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मेरी 50 वर्षीय मौसी की चुदाई

ये तब की कहानी है जब मैं २१ साल क़ा था , और मेरी मौसी की उम्र 53 साल की थी . उसका बहुत खूबसूरत शरीर था और उसके बड़े बड़े मम्मे और हैवी चूतड थे.मैं मौसी को जब भी देखता तो मुझे उनका सेक्सी फिगर देखकर मन में गुदगुदी होती थी .उनका सुडोल भरा बदन बहुत हसीं था .एक बार उन्होंने मुझे अपने यहाँ रहने को बुलाया था . मैं एक महीने के लिए उनके वहां रहने गया .उनका घर बहुत छोटा था , सिर्फ दो कमरे थे ,एक किचेन और दूसरा उनका हॉल .जब मैं उनके यहाँ रहने गया तो मौसी ने मुझे देखकर मुझे गले लगा लिया .जिससे उनके बूब्स मेरे सीने से दब गए .मुझे भी मज़ा आया उस दिन .मैंने भी उन्हें गले लगा लिया और गाल पर किस भी दी .मेरी मौसी घर में ज्यादातर गाउन ही पहना करती थी .जिससे जब वो घर क़ा काम करने के लीये झुकती तो उनके बूब्स क़ा भूगोल देखकर मेरा 8″ लम्बा लंड खड़ा होने लगता . वो मुझसे बहुत प्यार करती थी

एक बार मौसी किसी काम के लिए नीचे झुकी तो मैंने देखा की उन्होंने ब्रा पैंटी नहीं पहनी हुई थी ,तो मुझे उनके बूब्स और चूत दिखाई दी .मेरा ये देखकर बुरा हाल हो गया था ,उनकी चूत पर बाल नहीं थे ,मैं तभी बाथरूम में जाकर मुठ मार कर आया ,मेरा दिल मौसी को चोदने के लिए मचल रहा था ,लेकिन मेरी हिम्मत ही नहीं हो रही थी ,मैं , मौसी और मौसाजी एक ही बेड पर सोते हैं ,बेड बड़ा था इसलिए हम तीनो को एक ही बेड पर सोने में कोई दिक्कत नहीं होती थी ,पहले मौसी फिर मौसाजी फिर मैं इस तरह लाइन में सोते थे . सोने से पहले मौसी मौसा जी और मुझे दूध जरूर देती थी , सोते टाइम घर में अँधेरा रहता है कोई किसी की शकल भी नहीं देख सकता इतना अँधेरा रहता है ,एक बार मेरी रात को आँख खुली तो मुझे महसूस हुआ की मौसा मौसी की चुदाई कर रहे है .मैंने जब गौर से देखा तो मौसा मौसी के ऊपर लेटे हुए थे और मौसी नंगी नीचे लेटी हुई थी और मौसा मौसी की ठुकाई कर रहा था ,मौसी बीच बीच में आ..आह्ह……. हू… न.. नाउउच… ऊऊ…. कर रही थी .ये देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया .मैंने अपने लंड को पकड़कर उन्हें देखकर वही मुठ मारली . दोनों आपस में काफी देर तक चुदाई करते रहे ये देखकर मुझे पता ही नहीं चला की मुझे कब नींद आ गयी .अब मेरा मन और खराब होने लगा मौसी की चुदाई के लिए .

अब मैं 4-5 दिन तक रोज़ जल्दी सोने क़ा बहाना करके लेट जाता था और मौसी की चुदाई देखा करता था .एक बार मैंने देखा की मौसी नंगी आँख बन्द करके लेटी हुई हुई हैं और मौसा उनकी चूत में अपना मुह डालकर चूस रहे हैं .मुझसे रहा नहीं गया मैंने अपना एक हाथ बढ़ा कर मौसी की एक चूची पर रख दिया ,मौसी को कुछ पता नहीं चला की किसका हाथ है .मुझमे और हिम्मत आई तो मैं जोर जोर से मौसी की चूची को दबाने लगा . मौसी की चूची इतनी बड़ी थी की मेरे हाथ में ही नहीं आ रही थी .मौसी भी मज़े से अपनी चूची दबवा रही थी .और मैं दुसरे हाथ से अपने लंड को पकड़कर मुठ मार रहा था .फिर थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकल गया तो मैंने मौसी की चूची से हाथ हटा लिए और सो गया .इन दोनों की चुदाई में मैंने ध्यान दिया की दोनों में से कोई बात नहीं करता था , फिर शनिवार आया .सन्डे को मौसा की छुट्टी होती है तो वो शनिवार रात को मौसी को जमकर चोदते है .इसलिए शायद मौसी भी थोड़ी ज्यादा तैयारी रखती होगी . अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं मेडिकल स्टोर गया और वहां से नींद की गोली ये कहकर ले आया की मेरे डैड को ३ दिन से नींद नहीं आ रही है उनके लिए कोई नींद की गोली दीजिये ,उन्होंने बताया की 2 गोली काफी होगी लेकिन मैं 4 गोली ले आया.अब मैं रात क़ा इंतज़ार करने लगा .रात को मौसी ने मुझे किचेन में बुलाया और दूध देकर कहा की ले अपने मौसा को दे आ .मैं उनकी नज़र बचा कर नींद की ४रो गोली मौसा के दूध में मिला दी .फिर मैंने दूध मौसा को दिया तो मौसा ने पी लिया .

आज रात मौसी ने मैक्सी पहेनी हुई थी ,फिर वो दोनों लेट गए और मैं भी लाइट ऑफ करके लेट गया 1 घंटे बाद मैंने मौसा को हलके से हिलाकर देखा तो उनपर नींद की गोली क़ा असर हो गया था ,वो सो गए थे मैंने उन्हें अपनी जगह सरका दिया और उनकी जगह मैं आकर लेट गया ,मौसी क़ा मुह दूसरी तरफ था तो उन्हें पता नहीं चला ,अब मैंने पहले अपने सारे कपडे उतर दिए और मौसी की कमर पर अपना हाथ रखा मुझे लगा की मौसी सो गयी है ,लेकिन वो जगी हुई थी ,अब मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा और उन्हें नाइटी के ऊपर से दबाने लगा ,और उनसे चिपक कर लेट गया जिससे मेरा लंड मौसी की गांड को तौच कर रहा था ,और मैंने अपनी एक टांग मौसी के पैरों के बीच में डाल दी ,और अपने पैर से मौसी की चूत को रगड़ रहा था ,मौसी थोड़ी देर बाद हॉट होने लगी थी ,थोड़ी देर बाद मौसी ने अपना मुह मेरी तरफ किया तो मैंने उनके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए ,अह्ह्ह क्या स्वाद था उनके लिप्स क़ा मैं तो पागल हो गया ,अब मैं अपना हाथ उनकी नाइटी के अंदर डालकर मौसी की चूची दबाने लगा .मौसी ने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया और दबाने लगी . मौसी ने नीचे ब्रा नहीं पहनी हुई थी ,मैंने मौसी की नाइटी उतर दी और उनके ऊपर लेट गया और अपने बदन से उनका बदन रगड़ने लगा जिससे उनकी चुचिया मेरे सीने से रगड़ रही थी और मेरा लंड उनकी पैंटी के ऊपर से उनकी चूत पर रगड़ रहा था ,मुझे बहुत अच्छा लग रहा था ,अब मैं उनके होंठों पर किस करता हुआ उनके गाल पर किस करने लगा फिर उनके गले पर मुह पर . मौसी को बहुत मज़े आ रहे थे .मौसी धीमी आवाज़ में कहने लगी की आज क्या हुआ है तुम्हे आज तो बहुत अच्छी तरह से कर रहे हो .मैं कुछ नहीं बोला .मैं अपने काम में लगा रहा .फिर मैं किस करता हुआ उनकी चुचियो की दरार पर आ गया मैंने उनकी चुचियो की दरार पर हल्का सा काट दिया तो मौसी पूरी तरह हिल गयी ,फिर मैं उनकी राईट वाली चूची को मुह में लेकर चूसने लगा और लेफ्ट वाली चूची को हाथ से दबाने लगा .मेरी मौसी पागल होती जा रही थी ,मैंने उनके निप्पल पर काट दिया तो वो धीरेसे कहने लगी की आआह्ह अआराम स्सस्सी कर ओऊ त्त्तूम्म्हारी लीईइये ह्ह्ह्हीईईई तो है .मैंने उनका लेफ्ट चूची ko रगड़ रगड़ कर लाल कर दिया था तो मुझे कहने लगी की आराम से जलन होने लगी है ,फिर मैंने मौसी के पेट पर किस किया फिर उनकी नाभि पर . मैंने उनकी नाभि में अपनी जीभ से अंदर बाहर करने लगा तो उन्होंने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरा मुह अपनी नाभि में दबाने लगी .उन्हें डर था की पास में लेटा हुआ मैं यानी “कुश ” जग न जाऊ कही उनकी चुदाई से इसलिए ज्यादा आवाज़े नहीं कर रही थी .फिर मैं मौसी की चूत की तरफ अपना मुह लाकर उनकी जांघ पर पागलो की तरह किस करने लगा .हम 69 की पोजीशन में हो गए थे .

फिर मैं अपनी मौसी की प्यारी चूत जो अभी तक पैंटी में कैद थी उस पर अपना हाथ रख दिया ,मुझे मौसी की पैंटी गीली महसूस हुई तो मैंने सूंघ कर देखा तो बड़ी मादक खुशबू आ रही थी उनकी पैंटी से तो मैंने अपनी जीभ से उनकी पैंटी को चाटने लगा चूत के ऊपर से ही .दूसरी तरफ मौसी मेरे लंड के चारो तरफ से अपनी जीभ से चाट रही थी ,कभी मेरे अन्डो को भी चाट रही थी दबा रही थी ,मुझे बहुत मज़ा आ रहा था फिर उन्ह्होने मेरे लंड की टोपी को अपने मुह में रख कर अंदर बाहर कर रही थी ,मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने एक हल्का सा झटका मारा तो मेरा 4″इंच लंड उनके मुह में घुस गया ,इस हमले से मेरी प्यारी मौसी के आँख से आंसू निकलने लगे लेकिन उन्होंने मेरा लंड बाहर नहीं निकाला बल्कि और चूस रही थी .इधर मैंने मौसी की पैंटी निकालने लगा तो मौसी ने अपनी गांड उठाकर मेरी हेल्प की पैंटी निकालने में ,अब मौसी की वो चूत मेरे सामने थी जो मुझे रोज़ परेशां करे रखती थी ,अब मैं अपनी जुबान को मौसी की चूत पर फिरा रहा था ,ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की तरफ .मेरी मौसी क़ा बुरा हाल था .फिर मैंने अपने हाथ की दो ऊँगली से मौसी की चूत को खोला और उसमे अपनी जीभ डाल दी और जीभ से चोदने लगा ,मेरी प्यारी मौसी पागलों की तरह अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी .

फिर मैंने अपनी 3 ऊँगली से उनकी चूत चोदने लगा .इसी दौरान मेरी मौसी 2 बार झड चुकी थी और मैं उनका रस पी गया था मैंने फिर अपनी 1 ऊँगली को उनकी चूत की रस से भिगोकर उनकी गांड के छेद पर रख दी उनके ऊपर नीचे होने की वजह से मेरी ऊँगली उनकी गांड में अंदर बाहर होने लगी .उधर मेरा लंड क़ा भी बुरा हाल था ,मौसी ने चूस चूसकर मेरे लंड क़ा पानी निकाल दिया था .मौसी फिर से मेरे लंड को खड़ा करने के लिए उससे चूस रही थी क्यौकी उन्हें अपनी चूत की भी सेवा करवानी थी .15-20 मिनट बाद मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा तो मैं मौसी की चूत छोड़कर उनके मुह के पास आ गया , मौसी मेरा चेहरा पकड़कर मेरा कान अपने मुह के पास लाकर बोली की जान आज सेक्स करने में बहुत मज़ा आ रहा है आज कहा से सीखकर आये हो .मैंने उनके होंठों पर अपनी ऊँगली रखकर उन्हें चुप करा दिया ,क्यौकी मैं भी कुछ नहीं बोल रहा था .तो वो फिर कुछ नहीं बोली .अब मैंने अपने होंठ प्यारी मौसी के होंठों पर रख दिए उन्होंने अपना मुह खोला और अपनी जीभ मेरे मुह में डाल दी .मैंने उनकी जीभ को अपने होंठो से पकड़कर अपनी जीभ से चूसने लगा ,बड़ी टेस्टी थी मेरी प्यारी मौसी की जीभ आआह…. मेरे से रहा नहीं गया तो मैंने उनके दोनों चुचियो को अपने हाथो में लेकर जोर दे दबा दी ,उनके मुह से चीख निकलती निकलती रह गयी .क्यौकी उनके मुह को मेरे मुह ने बंद किया हुआ था .मेरा लंड मौसी की चूत पर दस्तक दे रहा था . मौसी से रहा नहीं गया वो मेरे कान में बोली की जान अब स्स्साहा नहीं रहा है .मैंने मौसी क़ा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया .मौसी ने अपनी टांगो को फैलाकर मेरा लंड अपनी चूत के द्वार पर रख दिया . लेकिन मैं मौसी को और तडपाना चाहता था इसलिए लंड अंदर नहीं डाला .

५ मिनट बाद मौसी फिर से मेरे कान में बोली अब दाल भी दो क्यों तडपा रहे हो .इतना सुनना था की मैंने एक जोरदार झटका मारा तो मेरा लंड पूरा क़ा पूरा मौसी की चूत में चला गया .मौसी की हलक से एक हलकी सी चीख निकली तो मैंने अपना हाथ मौसी के मुह पर रख दिया मौसी की चूत मुझे थोड़ी टा इट लगी शायद मौसा क़ा लंड मेरे से थोडा छोटा और पतला होगा .मौसी ने मेरा हाथ हटाया और बोली आज तुम्हे क्या हो गया है मुझे मार ही डालोगे क्या .आपका लंड भी थोडा बड़ा बड़ा लग रहा है क्या बात है कोई दवाई ली है क्या आज .मैंने उनके होठों पर अपने होंठ उनके होंठ पर रखकर फिर से चुप करवा दिया .मैं मौसी की चूत में जोरदार लंड डालता गया .और मौसी धीरे से बोलती जा रही थी की उईइ मा… मर गय्य्यी…. आआह्ह्ह …… मेरी…. चूत फट गय्यीई….. .और्र्र… ज्जोर से जान फाड़ दो आज मेर्री बुर .. .मौसी शायद भूल गयी थी की घर में उसका भांजा भी सो रहा है ,लेकिन मौसी को क्या पता की भांजा ही चुदाई कर रहा है उनकी….

मौसा तो नींद की गोली लेकर सोया हुआ है .मौसी नीचे से उछल उछल कर मुझसे चुदवा रही थी ,इस दौरान मौसी २ बार झड चुकी थी लेकिन मैं अभी झड़ने नहीं वाला था .मैंने मौसी को 25 मिनट से लगातार जोरदार चुदाई कर रहा था .अब मैं थकने लगा था तो मैंने मौसी को पकड़कर अपने ऊपर बिठा लिया और मैं नीचे लेट गया .मौसी समझ गयी थी की मैं क्या चाहता हूँ वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर सेट करके एक दम से मेरे लंड पर बैठ गयी .और अपना मुह मेरे मुह के पास लाकर मुझे किस करने लगी .और धीरे से बोली की इतना मज़ा तो सुहागरात वाली रात को भी नहीं आया था जान .जितना मज़ा आज आप दे रहे हो .मौसी जानती थी की मौसा जी सेक्स करते हुए बोलते नहीं थे इसलिए उन्हें कोई शक भी नहीं हो रहा था .मैंने मौसी की गांड के नीचे हाथ रखा और उसे ऊपर नीचे करने लगा जिससे मौसी को इशारा मिल जाए की मैं क्या चाहता हूँ .मौसी मेरे लंड पर ऊपर नीचे होकर चुदा रही थी .ऐसा लग रहा था की .मैं मौसी को नहीं मौसी मुझे चोद रही हो .ऐसे हिलते हुए मौसी की चुचिया बड़ी मस्त लग रही थी .मैंने हाथ बढाकर मौसी की चुचियो को पकड़ लिया और मौसी को अपनी तरफ खींचा जिससे मैं मौसी को अपने से चिपका लिया और मौसी मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी मैंने मौसी की एक चूची को मुह में लेकर चूसने लगा तो मौसी अपनी दूसरी चूची खुद ही दबाने लगी .ऐसे करते हुए मौसी एक बार और झड़ी .मौसी क़ा पानी मेरे लंड पर आ रहा था मैंने अपना हाथ अपने लंड के पास लाकर मौसी की चूत क़ा पानी को छुआ तो मेरा हाथ पूरा गीला हो गया .मैंने फिर उस हाथ को अपने मुंह के पास लाकर चाटने लगा .मुझे अच्छा लग रहा था .मैं फिर से चूत के पास हाथ रखा तो फिर गीला हो गया इस बार मैंने मौसी के मुह के पास उन्ही की चूत क़ा पानी लगा हुआ हाथ ले गया .

पहले तो वो अपना मुह इधर उधर करती रही .फिर मैंने उनके बाल पकड़कर अपना हाथ उनके मुंह में दे दिया .जिससे उन्होंने चाट लिया .मेरी अब थकान मिट चुकी थी .मैंने मौसी को नीचे लेटाया और उनकी टांगो को बेड की साइड में उतार दिया और मैं उनकी टांगो के पास जाकर खड़ा हो गया .मैंने उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया जिससे उनकी चूत और उभर गयी .मैंने मौसी की एक टांग अपने कंधे पर राखी जिससे मौसी की चूत और खुल गयी थी .मैंने मौसी क़ा हाथ पकड़कर अपने लुंड पर रखा मौसी ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर रखा और मेरा लंड दबा दिया .मैं समझ गया .मैंने इक झटका मारा तो मेरा लंड उनकी चूत में पूरा चला गया .फिर मैं धीरे धीरे मौसी की चुदाई कर रहा था तो मौसी बोली की जा न जोर से करो.मैं फिर जोर से धक्के लगाने लगा मौसी भी अपनी कमर उठा उठाकर मुझसे चुदवा रही थी .मौसी की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया .मैंने ये महसूस किया तो मैंने दो ऊँगली से चूत के पानी से भीगोकर मौसी की गांड पर रख दी .जिससे उनके हिलने से उंगलिया अंदर बाहर होने लगी .मौसी ने शायद कभी गांड नहीं मरवाई होगी .इसलिए वो बार बार मेरी ऊँगली को हटा देती थी .4 -5 मिनट . के बाद मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ मैंने मौसी की चुदाई की स्पीड और बढ़ा दी .मेरे साथ साथ मौसी भी एक बार और झड गयी इस चुदाई में मौसी कम से कम 6 बार झड़ी होगी .मैं अपना लंड चूत में डाले हुए मौसी पर गिर गया .मौसी मुझे चूमने लगी और कहने लगी जान जैसा आज छोड़ा है वैसे रोज़ क्यों नहीं चोदते हो .तब मैं किस करता हुआ बोला मेरी प्यारी मौसी डार्लिंग आज से पहले तुमने मुझे मौका दिया ही कहाँ था .ये सुनना था की मौसी एक दम चौंक गयी और बोली तेरे मौसा जी कहाँ है .मैंने कहा मौसी वो तो सो रहे है इतनी देर से मैं ही आपकी चुदाई कर रहा था मौसी जान .मौसी मुझे अपने से अलग करने लगी .लेकिन मैंने मौसी को छोड़ा नहीं .मैंने कहा आप बहुत नमकीन हो मौसी ,दिल करता है की आपको चोदता ही रहू . ये कहते हुए मैं फिर से मौसी की चूत में ऊँगली करने लगा और उनके बूब्स को दबाने लगा .मौसी को भी मेरी चुदाई अच्छी लगी थी इसलिए मान गयी .

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