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मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – ३८

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मैं ये सब देख रहा था और मेरा लंड बिलकुल टाइट हो चुका था मैं ये सीन देखते हुए अपना लंड सहला रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था जीजू का हाथ प्रीती दीदी के कुर्ते के अंदर था और वो उनकी ब्रा पे से उनके बोबे दबा रहे थे प्रीती दीदी उनसे छुटने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन वो उनसे छूट नहीं पा रही थी तभी जीजू ने प्रीती दीदी को पीछे से उठा लिया और उन्हें उठा कर बेड पे लिटा दिया और खुद उनके ऊपर लेट गए और उनके ऊपर लेटे हुए उनके बोबे दबाने लगे जीजू प्रीती दीदी के बोबे दबाते हुए उन्हें किस करने वाले थे लेकिन प्रीती दीदी ने अपना मुंह घुमा लिया तो जीजू उनकी गर्दन पे किस करने लगे उन्होंने प्रीती दीदी को बेड पे लिटा रखा था और उनके दोनों हाथ पकड़ रखे थे और खुद उनके ऊपर लेटे हुए थे और कभी स्मूच कर रहे थे तो कभी एक हाथ से प्रीती दीदी के बोबे दबा रहे थे तभी वो अपना एक हाथ नीचे लेके गए और सलवार पे से प्रीती दीदी की चूत पे अपना हाथ रखा और उनकी वाइट सलवार पे से उनकी चूत सहलाने लगे
प्रीती दीदी जोर जोर से अपनी टांगें चला रही थी उनसे छूटने के लिए लेकिन जीजू उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे फिर जीजू प्रीती दीदी का कुरता ऊपर करने लगे इतने में प्रीती दीदी जोर से चिल्लाई “मम्मी …….” और तभी जीजू ने प्रीती दीदी को छोड़ दिया प्रीती दीदी जल्दी से बेड से उठी और भागती हुई रूम के बाहर आ गई मम्मी और आरती दीदी भी आ गई मम्मी ने पूछा “क्या हुआ प्रीती इतनी जोर से क्यों चिल्लाई तू ” आरती दीदी शायद समझ गई थी वो जीजू को घूर घूर के देख रही थी प्रीती दीदी ने कुछ नहीं कहा और मम्मी पापा के बेडरूम में चली गई मैं मम्मी और आरती दीदी भी उनके पीछे पीछे चले गए मम्मी ने वापस पूछा “क्या हुआ प्रीती बता ना ” प्रीती दीदी बोली “मम्मी वो जीजू मेरे गुद गुदी कर रहे थे आप प्लीज उन्हें मना करो ना मुझे नहीं पसंद ऐसा मजाक ” मम्मी ने आरती दीदी से थोडा गुस्से में कहा “आरती मना किया कर ना इन्हें अब प्रीती कोई बच्ची थोड़ी ना है जो ऐसा मजाक करते है ये ” आरती दीदी कुछ नहीं बोली और वो जीजू के पास गई पता नहीं उन्होंने जीजू से क्या कहा बस चिल्लाने की आवाजें आ रही थी थोड़ी देर बाद आरती दीदी बोली “बुआ जी इनकी तो मजाक करने की आदत है वो बस मजाक कर रहे थे” मम्मी कुछ नहीं बोली फिर आरती दीदी बोली “अच्छा बुआ जी वो मेरी नानी के यहाँ से फोन आया था तो वो भी मिलने बुला रही है तो हम खाना खाके वहीँ चले जाएँगे तो उनसे मिल के फिर मार्किट और मार्कशीट का काम करके वहीँ से निकल जाएँगे सुबह ” मम्मी बोली “अरे ऐसे केसे मिलके वापस आ जाना ना फिर रात का खाना यहीं खा लेना ” तो आरती दीदी बोली “नहीं बुआ जी पॉसिबल नहीं हो पाएगा ” मम्मी बोली “ठीक है चल कोशिश करना ” उन्होंने कहा “हाँ बुआ जी” फिर मम्मी आरती दीदी और प्रीती दीदी दिन का खाना बनाने किचन में चले गए ……..
सब किचन में चले गए मैं सोच रहा था की प्रीती दीदी को जीजू ने इतना कुछ किया लेकिन उन्होंने किसी को कुछ बताया क्यों नहीं ना तो उन्होंने मुझे कुछ बताया जब मैंने उनसे पूछा था और ना ही उन्होंने मम्मी को सच बताया मुझे कुछ समझ नहीं आया मेरे दिमाग में आया की कहीं ऐसा तो नहीं है की प्रीती दीदी और जीजू के बीच पहले भी इस से ज्यादा कुछ हो चुका हो जो शायद प्रीती दीदी ने राज को चैटिंग में ना बताया हो फिर मैंने सोचा की लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है क्योंकि प्रीती दीदी उनके घर तो एक ही बार गई थी और एक बार में इतना कुछ तो नहीं हो सकता मेरे दिमाग में आया की मैं प्रीती दीदी से इस बारे में पूछूँ लेकिन फिर मैंने सोचा की नहीं यार कहीं दीदी ये ना समझे की मैं उनकी जासूसी करता हूँ मैंने सोचा की इस बात को यहीं खत्म करो अगर प्रीती दीदी ने आगे से कुछ बताया तो ठीक है थोड़ी देर बाद मम्मी आरती दीदी और प्रीती दीदी किचन से बाहर आये और बातें करने लगे मैं अपना स्कूल का बैग ज़माने लगा क्योंकि कल सुबह हम दोनों को स्कूल जाना था
मैं अपना होमवर्क कर रहा था तभी प्रीती दीदी मेरे पास आके बैठ गयी मैंने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया वो बोली “क्या हुआ सोनू क्या कर रहा है” मैंने कहा “होमवर्क कर रहा हूँ दीदी” वो बोली “अरे हाँ यार कल तो स्कूल है मैं तो भूल ही गई कल तो मुझे भी प्रैक्टिकल की फाइल सबमिट करनी है” मैंने कहा “दीदी कल तो राज भी होगा स्कूल में अगर उसने कुछ किया तो आप क्या करोगे”उन्होंने कहा “वो कुछ नहीं करेगा उसको अपने पापा से बहुत डर लगता है और मैंने उसे जो बोला है उसके बाद वो बहुत डरा हुआ है मुझे स्वाति से पता चला वो कह रहा था की प्रीती को समझाओ ना की वो मेरी कम्प्लेंट ना मैं अपना सेक्शन चेंज करवा लूंगा” मैंने कहा “अच्छा दीदी सही है ना अब तो वो आपको तंग करेगा नहीं” उन्होंने कहा “हाँ यार सोनू अगर तूने मुझे उसकी असलियत ना बताई होती तो कल वो मुझे अपने घर ले जाता और वो और उसके कमीने
फ्रेंड्स पता नहीं मेरे साथ क्या क्या करते” ये कहते हुए प्रीती दीदी की आँखों में आंसू आ गए मैं उठा और मैंने उन्हें हग कर लिया और बोला “दीदी अब तो ऐसा कुछ नहीं है ना तो आब आप क्यों रो रहे हो” उन्होंने कहा “हम्म्म्म”और
मैंने उनका फेस ऊपर किया और उनके नरम होंठ पर अपने होंठ रख दिए वो भी मुझे किस करने लगी हम दोनों थोड़ी देर तक एक दूसरे को किस करते रहे तभी मम्मी की आवाज आई “प्रीती सोनू आरती दीदी जीजू से मिल लो वो लोग जा रहे है”हम दोनों ने एक दूसरे को छोड़ा और उनसे मिलने गए प्रीती दीदी तो बस दूर से नमस्ते कर के मुंह फेर के वापस चली गई लेकिन मैं वहीँ मम्मी के पास खड़ा हो गया मम्मी बोली “अच्छा आरती तुम लोग अपना काम खत्म कर लो फिर रात को यहाँ आ जाना खाना भी यहीं खा लेना और यहीं रुक जाना यहाँ से पास पड़ेगा स्टेशन” आरती दीदी बोली “जी बुआ” और वो लोग चले गए उनके जाते ही प्रीती दीदी मम्मी से थोड़े गुस्से में बोली “मम्मा आपको क्या समाज सेवा का ज्यादा शौक है क्या जब वो जा रहे है तो क्यों बार बार फोर्स कर रही हो की यहाँ आ जाना यहाँ आ जाना” मम्मी बोली “अरे तो क्या हुआ तू भी तो उनके यहाँ रुकी थी तो बोलना तो पड़ता है ना” प्रीती दीदी बोली “सोनू बाहर जा”में बाहर चला गया और छुप के उनकी बातें सुन ने लगा प्रीती दीदी मम्मी से बोली “अरे यार मम्मी आपको नहीं पता जीजू की हरकते बहुत बेकार है वो छेड़छाड़ करते है” मम्मी बोली “कैसी छेड़छाड़ प्रीती क्या हुआ” प्रीती दीदी बोली “अरे मम्मी वो जीजू कभी हाथ पकड़ने की कोशिश करते है कभी कंधे पे हाथ मार मार के बात करते है मजाक करते है जब देखो मेरे पीछे पीछे घूमते रहते है सुबह भी जब आप और आरती दीदी ड्राइंग रूम में बातें कर रहे थे तो वो मेरे पास यहाँ आके खड़े हो गए थे किचन में “
मम्मी बोली “क्या तो तुझे मुझे पहले बताना चाहिए था ना झाडती अच्छी तरह से तमीज नहीं है क्या जरा सा भी” प्रीती दीदी बोली “अरे मम्मी बात और ना बिगड़ जाये इसलिए” मम्मी बोली “ठीक है अगर वो लोग रात को यहाँ आ जाते है तो तू हमारे रूम से बाहर मत निकलना और सोनू को साथ रखना मैं बोल दूंगी की दोनों पढ़ रहे है” प्रीती दीदी बोली “ठीक है मम्मा” मैं उनकी ये सब बातें सुन रहा था अब मुझे थोड़ी तस्सली मिली की चलो मतलब जो भी प्रीती दीदी ने चैटिंग में लिखा था बस वहीँ तक ही हुआ था फिर मम्मी बाहर पास वाली आंटी के साथ बैठ गई और मैं अपने रूम में आके पढने लगा थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी भी रूम में आ गई मैंने पूछा “क्या हुआ था दीदी अपने मुझे बाहर क्यों भेज दिया था” प्रीती दीदी बोली “अरे यार वो जीजू परेशान कर रहे थे तो मम्मी को बता रही थी” मुझे ये सुन के बहुत अच्छा लगा की प्रीती दीदी ने मुझे सब सच बता दिया था वो मुझे देखने लगी और मैं उनकी आँखों में देख रहा था
मैंने कहा “दीदी आज आप इस वाइट सूट में बहुत ही सेक्सी लग रही हो” वो नीचे देखने लगी मैं उठ के उनके पास गया और उन्हें हग कर लिया प्रीती दीदी ने भी मुझे हग कर लिया प्रीती दीदी के बदन से बहुत ही सेक्सी खुशबु आ रही थी मैंने उन्हें टाइट हग कर रखा था मैं उनके कुरते पे से उनकी पीठ पे हाथ फेरने लगा मैं उन्हें हग करे हुए उनके कुर्ते पे से उनकी पूरी पीठ पे हाथ फेर रहा था फिर मैंने उन्हें खुद से अलग किया और उनके सर पे किस किया फिर उनकी आँखों पे किस किया और फिर उनके होंठों पे अपने होंठ रख दिए और प्रीती दीदी के नरम होंठो को चूसने लगा हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था हम दोनों की सांसें बहुत तेज चल रही थी हम दोनों इस तरह से किस कर रहे थे जैसे एक दूसरे को खा जाएँगे प्रीती दीदी मेरे होंठ चूस रही थी और मैं प्रीती दीदी के होंठ चूस रहा था उनके होठ चूसते हुए मैंने उन्हें वापस एकदम टाइट हग कर लिया उन्होंने भी मुझे कास के अपनी बाँहों में जकड लिया हम दोनों के बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे और हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे
प्रीती दीदी मुझसे चिपकी हुई थी उनकी आंखें बंद थी और वो बस मेरे होंठो को चुसे जा रही थी उनके किस करते हुए मैं अपने हाथ से उनकी पीठ सहलाने लगा फिर में धीरे धीरे अपना हाथ नीचे लेके जाने लगा और फिर मैंने अपना हाथ प्रीती दीदी की पतली सी पटियाला सलवार पे से उनके हिप्स पे रखा और उन्हें किस करते हुए जोर जोर से उनके हिप्स दबाने लगा हम दोनों की सांसें बहुत तेज चल रही थी आज ऐसा लग रहा था जैसे प्रीती दीदी को भी कोई डर ना हो वो बस अपनी आंखें बंद किये हुए मुझे किस कर रही थी थोड़ी देर तक उन्हें चुमते हुए उनकी गांड दबाने के बाद मैंने उन्हें खुद से अलग किया और उनकी गर्दन पे अपने होंठो से स्मूच करने लगा वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी मैंने उनकी गर्दन पे स्मूच करते हुए उनके कुर्ते पे से उनके दोनों बोबो को पकड़ लिया और उन्हें दबाने लगा प्रीती दीदी तो जैसे नशे में थी उनके मुंह से छोटी सिसकियाँ निकल रही थी मैं उनकी गर्दन पे अपने होंठ फेर रहा था
तभी प्रीती दीदी ने मेरे मुंह को पकड़ा और ऊपर खींचा और मुझे वापस किस करने लगी प्रीती दीदी की सांसें बहुत तेज और गरम थी मैं भी उन्हें किस करने लगा और उन्हें किस करते हुए उनके वाइट कुर्ते पे से उनके बोबे दबाने लगा आज प्रीती दीदी बहुत ज्यादा गरम थी वो मुझे किस करते हुए मेरे बालों में हाथ फेर रही थी और मैं उन्हें किस करते हुए उनके कोमल और नरम बोबे दबा रहा था थोड़ी देर तक किस करने के बाद मैंने उन्हें छोड़ा फिर उनके गर्दन पे स्मूच करने लगा उनकी गर्दन पे स्मूच करते हुए मैं अपने होंठ उनके कान के पास ले गया और उनके कान पे अपने होंठ फेरने लगा प्रीती दीदी ने अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा लिया मैं उनके दूसरे कान पे अपने होंठ फेरने लगा उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी फिर मैं नीचे जाने लगा और मैंने प्रीती दीदी का वाइट कुर्ता नीचे से ऊपर करने लगा मैंने उनका कुर्ता ऊपर किया और मुझे उनकी वाइट ब्रा मुझे दिखाई दी फिर मैंने प्रीती दीदी का पूरा कुर्ता उतारना चाहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया वो बोली “नहीं सोनू मम्मी कभी भी आ सकती है”मैंने कहा “प्लीज दीदी उतारने दो ना कुछ नहीं होगा” वो बोली “नहीं यार कोई टॉप या टी शर्ट थोड़ी ना है जो जल्दी से पेहेंन लूंगी फिटिंग वाला कुर्ता है पहनने में टाइम लगता है पूरा मत उतार ऊपर कर ले” मैंने उनका कुर्ता ऊपर कर दिया और प्रीती दीदी की वाइट ब्रा में उनके मोटे मोटे बोबे मुझे दिखाई दिए प्रीती दीदी ने कुर्ता अपने हाथ से पकड़ लिया और मैं झुक के प्रीती दीदी की ब्रा पे से उनके बोबे दबाने लगा उनकी ब्रा पे से उनके बोबो पे किस करने लगा उनके दबाने लगा फिर मैंने प्रीती दीदी की ब्रा नीचे कर दी और प्रीती दीदी के गोरे गोरे नरम बोबे मेरी आँखों के सामने थे कितने प्यारे बोबे है मेरी प्रीती दीदी बिलकुल गोरे गोरे और नरम नरम और उसके ऊपर छोटे से खड़े हुए ब्राउन निप्पल मैंने उनके नंगे बोबो को अपने हाथ में पकड़ा और उन्हें दबाने लगा
प्रीती दीदी को बहुत मजा आ रहा था उनके नंगे बोबे दबाते हुए मैंने ऊपर देखा तो उनकी आँखें बंद थी मैं उनके नंगे बोबो को दबाने लगा फिर मैंने उनके दोनों नंगे बोबो पे किस किया फिर उनके एक निप्पल को अपने मुंह मैं लिया और चूसने लगा प्रीती दीदी ने एक हाथ से कुर्ता पकड़ा और दूसरे हाथ से मेरे बालों में हाथ फेरने लगी मैं उनके बोबे चूस रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था मैं उनके एक बोबे को चूस रहा था और दूसरे को अपने हाथ से दबा रहा था फिर मैंने उनका बोबा अपने मुंह से निकाला फिर उनके दूसरे निप्पल को अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगा थोड़ी देर तक उनके दोनों बोबे चूसने के बाद मैं वापस ऊपर हुआ और प्रीती दीदी को किस करने लगा और उन्हें किस करते हुए उनके दोनों नंगे बोबो को दबाने लगा फिर मैं अपना हाथ नीचे लेके जाने लगा और उनकी पतली वाइट पटियाला सलवार पे से उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा प्रीती दीदी ने भी अपने हाथ से मेरा लोअर नीचे कर दिया और मेरा खड़ा हुआ लंड अपने हाथ से पकड़ लिया मेरा लंड पकड़ते ही वो बोली “हाय राम कितना गरम हो रहा है ये” मैंने कहा “दीदी आप ठंडा करो ना” फिर वो मुझे किस करते हुए मेरे नंगे लंड को अपने हाथ से सहलाने लगी और मैं उन्हें किस करते हुए उनकी सलवार पे से उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा फिर प्रीती दीदी ने मेरे होंठ छोड़े और मेरे सामने घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड पे किस किया फिर उसे अपने मुंह में ले लिया मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था
मेरा लंड प्रीती दीदी के मुंह में था और वो उसे चूस रही थी मैं प्रीती दीदी के बालों को सहलाने लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने उनसे कहा दीदी “प्लीज उतार दो ना कुर्ता कुछ नहीं होगा मैं गेट ढलका देता हूँ और उसके पीछे कुर्सी रख देता हूँ ताकि वो जल्दी से ना खुले हम वेसे ही बाथरूम के पास खड़े है अगर मम्मी आ जाएँ तो आप फटाफट बाथरूम में चले जाना मैं बोल दूंगा हम पढ़ रहे थे इसलिए गेट ढलकाया था” प्रीती दीदी ने मेरा लंड अपने मुंह से निकाला और बोली “ठीक है” मैंने जल्दी से हमारे रूम का गेट ढलका दिया और उसके पीछे चेयर रख दी मैंने कहा “दीदी अब तो कुर्ता उतारो ना प्लीज ” और प्रीती दीदी ने मुस्कुराते हुए अपना कुर्ता नीचे से पकड़ा और उसे ऊपर कर दिया अब प्रीती दीदी मेरे सामने ब्रा में थी उन्होंने अपने हाथ पीछे किये और अपनी ब्रा का हुक खोल दिया और प्रीती दीदी की ब्रा भी नीचे गिर गयी अब मेरी प्यारी दीदी मेरे सामने बस अपनी सलवार में थी मैं उनके नंगे बदन की सुंदरता को निहारने लगा फिर वो बोली “बस” मैंने कहा “दीदी आप बहुत ही सेक्सी हो” और ये कह के मैं उन्हें किस करने लगा और उनकी नंगी चिकनी पीठ को सहलाने लगा फिर उनके नंगे नरम बोबो को दबाने लगा फिर मैंने उनसे कहा “दीदी चूसो ना ” प्रीती दीदी मुस्कुराई और वापस नीचे बैठ गई और मेरा लंड वापस अपने मुंह में ले लिया मैं तो जैसे जन्नत में ही चला गया
प्रीती दीदी की गर्म गर्म सांसें मेरे लंड पे लग रही थी वो ऊपर से नंगी थी और मेरा लंड चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने उनका मुंह पकड़ के ऊपर किया वो मेरा लंड चूसते हुए मेरी तरफ देखने लगी हम दोनों की आँखें मिली वो बहुत ही सेक्सी सीन था मेरा लंड प्रीती दीदी के मुंह में था और वो मुझे देखते हुए मेरा लंड चूस रही थी थोड़ी देर तक मेरा लंड चूसने के बाद मैंने उन्हें ऊपर उठाया और उन्हें किस करने लगा फिर उनके पूरे नंगें बदन पे स्मूच करने लगा उनके बोबे चूसने लगा फिर मैं नीचे घुटनों के बल बैठ गया और उनके पेट पे किस करने लगा उसपे अपने होंठ फेरने लगा फिर उनकी सलवार पे से उनकी चूत पे स्मूच किया उसपे किस किया फिर मैंने उनकी सलवार का नाडा पकड़ा और उसे खोलने लगा प्रीती दीदी की सलवार का नाडा खुलते ही उनकी सलवार नीचे गिर गई अब प्रीती मेरे सामने बस पेंटी में खड़ी थी प्रीती दीदी वाइट और ब्लू कलर की स्ट्राइप्स वाली लो वेस्ट पेंटी पेहेन रखी थी मैंने उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे किस किया उनकी चूत बहुत ज्यादा गरम थी फिर मैंने उनकी पेंटी को उनकी चूत के होल के पास से छु कर देखा तो वो पूरी तरह से गीली थी प्रीती दीदी की चूत के डिस्चार्ज से प्रीती दीदी पूरी तरह से गरम हो चुकी थी मैंने पेंटी पे से उनकी चूत पे हाथ फेरा उसे सहलाने लगा प्रीती दीदी को बहुत मजा आ रहा था वो धीरे धीरे सिसकियाँ ले रही थी फिर मैंने उनकी पेंटी पे से उनकी चूत पे अपने होंठ रखे और उसपे अपने होंठो से स्मूच करने लगा प्रीती दीदी मेरे बालों में हाथ फेरने लगी थोड़ी देर तक उनकी चूत पे स्मूच करने के बाद मैंने उनकी पेंटी भी नीचे कर दी
अब प्रीती दीदी मेरे सामने बिलकुल नंगी थी मैंने आज पहली मेरी प्यारी दीदी की चूत देखी थी ध्यान से इतने पास से उनकी चूत पर बहुत ही छोटे छोटे बाल थे ऐसा लग रहा था की थोड़े दिन पहले ही उन्होंने अपनी चूत के बाल हटाये थे मैंने उनकी नंगी चूत पे किस किया और बोला “दीदी ये तो बहुत ही प्यारी है” प्रीती दीदी ने अपने हाथ से अपना मुंह छुपा लिया मैंने कहा “दीदी आप बाल हटाते हो क्या” उन्होंने कहा “हम्मम्मम्म” मैंने कहा “कब” तो वो बोली “जब डाउन होने वाली होती ही उसके पहले” मैंने उनकी चूत पे किस किया और प्रीती दीदी थोड़ी सी हिली फिर में उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा उनकी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगा प्रीती दीदी सिसकियाँ के रही थी थोड़ी देर उनकी चूत पे अपने होंठो से स्मूच करने के बाद मैं खड़ा हुआ और प्रीती दीदी को किस करने लगा और एक हाथ से उनकी नंगी चूत को सहलाने लगा प्रीती दीदी भी मुझे अपनी बाँहों में जकड कर किस करने लगी हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था थोड़ी देर तक उन्हें किस करने के बाद मैंने उनके होंठ छोड़े और उनकी चूत सहलाते हुए कहा “दीदी बेड पे लेटो ना” उन्होंने कहा “नहीं सोनू अभी मम्मी है घर पे और जल्दी कर फटाफट मम्मी अंदर आने वाली होंगी” ये सुन के मैं वापस उन्हें किस करने लगा फिर उनके बदन पे अपने होंठो से स्मूच करते हुए नीचे बैठ गया और उनकी चूत पे अपनी जीभ रखी और उसे चाटने लगा मेरी जीभ प्रीती दीदी की चूत पे लगते ही जैसे उन्हें करंट सा लगा उन्होंने एक लम्बी सी सिसकी ली “स्सस्सस्सस्सस्सस्सस”
और वो मेरे बालों में हाथ फेरने लगी मैंने उनकी टांगें थोड़ी सी चौड़ी की और उनकी चूत को चाटने लगा कभी मैं उनकी चूत को चाटता कभी उसे अपने हाथों से सहलाता प्रीती दीदी की चूत बहुत गीली और गर्म थी उनकी चूत के गीलेपन से पता चल रहा था की वो कितनी ज्यादा उत्तेजित थी मैं अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटने लगा और अपने दोनों हाथ ऊपर करके उनके बोबे दबाने लगा प्रीती दीदी जल्दी जल्दी मेरे बालों को सहला रही थी और मैं जल्दी जल्दी अपनी जीभ से उनकी चूत चाट रहा था प्रीती दीदी अब जोर जोर से सिसकियाँ लेने लग गई थी मुझे पता चल चुका था की उन्हें बहुत मजा आ रहा है मैं जल्दी जल्दी उनकी चूत चाटने लगा और तभी प्रीती दीदी ने मुझे धक्का देना स्टार्ट कर दिया और अपनी टांगें बंद करने लगी मैंने पुछा “क्या हुआ दीदी” उन्होंने कहा “बस सोनू अब मत कर प्लीज मुझे बहुत अजीब सा हो रहा है”
मैंने कहा क्यों दीदी “क्या हुआ बताओ ना” वो बोली “मुझे नहीं पता बस बहुत अजीब सा होने लग गया था ऐसा लग रहा था की कुछ निकलने वाला है” मैंने कहा “दीदी आपको मजा आएगा उस से मुझे करने दो और मैं वापस उनकी टांगें चौड़ी करनी चाही लेकिन उन्होंने कहा “नहीं सोनू अब नहीं” और उन्होंने पेंटी पेहेन ली मैं समझ गया की शायद प्रीती दीदी को अभी ओर्गेस्म के बारे में पता नहीं है टाइम कम था तो मैं खड़ा हुआ और उन्हें किस करने लगा वो भी मुझे किस करने लगी और फिर मेरे पूरे बदन पे किस करते हुए नीचे बैठ गई और मेरे लंड को अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा था प्रीती दीदी बस पेंटी पहने मेरे लंड को चूस रही थी और मैं उनके बालों को सहला रहा था वो कभी मेरे लंड को चूसती कभी उसे अपने मुंह से बाहर निकाल कर जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करती और फिर वापस मुंह में लेके चूसने लगती वो ऐसे ही करती रही और मैं झरने के करीब पहुँच गया और मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और मेरा मुट प्रीती दीदी के मुंह में निकल गया वो इतनी जोर से निकला की सीधा प्रीती दीदी के गले में लगा प्रीती दीदी जोर से खांसती हुई बाथरूम में भाग गई और में धीरे धीरे अपना लंड हिलाता रहा फिर मैंने प्रीती दीदी का वाइट कुर्ता लिया और उस से अपना लंड साफ़ किया थोड़ी देर बाद प्रीती दीदी बाहर आई और बोली “पागल बता नहीं सकता था की निकलने वाला है अगर मम्मी इतनी तेज खांसी की आवाज सुन लेती तो” मैं उनकी बात सुनके मुस्कुराने लगा और प्रीती दीदी अपने कपडे लेकर बाथरूम में चली गई ……..

यहाँ से ये कहानी समाप्त होती है>>>>

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