Home / हिंदी सेक्स कहानियाँ / घर में चुदाई का खेल / शादी शुदा रश्मि का मुखमैथुन

शादी शुदा रश्मि का मुखमैथुन

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम जीतेन्द्र है और मेरी उम्र 25 साल की है और मैं बहुत स्मार्ट हूँ। दोस्तों मैं आजआपको अपनी एक सच्ची सेक्स स्टोरी के बारे मैंबताता हूँ। दोस्तों एक बार मैं याहू मेसेंजर पर चेटकर रहा था। तभी एक लड़की जिसका नाम रश्मि हैऔर रश्मि (हरियाणा) हिसार मैं रहती है। अब एकदिन उसने मुझे अपनी फोटो दिखाई लेकिन रश्मिशादीशुदा थी और बहुत ही सेक्सी थी और उसकेबड़ी चूच बहुत ही अच्छे थे। अब एक दिन बातोँ हीबातोँ मैं मैंने उसे फोन सेक्स करने के लिए कहाऔर रश्मि जल्दी ही तैयार भी हो गयी।

अब कुछ देर सेक्स के बारे मैं बातें करने के बाद उसने मेरा नंबर माँगा और अब मैंने उसे अपना नंबर दे दिया और अब उसने कहाकि रश्मि रात को कॉल करेगी। अब उसी रात ठीक 12 बजे उसका फोन आया और अब उसने मुझे कहा कि रश्मि रश्मि बोल रही है।अब थोड़ी देर बात करने के बाद हमने सेक्सी बातें करनी शुरू कर दी। उसका पति बाहर जॉब करता है और महीने मैं दो बार आता हैइसलिए रश्मि अपने कमरे पर बिलकुल अकेली थी और बातें कर रही थी। अब उसने कहा कि जीतेन्द्र तुम आज फोन पर मेरीप्यास बुझाओ और अब मैंने अपना काम शुरू कर दिया।

तभी मेरे कुछ कहने से पहले ही उसने ऑफर दे दिया और अब मैं खुश हो गया। मेरे लिए यह बहुत आसान था क्योंकि मैं पहले भीतीन लड़कियों के साथ मुखमैथुन कर चुका था। अब मैंने उससे कहा कि रश्मि डार्लिंग क्या मैं तुम्हे चुम्बन कर दूँ? तभी उसने कहाकि हाँ करो ना। अब मैंने कहा कि तुम्हारे गाल चूम लूँ? अब उसने कहा कि चूम लो। अब मैंने कहा कि क्या अब तुम्हारे बड़ी चूचदबा दूँ? तभी उसने कहा कि हाँ दबाओ ना जानू। अब मैंने कहा कि तुम अपनी पेंटी उतार दो और अब उसने उतार दी और अब हमदोनों नंगे थे।

अब मैंने कहा कि रश्मि तुम अपने बड़ी चूच दबाओ और आवाज़ निकालो। अब उसने ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया औरआवाज़ निकालने लगी कि जीतेन्द्र आह्ह्ह जाओ प्लीज आ जाओ मेरी प्यास बुझा दो। अब रश्मि गरम हो गयी थी। तभी मैंने कहाकि क्या तुम्हारा दूध पी लूँ? अब उसने कहा कि हाँ पी लो.. यह तुम्हारे लिए ही तो है। अब रश्मि अपने बड़ी चूच ज़ोर से दबा रही थीऔर मैं अपना लण्ड हिला रहा था। अब मैंने कहा कि अपनी एक उंगली अपनी चूत मैं डालकर जोर जोर से हिलाओ और अब मैंअपना लण्ड हिलाने लगा।

अब रश्मि चूत मैं उंगली डालकर जोर जोर से हिलाने लगी और उसके एक हाथ मैं फोन था। तभी उसने आवाज़ निकालनी शुरू करदी अहह जीतेन्द्र मैं मर जाऊंगी प्लीज आ जाओ.. मुझे चोद दो मेरी प्यास बुझा दो। अब मैंने कहा और ज़ोर से घुमाओ। अब मैंनेकहा कि क्या मेरा लण्ड तुम्हारे मुहं मैं डाल दूँ? तभी रश्मि बोली हाँ डाल दो मुझे चूसना है वैसे भी मैंने कभी किसी की लण्ड चुसाई नहीं की। अब रश्मि अपने आपे से बाहर हो गयी और ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत मैं उंगली हिला रही थी और अब मैं भी अपना लण्डहिला रहा था। अब कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया। तभी उसने कहा कि मुझे अपना वीर्य पिलाओ ना प्लीज।

अब फोन पर सेक्स करने के बाद उसने मुझे कहीं पर मिलने को कहा और अपना पता मुझे बता दिया और किस्मत से रश्मि पताभी मेरे घर से कुछ दूरी पर ही था। अब एक दिन उसने मुझे अपने घर पर बुलाया और अब मैं अगले दिन बस पकड़कर उसके घरपर चला गया चला गया और बस स्टेण्ड पर मेरे उतरते ही उसका फोन आया और उसने कहा कि रश्मि घर पर मेरा इंतजार कर रहीहै। अब मैं उसके बताए हुए पते पर पहुंच गया और गली के कोर्नर पर ही मेरा इंतजार कर रही थी।

दोस्तों रश्मि क्या सेक्सी लगती थी मैंने उसे पहली बार देखा था। आज तक उससे बस फोन पर ही बात की थी और आज उसे देखभी लिया। दोस्तों उसके बड़ी चूच बहुत मोटे थे और रश्मि बहुत सुंदर लग रही थी लेकिन दोस्तों शादीशुदा होने के बाद भी रश्मिचहरे से नहीं लगती थी। अब हम घर पर पहुंचे.. उसका घर थोड़ी ही दूरी पर था लेकिन किस्मत से उस दिन उसके घर पर कोई भीनहीं था और उसने पड़ोस मैं भी पहले से ही कह दिया था कि मेरे पीहर से कोई आ रहा है। अब उसने मुझे अंदर बुलाकर सोफे परबैठाया और अब ठंडा पानी पिलाया।

तभी मैंने उसे अपनी बाहों मैं ले लिया और उसकी चूचियाँ दबा दी। अब रश्मि बोली कि इतनी ज़ल्दी मत करो मैं तुम्हारी ही हूँ। अबरश्मि मेरे पास आकर बैठ गयी और मैंने उसको चुम्बन करना शुरू कर दिया। वाह क्या होंठ थे उसके एकदम गुलाबी, मुलायम।अब चुम्बन करते करते मैंने अपना एक हाथ उसके बड़ी चूच पर रख दिया और ज़ोर से दबाने लगा। अब रश्मि भी गरम हो रही थीऔर उसने अपना एक हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया और अब पेंट के ऊपर से ही हिलाने लगी। अब हम दोनों को मज़ा आ रहा था।तभी मैंने उसका ब्लाउज खोल दिया और ब्रा के ऊपर से उसके बड़ी चूच दबाने लगा।

दोस्तों क्या साईज़ था बड़ी चूच का मुझे तो मज़ा ही आ गया एकदम बड़े बड़े। तभी मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और अपना लण्डनिकाल कर उसके मुहं मैं डाल दिया। अब उसने बिना समय को बर्बाद किये लण्ड को मुहं मैं लेकर चूसना शुरू कर दिया और मुझेबहुत मज़ा आ रहा था। अब रश्मि मेरा मुखमैथुन कर रही थी और मैं उसके बड़ी चूच दबा रहा था। तभी मैंने कहा कि रश्मि डार्लिंगतुम्हारे बड़ी चूच तो बहुत मस्त है और मुझे इनका दूध पीना है। तभी उसने कहा कि तुम्हे मना किया है मेरे राजा? तुम आज मेरासारा दूध पी लो।

अब मैंने उसके और अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसको नंगी करके बेड पर लेटा दिया और अब मैंने उसके गुलाबी गुलाबी होंठोको चूमना शुरू कर दिया। अब मैंने उसकी चुचियों पर एक चुम्बन किया और अब बड़े आराम से उसका दूध पिया। अब मैंने उसकेमूँह मैं अपना लण्ड डाल दिया और अब उसने चूसना शुरू कर दिया। अब मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटा और रश्मि पागलहो गयी। अब 10 मिनट के बाद मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर सेट किया और एक जोर का धक्का मारा लेकिन लण्ड चूत मैं नहींजा रहा था। अब मुझे समझ आया कि उसने मुझे बताया था कि उसका पति बाहर कहीं पर जॉब करता है। शायद इसलिए रश्मिकई दिनों से बिना चुदी थी और रश्मि मुझे अपनी प्यास बुझाने के लिये बुला रही थी।

अब मैंने उसे तेल लाने को कहा और अब तेल लाने के बाद मैंने थोड़ा चूत पर और थोड़ा अपने लण्ड पर लगाया और अब एक जोरका धक्का दिया और पूरा लण्ड एक बार मैं ही चूत मैं उतर गया। तभी रश्मि चिल्ला उठी और उसने मुझे एकदम जोर से पकड़लिया और कहने लगी कि प्लीज लण्ड को चूत से बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है प्लीज। अब दोस्तों उसकी चूत का दर्दहोना भी लाजमी था क्योंकि कई दिनों से बिना चुदी चूत सिकुड़ कर छोटी हो जाती है और उसके साथ भी वही हुआ। अब रश्मि चूतका दर्द सहन नहीं कर पा रही थी। तभी मैं थोड़ी देर रुका और अब उसके शांत होने का इंतजार करने लगा। अब करीब पांच मिनटबाद जब रश्मि थोड़ी ठीक लगी तो मैंने अपने लण्ड को आगे पीछे करना शुरू किया लेकिन बहुत धीरे धीरे। अब मैं चुदाई किये जारहा था और रश्मि दर्द से सिसकियाँ ले रही थी।

अब कुछ देर बाद जब मेरे लण्ड ने उसकी चूत मैं अपनी जगह बना ली तभी उसने मुझे कहा कि मेरे राजा और ज़ोर से आअहहप्लीज़ मुझे अपना बना लो मज़ा आ रहा है आअहह प्लीज़ और ज़ोर से। अब ना जाने मुझे कहाँ से जोश आ गया और मैं उसकीकमर को पकड़ कर जोर जोर से धक्के पे धक्के दिये जा रहा था। अब इसी बीच शायद रश्मि एक बार झड़ चुकी थी और करीब 20 मिनट तक जोरदार चुदाई करने के बाद मैं भी झड़ गया और मैंने उसकी चूत मैं तेज और अनगिनत धक्को के साथ अपना वीर्यछोड़ दिया और रश्मि जाकर उसकी चूत की गहराइयों मैं खो गया।

अब मैं उसके ऊपर ही कुछ देर पड़ा रहा और जब मैंने अपना लण्ड चूत से बाहर निकाला तो उस पर थोड़ा खून लगा था। रश्मिशायद उसकी चूत ने मेरे लण्ड को इनाम दिया था। तभी मैंने अपने लण्ड को गौर से देखा तो अब भी कई लड़ाइयों मैं मेरा साथ देसकता था। एकदम तनकर उसकी चूत को सलामी दे रहा था और कह रहा था मैं अभी हारा नहीं हूँ। अब हम दोनों बाथरूम मैं चलेगये और शावर मैं नहाना शुरू कर दिया। तभी मैंने उसकी चूचियों पर साबुन लगाया और उन्हे ज़ोर से दबाया रश्मि अब से गरम होगयी थी और मैंने अब से अपना लण्ड उसकी चूत मैं डाल दिया लेकिन इस बार मुझे और उसे लण्ड के चूत मैं चले जाने का कोई भीअहसास नहीं हुआ और अब उसने अब से आवाज निकालनी शुरू कर दी आहह ओइईईईईई माँ मर गयी और अब आघे घंटे के बादहम दोनों शांत हो गये।

अब थोड़ी देर तक हम दोनों नंगे एक दूसरे के साथ बातें करते रहे और अब उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया और मैं अब गरम होगया। अब मैंने उसे नीचे बैठाया और उसके मुहं मैं अपना लण्ड अब डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा। रश्मि आअहहाअ कीआवाज़ें निकाल रही थी और गरम हो रही थी। अब करीब 10 मिनट बाद मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मूँह मैं डाल दिया और उसनेपूरा वीर्य पी लिया। अब उस दिन मैंने 3 बार उसके साथ सेक्स किया। अब शाम को मैं उसको चुम्बन करके अपने घर आ गया।लेकिन दोस्तों मैंने उसकी चूत की आग को कई बार शांत किया कभी उसके घर पर जाकर तो कभी उसे अपने पास बुलाकर। लेकिनदोस्तों अब कुछ दिनों के बाद उसके पति का तबादला कहीं और हो गया और रश्मि वहाँ से चली गयी और हमे उसके बाद दोबारासेक्स करने का मौका नहीं मिला ।

वैधानिक चेतावनी : यह साइट पूर्ण रूप से व्यस्कों के लिये है। यदि आपकी आयु 18 वर्ष या उससे कम है तो कृपया इस साइट को बंद करके बाहर निकल जायें। इस साइट पर प्रकाशित सभी कहानियाँ व तस्वीरे पाठकों के द्वारा भेजी गई हैं। कहानियों में पाठकों के व्यक्तिगत् विचार हो सकते हैं, इन कहानियों व तस्वीरों का सम्पादक अथवा प्रबंधन वर्ग से कोई भी सम्बन्ध नहीं है। आप अगर कुछ अनुभव रखते हों तो मेल के द्वार उसे भेजें