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मेरी सेक्स यात्रा और मेरा पहला सम्भोग

हेलो दोस्तों, मेरा नाम सुकेश है | मेरी उम्र ५५ साल है और मै एक विधुर हु; मतलब मेरी बीवी मर चुकी है | मैने अपनी जिन्दगी मे बहुत बार सेक्स किया है और काफी लोग के साथ भी; मतलब बीवी के अलावा भी काफी सारी लडकियों, लडको और शीमेल के साथ भी | आज से, मै आपके साथ अपने हर सेक्स वर्तांत को बाटूंगा | ये ही मेरी सेक्स के नाम पर जमा पूंजी है, जो मुझे लगता है, कि मुझे आप लोगो के साथ बांटना चाहिए | उस समय १४ साल का था और मै लडको के होस्टल मे पढता था | उस समय, मुझे सेक्स के बारे मे कुछ भी नहीं मालूम था | वैसे भी, मेरे समय के लोग इतने समझदार नहीं थे, कि सेक्स के बारे मे लोग लोग बड़े आराम से बात करते हो और न ही उस समय टीवी और इन्टरनेट भी नहीं था और सेक्सी मैगज़ीन भी हाथ नहीं लगती थी | जो भी जवान लोग सेक्स किए बारे मे सीखते थे, वो सब दोस्तों से ही सीखते थे |

हम लोगो के होस्टल मे सर्दियों मे छुट्टिया नहीं होती थी, लेकिन ठण्ड काफी पडती थी | उस समय, मुझे नहीं मालूम था कि मेरी ही क्लास के एक लड़के की नज़रे मुझ पर है और वो मेरे साथ सेक्स करना चाहता था | मैने अपनी एक क्लास के एक लड़के के बारे मे काफी सुना था, कि वो सारा रंडी है और वो सब से अपनी गांड मरवाता है | लेकिन, मुझे नहीं मालूम था, कि एक दिन मेरी भी यही हालत होते वाली है | उस लड़के ने धीरे-धीरे अपना जाल बिछाना शुरू किया और वो मेरे से काफी ठण्ड के बारे मे बातें करता था और मुझे से पूछता था, कि मेरे लंड का आकार कितना है और उसका रंग क्या है? क्या मेरा लंड खड़ा होता है या नहीं?

शुरू-शुरू मे तो, मुझे ये सब बकवास लगता था और बड़ा ही अजीब लगता था | लेकिन बाद मे, जब भी वो मुझे से बातें करता था; तो मेरा लंड खड़ा होने लगता था | अब मुझे अपना बड़ा और खड़ा लंड देखने की इच्छा होती थी | लेकिन , बाथरूम और कमरे मे ये सब नहीं हो सकता था | इसलिए, मुझे जब भी लगता था, कि मेरा लंड खड़ा होने वाला है; मै लैट्रिन मे भाग जाता था और अपना पूरा पजामा उतार कर अपने लंड को खड़ा होते देखता था और उसको छूकर मज़े लेता था; लेकिन उसके आगे मुझे मालूम नहीं था | एक दिन, उस लड़के ने मुझे बोला, कि आज रात मै तुझे तेरे लंड के बारे बताऊंगा और उससे मज़े लेना सिखाऊंगा | रात को खाने के बाद, हम दोनों ठण्ड में ही; स्कूल की बिल्डिंग चले गये; क्योकि, वो ही एक इसी जगह थी, जगह थोड़ी सी रौशनी थी और वहां उस समय कोई नहीं आता-जाता था |

उसने वहा पहुचते ही, मेरा लंड पजामा के ऊपर से पकड़ लिया और उसको खीचने लगा | मैने उसको पीछे धकलने की काफी कोशिश ही, लेकिन वो मुझ से ज्यादा ताकतवर था और उसने मेरे पजामे के नाड़े को खोलना शुरू कर दिया | उसने मेरा पजामा पूरा उतार दिया और मेरा अंडरवीयर भी नीचे कर दिया और मै नीचे से पूरा नंगा हो गया | मेरा लंड हलके-हलके झटके मार रहा था और खड़े होने की नाकाम कोशिश कर रहा था | उसने मेरे लंड को कसकर अपनी मुट्टी मे पकड़ लिया और भींचकर, जोर से मेरा मुठ मारने लगा | उसका दूसरा हाथ, मेरे चूतडो पर चला गया और मेरे गांड के छेद मे उसकी ऊँगली जाने लगी | मैने अपने हाथो से उसका हाथ हटा दिया; तो वो हंसने लगा और बोला, अच्छा किसी और दिन |

लेकिन, उसने मेरा मुठ मरना जारी रखा और मुझे लगने लगा, कि मेरे अन्दर से कुछ बाहर आने वाला है | मेरे लंड के अन्दर कुछ चुभ रहा था और मेरे मुह से सिसकिया निकल रही थी | aaaaaaaahhhhh……………..उह्ह्हह्ह्ह्ह……मर गया | जब मैने उसको इस बारे मे बताया; तो उसने बोला, कि अब तू झड़ने वाला है | अचानक से, ये चुभन तेज हो गयी और मुझे लगने लगा, कि कुछ बहुत ही तेजी से बाहर आ रहा है और उस अहसास के साथ, मेरे लंड से कुछ चिपचिपा बहुत तेजी से बाहर आ गया और वो सारी जमीन पर फैल गया | उसने बोला, कि तेरा वीर्य बाहर आ गया | मेरा लंड, जितनी तेजी से खड़ा हुआ था उतनी ही तेजी से छोटा भी हो गया | फिर, उसने अपने आप को नंगा किया और अपना लंड मेरे हाथ मे पकड़ा दिया और उसका मुठ मरने को बोला | मैने भी उसके साथ वही किया; जो उसने मेरे साथ किया था | कुछ ही समय में, वो भी झड़ गया और हम दोनों वापस आ गये |

उस रात करीब १२:०० बजे उसने मुझे जगाया और पहली बार अपना लंड मेरी गांड में गुसाने की नाकाम कोशिश की | लेकिन, उसने अपने लंड को मेरी गांड पर बड़े अच्छे से रगडा और मेरे छेद को अपने वीर्य से सरोबार कर दिया | उस दिन के बाद, तो मुझे मुठ मारने की आदत लग गयी और मैने हरदिन में, दो-तीन बार मुठ मारना शुरू कर दिया | दोस्तों, मैने अपना पहला सेक्स अनुभव १४ साल की उम्र में किया था और आपने …

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