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नौकर – नौकरानी और चुदाई का मजा

मैं एक अपनी स्टोरी बताने जा रही हूँ. नौकर – नौकरानी के साथ सेक्स का मजा ही कुछ और होता है. जो हमारे साथ हुई. हमारी शादी हुए 3 साल हो गये थे और मैं अपने पति के साथ नये सिटी मे आ गयी थी. उधर सब कुछ अरेंज करने मे काफ़ी टाइम निकल गया. फिर मैने अपने पति राज से बोला की एक नोकर रख लो घर पे. वह मान गये और अपने पड़ोस मे ढूँढने लगे. एक मिल गया उसकी उम्र कुछ 28 की रही होगी मजबूत कद का और लंबे कद का आनंद नाम था उसका।
वह शाम को घर आया पति कहीं पर गये हुए थे और बोला था की आनंद शाम को घर आएगा तो मैं बात कर लू. मैने अपने 36 30 34 फिगर पे सारी डाली हुई थी और हमारा ब्लाउज कम गले का था. तभी घंटी बजी और मैने दरवाजा खोला तो देखा की आनंद खड़ा हुआ था और बोला मेडम मे आनंद. मे उसे अंदर ले आई और उसकी नज़र हमारे चुचियो पे ही थी. मैने देखा की वह तोड़ा झिझक रहा था। मैं उसे सभी काम समझा रही थी तभी नीचे झुकने से हमारा पल्लू नीचे गिर गया। और हमारे 36 ब्रेस्ट आधे बाहर नज़र आने लगे. वह उन्हे घूर के देख रहा था।
वह चला गया और फिर जब राज ऑफीस मे होते थे तभी वह आता था और हमारी बॉडी को देखते देखते काम किया करता था. हमे शुरू से ही पॉर्न फिल्म देखने की आदत थी कभी कभी राज के साथ भी देखती थी। एक बार मैने स्कर्ट डाली थी और उसके ऊपर शॉर्ट टॉप था. मे पॉर्न फिल्म देख रही थी. रूम मे और स्कर्ट ऊपर कर के अपनी चूत को मसल रही थी तभी वह आ गया अंदर और एक दम से हमारा पानी निकल आया। मैने स्कर्ट नीचे कर दी और कुछ बूंदे स्कर्ट पे गिर गई. उसने देखा और चला गया।
एक दिन मै लॉन मे घूम रही थी सारी पहनी थी मैने और मैं हमेशा से लो नेक ब्लाउस ही पहनती हूँ. तभी मैने देखा की आनंद बाथरूम मे सू सू कर रहा था और मैने उसका 8 इंच का लंड देखा और मन ही मन उछली. पति का मुश्किल से 6 इंच का होगा पता है। अब मे अचानक उधर गयी और वह घबराकर उसे छुपाने लगा। अब मैं उसे अपने साथ रूम मे ले गयी और बोली की तुमने जान बूझकर डोर खोला था की मैं देख लूँ। वह बोलने लगा की नही मेडम मैने सोचा आप अंदर होंगी. खैर मैने धोखे से अपना पल्लू गिरा दिया और बोला की अपने कपड़े उतारो वह मुस्कुरा दिया ओर नंगा हो गया. में उसके लंड को सहलाने लगी।
उसका बड़ा लंड मोटा और काला था. उसने हमारी सारी और ब्लाउज उतार दिया और बेड पे लिटा कर चूमने लगा और एक हाथ से पेटिकोट भी उतार दिया। मेने पेंटी नही डाली थी. एक उंगली हमारे अंदर डाल कर चूत मे घूमाने लगा. मैं धीरे धीरे आवाज़ करने लगी वह बोला मेडम आपकी तो अभी भी टाइट है। मैने बोला आनंद तुम ढीली कर दो. उसने ब्रा के हुक खोल दिए। फिर मैं उसके सामने एकदम नंगी थी. वह हमारी चुचियो को चूसने लगा और काट भी लेता था।
मैने बोला की आनंद आराम से करो पूरा दिन है अपने पास। अब मैने उसका लंड लेकर चूसने लगी और कभी उसके लंड को दबाती और कभी उसके लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करती। 10 मिंनट तक चूसने के बाद सारा पानी हमारे मूह मे ले लिया और पी गयी. अब हम लिपट के लेटे रहे। थोड़ी देर बाद अब उसका लंड टाइट हो गया था. इस बार उसने हमे लिटाया और हमारी टाँगे फैला कर अपना लंड हमारी चूत पे रख दिया और धक्के मारने लगा मैं चील्ला पड़ी की आआहह उ उ उई माँ आ…आ.. आनंद आराम से डालो। अब वह बोला मेडम कुछ नही होगा सब ठीक हो जाएगा और एक ज़ोर का धक्का मारा ओर पूरा लंड अंदर आ गया मैं दर्द से तड़प उठी।

अब उसने अपना लंड बाहर निकाला ओर अब उसने अपने लंड को हमारी चूत पर फेरने लगा। हमारी चूत फिर ओर गर्म ओ गयी. हमारी चूत उसके लंड को डालने के लिय बेताब हो रही ती। अब आनंद ने आपना लंड हमारी चूत मे डाल दीया। उसने धक्के लगाने चालू किया और बोला मोना मेडम आप बड़ी मस्त हो. ओर अपने लंड को हमारी चूत मे अन्दर बाहर करने लगा। फीर उसने अपनी गति तेज कर दी। ओर मे उ उ उई ..उई माँ कर रही थी। और 20 मिनट तक उसने चूत चुदाई की।
उसने सारा पानी अंदर ही डाल दिया. अब हम दोनो 5 मिनट तक 69 मे लेटे रहे। आनंद हमारे चुचियो को दबा रहा था। अब उसने कपड़े पहने और वह चला गया. फिर में अपनी चूत को अपनी साड़ी से पोछने लगी। फिर मैं घर पर नंगी भी होती हूँ। तो वह सारा काम करता है और हम चुदाई भी करते है। जब पति रात की शिफ्ट पे होते है तो वह आता है और हम सोते है. एक बार उसने अपने मित्र से भी चुदवाया वह एक दिन हमसे कहनें लगा की हमारा एक मित्र हे उसे किसी को चोदने की बहुत मन है. लेकिन उसने कभी किसी ओरत को नही चोदा हे। मे उसको आप से चुदवाना चाहता हु। मेने मना कर दिया।

आनंद बोला मान जाओ ना जान। मेने कहा की वह तुमारा मित्र किसी से बोल दिया तो. वह बोला वह किसी से नही बोलेगा और मेने हां कर दी। अब आनंद ओर उसके मित्र ने दोनों ने मिलकर चोदा। में बेड पर नंगी लेटी रहती ओर दोनो एक एक करके हमे चोदते। उन्होने हमारे फिगर को दबा दबा कर लटका दिया. ओर हमारी चूत को चोडी कर दी। अब तो आनंद का मित्र हर एक दो दिन मे आने लग गया. उसका नाम चंदु था। चंदू ओर आनंद कभी भी हमे नंगा कर देते ओर फिगर को दबाते रहते. अंदर से रूम बंद कर हमारे ओर अपने कपडे उतार कर पुरे नंगे होकर टी.वी. या मूवी देखते थे।
ओर बहुत मस्ती करते ऐसा तक़रीबन 3 साल तक चला। उसके बाद अभी तक हमे किसी दूसरे का लंड नही मिला।
और हमे अभी तक किसी ऐसे लंड की तलाश है जो हमे मस्त कर दें।

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