पड़ोस की कच्ची कली को चोदा फुल मूड में

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प्रेषक : गुमनाम
मे गांव से शहर के घर मे शिफ्ट हुआ था की मेरी मुलाकात मेरी पड़ोसन से हो गयी. उसका नाम था कंचन. मेरी उम्र 19 साल है ओर कंचन की 20 उसके साथ मेरी पहली मुलाकात उसके घर पर ही हुई थी. हम दोनो का घर एक दूसरे के सामने है मेने जब उसे पहली बार देखा तो देखता ही रह

गया क्या सेक्सी फिगर था उसका “34’26,36″ ओर हाईट 5″3. उसे देखने के बाद मेने तय कर लिया की उसको एक बार चोद के रहूंगा, और एक दिन मुझको मोका मिल गया।

 
वो अपने कॉलेज गयी हुई थी कॉलेज से घर आते वक्त संयोग से वो और मे एक ही बस पर चड़े. बस खाली होने की वजह से वो लेडीस सीट पर ना बैठ कर मेरे पास आकर बैठी. हम दोनो ने पहली बार एक दूसरे से बाते कर रहे थे. उसने बताया की वो हिस्टरी की पढाई कर रही है. वो 2nd ईयर मे थी. मेने बताया की मे बी.टेक कर रहा हूँ. रविवार के दिन वो अपने घर के बाहर बरामदे मे कपडे सूखा रही थी. मे उसके पास जाकर बातें करने लगा, बतो ही बातों मे मेने उसको प्रपोस किया तो वो मुस्कुराई और बोली ये सब आपसे सुनने के लिए कब से बेकरार थी. और उसने मुझसे कहाi love u 2 फिर क्या हम दोनो का अफेयर शुरू हो गया।

 

 
एक दिन मेरे घर मे कोई नही था तब मेने उसकी माँ को बोला आंटी शाम को कंचन को मेरे घर भेज दीजिएगा वो बोली क्यों तब मेने कहा घर मे कोई नही है वो मुझे खाना बनाने मे हेल्प कर देगी तब आंटी ने कहा ठीक है वो शाम को ठीक 6:00 बजे मेरे घर आई और बोली क्या खाना बना रहे हो… मेने कहा तुम्हे देखकर ही मेरी भूख मर जाती है… उसने कहा ऐसा क्या है मुझ मे? मेने उसको भाहो मे भर लिया और गाल के उपर किस करने लगा तो उसने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की मगर मेने छोड़ा नही तो वो बोली के छोड़ो मुझे फिर मेने उसको छोड़ दिया. फिर मेने उससे कहा तुम्हारे ये गुलाबी गाल गुलाब से भी ज्यादा खुबसूरत है… फिर हम खाना बनाने के लिए सब्जी काटने लगे. इसी बीच मेने उसको धीरे धीरे टच करना शुरू किया पहले मेने उसके हाथो पे किस करने लगा ओर एक हाथ उसके पेट पर फिराने लगा, वो बोली क्या कर रहे हो मेने बोला प्यार डार्लिंग और क्या… धीरे धीरे मेने आपना हाथ उसके चुचि पर ले गया तो उसने कोई विरोध नही किया तो में समझ गया की लाइन क्लियर है।  
 
धीरे धीरे उसके चुचि को अपने हाथो से सहलाने लगा फिर धीरे से मेने उसके ड्रेस के अंदर हाथ डाला ओर उसकी ब्रा पर फिराने लगा वो धीरे धीरे गर्म हो रही थी. मेरा भी लंड तन गया था. फिर मेने अपने दूसरे हाथ से उसकी ड्रेस के हुक खोल डाले. फिर उसके बदन पर से अलग कर दिया ओर फिर से उसके चूची को मसलने लगा. थोड़ी देर के बाद मे उसके नाभि से खेलने लगा. उसकी नाभि भी गहरी थी जो उसके गोरे गोरे पेट को और खुबसूरत बना रही थी।
फिर मेने धीरे से सलवार के नाड़े को खोल दिया ओर वो अपनी आँखे बंद किये हुई मेरी पीठ सहला रही थी. फिर मेने अपना हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाला ओर उसकी चूत को सहलाने लगा. उसने पिंक कलर की पेंटी पहनी थी. दूसरे हाथ से चुचि को सहला रहा. वो शर्म के मारे आखे बंद कर रखी थी. फिर मे उसके पूरे बदन को चूमने लगा वो अब गर्म हो चुकी थी. मेरा लंड भी तन गया था. मेने अपने कपडे उतार दिए. मेने अपनी उंगली से उसकी चूत को चोदने लगा वो बहोत मस्त थी ओर टाइट थी।
 
फिर मेने उसकी जाघे फेला दी ओर उसकी चूत के मूह पर अपना लंड रख दिया ओर उसके उपर सो गया ओर धीरे से धक्का मारा चूत बहुत चुस्त थी. फिर भी मेरा लंड जो 7′ लंबा है उसकी चूत मे घुस गया ओर वो चीख पड़ी नही नहि या…अहह.. ओउूऊ… ओ..आहह.. निकाल दो बहुत दर्द हो रहा है… लेकिन मेने कहा की कुछ नही होगा तुम शांत हो जाओ. फिर थोड़ी देर बाद मेने पूछा की दर्द हो रहा हे तो कंचन ने कहा की तोड़ा तोड़ा. फिर मेने कहा तोड़ा ओर डालु तो उसने कहा की फिर दर्द होगा तो?मेने कहा कुछ नही होगा… फिर मेने तोड़ा लंड बाहर निकाला ओर एक ज़ोर दार धक्का मारा. इससे पहले के वो चीखे मेने अपने होंठो से उसके मुह को बंद कर दिया ओर मेरा लंड तकरीबन 4इंच घुस गया ओर 3 इंच अभी बाकी था ओर कंचन दर्द के मारे छटपटा रही थी।
फिर 2-3 मिनिट तक मे हीले बिना ही उसके उपर पड़ा रहा जब कंचन का दर्द कम हुआ की मैने एक ओर जोरदार धक्का मारा अब कंचन ज़ोर से चीखी फट गइ आहह उउफ्फ.. अब मैने अपने होंठो से होंठो को चूसना सुरू कर दिया ओर उसकी आवाज़ आनी बंद हो गई पर उसकी आँखो से पानी आ रहा था ओर चूत से खून आने लगा था. मेने एक ज़ोर का जटका मारा ओर मेरा पूरा लंड कंचन की चूत मे समा गया ओर उसकी चूत से खून ज्यादा निकलने लगा।
 
कंचन चिल्लाने लगी ओइईईई.. माँ… आ.. उई.. मे मर जाउंगी.. तुम अपना लंड निकाल डालो मुझसे दर्द बर्दाश्त नही होता… लेकिन मे कहा सुनने वाला था. मेने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए क्या चूत थी उसकी आहा मेरा लंड तो पूरा पीस चुका था. उसकी चूत मे. फिर धीरे धीरे उसको भी मज़ा आने लगा ओर मेने भी अब अपनी स्पीड बड़ा दी. फिर क्या वो भी मस्त हो गई थी और हम दोनो मस्ती से चुदाई करने लगे।
 
20 मिनिट तक चोदने के बाद मे झरने के करीब था तब तक वो 2 बार झर चुकी थी और मेने अपनी स्पीड एक दम से बड़ा दी और 30 या 35 शॉट के बाद मे झड गया और अपना सारा वीर्य उसकी चूत मे डाल दिया. उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गयी थी. हम दोनो ज़ोर ज़ोर से हाफ़ रहे थे और मे कंचन के उपर ही सो गया. 20 मिनिट तक हम ऐसे ही पड़े रहे फिर मे उठा ओर कपड़े पहनने लगा ओर हमने फिर खाना बनाया और साथ खाना खाया।
 
उसे ठीक से चलने मे कठनाई हो रही थी. फिर वो करीब 10:00 बजे वापस घर चली गयी. उसके बाद जब भी मौका मिलता है कंचन मुझसे ज़रूर चुदवाती है और मे उसे खूब अच्छी तरह से नये नये स्टाइल मे चोदता हूँ।

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