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सेल्समेन की तो निकल पड़ी भरी दोपहर में- भाग 2

सेल्समेन की तो निकल पड़ी भरी दोपहर में- भाग 1 से आगे की कहानी

काया: आआआआआआआहहहहहहह विकास मेरी पैन्टी उतार दो ना। मेरे साथ जो करना है कर लो। आज मैं सिर्फ़ तुम्हारी हूँ।

विकास: तो फिर मेरा अन्डरवीयर उतारो और मेरे लन्ड को किस करो।

काया झुक कर अपने घुटनो पर बैठ गई और विकास का अन्डरवीयर खींचने लगी मगर विकास के खड़े लन्ड में वो अड़ गया। काया ने अपना हाथ अन्डरवीयर के अन्दर डाला और लन्ड को अज़ाद कर दिया। लन्ड इतना तन कर खड़ा था की काया की मुठी मे पूरा भी नहीं आ रहा था।

काया: सुभानल्लाह! कितना बडा और मोटा है!

विकास: तो किस करो ना इसे।

काया ने लन्ड की टोपी को चूसा और फ़िर पूरा सुपाड़ा मुँह के अन्दर ले लिया। विकास ने उसका सिर पकड़ा और लन्ड को उसके मुँह मे धकेल दिया। काया उसे चूसने लगी। विकास लन्ड को काया के मुँह के अन्दर बाहर करने लगा। बीच-बीच मे काया उसे निकाल कर लन्ड की पूरी लम्बाई चाटती। थोडी देर बाद विकास को अपना लन्ड बाहर निकालना पडा जिस से वो जल्दी न झड़ जाये।

काया: क्यों मज़ा आया?

विकास: हाँ बहुत! आप बहुत अच्छा चूसती हो… अब मुझे अपनी चूत दिखाओ ना?
काया से अब रहा नहीं जा रहा था। वो वोडका और वासने के नशे में झूम रही थी। उसने जल्दी से अपनी पैन्टी उतार दी और हाई हील के सैंडल के अलावा पूरी नंगी खड़ी हो गई – विकास के तने लन्ड के सामने। काया की चूत का रस उसकी टाँगों से बह रहा था। विकास ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उस पर चढ़ कर उसके बूब्स बुरी तरह चूसने लगा।

काया: उउउउईईईई उउफ़फफ़आ..हहह..आआहहहहहह प्लीज… थोड़ा धीरे चूसो ना।

विकास ने अब अपनी जीभ उसकी नाभी से डाली। काया उसके मुँह को अपनी चूत की तरफ़ धकेलने लगी। विकास उसका इशारा समझ गया और अपना मुँह उसकी चूत की ओर ले गया। फ़िर वो उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी क्लिट पर अपनी जीभ की नोक फिराने लगा। फ़िर जीभ की नोक को उसकी चूत के होंठों के बीच डाल कर उन्हें खोलने लगा ।

काया अब बहुत ज़्यादा तडप रही थी और उसका बदन उत्तेजना में जोर ज़ोर से काँप रहा था। वो बहुत आवाज़ें भी निकल रही थी।

काया: ममममम… ऊऊईईईई… आआआ मैं मर… जाऊँगी… प्लीज! ये जिस्म तुम्हारा है… आआआहहहहह॥॥॥!!!!!! चढ़ जाओ मेरे जिस्म पर और मेरी चूत को चीर डालो अपने लन्ड से।

विकास उठा और काया के नंगे बदन पर चढ गया और उसके बूब्स को मसलते हुए उसकी जाँघें फैलायी और लन्ड को चूत के मुख पर रख कर थोड़ा ज़ोर लगया। एक जोर के झटके ने लन्ड के सुपाड़े का आधा भाग अन्दर कर दिया। इतना लम्बा और मोटा लन्ड होने की वजह से काया के मुँह से दर्द-भरी सिसकी निकली पर अब उसे किसी चीज़ की परवाह नहीं थी और उसने अपनी टाँगें और फ़ैला दीं। विकास ने अपना लन्ड आहिस्ता-आहिस्ता काया की चूत मे पूरा घुसा दिया।

काया: ऊऊऊऊऊईईईईईई… ममममम….अल्लाह… इस लन्ड ने तो मुझे मार डाला !
अब विकास काया के ऊपर लेट गया और उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा। वो अपने हाथों से उसकी चूचियों के साथ खेलने लगा। अपने लन्ड को थोडी तेज़ी से काया की चूत मे अन्दर-बाहर करने लगा। काया ने अपनी जाँघें विकास की कमर पर बाँध लीं और अपने चूतड़ उठा-उठा कर चुदवाने लगी। कुछ समय चुदाई के बाद काया ने एक लम्बी चींख मारी और उसका बदन झटके मारने लगा। विकास समझ गया की काया को ओरगैज़्म आ गया है।

विकास ने अब अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ाई और लम्बे-लम्बे स्ट्रोक्स लेने लगा। साथ ही अपने होंठों से वो काया के बूब्स को ज़ोर से चूसने लगा। काया की चूत इतनी गीलीहो चुकी थी की जब भी विकास का लन्ड अन्दर जाता तो एक फच्च-फच्च की अवाज़ आती।

काया: ऊउउहहहहऊऊऊऊऊऊहहहहहह… आआऊऊ… आआऊओ… चोदो मुझे और जोर से!!! आआहह फ़क मी हार्ड…. उउउउहहहहह… आआआआआआआँआँआँआँ।

काया को एक बार और झटके खाते हुए ओरगैज़्म आ गया। उसने विकास को उसे डोगी-स्टायल में चोदने के लिये कहा। वो बिस्तर पर घुटनों के बल, अपनी गाँड उठा कर झुक गयी। विकास ने भी घुटनो के बल बैठ कर पीछे से उसके बूब्स को जकड लिया और अपना लम्बा लन्ड उसकी चूत मे दे दिया। अब लन्ड काया की चूत की काफ़ी गहरायी तक अन्दर जाने लगा। इस तरह लगभग दस मिनट और चुदाई चलती रही। फ़िर विकास से रहा नहीं गया और उसका पूरा बदन बुरी तरह अकड़ गया। उसके लन्ड का साईज़ और फूलने लगा और वो हार्ड भी ज़्यादा होने लगा। एक लम्बी से आह भर के उसने एक आखरी स्ट्रोक लिया और उसके लन्ड ने विस्फोट के साथ अपना सारा स्पर्म काया की चूत मे छोड़ दिया। काया भी उसके टाईट लन्ड की आखरी स्ट्रोक के साथ तीसरी बार झड़ गयी। दोनों संतष्ट हो कर थोड़ी देर बिस्तर पर चिपक के लेट गये।

विकास: क्यों काया जी मज़ा आया?

काया: उफ़फ़फ़फ़फ़… बहुत मज़ा आया। आज के बाद तुम रोज चोदने आ जाया करो। जब तक मेरे पति नहीं आ जाते… आओगे ना…?
विकास: हाँ क्यों नहीं। आप जब कहोगी मैं हाज़िर हो जाऊँगा। मगर आपके पति को पता चल गया तो?

काया: उसकी चिंता तुम मत करो। उन्हें पता है की मैं किसी गैर-मर्द के साथ चुदाई करने वाली हूँ।

विकास: सच में? और उन्हें इस मे कोई ऐतराज़ नहीं है?

काया: नहीं। हम ने सोच कर ही ये फ़ैसला किया था की जब तक हम एक दूसरे से दूर हैं तो ऐसे ही अपनी अपनी प्यास बुझायेंगे।

विकास: आप और आपके पति तो बहुत ही खुले विचारों के हैं।

काया: हाँ… और शायद उनके आने के बाद मैं उन्हें थ्रीसम के लीये भी राज़ी कर लूँ तुम्हारे साथ। तुम्हे ये अच्छा लगेगा? मेरी कब से तमन्ना है कि मैं अपने गाँड और चूत में एक साथ दो लंड लूँ।

विकास: बहुत अच्छा। मेरी तो किसमत ही खुल गयी है।

अगले दिन दोबारा मिलने का प्लान बना कर विकास ने काया के होंठों को चूमा और चला गया। जाने से पहले उसने काया को एक सुन्दर नीले रंग का ब्रा और पैन्टी का सेट उपहार मे दिया जो की बिल्कुल जालीदार था और बहुत छोटा भी। काया ने उसे अगले दिन उसी सेट में मिलने की प्रोमिस किया।

उसके जाते ही काया ने विनोद को फोन किया और सारी बात बतायी। विनोद ने भी उसे बताया की वो अपने दोस्त की बीवी के साथ चुदाई कर चुका है। दोनों ने वादा किया की मिलने पर वो अपनी सेक्स लाईफ़ को ऐसे ही रोमाँचक बनाये रखेंगे।

————-समाप्त—————

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