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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – ३७

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मेरे किचन में घुसते ही जीजू बाहर निकल गए और ड्राइंग रूम में चले गए मैंने किचन में जाके प्रीती दीदी से कहा “क्या हुआ दीदी ” वो बोली “कुछ नहीं वो फ्रिज में से दूध ला दे ” मैंने उन्हें दूध लाकर दिया और कहा “दीदी जीजू यहाँ क्या कर रहे थे ” वो बोली “कुछ नहीं पानी पीने आये थे ” मैंने कहा “पानी की बोतल तो रखी है न ड्राइंग रूम में” प्रीती दीदी बोली “वो मटके का पानी पीने आये थे ” उनकी बात सुन के मैं सोच में पड़ गया मैंने सोचा की अब तो प्रीती दीदी और मैं इतने क्लोज है फिर भी उन्होंने मुझसे ये बात छुपाई क्यों की जीजू उन्हें जबर्दस्ती छू रहे थे मुझे कुछ समझ नहीं आया तभी प्रीती दीदी बोली “ओये कहाँ खो गया जा ये चाय देके सबको ” मैं चाय लेके ड्राइंग रूम में चला गया प्रीती दीदी हमारे रूम में चली गई सब बातें कर रहे थे तो मैं भी वहां से उठ के प्रीती दीदी के पास चला गया वो हमारे बेड पे लेटी हुई थी मैंने धीरे से हमारे रूम का गेट ढलका लिया और जाके प्रीती दीदी के ऊपर लेट गया प्रीती दीदी एक दम से घबरा गई मैंने कहा “क्या हुआ दीदी” वो बोली “अरे उठ पागल कोई देख लेगा” मैंने कहा “गेट ढलका हुआ है” और ये कह के में उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस करने लगी थोड़ी देर किस करने के बाद वो बोली “अब उठ ना कोई आ जाएगा” मैंने कहा “दीदी आप फ्री हो गए क्या” वो बोली “हाँ हो तो गई हूँ लेकिन कल”
मैंने कहा “क्या कल” वो बोली “वहां का काम कल” मैंने कहा “क्या काम दीदी” वो बोली “छुप कर ऐसे बन रहा है जैसे तो कुछ पता ही नहीं है” और हम दोनों हँसने लगे फिर वो उठ के रूम का गेट खोलने चली गई थोड़ी देर बाद मम्मी ने हम दोनों को बुलाया और आरती दीदी और जीजू से पूछा “अच्छा अब आप लोगो का क्या प्लान है ” आरती दीदी बोली “बुआजी अभी तो नहा के फ्रेश होके थोडा रेस्ट करेंगे फिर दिन के खाने के बाद शाम को ही निकलेंगे 4 बजे तक फिर मार्कशीट लेके शौपिंग करके रात को आएंगे घर और फिर सुबह निकल जाएँगे ट्रेन से” मम्मी बोली “चलो ठीक है प्रीती तेरे और सोनू के रूम में जीजू दीदी का सामान रखवा दे और रूम ठीक कर दे थोडा मैं एक्स्ट्रा चादर तकिये निकालती हूँ” प्रीती दीदी बोली “हाँ मम्मा ” और वो रूम ठीक करने चली गई मैंने देखा की जीजू प्रीती दीदी की गांड को देख रहे थे पीछे से थोड़ी देर बाद मैंने उनका सामान हमारे रूम में एडजस्ट कर दिया और वो लोग हमारे रूम में रेस्ट करने लगे उन लोगो ने गेट बंद कर लिया और मम्मी और दीदी घर का काम करने लगे और मैं इधर उधर घूमने लगा थोड़ी देर बाद मुझे आरती दीदी और जीजू की आवाज आई मैंने उनके रूम के दरवाजे पे कान लगाये और सुनने लगा
आरती दीदी – फिर कब तक निकले अपन लोग
जीजू – शाम तक चल चलेंगे यार जल्दी क्या है
आरती दीदी – हाँ तब तक मैं भी बुआ और प्रीती से बातचीत कर लूंगी
जीजू – हम्म्म्म वैसे एक बात बोलू
आरती दीदी – हाँ बोलो
जीजू – यार प्रीती सही सामान हो गई है
आरती दीदी – ओये तुम्हारा दिमाग ख़राब है क्या ये क्या कह रहे हो
जीजू – हाँ तो सच है यार मुझे तो बड़ी सेक्सी लग रही है भरा भरा बदन है क्या चेहरा है
आरती दीदी(गुस्से से ) – बंद करो बकवास पागल हो क्या शर्म भी नहीं आती एक बच्ची के लिए एसी बातें करते हो
जीजू – अरे यार मजाक कर रहा था मैं तो तुम्हें छेड़ रहा था
आरती दीदी – ये कोई तरीका है क्या मजाक करने का
जीजू – क्यों क्या हुआ अरे मजाक था यार बस
आरती दीदी – तुम कुछ उल्टा सीधा मजाक मत कर लेना उसके साथ कहीं और बदनामी ना हो जाए वेसे ही तुम पहले भी कर चुके है हर समय मजाक मत किया करी किसी से भी
जीजू – अरे हाँ हाँ पता है मैं तो बस मजाक कर रहा था
आरती दीदी – हम्म्म्म चलो में बुआ जी के पास जा रही हूँ
और मैं जल्दी से गेट से हट गया आरती दीदी बाहर आके मम्मी के पास बैठ गई और बातें करने लगी थोड़ी देर बाद मम्मी ने प्रीती दीदी को बुला के कहा “प्रीती तू आरती के लिए पानी भर के रख दे वो तुम्हारे वाले बाथरूम में नहा लेगी और तू भी नहा ले इस वाले बाथरूम में” प्रीती दीदी बोली “हाँ मम्मी “आरती दीदी हमारे रूम वाले रूम में गई और जीजू से बोला “चलो पहले इस बाथरूम में मैं नहा लेती हूँ फिर आप नहा लेना” जीजू बोले “अच्छा प्रीती भी इसी बाथरूम में नहा रही है क्या….ही ही ही ही ही ही ही ही ही ही ही ” आरती दीदी बोली “यार तुम फिर शुरू हो गए पागल हो क्या हद होती है मजाक करने की ” और जीजू हँसने लगे और आरती दीदी हमारे वाले बाथरूम में नहाने चली गई आरती दीदी के बाथरूम में जाते ही जीजू रूम से बाहर आ गए और घर में घूमने लगे शायद वो ये देखने आये थे की प्रीती दीदी कौन से बाथरूम में नहा रही है मैं उन पे पूरी नजर रख रहा था जब उन्हें पता चला की प्रीती दीदी पापा मम्मी वाले बाथरूम में नहा रही है तो वो गेलेरी में गए और उस बाथरूम की खिड़की में से अंदर झाँकने लगे लेकिन प्रीती दीदी ने बाथरूम की दोनों खिड़कियाँ बंद कर रखी थी थोड़ी देर जब जीजू को लगा की अब कुछ नहीं हो सकता तो वो वापस अंदर आके अपने रूम में चले गए मैं आके मम्मी के पास बैठ गया
थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी ने बाथरूम में से मम्मी को आवाज दी मम्मी गई में भी छुप के सुनने लगा
प्रीती दीदी – अरे मम्मी मेरी ब्रा और पेंटी लाके दे दो ना वो वहीँ रूम में है वहां जीजू बैठे थे तो मैं निकाल नहीं पायी
मम्मी – ठीक है कौन सी वाली लाऊँ कहा रखी है तूने
प्रीती दीदी – मम्मी वहीँ पे होगी वाइट शमीज वाइट कलर की ब्रा और पेंटी लियाना
मम्मी – ठीक है
थोड़ी देर बाद मम्मी ने टॉवल में लपेट के प्रीती दीदी को ब्रा पेंटी दे दी आरती दीदी नहा चुकी थी तो वो मम्मी के पास बैठ गई और बातें करने लगी थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी नहा के बाहर आई उन्होंने वाइट कलर का पटियाला सूट पेहेन रखा था उसमे वो बड़ी सेक्सी लग रही थी मैंने उन्हें देख के आँख मार दी वो भी मुझे देख के मुस्कुराने लगी फिर प्रीती दीदी अपना बॉडी लोशन और कंगा लेने हमारे रूम में गई मैं भी धीरे धीरे उनके पीछे चल दिया ये सोच के जीजू तो नहाने गए होंगे तो मुझे प्रीती दीदी को प्यार करने का मौका मिल जाएगा
लेकिन रूम में जीजू बेड पे लेटे हुए थे जैसे ही दीदी रूम में घुसी जीजू उन्हें ऊपर से लेके नीचे तक देखने लगे और वो बोले “अरे वाह प्रीती वाइट सूट में तो बहुत सेक्सी लग रही हो यार” प्रीती दीदी ने कुछ जवाब नहीं दिया और वो अपना सामान लेने लगी जीजू बेड से उठने लगे मैं छुप कर देखने लगा जैसे ही प्रीती दीदी को महसूस हुआ की जीजू उनकी तरफ आ रहे है वो बिना अपना सामान लिए ही मुड के जाने लगी लेकिन जीजू ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनकी कमर में हाथ डाल के उनके पेट को सहलाने लगे और उनकी गर्दन पे स्मूच करने लगे और बोले “वाह क्या खुशबु आ रही है तुम में से बहुत ही सेक्सी सी ” फिर वो अपना हाथ ऊपर लेके जाने लगे और प्रीती दीदी के कुरते पे से उनके दोनों बोबे सहलाने लगे उन्हें दबाने लगे प्रीती दीदी उनसे छुटने की कोशिश करने लगी
प्रीती दीदी – ये आप क्या कर रहे है जीजू छोडिये मुझे
जीजू(प्रीती दीदी को पीछे से पकडे हुए उनके बोबे दबाते हुए) – क्यों क्या हुआ मजा नहीं आ रहा क्या ……कब से मचल रहा हूँ तुम्हारे बूब्स को दबाने के लिए
वो प्रीती दीदी के कुरते पे से उनके बोबे दबा रहे थे और बोले
जीजू – कितने नरम है तुम्हारे बूब्स प्रीती अंदर कौनसी ब्रा पेहेन रखी है तुमने दिखाना जरा
और उन्होंने प्रीती दीदी का कुर्ता उनके कंधे से नीचे कर दिया प्रीती दीदी की वाइट ब्रा की स्ट्रेप उन्हें नजर आई और वो बोले
जीजू (प्रीती दीदी के कंधे पे से उनकी ब्रा की स्ट्रेप को किस करते हुए )- वाइट सूट के नीचे वाइट ब्रा बहुत अच्छी लग रही है और वो वापस अपने दोनों हाथों से प्रीती दीदी के दोनों बोबे दबाने लगे उन्हें मसलने लगे प्रीती दीदी उनसे छूटने की कोशिश कर रही थी वो प्रीती दीदी के बोबे दबाते हुए बोले “क्या हुआ प्रीती तुम आज मुझे करने क्यों नहीं दे रही हो हम तो ये सब पहले भी कर चुके है तो आज क्या हुआ”
प्रीती दीदी बोली “प्लीज मुझे छोड़ दीजिय जीजू मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता ” जीजू प्रीती दीदी के बोबे दबाते हुए बोले “क्यों पहले तो अच्छा लगता था अब क्या हुआ पहले तो तुमने कभी मना नहीं किया मुझे ” प्रीती दीदी बोली “वो मेरी गलती थी उस समय मुझे नहीं समझ आया की क्या करू प्लीज मुझे छोड़ दीजिये ” लेकिन जीजू ने उन्हें कस के पकड़ रखा था वो प्रीती दीदी के वाइट कुर्ते पे से उनके बोबे मसल रहे थे फिर वो अपना हाथ नीचे लेके जाने लगे उनकी सलवार की तरफ लेकिन प्रीती दीदी झुक गयी ताकि वो उनकी चूत तक ना पहुँच पाए उनके झुकने से प्रीती दीदी के बोबे थोड़े नीचे हो गए जिस से जीजू ने उनके दोनों बोबो को अपने हाथ में लेकर दबाने लगे प्रीती दीदी के झुकने के कारण उनके कुरते का गला भी थोडा लटक गया था अब जीजू ने प्रीती दीदी के कुर्ते के गले में से अपना हाथ अंदर डाल दिया और उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगे…..

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