मेरी बीवी का डबल धमाल

प्रेषक : सुधीर …

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी को अपनी बीवी की चुदाई की एक सच्ची दास्ताँ सुनाने जा रहा हूँ जिसमे मेरी बीवी ने अपनी चूत बहुत को जमकर चुदवाया और में उसकी चुदाई को बस दर्शक बनकर देखता रहा। वैसे मुझे उसे गरम करना बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वो बहुत ही सेक्सी है और उसकी चूत को हर कोई पाने के लिए तरसता है क्योंकि वो है ही कुछ ऐसी चीज, बिल्कुल हॉट सेक्सी और में भी उसकी चूत बहुत दीवाना हूँ और वो भी बहुत बड़ी चुदेल, लंड की प्यासी है। आज में उसकी एक चुदाई का ताज़ा ताज़ा किस्सा आप सभी को कामुकता डॉट कॉम पर सुनाऊंगा।

तो दोस्तों उस सुबह जब मेरी आँख खुली तो लगभग दस बज रहे थे और में सोफे पर सोया हुआ था और ठीक मेरे सामने बेड पर मेरी बीवी नंगी सोई हुई थी। उसके दोनों पैर कुछ फैले हुए थे इसलिए उसकी चूत भी कुछ खुली खुली सी दिख रही थी, लेकिन चूत के अंदर अभी भी थोड़ा थोड़ा सा सफेद माल नज़र आ रहा था जो उसकी पिछली रात की होने वाली जमकर चुदाई को साफ साफ बता रहा था और वो चूत से बहकर चादर पर भी फैला हुआ था और उस चादर में चार जगह वीर्य के दाग दिखाई दे रहे थे जिसमे से एक तो बहुत ताज़ा था बाकी कुछ कुछ सूखने लगे थे और उसकी दाईं जाँघ पर अंकित अपना पैर रखकर सो रहा था और उसका एक हाथ मेरी बीवी के बूब्स पर था। वो करवट लेकर सोया हुआ था इसलिए उसका लंड बिल्कुल भी नहीं दिख रहा था और बाईं तरफ उदित था, वो सीधा सोया हुआ था। मेरी बीवी का हाथ उसके लंड के पास था शायद वो उसे सहलाते हुए सो गई थी और खड़ा होने पर उसका लंड करीब नौ इंच का हो जाता है, लेकिन अभी बहुत छोटा लग रहा था। मैंने अंदाज़ा लगाने की कोशिश की आख़िरी बार किसने चोदा होगा, यानी मेरी बीवी की चूत में जो माल दिख रहा है वो अंकित का है या उदित का उस बात का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल था क्योंकि वो दोनों रात भर बारी बारी से मेरी बीवी को चोद रहे थे। कल उदित अचानक बाज़ार में हमे मिल गया था और उसे देखकर मेरी बीवी मचल गई और मुझसे कहने लगी कि उसे आज रात के लिए बुला लो।

फिर मैंने उससे कहा कि डार्लिंग पिछले एक हफ्ते से रोज तुम दूसरों से चुदवा रही हो और आज तुमने मुझसे चुदवाने का वादा किया था। तो उसने मुझसे कहा कि डार्लिंग तुम कल मुझे चोद लेना, देखो ना उदित भाई साहब कितने दिनों के बाद मिले है, में तो अब तक उनके लंड का स्वाद ही भूल गई हूँ। दोस्तों मेरी बीवी उदित के लंड की बहुत दीवानी है वो उसका लंड बहुत चूसती है और उससे चुदवाती भी है और गांड भी मरवाती है। वो उससे कहती है कि आप मेरे पास आए है तो में आपको एक बूँद भी माल वापस लेकर जाने नहीं दूँगी और आपको अपनी दोनों गोलियाँ मेरे ऊपर ही खाली करनी पड़ेगी। मैंने उदित से कहा कि यार राजश्री आज तुझे बुला रही है, तभी उसने इशारा किया कि उसके साथ उसका एक दोस्त भी है और उसका नाम अंकित है और में अंकित को नहीं जानता था, लेकिन मेरी बीवी ने फ़ौरन इशारा किया और मुझसे कहा कि हाँ ठीक है आप उसे भी बुला लो। फिर उदित ने मुझे थोड़ा अलग ले जाकर कहा कि यार मुझे पता नहीं यह हमारे इस खेल में शामिल होगा या नहीं? लेकिन दोस्तों में अपनी बीवी को जानता हूँ कि वो उसे भी अपने कातिल जिस्म का दीवाना जरुर बना सकती है इसलिए मैंने कहा कि यार तुम उस बात की चिंता बिल्कुल छोड़ दो और तुम दोनों आ जाओ बाकी सब कुछ राजश्री सम्भाल लेगी। इस बीच मेरी बीवी समझ गई कि उदित थोड़ा हिचकिचा रहा है। फिर वो उसके पास गई और उसके लंड पर हाथ घुमाते हुए बोली कि अगर आप घर पर नहीं आ सकते तो यहाँ गाड़ी में ही आ जाइए, मुझे थोड़ा चूस तो लेने दीजिए। तभी अंकित ने उसे उदित का लंड सहलाते हुए देखा तो वो एकदम से चौंककर मेरी तरफ देखने लगा। मैंने हंसते हुए उसकी तरफ आँख मारी और कहा कि यार गाड़ी में आ जाओ कम से कम देखने का मज़ा तो ले लो। अब उदित और मेरी बीवी गाड़ी में पिछली सीट पर बैठ गये में और अंकित अगली सीट पर बैठकर पीछे मुड़कर उनके कामों नज़ारा देखने लगे जो वो अब इसके आगे करने वाले थे। फिर मेरी बीवी ने जल्दी से अपना ब्लाउज और ब्रा को ऊपर खींचकर बूब्स को बाहर निकाल दिया और फिर उदित की पेंट की ज़िप को खोलकर लंड को बाहर निकाला और बिल्कुल पागलों की तरह उसके लंड को चूसने लगी। अंकित यह सब बहुत ध्यान से लेकिन बहुत चकित होकर देख रहा था। फिर मैंने अंकित से कहा कि अब तुम भी चाहो तो उसके बूब्स को दबा सकते हो और मेरे मुहं से यह बात सुनकर उसके मन से डर एकदम दूर चला गया। अब अंकित उसके बूब्स को दबाने लगा लेकिन वो अब भी थोड़ा नर्वस था। उसको समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मेरी बीवी मज़े ले लेकर लंड चूस रही थी और फिर उसने कहा कि भाई साहब घर पर ही चलिए ना, अंकित भाई साहब भी तो कुछ मज़ा लेंगे। मेरी बीवी के मुहं से यह बात सुनकर वो दोनों फ़ौरन तैयार हो गये और हम सब घर पर आ गये। जब वो दोनों घर पर आए तो मैंने उन्हे व्हिस्की का एक एक गिलास भरकर थमा दिया और मेरी बीवी फ़ौरन अपने कपड़े बदलकर बिल्कुल पतली सी मेक्सी को पहनकर आकर उदित के पास में बैठ गई। उसने अंदर ब्रा, पेंटी नहीं पहन रखी थी और मेक्सी में से उसके बूब्स साफ साफ झलक रहे थे। उसके ठीक सामने अंकित बैठा हुआ था और बीच में एक छोटी सी सेंटर टेबल रखी हुई थी। तभी अचानक मेरी बीवी ने कहा कि भाई साहब आपके गाल पर कुछ लगा हुआ है और वो उठकर थोड़ा आगे को झुककर अंकित के गाल सहलाने लगी और उसके इस तरह से झुकने से अब उसके बूब्स मेक्सी के बड़े गले से बाहर निकलकर अंकित को बिल्कुल साफ साफ दिखने लगे थे। तभी उसके गालों को सहलाकर वो थोड़ा और झुकी और उसके होंठो को चूमने लगी। अंकित का एक हाथ पकड़कर उसने उसे अपनी छाती पर रख दिया और अब अंकित उसके बूब्स को सहलाने लगा और उधर उदित ने मेक्सी के नीचे से हाथ घुसाकर उसके चूतड़ को सहलाना शुरू कर दिया।

मेरी बीवी ने अंकित के गाल पर अपना गाल रगड़ते हुए कहा कि भाई साहब आप अब बिल्कुल भी संकोच ना करो और अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों बूब्स को आराम से अपना समझकर दबाइए और फिर वो दोबारा से उसके होंठो को चूमने लगी। अब अंकित उसके दोनों बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा और उदित शायद उसकी चूत को चोदने की कोशिश कर रहा था और अब राजश्री ने अपने दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया जिसकी वजह से उदित उसकी चूत तक बहुत आसानी से पहुँच गया और वो अब उसकी चूत को हल्के हल्के हाथ से सहला रहा था। दोस्तों जैसा वो सब कुछ चाहती थी अब शायद वो सब उसके साथ हो रहा था क्योंकि उसके चेहरे की शरारती हंसी यह बात मुझे बता रही थी कि वो उन दोनों के काम से बहुत खुश थी। तभी उदित के ऐसा करने के थोड़ी ही देर में मेरी बीवी अपना पूरा धैर्य अब खो बैठी और अब उसने एक ही झटके में अपनी मेक्सी को उतारकर मेरे ऊपर फेंक दिया और वो अब बिल्कुल नंगी हो गई। उसने थोड़ा आगे की तरफ आकर अंकित के मुहं में अपना एक निप्पल घुसाकर बोली कि चलिए ना भाई साहब बेडरूम में चलते है। अब मुझसे ज्यादा देर रुका नहीं जाता। फिर अंकित उसके बूब्स को चूसते हुए उसके चूतड़ को सहलाने लगा, मेरी बीवी ने एक अच्छा मौका देखकर उसकी पेंट की ज़िप को खींचकर खोल दिया और फिर अपने हाथ को अंदर घुसाने की कोशिश करने लगी, लेकिन बैठे हुए यह सब करना बहुत मुश्किल था और आख़िर में वो उसके सामने ज़मीन पर बैठ गयी और उसने उसके दोनों पैरों को फैलाया। फिर ज़िप में हाथ घुसाकर लंड को बाहर निकाल लिया और अब लंड के बाहर आते ही वो उसे चूसने लगी। अंकित यह सब देखकर एकदम भोचक्का सा मुझे देख रहा था क्योंकि मेरी बीवी मेरे सामने बिल्कुल नंगी होकर उसका लंड चूस रही थी। मैंने मुस्कुराकर उसे आँख मारी और अब उदित भी धीरे धीरे मुस्कुरा रहा था। मैंने कहा कि यार अंदर बेडरूम में आ जाओ। फिर तुम बहुत आराम से सब कुछ कर सकते हो और फिर हम चारों बेडरूम में आ गए और उदित ने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतारकर दूर फेंके और बेड पर आ गया, लेकिन अंकित को अभी तक अपने कपड़े उतारने का मौका नहीं मिला था। क्योंकि यहाँ आकर बेड पर उसे बैठाकर मेरी बीवी फिर उसका लंड चूसने लगी थी।

फिर उदित ने उसके दोनों पैरों को फैलाया और फिर चूत को चाटने लगा और अब अंकित को ठीक मौका लगा और उसने भी फटाफट अपने सारे कपड़े उतार फेंके और मेरी बीवी से चिपककर उसे चूमने लगा। मेरी बीवी ने उदित से कहा कि भाई साहब अब आप इधर आइए और अंकित भाई साहब को भी ज़रा मेरा स्वाद चखने दीजिए। फिर उदित ने अपना लंड राजश्री के मुहं पर रख दिया जिसे वो फ़ौरन चाटने लगी। उधर अंकित अब उसकी चूत चाट रहा था और मेरी बीवी चुदवाने के लिए बिल्कुल तैयार हो चुकी थी और आख़िर में मुझे ही कहना पड़ा कि अंकित भाई अब बहुत हुआ, अब आगे के काम की शुरूवात भी करिए। अंकित तुरंत उठा और अपना लंड उसने मेरी बीवी की चूत पर रखा और लंड का चूत पर दबाव बनाते हुए उसे चूत के अंदर घुसाने लगा और अब वो पूरा ज़ोर लगाकर बहुत मज़े लेकर मेरी बीवी को चोद रहा था और मेरी बीवी भी बहुत मस्त होकर चुदवा रही थी और साथ ही उदित का लंड चूस रही थी। मेरी बीवी ने फिर से कहा कि भाई साहब आप बिल्कुल भी हिचकिचाईएगा नहीं और अगर आप चाहें तो उसके नीचे दूसरा छेद है आप उसका भी इस्तेमाल कर सकते है।

अब अंकित ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा और चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर उसने अब गांड में अपने लंड को डाल दिया और फिर मुझे देखकर बोला कि यार तेरी बीवी तो बहुत मस्त है। तभी उदित ने उसके मुहं से लंड को बाहर निकाला और नीचे आकर कहा कि यार अब थोड़ा मुझे भी चोदने दो। में कब तक इसके मुहं में अपना लंड हिलाता रहूँगा। मुझे भी तो इसकी चूत को अपने लंड का मज़ा देने दो। अब अंकित अपनी जगह से हटा गया और उदित ने मेरी बीवी की चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया। अंकित ने मेरी बीवी के मुहं पर अपना लंड रख दिया, वो अब उसे चूसने लगी और थोड़ी देर में अंकित ने कहा कि डियर थोड़ा सम्भल जाओ क्योंकि अब मेरा वीर्य निकलने वाला है और अब उसने मेरी बीवी के मुहं में ज़ोर ज़ोर से धक्के देने शुरू किए। मेरी बीवी ने फ़ौरन कहा कि आप बिल्कुल मत हिचकिचाईए भाई साहब जहाँ आपका मन करे आप वहाँ पर अपना वीर्य निकाल दीजिए क्योंकि मेरे लिए तो यह माल अमृत समान है। फिर दो मिनिट बाद अंकित उसके मुहं में ताबड़तोड़ धक्कों के साथ झड़ने लगा और मेरी बीवी बहुत मज़े लेकर उसका गरम गरम वीर्य चूसकर चाटकर साफ करने लगी। अब उदित ने भी जल्दी से अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकालकर गांड में डाल दिया और अब उसने अपने धक्कों की स्पीड को बड़ा दिया था। शायद वो भी अब झड़ रहा था और कुछ देर झड़ने के बाद वो दोनों एकदम शांत होकर मेरी बीवी के आस पास में लेट गये, लेकिन अब भी उन दोनों के हाथ मेरी बीवी के जिस्म पर इधर उधर घूम रहे थे और मेरी बीवी के दोनों हाथ उनके लंड को मसलने में लगे हुए थे। तभी मैंने अपने बीवी से पूछा कि क्यों मज़ा आया? तो उसने कहा कि हाँ बहुत लेकिन अभी में इन्हे छोड़ने वाली नहीं हूँ। यह दोनों यहाँ से अपना एक बूँद माल भी वापस लेकर नहीं जा सकते। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है डार्लिंग, तुम आज रात भर इन दोनों से जी भरकर चुदवाना और फिर रात भर वो दोनों बारी बारी से और बार बार उसे चोदते रहे। वो कभी गांड मारते रहे तो कभी चूत और बारी बारी से अपना लंड भी उससे चुसवाते रहे और में सोफे पर लेटा लेटा उसको चुदवाते हुए देखता रहा और मुझे पता ही नहीं चला कि में कब सो गया और कब सुबह हुई।

तो दोस्तों यह थी मेरी बीवी की चुदाई की कहानी जिसमे वो पूरी रात चुदती रही और में उसकी चुदाई को देखता रहा ।।

धन्यवाद …

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