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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – २३

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मैं उनके आंसू पोछ के अपना हाथ उनके गाल पे फेरने लगा फिर उनके गाल पे हाथ फेरते फेरते मैं अपनी उँगलियाँ प्रीती दीदी के होंठो पे फेरने लगा प्रीती दीदी ने अपनी आँखें बंद कर ली मैं थोडा सा आगे हुआ और उनके नीचे वाले होंठ पे अपने होंठ रख दिए तभी किसी ने पर्दा हटाया हम दोनों फटाफट अलग हो गए शिप्रा दीदी रूम में आई और बोली ” ओहो दोनों भाई बेहेन आज इतनी जल्दी सो गए ” प्रीती दीदी थोडा रूडली बोली ” हाँ वो आज जल्दी नींद आ रही थी इसीलिए ” मुझे पता था की प्रीती दीदी शिप्रा दीदी से इतना रूडली बात जो मैंने सब कहा उसकी वजह से कर रही है फिर मैंने सोचा जाने दो शिप्रा दीदी कौनसा यही रहने वाली है कल जा रही है प्रीती दीदी को खुश रखना जरुरी था फिर प्रीती दीदी बोली ” सोनू आज तू बीच में सोजा हम दोनों के मैंने सोचा ” लग गयी वाट यार गया रात का शिप्रा दीदी के साथ सोने का मजा ” मैं जाके दोनों के बीच में लेट गया प्रीती दीदी ने मेरे कान में कहा की ” डरना मत कोई प्रॉब्लम हो ये कुछ बोले तो मुझे बता देना ” मैंने कहा ” हाँ दीदी ” थोड़ी देर बाद शिप्रा दीदी मेरे कान में बोली “यार सोनू इसे क्या हो गया आज “
मैंने कहा “शिप्रा दीदी शायद इन्हें शक हो गया है आज जो भी करो ध्यान से करना ” फिर शिप्रा दीदी खड़ी हुई और हमारे रूम का नाईट बल्ब भी बंद कर दिया अब हमारे रूम में पूरी तरह से अँधेरा हो गया था किसी को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था पंखे और कूलर की आवाज आ रही थी फिर शिप्रा दीदी मेरे पास लेटी और अपना हाथ मेरे लंड पे फेरने लगी और कहा “अरे वाह ओनली बरमूडा ” मैंने कहा ” हाँ दीदी आपके लिए ” फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपने चादर के अंदर अपने बोबे पे रख दिया मैंने कहा “ये क्या शिप्रा दीदी टॉप कहाँ है आपका ” वो अपनी चादर में बस ब्रा में थी उन्होंने कहा “ये तेरे लिए ” ये कह के वो मेरे लंड के टोपे पे अपनी उँगलियाँ घुमाने लगी और मैं एक हाथ से उनके बोबे दबाने लगा आज मैं ढंग से शिप्रा दीदी के बोबे नहीं दबा पा रहा था क्योंकि आज मैं बीच में सो रहा था अगर मैं ज्यादा हिलता डुलता तो प्रीती दीदी को शक हो जाता शिप्रा दीदी मेरा लंड अपने हाथों से ऊपर नीचे करने लगी
मैंने शिप्रा दीदी के कान में कहा की ” दीदी आज आप जल्दी जल्दी करो आज फसने के 100 % चांसेस है मैं बीच में हु ज्यादा हिल डुल नहीं सकता ” उन्होंने कहा ” हाँ ” फिर वो मुझे धीरे धीरे किस करते हुए मेरे चादर के अंदर चली गयी मेरा बरमूडा नीचे किया और मेरे लंड को अपने मुह में ले लिया मुझे मजा आ गया क्या किस्मत थी मेरी थोड़ी देर पहले प्रीती दीदी ने मेरा लंड चूसा था और अब ये शिप्रा दीदी के मुह में था वो मेरे लंड को चूसने लगी मेरे मुह से लम्बी लम्बी सांसें निकलने लगी मैं शिप्रा दीदी के बालों में अपनी उँगलियाँ घुमाने लगा वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को चूसने लगी अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था मैं भी शिप्रा दीदी के बदन के एक एक अंग को चूमना चाहता था उनके बोबे दबाना चाहता था मैंने शिप्रा दीदी को रोका और प्रीती दीदी की तरफ देख के उन्हें आवाज लगाई उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया इस बार मैं पूरी तरह से निश्चिंत होना चाहता था की प्रीती दीदी सच में सो गयी है मैंने उन्हें दो तीन बार आवाज दी उनके हाथ को हिलाया लेकिन वो नहीं उठी
फिर मैंने अपना हाथ प्रीती दीदी के बोबे पे रखा और उसे सहलाने लगा और वापस उन्हें आवाज लगाई लेकिन वो नहीं उठी अब मुझे पता चल चूका था की प्रीती दीदी गहरी नींद में सो चुकी है मैंने दो तकिये उनके पास रख दिए ताकि उन्हें ऐसा लगता रहे की कोई उनके पास सो रहा है फिर मैं उठ के बिस्तर पे बैठ गया और शिप्रा दीदी को चूमने लगा वो भी मुझे चूमने लगी फिर हम दोनों पलंग से नीचे जमीन पे आ गये ताकि प्रीती दीदी को कुछ पता न चले नीचे जमीन पे शिप्रा दीदी के ऊपर मैं था और मैं उन्हें किस करने लगा वो भी मेरे होंठो को चूसने लगी और मैं उनके होंठ चूसने लगा फिर मैंने उनकी ब्रा का हुक खोला और उनकी ब्रा उतार दी और उनके किस करते हुए उनके नंगे बोबे दबाने लगा वो भी मेरे बालों में अपनी उँगलियाँ फेरने लगी मैं उन्हें किस करते हुए उनके बोबे दबा रहा था और उनके खड़े हुए निप्पल्स को सहला रहा था उन्हें अपनी उँगलियों से गोल गोल घुमा रहा था
फिर मैंने उनके पूरे चेहरे पे किस किया फिर उनकी गर्दन पे किस करने लगा उसपे अपने होंठो से स्मूच किया फिर मैं उनके कान पे किस करने लगा उनके कान को अपनी जीभ से सहलाने लगा वो मचलने लगी उन्होंने अपना मुह घुमा लिया मैं उनके दूसरे कान पे अपने होंठो से स्मूच करने लगा उनके दूसरे कान को अपनी जीभ से सहलाने लगा फिर उन्हें स्मूच करते हुए मैं नीचे जाने लगा और उनके एक बोबे को अपने मुह में ले लिया और उसे चूसने लगा और उनके दुसरे बोबे को अपने हाथ से दबाने लगा शिप्रा दीदी पूरी तरह से मदहोश थी वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और सिसकियाँ ले रही थी फिर मैं उनके दुसरे बोबे को चूसने लगा फिर मैं उनके बदन पे स्मूच करते हुए नीचे जाने लगा और उनकी नाभि को अपने होंठो से और अपनी जीभ से सहलाने लगा फिर मैं नीचे गया और पेंटी पे से उनकी चूत पे अपने होंठ फेरने लगा शिप्रा दीदी पागलों की तरह आहें भर रही थी फिर मैंने उनकी पेंटी उतारी और उनकी नंगी चूत पे अपने होंठ फेरने लगा उनकी चूत उनके डिस्चार्ज से पूरी तरह भीगी हुई थी
आज शिप्रा दीदी बहुत गरम थी फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी और उनकी चूत चाटने लगा और अपने दोनों हाथों से उनके बोबे दबाने लगा थोड़ी देर तक शिप्रा दीदी की चूत चाटने के बाद मैं वापस ऊपर गया वो मुझे किस करने लगी उन्हें किस करने के बाद मैंने कहा “शिप्रा दीदी एडजस्ट करो ” शिप्रा दीदी बोली “मतलब ” मैंने कहा “अपने हाथ से मेरा लंड एडजस्ट करो आपके होल पे ” उन्होंने कहा ” नहीं सोनू नहीं हो पाएगा यहाँ यार प्रीती पास में ही सो रही है फिर कभी करेंगे ” मैंने कहा “शिप्रा दीदी अभी नहीं तो कभी नहीं आप करो एडजस्ट ” उन्होंने अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत के होल पे रख दिया मैंने धीरे से एक धक्का दिया लंड हल्का सा अंदर गया और शिप्रा दीदी चीख पड़ी मैंने उनकी चीख दबाने के लिए अपने होंठ उनके होंठ पे रख दिए लेकिन उन्होंने मुझे धक्का दे दिया और कहा “यार मुझे बहुत पेन हो रहा है नहीं सोनू यहाँ नहीं हो पाएगा मैं अपनी चीख नहीं रोक पाउंगी जल्दबाजी मत कर अभी तू “
मुझे उनकी बात ठीक लगी मैंने अपना लंड निकाला और वापस उन्हें किस करके उनकी चूत चाटने लगा मैंने पहले उनकी चूत पे किस किया फिर उसपे अपने होठ फेरे फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाल दी अब मैं उनकी पूरी चूत में अपनी जीभ ऊपर नीचे फेरने लगा उसे चाटने लगा फिर मैंने उनकी चूत की होल पे अपनी जीभ रखी और उसे चाटने लगा शिप्रा दीदी मेरे बालों को खींचने लगी कभी वो मेरे बालो को खींचती कभी मेरे सर को अपनी चूत पे धक्का देती मैं लगातार उनकी चूत चाटता रहा मेरे दोनों हाथ उनके बोबो पे थे और मेरी जीभ शिप्रा दीदी की चूत में शिप्रा दीदी बहुत तेज तेज और लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी फिर मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत की दोनों स्किन के बीच डाल दी और उसे ऊपर नीचे करने लगा शिप्रा दीदी जल्दी जल्दी सांसें लेने लगी फिर मैं ऊपर गया और उन्हें किस करने लगा उनके होंठ चूसने लगा और जल्दी जल्दी अपनी उंगली उनकी चूत के अंदर ऊपर नीचे करने लगा उनकी पूरी चूत में अपनी ऊँगली घुमाने और अपनी ऊँगली से जल्दी जल्दी उनके क्लिट को सहलाने लगा तभी शिप्रा दीदी ने एक जोर से सिसकी ली और उनका सार पानी निकल गया वो झर गयी थी
मैं नीचे गया और उनकी चूत को चाटकर उनका सारा पानी साफ़ कर दिया उन्होंने मुझे ऊपर उठाया और मुझे एक लम्बा सा प्यार भरा किस किया फिर मैं नीचे जमीन पे लेट गया और शिप्रा दीदी मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे पूरे बदन पे किस करते हुए नीचे जाने लगी फिर उन्होंने मेरे लंड पे किस किया फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पे गोल गोल घुमाई फिर उन्होंने अपनी उंगली से मेरे लंड के छेद को थोडा सा चोडा किया और उसपे अपनी जीभ घुमाने लगी मुझे मजा आने लगा मेरी आँखें बंद हो चुकी थी कभी वो मेरे पूरे लंड को अपने मुह में लेके चूसती कभी अपने हाथ से उसे ऊपर नीचे करती कभी अपनी जीभ मेरे टोपे पे घुमाती मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मेरे लंड के टोपे को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी मुझे और मजा आने लगा मैंने अपने दोनों हाथ से उनके बोबे पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगा शिप्रा दीदी भी जल्दी जल्दी मेरा लंड चूसने लगी वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी और तभी मेरा मुट निकल गया मुझे आज मजा आ गया था शिप्रा दीदी ने बहुत अच्छी तरह से मेरा लंड चूसा था वो मेरा सारा मुट निगल गयी और फिर ऊपर आई फिर हम दोनों ने एक लम्बा सा किस किया …………..
मैं नीचे गया और उनकी चूत को चाटकर उनका सारा पानी साफ़ कर दिया उन्होंने मुझे ऊपर उठाया और मुझे एक लम्बा सा प्यार भरा किस किया फिर मैं नीचे जमीन पे लेट गया और शिप्रा दीदी मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे पूरे बदन पे किस करते हुए नीचे जाने लगी फिर उन्होंने मेरे लंड पे किस किया फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पे गोल गोल घुमाई फिर उन्होंने अपनी उंगली से मेरे लंड के छेद को थोडा सा चोडा किया और उसपे अपनी जीभ घुमाने लगी मुझे मजा आने लगा मेरी आँखें बंद हो चुकी थी कभी वो मेरे पूरे लंड को अपने मुह में लेके चूसती कभी अपने हाथ से उसे ऊपर नीचे करती कभी अपनी जीभ मेरे टोपे पे घुमाती मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मेरे लंड के टोपे को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी मुझे और मजा आने लगा मैंने अपने दोनों हाथ से उनके बोबे पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगा शिप्रा दीदी भी जल्दी जल्दी मेरा लंड चूसने लगी वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी और तभी मेरा मुट निकल गया मुझे आज मजा आ गया था शिप्रा दीदी ने बहुत अच्छी तरह से मेरा लंड चूसा था वो मेरा सारा मुट निगल गयी और फिर ऊपर आई फिर हम दोनों ने एक लम्बा सा किस किया
अब आगे – मैं शिप्रा दीदी की आँखों में देख रहा था और वो मेरी आँखों में देख रही थी उन्होंने मुझसे पूछा “मजा आया ” मैंने कहा “बहुत दीदी और आपको ” उन्होंने कहा ” मुझे भी ” मैंने कहा “शिप्रा दीदी आप तो कल जाने वाले हो आपके जाने के बाद मैं क्या करूँगा ” तो उन्होंने कहा ” उदास मत हो यार अब तेरे से मिलने के लिए मेरा आना जाना तो लगा ही रहेगा ” हम दोनों ने फिर वापस एक किस किया फिर मैंने उनसे कहा की ” शिप्रा दीदी मैं आपके साथ करना चाहता हूँ ” उन्होंने पूछा ” क्या करना चाहता है मेरे साथ इतना सब तो कर दिया जमीन पे नंगी लेटी हूँ तेरे साथ और क्या करेगा ” मैंने कहा ” इस से भी आगे ” तो उन्होंने मुझे आँख मारते कहा की “खुल के बोल ना ” मैंने कहा ” शिप्रा दीदी मैं आपको चोदना चाहता हूँ ” तो शिप्रा दीदी बोली ” अरे सोनू मैं तो खुद तुझसे चुदवाना चाहती हूँ लेकिन मौका तो मिले ” मैं उनके मुह से ये बात सुन के उत्तेजित हो गया और उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस करने लगी और मुझे किस करते करते वो अपना हाथ नीचे लेके गयी और उन्होंने अपने हाथ से मेरा खड़ा हुआ लंड पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी फिर मेरे होंठ छोड़ के बोली ” क्या हुआ वापस खड़ा हो गया तेरा , मेरे मुह से चुदवाना सुन के जब तेरा खड़ा हो गया तो जब तू मुझे चोदेगा तब क्या होगा “और हँसने लगी मैंने उनके बोबे को सहलाते हुए कहा “शिप्रा दीदी आप हो इतनी सेक्सी की आपको देख के ही मेरा खड़ा हो जाता है तो आप तो शब्दों की बात कर रही हो बताओ ना कब चुदवाओगी आप ” उन्होंने कहा “बेटा मौका आने दे “
फिर मैं नीचे जाने लगा उनका बोबा चूसने के लिए तो उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए और कहा ” ओए अब कुछ नहीं चल अब सोते है प्रीती का भी ध्यान रख ” मैंने कहा ” ठीक है दीदी ” फिर हम दोनों ने अपने कपडे पहने और सो गए सुबह जब मेरी नींद खुली तो बेड पे मैं अकेला ही सो रहा था शिप्रा दीदी और प्रीती दीदी उठ चुकी थी मैं उठा और ब्रश करने बाथरूम में गया ब्रश करके बाहर गया तो ड्राइंग रूम में सब बैठे के चाय पी रहे थे मैं भी बैठ गया और चाय पीने लगी तभी मम्मी ने शिप्रा दीदी से कहा “फिर शिप्रा आज कब है तेरा जाने का प्रोग्राम ” शिप्रा दीदी ने कहा मौसी “शाम को 7 बजे की ट्रेन है ” तो मम्मी ने कहा “अरे बेटा रात का सफ़र क्यों दिन दिन में निकल जाना अकेली है रात के सफ़र में कोई प्रॉब्लम ना हो जाये ” तो शिप्रा दीदी ने कहा “नहीं मौसी नहीं होगी 4 घंटे का तो सफ़र है ट्रेन में लेडीज कोच में बैठ जाउंगी अगर जल्दी निकलूंगी तो बस से जाना पड़ेगा और बस से 6 -7 घंटे लग जाएंगे ” तो मम्मी ने कहा ” फिर ठीक है ट्रेन से ही निकल जा ” तभी प्रीती दीदी बोली “शिप्रा दीदी आज तो आपको मार्किट का कोई काम नहीं है ना मुझे स्कूटी चाहिए थी वो फ्रेंड के जाना था ” तो शिप्रा दीदी बोली “नहीं प्रीती तू चली जा “……

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