मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – ३५

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तभी प्रीती दीदी ने मुझ पर थोडा सा पानी फेंका और हँसने लगी मैं उनके पीछे भागा और उन्हें पकड़ लिया और उनके गुदगुदी करने लगा वो मुझे खुद से छुड़ाने लगी फिर उन्होंने मेरे हाथ पे काट लिया मैंने उन्हें छोड़ दिया फिर वो मुझे पकड़ने लगी मैं भाग के बेडरूम में चला गया बेडरूम में मम्मी कुर्सी पे बैठी थी टीवी देख रही थी मम्मी के कुर्सी से पहले आगे की तरफ डबल बेड था मैं भाग के डबल बेड पे चढ़ गया प्रीती दीदी ने मुझे पकड़ के बेड पे लिटा दिया और मेरे ऊपर क्रोस लेग करके बैठ गयी और मुझे गुदगुदी करने लगी प्रीती दीदी की पीठ मम्मी की तरफ थी मम्मी भी हमें देख के हंस रही थी प्रीती दीदी मेरे गुदगुदी करे जा रही थी मेरे हाथ प्रीती दीदी के कंधों पे थे प्रीती दीदी झुक के मुझे गुदगुदी कर रही थी मुझे उनके ब्राउन टॉप के लटके हुए गले में से उनकी वाइट ब्रा दिख रही थी बहुत ही सेक्सी शेप बन रहा था प्रीती दीदी की ब्रा का , उनके झुके होने के कारण उनके बोबे भी थोड़े से लटके हुए थे एक दम से मैंने अपने दोनों हाथ प्रीती दीदी के कंधों पे से हटा के उनके दोनों बोबो पे रख दिए और उनके बोबे दबाने लगा और एक नजर से मम्मी को देखने लगा मम्मी टीवी देख रही थी और मैं प्रीती दीदी के बोबे दबा रहा था जब भी मम्मी का मुंह घूमता मैं अपने हाथ दीदी के कंधो पे रख देता इस तरह से मैं प्रीती दीदी के बोबे दबाने लगा हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखते रहे और मैं प्रीती दीदी के बोबे दबाता रहा थोड़ी देर बाद पापा आ गए
और हम सब खाना खाने बैठ गए मैं और मेरी प्यारी दीदी डाइनिंग टेबल पे एक तरफ बैठे थे और पापा और मम्मी हमारे सामने हम खाना खाने लगे खाना खाते हुए मैंने प्रीती दीदी की कैप्री पे से उनकी झांग पे हाथ रखा प्रीती दीदी ने जल्दी से मेरा हाथ हटा दिया मैंने वापस अपना हाथ रखा और उनकी झांग को सहलाने लगा वो चुप चाप खाना खाने लगी फिर मैंने टेबल के नीचे से उनका हाथ पकड़ा और उसे सहलाने लगा फिर धीरे धीरे मैंने उनका हाथ ले जाके अपने लोअर पे से अपने खड़े हुए लंड पे रख दिया प्रीती दीदी थोडा सा खांसी और पानी पीने लगी उन्होंने अपना हाथ छुडाना चाहा लेकिन मैंने उनका हाथ नहीं छोड़ा और उनके हाथ को पकडे हुए उनके हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना हाथ छुड़ाना बंद कर दिया मैंने उनका हाथ छोड़ दिया और वो खुद अपने हाथ से लोअर पे से मेरा लंड सहलाने लगी और मैं अपने हाथ से प्रीती दीदी की कैप्री पे से उनकी चूत को सहला रहा था मैंने उनकी टांगें थोड़ी चौड़ी करने की कोशिश की ताकि मैं अच्छी तरह से प्रीती दीदी की चूत सहला सकू लेकिन प्रीती दीदी ने अपनी टांगें ज्यादा नहीं खोली वो बहुत ही सेक्सी सीन था सामने पापा मम्मी और हम दोनों भाई बेहेन एक हाथ से खाना खा रहे थे और टेबल के नीचे अपने दूसरे हाथ से एक दूसरे के लंड चूत को सहला रहे थे
थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी ने अपना हाथ हटा लिया मैंने भी अपना हाथ हटा लिया हम सबने खाना खा लिया था अब मैं बस यही सोच रहा था की अब हम दोनों रूम में अकेले होंगे मैं अब प्रीती दीदी को और खोलना चाहता था और मैंने इसके लिए एक आईडिया भी सोच लिया थोड़ी देर बाद पापा मम्मी अपने रूम में चले गए और हम अपने रूम में आ गए रूम में आते ही मैंने प्रीती दीदी को हग कर लिया वो भी मुझसे लिपट गई फिर हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगा उनके होंठ चूसने के बाद मैंने उनका हाथ पकड़ के उन्हें बेड पे ले गया वो शर्माती हुई मेरे साथ साथ चलने लगी मैंने उन्हें बेड पर बिठा दिया और उनके पास बैठ के उनसे कहा
“दीदी मुझे आपसे कुछ कहना है” उन्होंने कहा “क्या” मैंने कहा “मैंने आपकी और राज की सारी चैटिंग पढी थी” ये कहते हुए मैंने उनके टॉप के गले को खींचा और अंदर देखने लगा उनकी ब्रा को फिर मैंने कहा “सारी पढी थी की दिनेश अंकल ने आपके साथ क्या क्या किया और जीजू ने भी” प्रीती दीदी ने कहा “सोनू पहले लाइट बंद कर दे मुझे बहुत शर्म आ रही है” मैंने कहा “दीदी मुझे आपको ढंग से देखना है” तो उन्होंने कहा “अभी नहीं प्लीज समझ लाइट बंद कर दे” मैंने कहा “ठीक है एक शर्त पे” उन्होंने कहा “क्या” मैंने कहा “आप अपने हाथ से सहलाओगी” उन्होंने कहा “क्या” मैंने कहा “मेरा लंड” उन्होंने धीरे से कहा “ह्म्म्म तू पहले लाइट बंद कर जल्दी” मैंने लाइट बंद की और बेड पे सहारा लेके बैठ गया और प्रीती दीदी को खुद से चिपका के अपनी बाँहों में भर के बिठा लिया प्रीती दीदी भी मुझसे चिपक के बैठ गयी और अपने हाथ से लोअर पे से मेरा लंड सहलाने लगी मैंने कहा “दीदी उस दिन जब दिनेश अंकल घर आये थे और आपके साथ जो भी हुआ था वो मैंने ही किया था आपके पास बैठे हुए और जो बस में आपके साथ हुआ वो भी मैंने ही किया था वो अँधेरे में बस में मैं ही था जिसका लंड आपने हिलाया था और चूसा था और जिसने आपके कुर्ते में हाथ डाला था जब भी आपके बदन को किसी ने छुहा वो मैं ही था” प्रीती दीदी बोली “क्या वो तू था मैं तुझे कितना शरीफ समझती थी मुझे नहीं पता था की मेरा छोटा भाई इतना बड़ा हो गया है” मैंने कहा “दीदी सहलाती रहो ना मेरा लंड” प्रीती दीदी बोली “हाँ सहला तो रही हूँ” और वो मेरा लंड सहलाने लगी फिर वो बोली “मुझे दो तीन बार पता चला था जब तूने मेरे बदन पे हाथ फेरा था जब मैं सो रही थी” मैंने कहा “क्या दीदी आपको पता था तो अपने कुछ बोला क्यों नहीं” वो बोली “क्या बोलती” फिर मैंने कहा “दीदी आपने टेबल के नीचे अपनी टांगें क्यों नहीं खोली थी ना आप अभी खोल रही हो मुझे सहलाने दो ना आपकी चूत” वो बोली “अरे समझा कर” मैंने कहा “क्या आपको मजा नहीं अत जब मैं सहलाता हूँ आपकी चूत” तो वो बोली “वो बात नहीं है सोनू प्रॉब्लम है ” मैंने कहा ‘क्या” वो बोली “डाउन हूँ” मैंने कहा “मतलब” तो वो बोली “अरे सिली पीरियड्स में हूँ” मैंने कहा “कैसे दीदी शाम को जब मैंने आपकी पेंटी में हाथ डाला था तब तो कुछ नहीं था” वो मेरा लंड सहलाते हुए बोली “अरे स्कूल से आके पैड हटा दिया था जलन हो रही थी”
मैंने पूछा “दीदी आप कौनसा पैड यूज़ करते हो” वो बोली “व्हिस्पर अल्ट्रा” मैंने कहा “दीदी आप फ्री कब होगे” वो बोली “मंडे को” उनकी ये सब बातें सुन के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्होंने सब कुछ मुझे बता दिया था मैं प्रीती दीदी को किस करने लगा फिर उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाते हुए कहा “दीदी लोअर के अंदर हाथ डालो ना अंदर से सहलाओ ना” उन्होंने हाथ अंदर डाला और मेरे नंगे लंड को सहलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने प्रीती दीदी के टॉप के अंदर हाथ डाला और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा और वो मेरा नंगा लंड अपने हाथ से सहलाने लगी तभी लाइट चली गयी पंखा कूलर बंद हो गया मम्मी की आवाज आई “अरे प्रीती लाइट चली गई है तुम लोग हमारे रूम में आजाओ पता नहीं कब आएगी लाइट अब इन्वर्टर दो रूम का लोड नहीं ले पाएगा यहीं आजाओ दोनों ” प्रीती दीदी बोली “हाँ मम्मी” वो उठने लगी मैंने उनका हाथ पकड़ा और बोला “बट दीदी” वो बोली “चल आजा बाथरूम में मैं तुझे फ्री कर देती हूँ नहीं तो दर्द होगा और जल्दी कर फटाफट मम्मी कहीं अंदर ना आजाए” हम बाथरूम में गए बाथरूम में अँधेरा था कुछ दिख नहीं रहा था फिर प्रीती दीदी ने मेरा लोअर नीचे कर दिया और मेरे नंगे लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करने लगी मैं उन्हें किस करने के लिए आगे बड़ा वो बोली “किस नहीं आवाज होगी” वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को हिलाने लगी और मैं उनके टॉप पे से उनके बोबे दबाने लगा फिर मैंने उनका टॉप ऊपर कर दिया उन्होंने शमीज भी पेहेन रखी थी लेकिन शमीज बार बार नीचे आ रही थी प्रीती दीदी बोली “रुक” उनके हाथ मेरे लंड से हट गए थोड़ी देर बाद उन्होंने वापस मेरा लंड हिलाना शुरू कर दिया और बोली “अब कर ले” मैंने हाथ फेरा तो उनके खड़े हुए निप्पल मुझे टच हुए मैंने कहा “दीदी आपने सब कुछ ….” इतने में वो बोल पड़ी “हाँ मैंने टॉप शमीज और ब्रा सब उतार दी है जल्दी कर”
मुझे यकीन ही नहीं हुआ की उस वक़्त प्रीती दीदी मेरे साथ बिलकुल नंगी थी ऊपर से उन्होंने बस कैप्री पेहेन रखी थी वो जल्दी जल्दी मेरा लंड हिला रही थी मुझे इतना मजा पहले कभी नहीं आया था मैं भी प्रीती दीदी के नंगे बोबे दबाने लगा उनके बोबे दबाते हुए मैंने कहा “दीदी मुंह में लो ना” वो बोली “आवाज होगी पता चल जाएगा लाइट नहीं है शांति है सब जगह” मुझे उनकी बात सही लगी वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को हिला रही थी और मैं उनके नंगे बोबे दबा रहा था थोड़ी देर में मेरा मुट निकल गया प्रीती दीदी ने कहा “हो गया” मैंने कहा “हाँ दीदी” उन्होंने पूछा “मजा आया” मैंने कहा “बहुत दीदी” वो बोली “चल अब बाहर जा जल्दी से कहीं मम्मी यहाँ न आ जाये बहुत देर हो गई और उनसे बोल देना मैं आ रही हू अभी” मैं बाहर निकला और पापा मम्मी के रूम की तरफ चल दिया …
मैं पापा मम्मी के रूम कि तरफ चला पड़ा मैं बहुत खुश था आज वो दिन आ गया था जब प्रीती दीदी ने अपने सारे कपडे अपनी ख़ुशी से उतार दिए वो भी मेरे लिए मैं सोच रहा था कि प्रीती दीदी अभी थोड़ी देर पहले नंगी थी मेरे साथ लेकिन मैं उनके बदन को देखना चाहता था उन्हें पूरी नंगी निहारना चाहता था मैं चाहता था कि बस प्रीती दीदी हमेशा अपनी उँगलियों से मेरे लंड को सहलाती रहें और मैं उनके बोबे और चूत से खेलता रहूँ ये सब सोचते सोचते मेरा लंड वापस खड़ा होने लगा मैं रूम में गया मम्मी बोली “आजा सोनू प्रीती कहाँ है ” मैंने कहा “मम्मी वो अभी आ रही है” मम्मी बोली “चल तू यहाँ सोजा पापा के पास मैं और प्रीती नीचे सो जाते है ” लेकिन मैं प्रीती दीदी के साथ सोना चाहता था तो मैंने कहा “लेकिन मम्मी मैं नींद में फिर लातें मारूंगा तो पापा डिस्टर्ब होगे ना ” तो मम्मी बोली कि “फिर कैसे करे सोने का ” इतने में प्रीती दीदी रूम में आ गई और बोली “मम्मा सोनू और मैं नीचे सो जाते है पापा और आप ऊपर सो जाओ” हम दोनों एक दूसरे को देख के मुस्कुरा रहे थे मम्मी बोली “बेटा फिर नीचे तुम लोगो को नींद नहीं आएगी ना” तो मैंने कहा “मम्मी जब लाइट आ जाएगी तो हम अपने रूम में चले जाएंगे” मम्मी बोली “ठीक है” हम दोनों नीचे लेट गए थोड़ी देर बाद मम्मी ने रूम की लाइट बंद कर दी लाइट बंद होते ही मैं प्रीती दीदी से चिपक गया
वो बोली “हाँ इसीलिए मेरे साथ सोना था ” मैंने धीरे से कहा “हाँ दीदी” और मैंने अपना हाथ प्रीती दीदी के टॉप के ऊपर से उनके बोबे पे रखा और उनके बोबे दबाने लगा वो बोली “फिर शुरू हो गया अभी अभी तो किया था” मैंने कहा “दीदी आप हो ही इतनी सेक्सी के हमेशा आपको प्यार करने कि इच्छा होती है” उनसे बातें करते हुए मैं उनके टॉप पे से उनके बोबे दबा रहा था फिर मैं अपना हाथ उनके टॉप के नीचे से अंदर डालने लगा वो बोली “ओए अब यहाँ पे भी सब उतारेगा क्या अगर मम्मी को जरा सी भी भनक लग गई ना तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाएगी ऊपर ऊपर से ही कर ” और मैंने अपना हाथ उनके टॉप के अंदर से निकाल लिया और प्रीती दीदी के टॉप पे से उनके बोबे दबाने लगा थोड़ी देर तक प्रीती दीदी के बोबे दबाने के बाद मैं अपना हाथ नीचे लेके जाने लगा और उनकी कैप्री पे से उनकी चूत को सहलाने लगा प्रीती दीदी ने अपने आप अपनी टांगें चौड़ी कर ली ताकि मैं उनकी चूत को अच्छी तरह से सेहला सकू प्रीती दीदी की पतली सी कैप्री पे से मुझे उनकी चूत अच्छी तरह से महसूस हो रही थी
मैंने उनकी चूत सहलाते हुए उनसे पूछा “दीदी आपका पैड कहाँ गया ” उन्होंने कहा “हटा दिया बहुत कम हो रही थी इसीलिए” मैंने उनकी चूत सहलाते हुए उनसे कहा “प्रीती दीदी मुझे आपकी वेजिना लिक करनी है ” उन्होंने मेरे कान में कहा “अभी नहीं बाद में जब फ्री हो जाउंगी तब करना” मैं उनकी बात सुन के बहुत उत्तेजित हो गया मैंने करवट ली और मैं प्रीती दीदी के ऊपर लेट गया और उनके ऊपर लेट के उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस कर रही थी लेकिन हम दोनों ही बहुत धीरे धीरे किस कर रहे थे ताकि कोई आवाज ना हो हम दोनों धीरे धीरे और बड़े ध्यान से एक दूसरे को किस करने लगे मैं प्रीती दीदी के होंठ चूस रहा था और प्रीती दीदी मेरे फिर मैं नीचे जाने लगा और प्रीती दीदी के टॉप पे से उनके बोबो पे स्मूच करने लगा उन्हें किस करने लगा उन्हें दबाने लगा मैंने उनके टॉप के ऊपर से ही उनके बोबे को अपने मुह में ले लिया प्रीती दीदी मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और मैं उनके बोबे चूस रहा था मैंने उनका टॉप ऊपर करना चाहा
लेकिन उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया मुझे उनकी बात याद आ गई और मैं वापस उनके टॉप के ऊपर से उनके बोबो पे स्मूच करने लगा फिर मैं नीचे गया और उनके पेट पे किस किया उनके पेट पे स्मूच किया फिर मैं और नीचे गया और प्रीती दीदी कि कैप्री पे से उनकी चूत पे किस करने लगा उनकी चूत पे अपने होंठ फेरने लगा प्रीती दीदी को बहुत मजा आ रहा था वो मेरे बालों को सेहला रही थी मैंने उनकी टांगें चौड़ी की और उनकी कैप्री पे से उनकी पूरी चूत पे किस करने लगा और जल्दी जल्दी अपने होंठो से स्मूच करने लगा तभी प्रीती दीदी के मुंह से एक सिसकी निकल गई “स्स्स्स्स्स्स्स्स्स ………” और मम्मी ने जल्दी से पूछा “क्या हुआ प्रीती” मैं फटाफट उनके ऊपर से उतर के साइड में लेट गया मम्मी ने लाइट जलाई और पूछा “क्या हुआ प्रीती” प्रीती दीदी बोली “कुछ नहीं मम्मी शायद चींटी खा गई” मम्मी बोली “इसीलिए केह रही कि नीचे नहीं सो पाओगे दिखा जरा मुझे ” तभी प्रीती दीदी ने बात पलट दी वो बोली “अरे मम्मा शायद लाइट आ गई ” मम्मी ने चेक किया और बोली अरे हाँ आ गई लाइट चलो अब तुम अपने रूम में चले जाओ और सो जाओ मैं बहुत खुश था हम दोनों अपने रूम में आये मैंने हमारे रूम का गेट थोडा सा ढलका दिया और उसके पीछे एक चेयर रख दी ताकि अगर कोई गेट खोले तो हमें पता चल जाए चेयर रख के मैंने जल्दी से प्रीती दीदी को पकड़ लिया और उन्हें टाइट हग कर लिया और उन्हें पकड़े हुए मैं उनकी कैप्री पे से उनके हिप्स को दबाने लगा उन्हें सहलाने लगा आज प्रीती दीदी कि गांड मेरे हाथों में थी जिसको देख देख के मैं मचलता था आज वो मेरे हाथ में थी मैं प्रीती दीदी को टाइट हग करके खड़ा हुआ था और उनके हिप्स सेहला रहा था उन्होंने भी मुझे कस के पकड़ रखा था थोड़ी देर तक उनके हिप्स सहलाने के बाद मैंने उन्हें खुद से अलग किया और उन्हें किस करने लगा हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे उन्हें किस करते हुए मैंने उनकी कैप्री पे से उनकी चूत सहलाना शुरू किया इस से प्रीती दीदी और ज्यादा उत्तेजित हो गई और मुझे कस के पकड़ के किस करने लगी उनकी आँखें बंद थी मैं उन्हें किस करते हुए उनकी चूत को उनकी कैप्री के ऊपर से सेहला रहा था फिर मैंने उनकी कैप्री के अंदर अपना हाथ डाल दिया और प्रीती दीदी कि पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा उन्हें बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने उनके होंठ छोड़े और घुटनों के बल नीचे बैठ गया और एक झटके में उनकी कैप्री नीचे कर दी अब प्रीती दीदी पेंटी में मेरे सामने थी उनकी गोरी चिकनी टांगें चमक रही थी उन्होंने पिंक कलर की पेंटी पेहेन रखी थी मैंने उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे अपना हाथ फेरा फिर उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे किस करने ही वाला था कि उन्होंने मेरा सर अपने हाथ से पकड़ लिया मैंने ऊपर देखा तो उन्होंने कहा “अभी वहाँ गंदा है सोनू बाद में करना” मैं मुस्कुराते हुए उनकी आँखों में देखते हुए उनकी पेंटी पे से उनकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा
उनकी आँखें बंद हो गई मैं उनकी चूत सेहला रहा था और उन्हें बहुत मजा आ रहा था फिर मैं ऊपर उठा और इस बार प्रीती दीदी ने मुझे पकड़ लिया और मुझे किस करने लगी वो मेरे सामने अपने टॉप और पेंटी में थी वो मुझे किस करने लगी और मुझे किस करते हुए उन्होंने मेरे लोअर पे से मेरे लंड को पकड़ लिया और मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं भी प्रीती दीदी को किस करते हुए उनकी पेंटी पे से उनकी चूत को सहलाने लगा थोड़ी देर तक किस करने के बाद हम दोनों अलग हुए हम दोनों एक दूसरे कि आँखों में देख रहे थे और प्रीती दीदी मेरा लंड सेहला रही थी और मैं उनकी चूत थोड़ी देर तक उनकी चूत सहलाने के बाद मैंने उनसे कहा “प्रीती दीदी मैं आपको बस ब्रा और पेंटी में देखना चाहता हूँ टॉप उतारो ना ” प्रीती दीदी नीचे देखते हुए बोली “मुझे शर्म आती है ” मैंने कहा “प्लीज दीदी ” और उन्होंने मेरा लंड छोड़ा और अपने दोनों हाथो से अपना टॉप नीचे से पकड़ा उसे थोडा सा ऊपर किया और वापस नीचे कर लिया मैंने कहा “उतारो ना दीदी प्लीज” उन्होंने फिर अपना टॉप पकड़ा और जल्दी से उतार दिया लेकिन अपना टॉप उतारते ही प्रीती दीदी ने अपने दोनों हाथों से अपने बोबे छुपा लिए और घूम गई उन्हें बहुत शर्म आ रही थी अब प्रीती दीदी घूमी हुई थी और वो बस ब्रा और पेंटी में थी मैंने उनकी ब्रा के हुक पे किस किया
फिर उनकी पूरी पीठ पे स्मूच किया फिर उनकी पेंटी पे से उनके हिप्स पे किस किया फिर वापस पीछे से उनकी पूरी पीठ और कंधों पे स्मूच किया फिर उन्हें पकड़ा और घुमाया अब प्रीती दीदी सामने से ब्रा पेंटी में थी वो वाइट ब्रा और पिंक पेंटी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी उन्होंने अपने बोबो को हाथों से ढक रखा था और उनकी आँखें बंद थी मैंने उनके दोनों हाथ पकड़ के अलग किये और उनकी गर्दन पे किस करने लगा और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा फिर मैं स्मूच करते हुए नीचे गया और उनकी ब्रा पे से उनके बोबो को दबाने लगा उन्हें किस करने लगा फिर मैंने प्रीती दीदी कि ब्रा को ऊपर किया और उनके नंगे बोबे मेरी आँखों के सामने थे कितने प्यारे बोबे थे मेरी प्रीती दीदी के मोटे मोटे गोरे गोरे नरम नरम और उनपे बहुत छोटे छोटे खड़े हुए उनके ब्राउन निप्पल मैंने प्रीती दीदी के नंगे बोबे पे अपने होंठ फेरे और उनके एक निप्पल को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगा प्रीती दीदी मेरे बालों में हाथ फेरने लगी फिर मैं उनके दूसरे निप्पल को चूसने लगा प्रीती दीदी कि सांसें बहुत तेज चल रही थी उनके मुंह से सिसकियाँ भी निकल रही थी लेकिन वो उन्हें दबा लेती थी क्योंकि रात के टाइम रूम में आवाज गूँज सी रही थी प्रीती दीदी के दोनों बोबे चूसने के बाद मैं ऊपर हुआ अब प्रीती दीदी कम शर्मा रही थी….

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