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पहली चुदाई में मैंने नेहा की सील तोड़ दी (Pahli Chudai Me Neha Ki Seal Tod Di )

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मेरा नाम मोहक है और मैं बी.टेक के फाइनल ईयर का स्टूडेंट हूँ। मैं नौकरी के लिए चुना जा चुका हूँ।
मेरा रंग एकदम गोरा है.. मेरी आँखें और बाल भूरे हैं.. और मेरा लण्ड 7 इंच का है।

मैं अन्तर्वासना पर काफ़ी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ.. तो सोचा अपना एक्सपीरिएन्स भी आप सभी के साथ शेयर कर दूँ।
दोस्तो, यह मेरे पहली चुदाई का अनुभव है। बात दो महीने पहले की है.. जब मेरी फैमिली मेरे मामा की लड़की की शादी में गई थी।
शादी में मामी के भाई की लड़की भी आई थी.. उसका नाम नेहा है.. वो मुझसे बड़ी है.. उसका भी रंग एकदम गोरा है और कमाल का फिगर है।
वो दिल्ली में जॉब करती है.. उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। एक तरह से वो हमारी दूर की रिश्तेदार है।

यह बात शादी के 5 दिन पहले की है.. जब ये सब शुरू हुआ था। दरअसल मुझे नेहा के मम्मे बहुत ज्यादा पसंद आ गए थे और उसकी जाँघें भी मुझे पागल कर रही थीं।

एक दिन रात को जब सब सोने के लिए लेट गए.. तब वो अपने घर से मामा घर पर आई थी। हम सब में बातें हुईं और मैंने मैथ का एक सवाल पूछा.. वो सवाल किसी से सॉल्व नहीं हुआ.. तो मैंने उसका उत्तर दिया। नेहा को मैथ्स में ज्यादा इंटरेस्ट है.. तो वो मेरे पास आकर बैठ गई और हम देर रात तक बहुत सारे मैथ्स के सवाल हल करते रहे।

अब तक सब सो चुके थे.. और मुझे भी नींद आ रही थी। तो मैंने उसे सोने को कहा.. पर वो कुछ और देर तक सवाल हल करना चाहती थी.. तो मैं लेट गया और वो मोबाइल पर सवाल सॉल्व करती रही।
पता नहीं कैसे उसे मेरे फोन में ब्लू-फिल्म कैसे मिल गई।

जब मैंने कम्बल से बाहर मुँह निकाल कर देखा तो वो मेरे फोन में ब्लू-फिल्म देख रही थी, मैं सन्न रह गया.. पर मैंने कुछ बोला नहीं। तभी मुझे महसूस हुआ कि बात सिर्फ़ ब्लू-फिल्म तक ही सीमित नहीं है बल्कि वो फिल्म देखते हुए अपनी चूत में उंगली भी कर रही थी।
वैसे भी वो इस उम्र भी बिना चुदाई किए हुए है.. तो यह तो होना ही था।

कम्बल के अन्दर मेरा 7 इंच का लण्ड खड़ा हो चुका था.. उसे कैसे शांत करूँ.. उसने मोबाइल बंद किया और वो लेट कर अपनी चूत में उंगली करने लगी।

हम दोनों एक ही कम्बल में लेटे हुए थे और मैंने भी अपना लण्ड बाहर निकाला हुआ था.. गलती से उसका हाथ मेरे लण्ड से छू गया.. उसे कुछ अजीब लगा क्योंकि मेरा लण्ड काफ़ी गरम था।

मैं सोने का नाटक करता रहा उसको शायद मेरे लण्ड पर हाथ लगाना अच्छा लगा होगा.. सो वो अपना हाथ दोबारा मेरे पास लाई और उसने फिर से मेरा लण्ड छुआ..
मैं तो पागल हो गया यार.. जैसे ही उसका हाथ लगा.. मेरा लण्ड एकदम लोहा हो गया.. पर उसने हाथ हटा लिया।

अब वो दूसरी तरफ करवट लेकर लेट गई। पर अब मेरी हिम्मत बढ़ी हुई थी.. तो मैंने लण्ड को हाथ से पकड़ कर उसकी गाण्ड की दरार में ज़ोर से लगाया और ऐसा दिखाने लगा.. जैसे मैं नींद में होऊँ.. मैंने सोने का नाटक किया.. पर मेरी इस हरकत से वो बहुत गरम हो चुकी थी।

उससे रहा नहीं गया ओर उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।
मैं हिम्मत करके उसके पास आया और उसे कस कर पकड़ लिया, वो कुछ नहीं बोली तो मैं खुल कर उसके मोटे-मोटे मम्मे दबाने लगा।

थोड़ी देर बाद मैं उठ कर सीधे उसके ऊपर लेट गया.. वो नीचे से नंगी थी। मैंने अपने होंठों को उसके होंठों पर रखे और उसे ज़ोर से स्मूच करने लगा।
उसने भी मुझे चूमने में अपना खुला साथ दिया और अपनी टाँगें फैलाते हुए मेरे लण्ड को रास्ता दे दिया। मैंने अपना 7 इंच का लण्ड उसे अनचुदी चूत में घुसेड़ दिया।

एकदम से हुए इस हमले से वो चिल्ला उठी.. पर उसकी आवाज़ बाहर नहीं निकल सकी.. क्योंकि मैं उसे किस कर रहा था।
उसके चिल्लाने जैसी कराह से मैं जरा रुका और मैंने अपना लण्ड बाहर को निकाला.. वो रोती सी आवाज़ में बोली- अभी नहीं.. मेरी आवाज़ निकल जाएगी.. सब जाग जाएंगे..
तो मैंने कहा- ठीक है.. पर मेरे लौड़े को तो शांत करो।

वो मेरी मुठ मारने लगी, उसकी चूत में से खून निकल आया था। उसके मुठियाने से मैं 15 मिनट में झड़ गया और मेरा सारा माल उसके हाथ में लग गया.. और वो उसे बड़े चुदास भाव से चाट गई, फिर हम दोनों चिपक कर सो गए।
अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने महसूस किया कि वो मुझे नजरंदाज कर रही थी।

मैंने एक दो-बार ट्राई किया.. कभी उसके मम्मों को दबाया और कभी उसकी गाण्ड पर हाथ फेरा.. पर वो मुझे हटा कर मना कर देती थी, वो कुछ ऐसे बर्ताव कर रही थी कि जैसे रात कुछ हुआ ही नहीं हो।

मुझे काफ़ी गुस्सा आ रहा था और वो मुझे जब अकेली मिली.. तो मैंने उसे पकड़ लिया और दीवार के सहारे लगा कर उससे पूछा- क्या हुआ.. तुम ऐसे क्यों कर रही हो?
वो बोली- देखो.. जो हुआ उसे भूल जाओ.. हमारा रिश्ता भाई-बहन का है.. वो एक गल्ती थी.. दोबारा नहीं होगी।
मैं बोला- हाँ.. मैं करता तो गुनाह.. और तुम करो तो ग़लती.. ये अच्छा है।
वो बोली- प्लीज़ छोड़ दो..।

मैंने कहा- ठीक है.. पर बस एक बार अपने मम्मों को दिखा दो.. रात को देखे नहीं थे।
वो बोली- तुम पागल हो क्या?
मैंने कहा- हाँ.. इन मम्मों के लिए मैं पागल हूँ.. प्लीज़ एक बार दिखा दो।
उसने कहा- ठीक है.. फिर उसके बाद हमारे बीच कुछ नहीं होगा।

उसने अपना टॉप उतार दिया.. उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी.. सच में दोस्तों.. क्या माल लग रही थी वो..

मेरा तो लण्ड बाहर आ गया था.. तभी मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसके टाइट चूचे उछल कर बाहर आ गए.. देख कर मज़ा आ गया था.. जन्नत सी मिल गई।
मैंने कहा- तुमने भी मेरा लण्ड नहीं देखा है.. तुम भी उसे देख लो।
वो बोली- नहीं.. मुझे नहीं देखना..
लेकिन मैंने खड़ा लवड़ा बाहर निकाल लिया।

वो लौड़ा देख कर स्तब्ध हो गई.. बोली- इतना बड़ा.. तुम मेरी चूत में डाल रहे थे.. तुम पागल हो गए थे क्या?

मैं उसके मम्मों को देख कर मुठ्ठ मार रहा था, मैंने 20 मिनट बाद सारा माल उसकी जीन्स पर डाल दिया.. अब तक वो काफ़ी उत्तेजित हो चुकी थी और जींस से मेरा सारा उठा कर चाटने लगी।
कुछ चुदासी सी होकर बोली- क्या हम एक बार कर सकते हैं?

मैं बोला- अब क्या हुआ?
‘प्लीज़ एक बार..’
मैंने कहा- पर हम यहाँ फुल एंजाय नहीं कर सकते.. यहाँ शादी का माहौल है.. सब लोग हैं।
वो बोली- मेरे घर पर चल कर करते हैं।
मैंने कहा- ठीक है..

फिर अगले दिन.. रात को मैं और मेरे कुछ दो कज़िन ब्रदर नेहा के घर पर सोने के लिए गए।
वैसे ये आइडिया नेहा का ही था.. जब रात में सब सो गए.. तब मैं नेहा के कमरे में गया।
वो आँखें बंद करके लेटी हुई थी।

मैं चुपचाप से उसके पास गया और जोर से उसके मम्मों को दबा दिया.. वो एकदम से चौंक गई.. और अचकचा कर बोली- ये क्या है.. तुम्हें थोड़ा संयम है कि नहीं..!

मैंने कहा- बस आज तुम मेरे लण्ड को अपनी चूत में लेकर शांत कर दो।
वो बोली- कन्डोम तो है ना तुम्हारे पास?
मैंने कहा- यार… वो तो मैं भूल गया.. पर तुम टेन्शन मत लो.. मैं तुम्हारी चूत में नहीं झडूँगा.. पहले ही बाहर निकाल लूँगा।
वो बोली- तुम सच में पागल हो.. प्रोटेक्शन तो लेके आते..

मैंने तभी उसे अपनी गोद में उठा लिया और कमरे से बाहर आ गया।
वो बोली- ऊपर वाले कमरे में चलो।
तो मैं उसे गोद में लेकर ऊपर वाले कमरे में आ गया..
ऊपर आते ही मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और दरवाजा लॉक कर दिया, वो मुझे देख कर कामुकता से मुस्कुरा रही थी।

तभी मैंने अपने शॉर्ट्स और बनियान उतार दिए.. अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में खड़ा था। मेरा 7 इंच का लण्ड लोहे की तरह तना हुआ था। उसे देख कर वो बोली- प्लीज़.. पहले इस पर थोड़ा तेल लगा लेना.. फिर डालना..
फिर मैंने उससे कहा- मेरे पास आओ..

वो मेरे पास आई और मैंने उसे कस कर भींच लिया.. हम दोनों जोर से स्मूच करने लगे.. दोनों एक-दूसरे के मुँह में जीभ डाल कर चूसने लगे।
उसके होंठों में क्या मस्त रस भरा हुआ था यार..
उसने अपना एक हाथ मेरे लण्ड पर लगाया ओर उसे अंडरवियर के ऊपर से सहलाने लगी.. कसम से दोस्तों.. जन्नत तो यही है.. मज़ा आ गया था।

फिर मैंने उसका टॉप उतारा और देखा कि आज उसने डार्क ब्लू-कलर की नेट वाली ब्रा पहनी हुई थी। बहनचोद क्या मस्त मम्मों वाली लौंडिया थी.. यार मेरा तो लण्ड रॉकेट की तरह टेकऑफ कर रहा था यार..
तभी मैंने उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही जोर-जोर से दबाने शुरू कर दिए।
वो भी मादक आवाज़ करने लगी- ओह्ह.. ज़ोर से करो ना… यस.. आह अहह..

फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके मम्मों को जोर-जोर से चूसने लगा। उसके निपल्स डार्क ब्राउन कलर के थे और वो फूल कर मोटे हो गए थे। उन्हें चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था।

‘अहह.. यसस्सस्स यस्स… खा जा.. साले मादरचोद.. खाजा मेरे चूचों को.. आह्ह..’
वो चुदासी हो कर मुझसे रण्डियों जैसा बर्ताव करने लगी थी।

करीब मैंने उसके मम्मों को 20 मिनट तक चूसा, फिर मैंने कहा- अब तू मेरा लण्ड चूस..

वो अपने घुटनों के बल बैठ गई और उसने मेरा अंडरवियर अपने दाँतों से खींच कर उतार दिया.. मेरा लण्ड आज़ाद हो गया था और लौड़ा एकदम से उसके मुँह पर लगा।
वो लौड़ा सहलाने लगी.. साथ ही मेरे मोटे-मोटे गोले भी उछल रहे थे।

उसने मेरा लण्ड हाथ में लिया और उसकी चमड़ी ऊपर करने लगी। मेरा पूरा सुपारा बाहर निकल आया, मेरा सुपारा बिल्कुल गुलाबी है.. और लण्ड एकदम गोरा है।
वो बोली- क्या मस्त लण्ड है तुम्हारा.. बिल्कुल पोर्नस्टार की तरह..
वो मेरे लौड़े की मुठ्ठ मारने लगी। फिर उसने लण्ड पर थूका और उसको अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।

वो करीब 15 मिनट तक लौड़ा चूसती रही। फिर मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी जीन्स के साथ साथ पैन्टी भी निकाल दी।
अब हम दोनों ही नंगे थे और फिर मैंने उसकी चूमाचाटी का सिलसिला शुरू किया। पहले उसे सीधा लिटा कर उसके जिस्म के हरेक हिस्से पर किस किया और जी भर के चूसा.. फिर उसे उल्टा लिटा कर प्यार किया.. वो अब तक पागल हो गई थी।
‘अहह.. यस चोद दे मुझे.. यार अब चोद दो.. प्लीज़ याररर.. करो ना…’

फिर मैं उसकी चूत चाटने लगा.. और उंगली अन्दर-बाहर करने लगा। वो बिस्तर पर कूदने लगी।
‘अहह.. चोद दे बहनचोद.. मुझे.. यआराआ… मज़ा आ गया यस एसस्स्स.. फक मीईईई.. यससस्स..’

वो झड़ गई.. मैंने उसका सारा रस पी लिया… क्या मस्त टेस्ट था उसका.. यार मजा आ गया..
फिर मैंने लण्ड पर थूक लगाया और उसकी चूत के मुँह पर रखा और अभी थोड़ा सा अन्दर किया ही था कि वो बोली- नहीं.. दर्द हो रहा है..
मैंने कहा- ठीक है।

मैंने थूक और लगाया और एक जोर का धक्का मारा.. लण्ड पूरा अन्दर घुस गया और वो चिल्ला उठी- बाहर निकालो इसे.. प्लीज़..
तभी मैंने उसेके होंठों को अपने होंठों के ढक्कन से बन्द कर दिया ताकि आवाज़ बाहर ना जाए।
मैं लौड़े को चूत में अपनी जगह बनाने तक रुका रहा.. कुछ देर बाद जब वो शांत हो गई.. तब मैंने धक्के देना शुरू किए।
अन्दर-बाहर.. अन्दर-बाहर..

अब वो भी मज़े ले रही थी ‘आह.. आह.. आह.. ओह्ह..’
करीब 30 मिनट तक मैं उसे अलग- अलग पोजीशन में चोदता रहा। इस बीच वो 2 बार झड़ी.. पर मैं नहीं झड़ रहा था।

फिर मैंने कहा- मैं तुम्हारी गाण्ड मारना चाहता हूँ।
उसने मना कर दिया, वो बोली- चूत में तो लण्ड जा नहीं रहा था.. गाण्ड में बहुत दर्द होगा.. मैं नहीं मरवाऊँगी।
पर मेरे बार-बार कहने पर वो मान गई, वो बोली- अगर नहीं जाए.. तो जबरन मत डालना।
मैंने कहा- ठीक है.. फिर वो डॉगी स्टाइल में हो गई। मैंने काफ़ी सारा सरसों का तेल उसकी गाण्ड के छेद में डाला और अपने लण्ड पर भी लगाया।

फिर उसकी गाण्ड के छेद पर लण्ड रखा और एक जोरदार झटका दिया। लण्ड तो पूरा घुस गया.. पर उसे दर्द भी बहुत हुआ।
वो चिल्लाई पर मैंने उसकी चिल्लाहट को अनसुना कर दिया, बाद में वो ठीक हो गई और वो मज़ा लेने लगी।

मैं जोर-जोर से उसकी गाण्ड को चोदने लगा।
करीब 10 मिनट बार जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने कहा- अब सीधी हो.. मैं झड़ने वाला हूँ।
वो सीधी हुई और मैंने अपना सारा माल उसके मम्मों पर झाड़ दिया और उसे वो अपनी उंगली से उठा-उठा कर चाटने लग गई।

फिर हम दोनों एक-दूसरे से लिपट कर लेट गए।
मैं फिर से उसके मम्मों को सहलाने लगा… वो मेरा लण्ड और गोटियों को सहलाने लगी।
करीब 20 मिनट बाद वो बोली- मुझे और चुदना है.. मुझे और चोदो।
चुदाई का खेल फिर शुरू हो गया।
इस तरह मैंने उसे उस रात बार-बार चोदा।

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