मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – २६

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थोड़ी देर तक उसने शिप्रा दीदी की दोनों झांगों को सहलाया फिर उसने अपना हाथ शिप्रा दीदी के दोनों घुटनों के बीच किया और शिप्रा दीदी की टांगों को थोडा सा चौड़ा किया अपने हाथ से फिर वो अपना हाथ शिप्रा दीदी के दोनों टांगों क बीच उनके घुटने से ऊपर लेके जाने लगा शिप्रा दीदी की सांसें तेज चल रही थी और वो बस बाहर देखे जा रही थी अब उस आदमी का हाथ शिप्रा दीदी की अंदरूनी झांग पे था वो उनकी दोनों झांगों को अंदर से अपने हाथ से सहला रहा वो अपनी उँगलियों से शिप्रा दीदी की झांगों को सहला रहा था मुझे ये सब देख के बहुत मजा आ रहा था मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो चुका था फिर वो आदमी अपना हाथ और ऊपर लेके गया और अब उसका हाथ शिप्रा दीदी की दोनों झांगों के बीच उनकी चूत पे था जैसे ही उसका हाथ शिप्रा दीदी की चूत पे टच हुआ शिप्रा दीदी सिहर उठी अब वो आदमी शिप्रा दीदी की पतली सलवार पे उनकी चूत को सहलाने लगा शिप्रा दीदी की साँसें बहुत तेज चल रही थी उनके बोबे उनके कुर्ते पे से ऊपर नीचे हो रहे थे वो आदमी शिप्रा दीदी की चूत सहला रहा था और शिप्रा दीदी को कितना मजा आ रहा था ये उनकी तेज साँसों को देख के पता चल रहा था वो आदमी शिप्रा दीदी की चूत सहला रहा था और उसे भी पता चल चुका था की शिप्रा दीदी को मजा आने लग गया है
उसने उनकी चूत को सहलाते सहलाते अपने दूसरे हाथ से शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और उनका हाथ लेजा के अपने लंड पे रख दिया शिप्रा दीदी ने अपना हाथ थोड़ी देर तक उसके लंड पे ऐसे ही रखे रखा मुझे बहुत ही ज्यादा आश्चर्य हुआ की शिप्रा दीदी आराम से उसे अपनी चूत सहलाने दे रही है और अब तो उसके लंड पे भी अपना हाथ रख रखा है लेकिन मैं ये सब बस में प्रीती दीदी के साथ पहले कर चुका था और उन्होंने बताया भी था की वो डर गई थी तो मैंने सोचा की हो सकता है की शायद शिप्रा दीदी भी डर गयी हो लेकिन जो भी हो रहा था उसमे मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था फिर उस आदमी ने वापस शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और उनके हाथ से अपना लंड दबाने लगा अब वो अपने एक हाथ से शिप्रा दीदी की चूत सहला रहा था और अपने दूसरे हाथ से शिप्रा के हाथ से अपना लंड दबवा रहा था शिप्रा दीदी बाहर देख रही थी फिर उस आदमी ने अपनी उँगलियों से जल्दी जल्दी शिप्रा दीदी की चूत को सहलाने शुरू कर दिया शिप्रा दीदी को बहुत मजा आने लग गया था फिर उस आदमी ने अपना हाथ शिप्रा दीदी के हाथ से हटा लिया और मैंने देखा की शिप्रा दीदी अब खुद अपने हाथ से उसकी पेंट पे से उसके लंड को सहला रही है मुझे पता चल चुका था की शिप्रा दीदी अब पूरी तरह से गरम हो चुकी है फिर उस आदमी ने अपना हाथ शिप्रा दीदी की दोनों झांगों के बीच में से निकाला और उनके कुर्ते पे से उनके पेट पे हाथ फेरने लगा और हाथ फेरते फेरते अपना हाथ ऊपर लेके जाने लगा
अब उसका हाथ शिप्रा दीदी की चुन्नी के नीचे से उनके बोबो पे था वो कुर्ते के ऊपर से शिप्रा दीदी के बोबे दबा रहा था वो बहुत तेज तेज शिप्रा दीदी के दोनों बोबे मसल रहा था उन्हें दबा रहा था मुझे शिप्रा दीदी की चुन्नी के नीचे से उसके हिलते हुए हाथों को देख के साफ़ पता चल रहा था की उसका हाथ कहाँ पे है और वो क्या कर रहा है फिर उसने शिप्रा दीदी की चुन्नी उनके कुर्ते के गले तक ऊपर कर दी और उनके कुर्ते के ऊपर से उनके दोनों बोबे दबाने लगा अब मुझे साफ़ साफ़ दिख रहा था की वो शिप्रा दीदी के बोबे दबा रहा है शिप्रा दीदी भी अपने हाथ से उसका लंड सहला रही थी और वो उनके बोबे दबा रहा था फिर उस आदमी ने शिप्रा दीदी का हाथ अपने लंड पे से हटाया अपनी पेंट की चेन खोली और अपना खड़ा हुआ लंड बाहर निकाल लिया और फिर वापस शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और उनका हाथ लेजा के अपने नंगे लंड पे रख दिया अब वो शिप्रा दीदी के बोबे दबा रहा था और शिप्रा दीदी उसका नंगा लंड सहला रही थी उसे हिला रही थी अपने हाथ से फिर उस आदमी ने अपना हाथ शिप्रा दीदी के बोबो पे से हटाया और वापस से उनकी झांगों के बीच डाल दिया और उनकी सलवार पे से उनकी चूत को सहलाने लगा शिप्रा दीदी बाहर देखते हुए उसका लंड अपने हाथ से हिला रही थी और वो अपने हाथ से शिप्रा दीदी की चूत सहला रहा था वो जल्दी जल्दी शिप्रा दीदी की चूत रगड़ने लगा
शिप्रा दीदी से अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा था उन्होंने उसका लंड छोड़ा और अपने दोनों हाथों को अपने आगे वाली सीट पर रखा और अपने हाथों पर अपना सर रख के सर झुका के बैठ गयी उस आदमी ने अपना हाथ उनकी झांगों से निकाला और उनके बोबे दबाने लगा शिप्रा दीदी अपने आगे वाली सीट पे सर रख के बैठी थी जिस से उनके बोबे थोड़े आगे की तरफ लटक गए थे उस आदमी ने उनके लटके हुए बोबो को दबाया फिर शिप्रा दीदी के लटके हुए कुर्ते के गले में से अपना हाथ अंदर डालने लगा अब शिप्रा दीदी कसमसाने लगी क्योंकि ये बहुत रिस्की था मुझे भी लगा की अब ये ठीक नहीं हो रहा अब प्रॉब्लम हो सकती है मैंने अपना मोबाइल निकाला और शिप्रा दीदी को कॉल किया उनके पर्स में उनका मोबाइल बजने लगा वो आदमी एक दम से सकपका गया उसने अपना हाथ हटाया और फटाफट अपना लंड अंदर किया मैंने उनसे थोड़ी सी बात की और कॉल काट दिया तभी पीछे की एक सीट खाली हो गई मैं थोडा पीछे गया और आगे आया ताकि शिप्रा दीदी को ये लगे की मैं पीछे से आया हूँ मैं उनकी सीट के पास आया और उस आदमी से कहा “अंकल आप मेरी सीट पे बैठ जाओ मुझे यहाँ बैठना है ” उसने कहा “क्यों ” मैंने कहा “ये मेरे साथ है मेरी बेहेन इसीलिए “
उसकी शक्ल देखने लायक थी क्योंकि उसे नहीं पता था की शिप्रा दीदी के साथ कोई होगा और उसे ये भी डर था की फोन पे शिप्रा दीदी ने कुछ बोल तो नहीं दिया मुझे जो मैं एक दम से आ गया वो उठ के पीछे वाली सीट पे चला गया मैं शिप्रा दीदी के पास बैठ गया जैसे है मैं उनके पास बैठा शिप्रा दीदी ने मेरे कंधे पे अपना सर रख दिया और मुझसे चिपक के बैठ गयी मैंने कहा “क्या हुआ दीदी ” उन्होंने कहा “कुछ नहीं ” मुझे पता था की वो पूरी तरह से गरम है अभी हमें आखरी स्टॉप पे उतरना था वो अभी दो स्टॉप बाद था अगला स्टॉप आया तो इस स्टॉप पे ज्यादा लोग उतर गए वो आदमी भी इसी स्टॉप पे उतर गया बस ऑलमोस्ट खाली हो गयी थी बस 6-7 लोग आगे बैठे हुए थे बाकी कोई नहीं था हमारी आस पास की सीटें खाली हो गई थी मैं एक हाथ से शिप्रा दीदी की झांग सहलाने लगा उनकी सलवार पे से तभी शिप्रा दीदी ने एक दम से मुझे पकड़ा और मुझे किस करने लगी हम दोनों ही बहुत गरम थे मैं भी उनके होंठ चूसने लगा वो पागलों की तरह मेरे होंठ चूस रही थी उन्हें किस करते हुए मैं उनके कुर्ते पे से उनके बोबे दबाने लगा
थोड़ी देर किस करने के बाद हम अलग हुए मैंने आगे देखा किसी ने हमें नहीं देखा था मैंने शिप्रा दीदी से कहा “दीदी अपनी सलवार का नाडा खोलो ” उन्होंने कहा “यहाँ पे सोनू यहाँ कैसे सलवार उतारूंगी ” मैंने कहा “पूरी मत उतारो बस नाडा खोल के सलवार घुटनों तक उतार दो अभी कोई है भी नहीं जल्दी करो ” वो पूरी तरह से गरम थी उन्होंने अपनी सलवार का नाडा खोला और अपनी सलवार और पेंटी घुटनों तक उतार दी अब मैं शिप्रा दीदी की नंगी चूत को सहलाने लगा उनकी चूत पूरी तरह से गीली थी मैंने कहा “दीदी आप इतनी कैसे गरम हो ” उन्होंने कहा “बस ऐसे ही तूने कर दिया ना अभी ” मैं मुस्कुराने लगा उन्हें नहीं पता था की मैंने सब देखा है ना मैंने उन्हें बताया मैं उनकी चूत सहलाने लगा उन्हें मजा आने लगा
फिर मैंने उनकी टांगें चौड़ी की और उनकी चूत के होल को सहलाने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने अपनी एक ऊँगली उनके चूत के होल में डाल दी और उसे अंदर बाहर करने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था मैं सामने की तरफ देख रहा था और नीचे शिप्रा दीदी की चूत में ऊँगली कर रहा था मैं जल्दी जल्दी उनकी चूत में ऊँगली करने लगा और अपने अंघूठे से उनकी क्लिट को सहलाने लगा शिप्रा दीदी को बहुत मजा आ रहा था उनकी आँखें बंद थी मैं जल्दी जल्दी उनकी चूत में ऊँगली करने लगा और थोड़ी देर में शिप्रा दीदी झर गयी उनकी चूत से बहुत सारा डिस्चार्ज निकला मैंने अपना रुमाल उन्हें दिया उन्होंने अपनी चूत साफ़ की और पेंटी और सलवार ऊपर कर ली अब मैंने अपनी जींस की चेन खोली और अपना खड़ा हुआ लंड बाहर निकाला शिप्रा दीदी ने अपने हाथ से मेरा लंड सहलाया मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर वो थोडा सा पीछे हुई झुकी और मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था वो उसे पूरा अपने मुह में लेके चूसने लगी वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनके सर में हाथ फेर रहा था फिर वो मेरे लंड के टोपे को चूसने लगी मैं एक हाथ से उनके कुर्ते पे से उनके बोबे दबाने लगा मैंने कहा “दीदी जल्दी करो आखरी स्टॉप आने वाला है ” वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को चूसने लगी उसे चाटने लगी थोड़ी देर में मेरा मुट निकल गया मेरा मुट थोडा उनके मुह में गया बाकी नीचे गिर गया जिसे उन्होंने रुमाल से साफ़ कर दिया हम दोनों ने एक दूसरे को देखा और मुस्कुराने लगे मैंने अपना लंड अंदर किया हम दोनों ने अपने कपडे ठीक किये इतने में आखरी स्टॉप आ गया बस रुक गयी हम दोनों बस से उतरे और मार्किट में गए और शिप्रा दीदी की बुक लेने लगे बुक स्टाल से ……
हम मार्किट में गए और शिप्रा दीदी ने अपनी बुक ली और कुछ सामान लिया फिर हमने सोचा की थोड़ी देर मार्किट में घूम लेते है हम हाथ में हाथ डाले मार्किट में घूम रहे थे थोड़ी थोड़ी बारिश शुरू हो गई थी तभी शिप्रा दीदी के सेल पे मम्मी का फोन आया शिप्रा दीदी ने फोन उठाया “हेलो हाँ मौसी हाँ सब ले लिया बस घर आने की तैयारी कर रहे है हाँ देती हूँ ” शिप्रा दीदी ने सेल मुझे दिया मैंने कहा “हाँ मम्मी” मम्मी बोली “अरे सोनू तेरा नंबर ऑफ कैसे आ रहा है” मैंने कहा “पता नहीं मम्मी मैंने तो चेक नहीं किया क्यों क्या हुआ” मम्मी बोली “अरे बेटा मौसम बहुत ख़राब हो गया है न्यूज़ में बहुत ज्यादा और तेज बारिश होने को कह रहे है तुम लोग कहा पे हो ” मैंने कहा ” मम्मी हम तो मार्किट में ही है अभी बस के आने का वेट कर रहे है ” तो मम्मी बोली “नहीं नहीं तुम बस के चक्कर में मत रुको तेरे पापा कार से वहां से क्रॉस होंगे तो तुम उन्ही के साथ आ जाना ” मैंने कहा “ठीक है मम्मी”
थोड़ी देर में पापा कार लेके आ गये मैं आगे बैठ गया और शिप्रा दीदी पीछे हम दोनों बहुत उदास थे क्योंकी हम लोगो ने साथ घूमने का प्लान बनाया था लेकिन अब वो कैंसिल हो गया था हम दोनों यही सोच रहे थे की अब पता नहीं कब मिलना होगा हमारा बारिश तेज हो चुकी थी थोड़ी देर में हम लोग घर पहुँच गए हम कार से उतरे और अंदर गए हमें देख के मम्मी बोली “आ गए बेटा बस मुझे यही चिंता हो रही थी क्योंकि मौसम बहुत ख़राब हो गया है मुझे यही था की कहीं अटक ना जाओ बारिश में , चल शिप्रा बेटा पाँच बज गए है तेरी ट्रेन है सात बजे की तू अपनी पैकिंग खत्म कर ” शिप्रा दीदी बोली “जी मौसी ” मैंने कहा “अरे मम्मी प्रीती दीदी कहाँ है अभी तक आई नहीं ” मम्मी बोली “हाँ मैंने उसे भी फोन कर दिया है वो भी आने वाली है बस थोड़ी देर में ” फिर मम्मी सब के लिए चाय बनाने लग गई और शिप्रा दीदी पैकिंग करने लग गई मैं शिप्रा दीदी के पास जाके बैठ गया हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे शिप्रा दीदी बोली “क्या यार सारा प्लान ख़राब हो गया ” मैंने कहा “हाँ दीदी इस मौसम को भी आज ही ख़राब होना था क्या , अब कब आओगे वापस ” शिप्रा दीदी बोली ” पता नहीं यार मम्मी कब भेंजे वापस जब कोई काम पड़ेगा तभी आ पाऊँगी ” तभी मम्मी ने मुझे बुलाया “सोनू ये चाय ले जा के सब को दे “
मैं गया और सबको चाय देने लगा फिर मम्मी शिप्रा दीदी के पास जाके बैठ गई और उनसे बात करने लगी और उन्हें कुछ सामान देने लगी थोड़ी देर बाद पापा ने बोला “शिप्रा बेटा छ: बज गए है तू तैयार हो गयी क्या चल स्टेशन के लिए निकलते है थोड़ी देर में अभी बारिश कम हुई है ” शिप्रा दीदी ने कहा ” हाँ मौसाजी पैकिंग तो हो गयी बस पांच मिनट में तैयार होके आती हूँ ” थोड़ी देर में शिप्रा दीदी तैयार होके आई ब्लैक वी नेक का टॉप ब्लू जींस उनके बोबे उस ब्लैक टॉप में से बाहर निकल के बहुत अच्छा शेप बना रहे थे उन्होंने बालों को क्लचर से बांधा हुआ था वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी हम दोनों ने एक दूसरे को देखा हम दोनों ही उदास थे पापा मम्मी ड्राइंग रूम में बैठे हुए थे मैं पापा मम्मी की नजर से बच के शिप्रा दीदी के पास गया और उन्हें टाइट हग कर लिया उन्होंने भी मुझे कस के पकड़ लिया मैं उनसे चिपके हुए उनके टॉप पे से उनकी पूरी पीठ पे हाथ फेरने लगा फिर मैंने उनके टॉप के नीचे से हाथ अंदर डाला और उनकी नंगी पीठ पे हाथ फेरने लगा और उनकी ब्रा स्ट्रैप्स से खेलने लगा मेरा लंड खड़ा हो चुका था इतने में पापा की आवाज आई “शिप्रा बेटा थोड़ी देर में निकलते है तू चेक करले एक बार कुछ रहा तो नहीं” हमने फटाफट एक दूसरे को छोड़ा दिया शिप्रा दीदी ने कहा “हाँ मौसा जी” और शिप्रा दीदी हमारे रूम में चेक करने लगी मैं भी उनके पीछे पीछे हमारे रूम में आ गया वो भी मुझे इस तरह से देख रही थी की बस मौका मिले और हम चिपक जाएँ
तभी लाइट चली गयी मैंने जल्दी से शिप्रा दीदी का हाथ पकड़ा और उन्हें बाथरूम में ले गया और उन्हें बाथरूम के दीवार से सटाकर उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस करने लगी हम दोनों पागलों की तरह एक दूसरे हो चूम रहे थे चाट रहे थे मैं शिप्रा दीदी के होंठ चूसने लगा वो भी मेरे होंठ चूसने लगी उनके होंठ चूसते चूसते मैं एक हाथ से उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाने लगा वो मेरे बालों में अपना हाथ फेरने लगी फिर मैंने उनके होंठ छोड़े और उनके गले पे स्मूच करने लगा फिर मैंने उनका टॉप ऊपर किया और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा उन्हें सहलाने लगा वो तेज तेज सांसें लेने लगी फिर मैं वापस ऊपर गया और उन्हें किस करने लगा और उन्हें किस करते हुए उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा शिप्रा दीदी भी मेरे होंठ चूस रही थी और मुझे किस करते करते वो अपने हाथ से मेरी जींस पे से मेरा लंड सहलाने लगी थोड़ी देर बाद मैंने उनके होंठ छोड़े और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाते हुए पूछा ” शिप्रा दीदी कौन सी वाली ब्रा पेहेन रखी है आज अँधेरे में दिख नहीं रहा” उन्होंने कहा “वाइट वाली जॉकी की जो नेट के मटेरियल में है वो ” मैंने कहा “और पेंटी” वो मेरा लंड सहलाते हुए बोली “तू खुद देख लेना भाई “
मैं उन्हें वापस किस करने लगा वो भी मुझे चूमने लगी मैं उनकी नेट वाली ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा शिप्रा दीदी के निप्पल खड़े हो चुके थे मैं उनके निप्पलों को सहलाने लगा फिर उन्होंने मेरे होंठ छोड़े और मैं स्मूच करते हुए नीचे गया और उनकी ब्रा पे से उनके बोबो को किस करने लगा उन्हें अपने होंठो से सहलाने लगा उनके निप्पलों को उनकी ब्रा पे से चूसने लगा शिप्रा दीदी लम्बी लम्बी सांसें ले रही थी और उनकी उँगलियाँ मेरे बालों में चल रही थी फिर मैंने उनकी ब्रा ऊपर कर दी और उनके मोटे बोबे बाहर आ गए मैंने उनके दोनों नंगे बोबो पे किस किया और एक को अपने मुह में लिया और उसे चूसने लगा और दूसरे को अपने हाथ से सहलाने लगा उसे दबाने लगा शिप्रा दीदी आहें भरने लगी उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी मैंने उनके दोनों बोबे चूसे उनके दोनों निप्पलों को चूसा फिर मैं और नीचे गया और उनके नंगे पेट पे स्मूच करने लगा उनकी नाभि को सहलाने लगा तभी शिप्रा दीदी ने मुझे ऊपर खींच लिया और मुझे किस करने लगी मुझे पता था की वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी है मैं भी उन्हें किस करने लगा और उन्हें किस करते हुए मैंने उनकी टांगें थोड़ी सी चौड़ी की और उनकी जींस पे से उनकी चूत को सहलाने लगा
फिर शिप्रा दीदी ने मेरे होंठ छोड़े और कहा “सोनू हमें जल्दी करना होगा सब लाइट कभी भी आ सकती है और मौसाजी कभी भी बुला सकते है जाने के लिए ” मैंने उनकी चूत को सहलाते हुए कहा “हाँ दीदी” फिर मैं उनके पूरे बदन पे अपने होंठो से स्मूच करता हुआ नीचे आया और उनकी जींस का बेल्ट खोला बटन खोला और उनकी जींस उतार दी और शिप्रा दीदी की पेंटी पे से उनकी चूत पे किस करने लगा उसे सहलाने लगा शिप्रा दीदी को बहुत मजा आ रहा था उनकी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी फिर मैंने उनकी पेंटी भी उतार दी और उनकी नंगी चूत पे किस करने लगा उनकी चूत को अपने होंठो और अपनी जीभ से सहलाने लगा शिप्रा दीदी मेरे बालों को सहलाने लगी फिर मैं अपनी जीभ से उनकी क्लिट को सहलाने लगा मैं अपनी जीभ से शिप्रा दीदी की चूत के होल को सहलाना चाहता था लेकिन शिप्रा दीदी खड़ी हुई थी तो ये पॉसिबल नहीं था तो मैंने शिप्रा दीदी की टांगें थोड़ी और ज्यादा चौड़ी की और उनके होल में अपनी ऊँगली डाल दी और उसे अंदर बाहर करने लगा
शिप्रा दीदी सिसकियाँ लेने लगी मैं एक हाथ से शिप्रा दीदी की चूत में ऊँगली कर रहा था और दूसरे हाथ से उनके नंगे बोबे दबा रहा था तभी शिप्रा दी की सिसकियाँ तेज होने लगी “स्स्स्स्स्स्स्स्स्स …आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह …..हाम्म्म्म्म्म ….सॊन्न …उउ ” मैं समझ गया की उन्हें मजा आने लग गया है मैं जल्दी जल्दी अपनी ऊँगली उनकी चूत से अंदर बाहर करने लगा दूसरे हाथ से उनके बोबे दबाने अपनी उंगलियों से उनके निप्पल को दबाने लगा सहलाने लगा शिप्रा दीदी और तेजी से सिसकियाँ लेने लगी मैं अब और तेजी से उनकी चूत में ऊँगली करने लगा और जल्दी जल्दी ऊँगली करते हुए मैं अपनी जीभ से उनकी चूत को सहलाने लगा उनकी क्लिट को अपनी जीभ से सहलाने लगा तभी शिप्रा दीदी ने तेजी से मेरे बाल पकड़ के खींचे और उनकी चूत से पानी बहने लगा जिसे में अपनी जीभ से चाटने लगा वो थोड़ी देर तक ऐसे ही खड़ी रही फिर उन्होंने मुझे ऊपर खींचा और मुझे किस करने लगी मुझे किस करते हुए वो अपने हाथ से मेरा लंड सहलाने लगी फिर मुझे किस करते करते ही उन्होंने मेरी जींस का बटन खोला और मेरी जींस उतार दी और अंडरवियर पे से मेरे खड़े हुए लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था
फिर वो नीचे घुटनों के बल बैठ गयी और मेरी अंडरवियर पे से मेरे पूरे लंड पे स्मूच करने लगी अपने होंठ फेरने लगी फिर उन्होंने मेरी अंडरवियर नीचे कर दी और मेरा नंगा खड़ा हुआ लंड उनके सामने आ गया उन्होंने मेरे लंड पे बहुत सारी किसेस की फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे लंड के टोपे पे गोल गोल घुमाई और मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसे अपने मुह में ले लिया मुझे बहुत मजा आ रहा था वो थोड़ी देर तक मेरा लंड चूसती रही और मैं उनके बालों को सहलाता रहा फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुह से बाहर निकाला और अपनी उंगली से मेरे लंड के छेद को थोडा सा चोडा किया और उसपे अपनी जीभ घुमाने लगी मेरी आँखें बंद हो गयी फिर उन्होंने मेरे लंड वापस अपने मुह में लिया और उसे चूसने लगी मैं अपनी आँखें बंद करके शिप्रा दीदी के बालों में अपना हाथ फेरने लगा फिर शिप्रा दीदी मेरे लंड के टोपे को अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी मेरे लंड के टोपे को चूसने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर शिप्रा दीदी ने मेरा लंड अपने मुह से बाहर निकाला और मेरी बाल्स को किस करने लगी और मेरे लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लगी
फिर उन्होंने वापस मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और उसे चूसने लगी मैंने अपना हाथ शिप्रा दीदी के बालों पे से हटाया और उनके बोबे दबाने लगा उन्हें सहलाने लगा शिप्रा दीदी मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनके बोबे दबा रहा था अब शिप्रा दीदी मेरे लंड को जल्दी जल्दी चूसने लगी और मेरे मुह से सिसकियाँ निकलने लगी और मैं भी उनके दोनों बोबे जल्दी जल्दी मसलने लगा वो समझ गयी थी की मैं झरने वाला हूँ वो जल्दी जल्दी मेरे टोपे को अपनी जीभ से चाटने लगी उसे जल्दी जल्दी अपने होंठो से अंदर बाहर करने लगी और तभी मेरा मुट निकल गया शिप्रा दीदी के मुह में वो मेरा सारा मुट निगल गई और मेरे लंड को चूसती रही मैंने उन्हें ऊपर उठाया और फिर हम दोनों किस करने लगे उन्हें किस करते हुए मैं उनके बोबे सहलाने लगा फिर मैंने उनके दोनों बोबो पे किस किया फिर हम दोनों अपने कपडे ठीक करने लगे मैं बाथरूम से बाहर निकला थोड़ी देर बाद शिप्रा दीदी भी बाहर आ गई
लाइट अभी तक नहीं आई थी शिप्रा दीदी बोली “मजा आया” मैंने कहा “हाँ दीदी बहुत अब पता नहीं कब मौका मिलेगा” तभी पापा की आवाज आई “शिप्रा बेटा चल बारिश कम हो गयी जल्दी से सामान लिया अपना निकलते है” शिप्रा दीदी अपना सामान लेके बाहर आ गयी मैंने उनका सामान कार में रखा वो सबको बाय कह के कार मैं बैठ गयी और पापा शिप्रा दीदी को स्टेशन छोड़ने चले गए मैं बहुत ज्यादा उदास था मैं बाहर ही अँधेरे में ही खड़ा रहा तभी किसी का फोन आया मम्मी उस से बात करने में लग गयी मेरा मूड बहुत ऑफ था क्योंकि मेरी शिप्रा दीदी चली गई थी तभी थोड़ी देर बाद पापा आ गए मैं बाहर ही खड़ा था जैसे ही पापा ने कार रोकी मेरी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं रहा शिप्रा दीदी कार से उतरी मैंने पूछा “पापा क्या हुआ” पापा बोले “अरे बारिश के कारण इसकी ट्रेन तो बहुत लेट है कल सुबह आएगी यहाँ आठ बजे” ये सुनते ही हम दोनों एक दूसरे को ख़ुशी से देखने लगे पापा कार से उतर के अंदर चले गए और पापा मम्मी से नजरे बचा कर मैं और शिप्रा दीदी ने एक दूसरे को हग किया हम दोनों बहुत खुश थे फिर हम अंदर आए मम्मी ने पूछा “अरे क्या हुआ कैसे वापस आ गए ” तो पापा ने कहा “ट्रेन लेट है बारिश की वजह से कल सुबह आएगी यहाँ पे ” मम्मी ने कहा “चल अच्छा है शिप्रा एक दिन और रुक जा तू हमारे साथ ” तभी लाइट आ गयी हम दोनों लाइट मैं एक दूसरे को देखने लगे हम दोनों बहुत खुश थे
तभी मम्मी के सेल पे फोन आया ये प्रीती दीदी का था मम्मी ने फोन उठाया “हाँ प्रीती बेटा कहाँ है तू अभी तक आई नहीं , ओहो इसलिए मना करती हूँ मैं की शाम के टाइम मत निकला करो अटक गयी ना अब और मौसम वैसे ही ख़राब है रुक मैं तेरे पापा को भेजती हूँ ” मम्मी ने फोन रखा मैंने पूछा “क्या हुआ मम्मी” मम्मी ने कहा “अरे प्रीती की स्कूटी स्टार्ट नहीं हो रही उसको लेके आना है” फिर मम्मी ने पापा से कहा “अजी सुनो आप जरा प्रीती को लेकर आ जाओ उसकी स्कूटी अटक गयी है ” पापा ने कहा “तो चलना तो तुम्हें भी पड़ेगा मेरे साथ ” मम्मी बोली “मुझे क्यों ” तो पापा ने कहा की ” अगर मैं स्कूटी ठीक करा के लाऊंगा तो कार कौन ड्राइव करेगा तुम ही तो करोगी तुम कार से प्रीती के साथ घर आ जाना मैं स्कूटी ठीक करा के स्कूटी से घर आ जाऊंगा” मम्मी ने कहा की “हाँ ये बात भी सही है चलो मैं तैयार हो जाती हूँ ” पापा ने कहा “वो छाता और रेनकोट रख लेना ” मम्मी ने कहा “हाँ रख लेती हूँ ” ये सब सुन के शिप्रा दीदी ने मुझे देखा और मैंने उन्हें देखा हम दोनों एक दूसरे को ऐसे ही देखते रहे क्योंकि अब थोड़ी देर बाद हम इस घर में अकेले होने वाले थे और हमें पता था की आज आगे क्या होने वाला है मैंने शिप्रा दीदी को मेसेज किया “शिप्रा दीदी आज तो मैं आपको चोदूंगा” शिप्रा दीदी का रिप्लाई आया “हाँ भाई मैं खुद तुझसे चुदना चाहती हूँ , तुझसे चुदवाना चाहती हूँ “…..

आगे की कहानी जरी रहेगी>>>>

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