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मेरी स्वप्नसुंदरी आंटी की चुदाई

वैसे, तो आप सब ने इन्टरनेट और किताबो मे, Antarvasna बहुत सी सेक्स कहानिया पढ़ी होंगी | मेरी कहानी भी उनसब से काफी मिलती जुलती है | अगर हम उस वृतांत को सही नाम दू; तो, वो मौके के फायदा था | जो मुझे मिला और मैने उसका पूरा फायदा उठाया | मै एक शादी मे गया था और शादी मे अक्सर इस तरह के मौके मिल जाया करते है | कुछ लोग इन सब का फायदा उठा लेते और कुछ नहीं उठा पाते | मुझे भी ऐसा ही मौका मिला, अपनी मौसी के छोटे लड़के के शादी मे | मुझे उस रात मुझे मौसी की एक सहेली चोदने के लिए मिल गयी | उनका नाम सीमा था और उनको मै सीमा आंटी बोलती थी और मै उसको इतना चोदा, कि वो उस रात अपने पति को भूल कर मेरी हो गयी |बात काफी पुरानी है, मेरी उम्र शायद २४ साल होगी | उस समय मै पढ़ ही रहा था | मै हॉस्टल मे रहकर अपनी पढाई कर रहा था और किस्मत से मेरा कॉलेज और मौसी का घर एक ही शहर मे था | मै कभी-कभी रविवार को मौसी के घर चला जाया करता था | और सीमा आंटी भी मौसी के घर के पास ही रहती थी, तो वो मुझे मोसुई के घर पर मिल जाया करती थी | उनको कोई बच्चा नहीं था और मै उनके साथ काफी हंसी-मजाक कर लिया करता था | उनको कभी-कभी छेड़ दिया करता था और छु भी लिया करता था | मै उनके साथ काफी चुहलबाजी करता था | हम दोनों के बीच हंसी-मजाक चलता था, लेकिन उम्र मे फरक होने के कारण, कोई कुछ नहीं बोलता था | लेकिन, सीमा आंटी मुझे बहुत पसंद थी और मन ही मन, मै उनको चोदना चाहता था | मुझे उनके के गुलाबी होठ, मस्त हंसी और उनकी फिगर काफी पसंद थी | जब भी मौसी के घर जाता था, तो उनके नाम का मुठ जरुर मारता था | एक-दो बार मैने उनके चुचे दबाने की कोशिश की थी और उनको चूमने की भी |मौसी के घर शादी थी | मौसी ने मुझे ३-४ दिन पहले काम के लिए बुला लिया था और सारे काम की जिम्मेदारी मौसी ने मुझपर और सीमा आंटी पर डाल दी थी | मौसी ने मुझे सब काम समझा दिया और सीमा आंटी को मेरी मद्दत करने के बोला | मैने आंटी के कान मे फुसफुस्या, मेरी तो ऐश हो गयी | अपनी स्वप्सुन्दरी के साथ वक़्त बिताने का मौका मिल रहा था और वो भी सबके सामने | आंटी बोली, तू सुधरेगा नहीं | मैने आंटी को कोई काम नहीं करने दिया और सारा काम बहुत अच्छे से निपटाया | मौसी काफी खुश थी और उन्होंने आंटी को काफी महंगा उपहार भी दिया | आंटी खुश होकर ने मुझे अकेले कमरे मे खीचा और मेरे गाल पर एक चुम्मा दे दिया | मेरी तो निकल पड़ी और मैने भी आंटी के होठो पर अपने होठ रख दिये | आंटी ने कोई विरोध नहीं किया और हम दोनों एक-दुसरे को चूस रहे थे | ये छत का अकेला कमरा था और उसकी चाभी या तो मेरे पास या आंटी के पास थी | हमने दरवाजा बंद कर दिया | आंटी बोली, तू मुझे इतना क्यों परेशान करता है | मैने कहा. सीमा आंटी आप से प्यार करता हु | आंटी बोली, रहने दो | जिस दिन बीवी आ जायेगी, उस दिन सब प्यार-व्यार छुमंतर हो जायेगा |मैने बोला आंटी , आपकी कसम | मै शादी नहीं करूँगा | आंटी ने मेरे होठो पर अपना हाथ रख दिया और मेरे होठो पर अपने होठ रख दिये और हम दोनों एक नवविवाहित जोड़े की तरह एक दुसरे को चूम रहे थे | आंटी बोली, आज मुझे शांत कर दे, काफी समय से मेरी चूत प्यासी है; तेरे अंकल के बसकी कुछ भी नहीं है | मै तो ख़ुशी मे पागल हो गया | मैने उनकी साड़ी उतार दी और उनको नंगा कर दिया | आंटी ने भी मेरे कपडे उतार दिये और हम दोनों नंगे हो गये | आंटी तो काम की देवी थी | मेरा लंड तो देखते थी फुंकारे मारने लगा | आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं था और एक दम चिकना शरीर था | मैने उनको एक चादर बिछाकर लिटा दिया और उनके चूचो को चुसना शुरू कर दिया | वो सिस्कारिया भर रही थी, जैसे कि उनके चुचे पहली बार चुसे जा रहे हो, ऊऊऊऊ….आआआआ….ऊऊऊओ. | उनके गुलाबी निप्पल को मैने एकदम लाल कर दिया और उनके पुरे शरीर को चाट डाला | उनका पूरा शरीर मेरे थूक मे नहा गया | फिर, मैने उनकी चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ डाला | वो उतेज़ना मे पागल हो रही थी और उनका शरीर तंदूर की तरह तप रहा था; waaaaaaahhhhhhhh…..आआआअ……. | उन्होंने, मेरे बाल खिचे और बोली और नहीं, अब डाल दो और नहीं सहा जा रहा | मैने उनको टांगो को खोला और चूत को थोडा सा ऊपर कर दिया और जोर से धक्का मारकर अपने पूरा लंड उनकी चूत मे समा दिया | आंटी दर्द से बिलबिला उठी, aaaaaaaahhhhhhhhhhh…..ऊऊऊऊऊ | वो चिल्लाना चाहती थी; लेकिन, उन्होंने, अपने हाथ से अपना मुह बंद कर दिया | कुछ धक्को के बाद उन्होंने अपनी गांड हिलानी शुरू कर दी और मेरे साथ मज़े लेने शुरू कर दिये |फिर, उन्होंने अपनी चूत को बंद कर लिया और गांड जोर से हिलाने लगी | मै समझ गया, कि वो झड़ने वाली थी | अच्छा था, क्योकि, मै भी झड़ने वाला था और आंटी से पहले नहीं झाड़ना चाहता था | हम दोनों एक साथ ही झड गये और उनकी चूत मेरे वीर्य से भर गयी | मैने आंटी को बोला, मैने अपना बीज डाल दिया और आंटी मुस्कुरा पड़ी | हम दोनों अलग हुए और कपडे पहन कर नीचे चले गये और अच्छे से शादी निपटा दी | सब खुश थे | सब ने मुझे से शादी के कहने के लिए शुरू कर दिया और मैने मना कर दिया | फिर, सबने आंटी को मुझे समझाने के लिए कहा | आंटी ने मेरी शादी अपनी छोटी बहन की बेटी से करवा दी और आज आंटी और मै अपने संभंद से खुश है |

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