सोनिया और उसकी दोस्त की चुदाई (Sonia aur uski dost ki chudai)

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प्रेषक : शशांक …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम शशांक है और में अभी एक कॉलेज में 2nd साल का स्टूडेंट हूँ और मेरी हाईट 5.11 इंच है। मेरा लंड 6 इंच का है और बचपन से ही मेरा पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद की तरफ ज़्यादा झुकाव रहा है। मुझे लड़की से फ्रेंडशिप करना और उनसे बात करना बहुत पसंद है। दोस्तों में आज आप सभी को अपनी एक घटना सुनाने जा रहा हूँ। वैसे मुझे उम्मीद है कि यह आप सभी को बहुत अच्छी लगेगी, क्योंकि में कामुकता डॉट कॉम पर बहुत सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और उन्हे पढ़ने के बाद मैंने अपनी कहानी भेजने का विचार किया।

अब में थोड़ा बहुत अपने बारे में भी बता देता हूँ। दोस्तों में कोलकाता का रहने वाला हूँ और यह बात तब की है जब में अपनी 12th क्लास की पढ़ाई पूरी कर चुका था और उस समय मेरी छुट्टियाँ चल रही थी और तब में हर रोज करीब तीन चार घंटे नेट पर बैठा रहता था तो उसी समय मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई, उसका नाम सोनिया था और धीरे धीरे हमारी दोस्ती कब प्यार में बदल गई मुझे पता ही नहीं चला और अब हम लोग रात में कई घंटो तक बात किया करते थे और फिर एक दिन सोनिया ने मुझसे पूछा कि क्यों तुम्हारी पहले की गर्लफ्रेंड सब तुमसे संतुष्ट है ना? तो में कुछ समझ नहीं सका और थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि हाँ मुझे लगता तो है और वो मेरी बात को सुनकर एकदम से हंस पड़ी और बोली कि किस तरह से संतुष्ट? तो मैंने कहा कि सभी कामों में। वो बोली कि क्या तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है? तो मैंने कहा कि नहीं तो। फिर वो बोली कि फिर क्यों कह रहे हो कि तुमने उन्हे संतुष्ट किया है? तो मुझे उसकी यह बात सुनकर थोड़ा गुस्सा आया और मैंने उसको मैसेज करना बंद कर दिया। लेकिन वो हर रोज मुझे मैसेज किया करती थी। में उसके मैसेज का कोई भी जवाब नहीं देता था।

फिर एक दिन वो बोली कि मुझे तुमसे मिलना है। मैंने कहा कि ठीक है और मैंने उसे मिलने की जगह बताई और हम दोनों एक गार्डन में मिले। दोस्तों में उसे देखता ही रह गया वो क्या मस्त लग रही थी? उसने एकदम टाईट टॉप, स्कर्ट पहना था जिसकी वजह से उसके बूब्स बहुत मस्त सेक्सी दिख रहे थे और उसकी वो छोटी सी स्कर्ट उसके घुटनों ऊपर तक थी, में तो उसे देखकर एकदम दंग सा रह गया। उसके बाल साफ किए हुए चिकने पैर को देखकर मुझे उसके जिस्म का अंदाजा लग गया। फिर वो मेरे पास आई और मुझे किस करने लगी और बोली कि तुम मेरे मैसेज का जवाब क्यों नहीं दे रहे, क्या मुझसे नाराज हो? तो मैंने बोला कि मुझे बहुत बुरा लगा जब तुमने मुझसे बोला कि मैंने अपनी गर्लफ्रेंड को संतुष्ट किया है या नहीं और में उसके बारे में क्या समझता हूँ? तो वो बोली कि अरे में तो तुमसे मज़ाक कर रही थी। (दोस्तों मुझे तब कुछ अलग लग सा रहा था कि शायद आज कुछ तो होने वाला है, वो मेरी हर एक बात का हंसकर जवाब दे रही थी) फिर हम दोनों किस करने लगे और पता नहीं कब मैंने उसके बूब्स पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने, दबाने लगा, लेकिन वो अब कुछ अलग तरह से व्यहवार नहीं कर रही थी और मैंने फिर उसके टॉप को ऊपर कर दिया और एक एक बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा, वो मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी और सिसकियाँ ले रही थी। फिर वहीं पर हमारा एक बार बिना कंडोम के सेक्स हो गया। फिर हम दोनों वहां पर कुछ देर रुककर वहां से चले आए। उसके बाद से हमारा सेक्स चेट चलता रहा। हम एक हफ्ते में करीब दो बार तो पक्का सेक्स करते। तो एक दिन रात में सोनिया का कॉल आया वो मुझसे बोली कि मुझे तुमसे एक बात पूछना है तो मैंने कहा कि हाँ जरुर पूछो? तो वो बोली कि उसकी एक दोस्त है, उसका नाम आयुषी है, जो उसकी क्लास में पड़ती है और वो एक बार हम दोनों को सेक्स करते हुए देखना चाहती है तो मैंने उसकी बात को सुनकर सोचा कि शायद वो मुझसे मज़ाक कर रही है। मैंने बोला कि हाँ ठीक है कल में तेरे घर पर आऊंगा तब उसे भी बुला लेना, उसे भी जो करना होगा कर लेगी और फिर में उससे थोड़ी देर बात करके सो गया। फिर उसके अगले दिन शाम के 6 बजे में उसके घर पर गया और जब मैंने उसके घर के दरवाजे पर लगी हुई घंटी बजाई तो दरवाजा खुलते ही मुझे दरवाजे पर एक सुंदर सी मस्त माल नजर आई। उसकी हाईट करीब 5.8 इंच होगी और उसके फिगर का साईज करीब 32-28-34 होगा। में उसे घूरकर देखता रह गया। फिर वो मुझसे बोली कि सोनिया नहा रही है और उसने मुझे अंदर आकर बैठने को कहा और में रूम में जाकर सोफे पर बैठ गया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर वो लड़की फिर से मेरे पास आई और बोली कि मेरा नाम आयुषी है। दोस्तों में उसे देखकर एकदम पागल सा हो गया और उसके सेक्सी जिस्म को देखकर में मन ही मन सोच रहा था कि इसको अभी इसी समय पकड़कर चोद दूँ, लेकिन मैंने फिर अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया। फिर कुछ देर के बाद सोनिया नहाकर बाहर आई, वो भी कम नहीं थी, उसके फिगर का साईज 32-30-34 करीब होगा और उसका मस्त गोरा रंग है। फिर वो दोनों एक दूसरे की तरफ देखकर हंसने लगी और में उनके जिस्म को देखकर पागल होता रहा। तो सोनिया मेरे पास आई और बोली कि क्यों अब शुरू करे? मैंने कहा कि यहाँ पर तेरी दोस्त है तो हम यहाँ पर कैसे कर सकते है? वो बोली कि आयुषी ने मुझसे बोला था कि वो हमें एक बार अपनी आखों से सेक्स करते हुए देखना चाहती है और वो यह बात कभी किसी को नहीं बोलेगी। फिर में बोला कि ठीक है, लेकिन उसके बाद तेरी रिस्क है। वो बोली कि ठीक है और फिर हम दोनों एक रूम में गये। लेकिन आयुषी अभी तक बाहर खड़ी हुई थी, वो शायद दरवाजे के पास खड़ी थी, मुझे दरवाजे के नीचे से उसकी परछाई नजर आ रही थी और फिर हम किस करते करते पूरे नंगे हो गये और फिर मैंने सही मौका देखकर अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया, वो बहुत मज़े से मेरा लंड चूस रही थी और में उसके बूब्स को निचोड़ रहा था। वो जोश में आकर गरम हो गई और मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी।

फिर मैंने आयुषी को आवाज देकर अंदर बुलाया। आयुषी अंदर आई और वो हमे इस हालत में देखकर एकदम चकित हो गयी और अब उसकी आँखे मेरे लंड पर से हट ही नहीं रही थी। वो मेरे लंड को सोनिया में मुहं में अंदर बाहर जाते हुए देख रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों कैसा लगा यह सब देखकर? वो कुछ नहीं बोली। लेकिन फिर हंस पड़ी और वो वहीं पर एक कुर्सी लेकर बैठ गई। सोनिया तब भी मेरा लंड चूस रही थी। फिर मैंने सोनिया को अपनी गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया और उसे सीधा लेटाकर उसकी चूत को चाटने लगा। वो मज़े से ऊओफफफफ्फ़ अह्ह्ह्हह आईईईईइ कह रही थी और में उसकी चूत चाट रहा था तो वो करीब दस मिनट चूसने के बाद एक बार झड़ गई और में उसकी चूत को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ कर रहा था। तभी मैंने आयुषी की तरफ देखा, वो हमें बहुत ध्यान से देख रही थी और जोश से एकदम लाल हो चुकी थी। मुझे पता था कि अब उसकी चूत भी गीली हो चुकी है, तो मैंने सोनिया से कहा कि क्यों अब अंदर डाल दूँ क्या? वो बोली कि प्लीज थोड़ा जल्दी डालो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा, प्लीज अब बातें बंद करो और अपने काम पर ध्यान दो तो मैंने कहा कि जानेमन यह लंड तेरा है और थोड़ा सब्र कर, यह तुझे जरुर दूँगा और अब वो डॉगी स्टाईल में आ गई। मैंने अपने लंड को चूत के मुहं पर रखा और उसकी कमर को कसकर पकड़कर एक ही जोरदार झटके में अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया। जिसकी वजह से वो ज़ोर से चीखने, चिल्लाने लगी और कहने लगी कि प्लीज थोड़ा धीरे करो अह्ह्ह्हह आईईई प्लीज मेरी चूत पर थोड़ा रहम करो अह्ह्ह्हह्ह मेरी चूत फट जाएगी, प्लीज थोड़ा धीरे धीरे करो। फिर उसे और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा। मेरी पकड़ मजबूत होने की वजह से वो मुझसे छूट भी नहीं सकती थी। मेरे आगे उसकी हर एक कोशिश नाकाम थी और में अपने चुदाई के काम में पूरी मेहनत और लगन से लगा रहा, में उसको लगातार धक्के देकर चोदता रहा। फिर कुछ देर ताबड़तोड़ धक्कों के बाद वो अब शांत होकर चुदाई के मज़े लेने लगी और मुझे कहने लगी अह्ह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से, हाँ चोद डालो मेरी चूत आज, फाड़ दो, बना दो इसे चोद चोदकर भोसड़ा और फिर कुछ देर बाद सोनिया और आयुषी आपस में बातें करने लगे तो उनकी बातों को सुनकर मेरा लंड और भी टाईट हो रहा था। अब वो एकदम पत्थर की तरह सख्त हो गया था।

फिर सोनिया आयुषी से बोली कि तुझे भी यह चाहिए क्या? तो आयुषी बोली कि हाँ, लेकिन मुझे बहुत डर लगता है। फिर सोनिया ने कहा कि तू बिल्कुल भी डर मत, मेरा शशांक बहुत मस्त तरीके से चोदता है। तुझे पहली बार थोड़ा दर्द होगा, लेकिन वो तेरी इस बात का पूरा ख्याल रखेगा, तू एक बार इसका लंड लेकर तो देख, तुझे भी मेरी तरह बहुत मज़ा आएगा और वो दोनों हंस पड़ी। फिर मैंने आयुषी से कहा कि क्या तुम मेरे लंड को छूना पसंद  करोगी? तो वो बोली कि हाँ ठीक है और वो मेरे पास आई और उसने मेरे लंड को पकड़ लिया, लेकिन तब भी में सोनिया को लंड दे रहा था, मेरा आधा लंड चूत में और आधा उसके हाथ में था तो आयुषी ऐसा करने से बहुत डर रही थी, वो उसे छूकर बोली कि यह तो बहुत गरम है। मैंने कहा कि हो सकता है शायद तुमने इसे अभी छुआ है ना तो यह साला इतना गरम हो गया है। फिर वो मेरी यह बात सुनकर हंस पड़ी और मैंने उसे अपनी तरफ पकड़कर खींचा और हमने किस किया।

फिर करीब तीन मिनट किस के बाद आयुषी बोली कि सोनिया क्या में तेरे बॉयफ्रेंड का लंड अपने मुहं में ले लूँ? तुझे इसमें कोई आपत्ति तो नहीं है ना? लेकिन अब सोनिया अपने होश में नहीं थी और वो बोली कि हाँ ठीक है ले ले। में तो अब उसके मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल पागल हो गया था। में मन ही मन सोच रहा था कि आज मुझे एक कुँवारी चूत चोदने को मिलेगी। अब आयुषी नीचे बैठ गई और उसने सबसे पहले मेरा लंड अपनी जीभ से छुआ, जिसकी वजह से मुझे 300 वॉट का झटका लगा। फिर उसने कहा कि यह सब तो बहुत अजीब है, लेकिन इसका स्वाद बहुत अच्छा है। फिर में बोला कि तो अब इंतज़ार किस बात का? जल्दी से अपना मुहं खोलो और अंदर जाने दो मेरे इस छोटे दोस्त को? तो वो बोली कि ठीक है और मैंने अपना लंड उसके मुहं में डाल दिया और वो बहुत धीरे धीरे चूसने लगी और अब में एकदम पागल सा हो रहा था। वो मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर सोफ्टी की तरह अपनी जीभ से चाटने लगी। फिर कुछ देर बाद में झड़ गया और मैंने अपना वीर्य उसके मुहं में डाल दिया और वो मेरे लंड को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ करने लगी। दोस्तों उसके बाद मैंने उसको बहुत जमकर चोदा और उसकी चूत को अपने लंड का वो पहला सुख दिया, जिसको वो मुझसे चाहती थी। मैंने उसको अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया और हमने चुदाई के बहुत मज़े लिए ।।

धन्यवाद …

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