स्कूल टूर पर मुझे मिली मेरी पसंद की चूत

मेरा नाम परविन्दर सिंह है, मैं इस अन्तर्वासना साइट पर हिंदी सेक्स स्टोरीज का नियमित पाठक हूँ। लोगों की कहानियां पढ़ने के बाद मेरा दिल किया कि मैं भी आपको Meri Pahli Chudai सेक्स कहानी सुनाऊँ।

मैं जब बारहवीं में था.. तो एक लड़की पर बहुत मरता था। उसका नाम नेहा था वह बहुत ही सेक्सी थी, उसके चूचे बहुत बड़े थे.. फिगऱ सेक्सी था.. दूध जैसा गोरा रंग, उसके होंठ भी गुलाबी थे।
उसे देख कर मेरा दिल करता था कि पकड़ कर चूस लो।
वो इतनी माल किस्म की थी कि उसको देखकर किसी का भी खड़ा हो जाए। हम अच्छे दोस्त थे, वह भी मुझे लाइक करती थी।

दिसम्बर में हमारे स्कूल का टूर गया.. हम सभी चण्डीगढ़ गए थे, हमने सारे रास्ते खूब बातें कीं। वहाँ पहुँच कर हम एक हाल कमरे में रूके।
शाम को हम सभी को खाने के लिए बाहर जाना था.. मगर मेरा सिर दर्द कर रहा था तो मैंने सर को कह दिया और वहीं रूक गया।
नेहा भी रूक गई।

सभी के जाने के बाद नेहा बाथरूम में गई.. मैं उसको देख रहा था और चोदने के सपने देख रहा था। शायद उसका भी चुदवाने को दिल कर रहा था।

जब वह गई तो उसकी शर्ट का हुक दरवाजे में किसी चीज के साथ फंस गया, उसने मुझे आवाज लगाई।
मैं भागकर गया.. मैंने भी कोशिश की.. लेकिन नहीं निकाल पाया।

उसकी शर्ट को निकालते समय मेरे हाथ उसके मम्मों को छू रहे थे और वह गर्म हो चुकी थी।
उसने कहा- मैं शर्ट ही उतार देती हूँ।

जैसे ही उसने शर्ट उतारी.. मेरी आँखें खुली की खुली रह गईं। मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया। उसकी गुलाबी ब्रा के अन्दर उसके गुलाबी मम्मों को देखकर मैं मदहोश हो गया।

उसने मुझसे पूछा- क्या तुमने कभी सेक्स किया है?
मैं समझ गया कि उसका चुदवाने को मन कर रहा है, मैंने कहा- नहीं किया।
उसने कहा- मेरे साथ करोगे?
मैंने कहा- नेकी और पूछ पूछ?

उसे मैंने अपने पास खींच लिया और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। फिर हमने एक-दूसरे को पूरी तरह चूसा। बहुत मजा आ रहा था ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… उम्मआह.. उहह..’ मैंने उसका सारा शरीर चूमा.. बहुत मजा आ रहा था.. वो पूरी तरह गर्म हो गई थी।

मैंने अपने एक हाथ से उसके चूचे दबाए.. उसे मजा आया तो काफी देर तक दबाता रहा। साथ ही मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी पैन्ट में डाल दिया।
उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी, थोड़ी देर उंगली से चूत को सहलाता रहा.. फिर मैंने उसकी पैन्ट उतार दी।

उसने भी अपना हाथ मेरी पैंट में डाला और मेरे लंड को पकड़ लिया, उसने मुझसे अपनी पैंट उतारने के लिए कहा, मैंने पैंट और अंडरवियर दोनों उतार दिए।

उसने मेरा लण्ड चूसना शुरू कर दिया, बड़ी देर तक लंड को चूसती रही।
मैंने भी उसकी पैंटी उतार दी।

अब उसकी लाल-लाल चूत मेरे सामने थी, मैं उसकी चूत चाटने लगा, वह पानी निकालती जा रही थी.. मैं चाटता जा रहा था।
अब हम दोनों पूरे गरम हो चुके थे, नेहा ने मुझसे चोदने को कहा तो मैंने अपना खड़ा लंड उसकी चूत पर रख दिया, उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी।

उसका यह पहली बार ही था, जब मैंने धक्का मारा तो उसकी चीख निकल गई, उसको दर्द हो रहा था, मैं उसके मम्मों को दबाने लगा ताकि दर्द कम हो जाए.. मैं होंठ भी चूमने लगा।

कुछ देर बाद मैंने फिर से धक्का मारकर पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर कर दिया, फिर अन्दर-बाहर करने लगा।
अब उसको भी मजा आ रहा था, वह जोर-जोर से कह रही थी- फक मी.. फक मी..

मैं भी पूरे जोर से धक्का मार रहा था। वह सिसकारियां भर रही थी ‘आहह.. आह.. आहह..’
कुछ ही देर बाद उसका पानी निकल गया.. साथ ही मेरा भी निकल गया। फिर मैं उसको चूमने लगा।

मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में अन्दर ही रखा। फिर मुझे याद आ़या कि सर और बाकी बच्चे आने वाले हैं।

अब हम दोनों ने जल्दी से पानी से खुद को साफ करके एक किस की और लेट कर बातें करने लगे। कुछ ही मिनट बाद सभी वापस आ गए।
Meri Pahli Chudai कैसी लगी?

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