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मस्तानी आंटी का प्यार मिला

प्रेषक : संदीप

हाय फ्रेंड्स मैंने कामुकता डॉट कॉम की बहुत सारी स्टोरी पढ़ी है लेकिन आज मैंने सोचा कि आप लोगो का भी मुझ पर हक़ बनता है। आज में भी आप लोगो को अपनी स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि आप सभी लोगो को मेरी स्टोरी बहुत पसंद आएगी।

दोस्तों मेरा नाम संदीप हैं और में कर्नाटक का रहने वाला हूँ और एक कम्पनी का एंप्लाय हूँ। मेरा उम्र 23 साल हैं और मेरी हाईट 5.9 इंच है और मेरा लंड 8 इंच का हैं। अब में अपनी स्टोरी पर आता हूँ।

ये कहानी आज से 5 साल पहले की हैं। जब में 18 साल का था और मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी पता नहीं था। एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे बताया था कि सेक्स क्या होता हैं और उसने मुझे कई ब्लू फिल्म भी दिखाई थी और उस दिन ब्लू फिल्म देखकर मुझे सेक्स का भूत चड़ गया। ये बात तब की जब मैंने अपनी आंटी को चोदने का प्लान बनाया था। दोस्तों पहले में अपनी आंटी के बारे में बताता हूँ। मेरी आंटी का नाम गीता वो एक टीचर हैं। वो दिखने में बहुत ही सेक्सी हैं और आंटी के घर में सिर्फ़ अंकल और आंटी ही रहते और अंकल एक बिजनेसमेन है। अंकल हफ्ते में तीन या चार बार बाहर ही रहते थे और आंटी रोज़ सुबह 9 बजे स्कूल जाती है और वापस शाम को चार बजे घर आती है। में भी रोज़ सुबह 9 बजे आंटी के साथ ही जाता था। उनका स्कूल मेरे कॉलेज के पास ही था तो में रोज़ सुबह उनके घर जाता और उनके साथ कॉलेज चला जाता और उनका घर मेरे घर के ठीक सामने ही हैं।

फिर एक दिन ऐसा ही में सुबह रेडी होकर 8.45 को उनके घर में गया। डोर ओपन ही था तो में सीधा बेडरूम में ही गया देखा तो आंटी सिर्फ पेंटी में थी। फिर में उनको देखता ही रह गया और तभी उन्होंने मुझे देखकर उनके बूब्स छुपा लिये और उन्होंने मुझे बाहर जाने के लिए बोल दिया और फिर पांच मिनट के बाद आंटी साड़ी पहन कर बाहर आई और फिर मेरे दिमाग में सिर्फ़ वो नज़ारा था। दोस्तों मैंने मेरी लाईफ में फर्स्ट टाईम किसी लेडी के बूब्स देखे थे और तभी से मेरे होश खो गये। फिर आंटी ने मुझे देखकर एक स्माइल दी बोली चलो चलते है।

तभी मैंने आंटी को सॉरी बोला और कहा कि मुझे डाइरेक्ट बेडरूम में नहीं आना था। तभी आंटी बोली ये सब चलता रहता टेंशन मत लो। फिर मुझे ऐसा लगा कि आंटी ने जानबूझ कर डोर ओपन रखा था ताकि में उनको नंगा देख सकूँ। में समझ गया फिर में शाम को घर वापस आया और खाना ख़ाकर सो गया करीब 4.50 को में उठा देखा तो आंटी अभी नहीं आई थी तो मैंने फ्रेश होकर चाय पी तब तक आंटी वापस आई तो में फिर से उनके घर गया तो आंटी फ्रेश होकर लेट गई थी और तभी आंटी ने मुझे देखकर कहा कि संदीप मेरी बॉडी में बहुत दर्द हो रहा है क्या तुम मुझे मदद करोगे? फिर मैंने बोला हाँ तो वो बोली तुम थोड़ी मेरी बॉडी को मसाज कर दो।

में तो बोला ठीक है फिर आंटी बोली डोर लॉक कर दो में उस टाइम टीशर्ट और बरमुडे में था और में आंटी के पास गया और उनका पैर दबा रहा था तो उनकी साड़ी बीच में आ रही थी तो मैंने आंटी को बोला आप साड़ी चेंज करो कुछ और पहन लो बोला तो आंटी बोली क्यों में बोला साड़ी बीच में आ रही है। तो आंटी बोली तुम ही मेरी साड़ी उतार दो। तभी मैंने कहा जी हाँ तभी मैंने साड़ी उतार दी और वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थी और फिर मैंने उनके पैर दबाना शुरू किया और में थोड़ा थोड़ा ऊपर जा रहा था। अब मेरा हाथ उनकी गांड के पास आ गया तो मुझे बहुत डर लग रहा था। में कमर पर मालिश करने लगा तभी आंटी बोली थोड़ा और नीचे तो मेरा हाथ सीधा उनकी गांड पर लग गया। अब मेरा 8 इंच का लंड धीरे धीरे खड़ा हो रहा और में ऐसा ही करता रहा बीच बीच में मेरा लंड आंटी के हाथ को लग रहा था शायद अब आंटी पहचान गई और तभी आंटी बोली अब हाथ दबाओ। फिर में हाथ दबा रहा था उनके बूब्स थोड़ा टच हो रहे थे फिर थोड़ी देर बाद आंटी बोली अलमारी में ऑयल हैं ले लो। फिर मैंने एक हाथ मे ऑयल ले लिया तभी आंटी कहने लगी कि अब मेरी पूरी बॉडी पर लगाओ। फिर में ऑयल लगा रहा था और तभी कुछ देर बाद में रुक गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी आंटी बोली क्यों रुक गया? फिर में कहने लगा कि आपका पेटीकोट खराब हो ज़ायेगा अगर यहाँ ऑयल लगाया तो और तभी आंटी बोली उतार दो। तभी मैंने कहा जी, वो बोली हाँ उतार दो बेटा और फिर मैंने उनका पेटिकोट उतार दिया। अब उनकी काले कलर की पेंटी देखकर मेरा हाल पूरा बिगड़ गया और फिर मैंने ऑयल उनके पेट पर डाल दिया पूरी मालिश करने लगा। तभी मेरा हाथ बार बार उनकी पेंटी को लग रहा था। तभी आंटी की आवाज़ निकलने लगी तभी में समझ गया कि आंटी गरम हो गई हैं।

फिर में थोड़ा ऊपर आ गया फिर मैंने उनका ब्लाउज भी निकाल दिया अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही थी। तभी मुझे ऐसा लग रहा था कि में सपने में हूँ। फिर थोड़ी देर बाद माँ की आवाज़ आई और में वापस घर आया। अब मेरे दिमाग में सिर्फ़ वो चल रहा था और में बाथरूम गया तो देखा कि मेरी अंडरवियर गीली हो गई थी। फिर मैंने मुठ मारी और फिर पड़ने के लिए बैठा ही था कि उतने में आंटी घर आई और माँ को बोली आज मेरे पति गाँव गये हैं। वो दिन तक वापस नहीं आने वाले तो प्लीज़ संदीप को आप सोने के लिए भेजिए। मुझे रात में डर लगता हैं। तभी माँ ने कहा कि ठीक हैं। तभी में बहुत खुश हो गया की बता नहीं सकता और आंटी मुझे स्माईल देकर देखती हुई चली गई।

फिर में रात आठ बजे उनके घर चला गया मैंने देखा कि आंटी खाना बना रही थी। तभी वो मुझसे बोली संदीप तू रूम में जाकर लेट जा मुझे अभी थोड़ा टाईम लगेगा। फिर मैंने कहा ठीक है फिर में सोने के लिए बेडरूम में चला गया और सो गया। फिर करीब 12.30 बजे आंटी मेरे बाजू में आकर सो गई और रात 2 बजे में अचानक नींद से उठ गया। तभी मैंने देखा कि आंटी पास में सोई हुई थी तभी मुझे बह