मैं और मेरी प्यारी दीदी भाग – ९

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मैं बाहर आगया और खेलने चला गया शाम को घर आया तो दीदी उठ चुकी थी और तैयार थी कही जाने के लिए दीदी ने ऑरेंज कलर का चूड़ी दार सलवार सूट पेहेन रखा था मेरी दीदी सेक्सी आइटम लग रही थी उनके बदन से चिपका हुआ कुरता जिसमे से उनके बोबे बाहर की तरफ निकल रहे थे जिनको उन्होंने अपनी चुन्नी से ढक रखा था , उनके thighs और हिप्स से चिपकी हुई उनकी टाइट और चूड़ी दार सलवार जिसमे से उनकी सेक्सी पैरो और झांघो की सुन्दरता साफ़ नजर आ रही थी उनकी काजल लगी हुई आँखें नाक में छोटी सी नोज रिंग बाल ढीले clutcher से बंधे हुए बाल जिनमे से साइड से सामने के बालो की 2 लम्बी लटें जो बार 2 आकर उनके गालों पे गिरती जिन्हें दीदी बार 2 अपनी उँगलियों से अपने कान के पीछे करती कुल मिलाके बहुत ही सेक्सी और हॉट लग रही थी दीदी , जब भी दीदी बैठती मैं उनके कुर्ते के कट में से उनकी साइड की झांगो से लेके गांड तक का शेप देखता उनकी सलवार उनकी टांगो से इतनी चिपकी हुई थी की उनकी गांड तक का शेप साफ़ 2 नजर आ रहा था दीदी मुझे देख के बोली “और भंगी कहाँ से मिटटी में लोट के आ रहा है ” मैंने कहा ” दीदी खेलने गया था आप कहाँ जा रहे हो ” दीदी बोली ” अरे यार मार्केट जा रही हु 2 -3 सब्जेक्ट की रिफ्रेशर लेके आनी है एग्जाम आने वाले है ना ” मैंने कहा “अकेले जा रहे हो क्या ” दीदी बोली ” हाँ क्यों ? “
मैंने कहा ” मैं भी चलू दीदी मुझे भी अपनी ड्राइंग की बुक और कलर्स लाने है ” इतने में मम्मी बोल पड़ी “हाँ प्रीती तू सोनू को भी लेजा वैसे भी शाम हो रही है आते 2 रात न हो जाये और जल्दी आ जाना ” मैं खुश हो गया और मन ही मन सोचने लगा वाह मजा आ गया अब दीदी के कोमल और मुलायम मुलायम बदन को वापस छूने का उन्हें पकड़ने का मौका मिलेगा मैंने दीदी से कहा ” दीदी 2 मिन रुको मैं अभी हाथ मुह धोके और जीन्स टी शर्ट पेहेन के आता हू ” तो दीदी ने कहा “ओये डेट पे जा रहा है क्या जो इतना तैयार होक आ रहा है ” मैंने दीदी से कहा “यही सोच लो दीदी आप जैसे सुंदर लड़की के साथ जा रहा हु तो डेट ही हुई ना हा हा हा ” दीदी बोली “ओये चुप कर और जल्दी तैयार होके आ ” मैं गया और तैयार होके आया दीदी बाहर स्कूटी पे ही बैठी थी मैं दीदी के पीछे बैठ गया और बोला “चलो दीदी ” दीदी बोली “मुझे पकड़ ले अच्छी तरह से ” मैंने मन में सोचा अरे दीदी इसलिए तो चल रहा हु आपके साथ की आपका सब कुछ पकड़ सकू लेकिन पता नहीं आप मेरा कब पकड़ोगी अपने हाथ से , मैंने अपने दोनों हाथो से दीदी के पेट वाले हिस्से को पकड़ लिया और कहा चलो दीदी
दीदी चल पड़ी और मैं दीदी के पीठ पे अपना सर लगा के उनके बदन की खुशबू सूंघ रहा था मैंने दीदी की पीठ पर उनके कुर्ते पे से उनकी ब्रा की स्ट्रेप को उनके ब्रा के हुक को महसूस करने की कोशिश की मुझे बहुत ही मजा आ रहा था कभी ,दचके में स्कूटी ऊपर नीचे होती तो मेरा हाथ भी कभी दीदी के पेट से ऊपर होता कभी नीचे उनकी सलवार के नाड़े को टच करता मैं यही सब कुछ कर रहा था इतने मे दीदी ने स्कूटी रोकी उनकी 1 फ्रेंड उनको रस्ते में मिल गयी थी वो भी मार्किट ही जा रही थी दीदी ने स्कूटी रोक के बोला “अरे श्वेता यहाँ कैसे कहाँ जा रही है ? ” श्वेता ने बोला “हाय ! प्रीती अरे यार वो मार्किट जा रही हु कुछ सामान लेने ” दीदी बोली “क्या लेने ” श्वेता ने मुझे देखा और धीरे से दीदी को इशारा करके बोला “वो लेने ” मैं समझ गया की दीदी की फ्रेंड जरुर व्हिस्पर या स्टेफ्री लेने जा रही होगी तभी मुझे देख के धीरे से इशारे में बताया उसने दीदी को दीदी बोली ” अच्छा ठीक है चल आजा बैठ जा मैं भी मार्किट ही जा रही हु तूझे ड्राप कर दूंगी ” अब मेरा मन ख़ुशी से पागल हो गया की अरे वाह आगे सेक्सी दीदी बीच में मैं और पीछे उनकी हॉट फ्रेंड श्वेता मजा आ गया दीदी की फ्रेंड श्वेता ने ब्लैक और ग्रीन कलर का टोपर और ब्लैक कैपरी पेहेन राखी थी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी उसके बोबे बहुत मोटे मोटे थे जो उसके टोपर में से बाहर आ रहे थे श्वेता मेरे पीछे बैठ गयी
अब हम स्कूटी पे 3 जने थे जिस से मुझे बड़ा मजा अगया था क्योंकि मैं मेरी दीदी से और चिपक के बैठ गया था और पीछे श्वेता मुझसे चिपक के बैठी थी दीदी और उनकी फ्रेंड आपस में बात कर रहे थे और मैं मेरी दीदी के मजे ले रहा था मैं पीछे से उनके पीठ पे अपना सर लगा के बैठा था ताकि श्वेता को कुछ पता नहीं पड़े और धीरे 2 अपनी दीदी की पीठ पर अपने होंठ फेर रहा था उनके ब्रा स्ट्रैप्स को फील कर रहा था मैं थोडा सा भी साइड की तरफ मुह करता तो मेरे सामने श्वेता का मोटा बोब आ जाता मुझे बड़ा मजा आ रहा था थोड़ी देर में हम मार्किट पहुँच गए थे दीदी ने श्वेता को ड्राप किया स्कूटी पार्क की और हम बुक स्टाल की तरफ बढ गए रास्ते में सामने से 2 लड़के आ रहे थे उन्होंने मेरी दीदी के पास आके बोला ” आओ सेक्सी रानी ” मैंने ये सुन लिया था पता नहीं दीदी ने सुना या नहीं वो तो आगे चलती जा रही थी वो दोनों लड़के पता नहीं कहाँ से घूम के आये और वापस सामने से आ गये और इस बार दीदी के पास से धीरे 2 निकलते हुए उन्होंने बोला “आ ना मेरी जान लंड ले ले मेरा अपनी चिकनी चूत में जानेमन ” मैंने वापस ये सुन लिया था लेकिन पता नहीं दीदी ने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया फिर हम बुक स्टाल पे खड़े हुए और दीदी बुक्स खरीदने लगी वो दोनों लड़के भी वही आगये और खड़े हो गए और मेरी दीदी को देखने लगे दीदी के पीछे मैं खड़ा था और मेरे से थोड़ी दूर वो लड़के उनमे से 1 बोला “यार भाई क्या कातिल सामान है यार ” दूसरा बोला ” हाँ यार क्या कंचा है साली तू क्या बोलता है इसकी चूत पे बाल होंगे क्या ” पहला वाला बोला “यार साली के कपडे पहनने के स्टाइल से तो लगता है की नहीं होंगे इसकी चूत तो चिकनी होगी ये साफ़ रखती होगी और इसके गांड को देख के लगता है की साली चुद्वाती होगी पता नहीं कितने लंड ले रखे होंगे इसने “
मुझे ये सब सुन के पता नहीं क्यों बहुत मजा आ रहा उनकी बातें सुन सुन के मेरा लंड टाइट खड़ा हो गया था और मेरी दीदी के बारे में वो गन्दी 2 बातें बोल रहे थे जिस सुनने में मुझे बहुत मजा आ रहा था तभी दूसरा वाला बोला “यार अगर इसका कोमल बदन छूने को मिल जाये तो मजा आ जाये मैं जाऊ क्या इसके पास लगता है अकेली आई है ” अब मै पलटा और मैंने उन दोनों को घूर के देखा वो समझ गए की मैं दीदी के साथ हु मैंने अपना सेलफोन निकाला और झूटमूठ का फोन किया और बोला “हा आकाश भैया विजय भैया और पापा को बोलो यहाँ आ जाये नेक्स्ट शॉप है न बुक वाली वहां पे ” अब उन दोनों लडको के चेहरे देखने लायक थे वो समझ गए थे की हम अकेले नहीं है हमारे साथ तो पूरी पलटन है इसलिए वो ऐसे भागे की उन्होंने मुड के भी नहीं देखा मैं तो अपनी हंसी ही नहीं रोक पाया मुझे खुद पर बहुत गर्व महसूस हो रहा था दीदी ने अपनी बुक्स ले ली थी और मेरी ड्राइंग बुक भी हम वापस स्कूटी की तरफ चल पड़े दीदी ने स्कूटी स्टार्ट की लेकिन वो स्टार्ट नहीं हुई दीदी ने काफी बार स्कूटी स्टार्ट करने की कोशिश की लेकिन वो स्टार्ट हो ही नहीं रही थी
फिर दीदी ने स्कूटी को किक मार्के स्टार्ट करने की कोशिश की जब भी दीदी किक मारती दीदी के बोबे ऊपर नीचे होते और जोर 2 से हिलते ये सीन देख 2 के मुझे बहूत मजा आ रहा था आखिर थक हार के जब स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई तो दीदी ने मम्मी को फोन किया “हेलो मम्मी अरे यार ये खटारा स्कूटी स्टार्ट ही नहीं हो रही है क्या करूँ अब अच्छा चलो ठीक है , हाँ ठीक है ” मैंने पूछा क्या हुआ दीदी अब क्या करें दीदी बोली “सोनू मम्मी ने कहा है की स्कूटी यही पार्किंग मे लगा दे पापा ठीक करा के ले आयेंगे अभी तो अपन को बस में जाना पड़ेगा ” मैंने कहा ” ठीक है ” अँधेरा हो चूका रात के 8:15 बज रहे थे हमें बस मिली थोड़ी भीड़ तो थी दीदी को लेडीज वाली 1 सीट मिल गयी और मैं उनके पीछे वाली सीट के पास खड़ा हो गया नेक्स्ट स्टॉप पे थोड़ी भीड़ हो गयी मैं खड़ा तो दीदी के पीछे वाली सीट पे ही था तभी 2 लड़के मेरे सामने आके खड़े हो गए जिस सीट पे दीदी बैठी थी उसके पास उन्हें शायद पता नहीं था की मैं दीदी के साथ हूं , वो धीरे 2 फुसफुसा रहे थे वो जो भी बोल रहे थे मुझे सब सुनाई दे रहा था
पहले लड़का :- “यार मस्त माल बेठा ही इस सीट पे “
दुसरे लड़का :- “हा यार मस्त सेक्सी आइटम है “
पहले लड़का :- “हूर की पारी है यार क्या लग रही किसके नीचे जाएगी यार ये “
दुसरे लड़का :- “हा यार बोबे देख इसके कितने मोटे है बाहर ही निकल रहे हैं कुर्ते के कौन खुश नसीब इनका दूध पीएगा यार “
पहले लड़का :- “यार मेरा तो लंड खड़ा हो गया इसके बोबे देख के कितने मोटे है देख देख इसकी थोड़ी सी ब्रा दिख रही है साइड से “
दुसरे लड़का :- “हा यार मेरा भी खड़ा हो गया साली सफ़ेद कलर की ब्रा पेहेन की आई है “
मेरे excitement का तो ठीकाना ही नहीं था मेरा लंड 1 दम टाइट खड़ा था और मुझे उनकी बातें सुन सुन के बहुत इरोटिक फील हो रहा था 2 अजनबी लडको को पता चल गया था की मेरे दीदी ने वाइट कलर की ब्रा पेहेन रखी है और उसे देख 2 के उनके लंड भी खड़े हो गए थे इन सब से मुझे बहुत जोश इरोटिक excitement सब कुछ फील हो रहा था मैंने फिर से उनकी बाते ध्यान से सुनने की कोशिश की
पहला लड़का :- “पता है मैंने अभी धीरे से इसके कंधे पे हाथ फेरा “
दूसरा लड़का :- “वाह यार तूने तो छू भी लिया इसे देख इसकी चुन्नी और कुर्ते के गले में से इसकी ब्रा दिख रही है थोड़ी 2 “
पहला लड़का :- ” हाँ यार साली इस बस में लाइट भी तो नहीं है नहीं तो देख लेते कुछ तो “
दूसरा लड़का :- “यार इस ने चड्डी कौनसे कलर की पहनी होगी “
पहला लड़का :- “जब ब्रा सफ़ेद है तो चड्डी भी सफ़ेद ही होगी पता है मैंने अभी 2 क्या किया “
दूसरा लड़का :- “क्या किया भाई “
पहला लड़का :- “इसने जिस हाथ से सीट के हैंडल को पकड़ रखा हैं न उस हाथ पे मैंने अपना खड़ा लंड टच करवाया “
दूसरा लड़का :- “क्या बात कर रहा है भाई एसा कैसे हो सकता है कुछ कहा नहीं इसने “
पहला लड़का :- “नहीं यार साली रंडी लगती है तभी इतनी रात को अकेली बस में घूम रही है मैंने वापस अपना लंड टच करवाया इसके हाथ पे और हलके से ऊँगली भी लगाई साइड से इसके बोबे पे “
दूसरा लड़का :- “साली ये तो पक्का रांड है तभी तो तेरा लंड छू रही है और अपना बोबा छूने दे रही है और कुछ बोल भी नहीं रही साली रंडी मुझे भी मजे लेने दे ना इस सेक्सी रांड के “…

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