदी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो ” उन्होंने मुझे अलग किया और बोली ” अरे तू भी रोने लगा” फिर उन्होंने मेरे आंसू पोछे और मैं उनके आंसू पोछने लगा हम एक दूसरे की आँखों में देखने लगे हम बहुत पास थे…

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