Home / हिंदी सेक्स कहानियाँ / देवर भाभी / वो अनजान भाभी को ट्रैन में गोद में बिठा के धीरे धीरे चोदता रहा – वो ऊह्ह्ह्ह आअह्ह करती रही

वो अनजान भाभी को ट्रैन में गोद में बिठा के धीरे धीरे चोदता रहा – वो ऊह्ह्ह्ह आअह्ह करती रही

हेलो दोस्तों मेरा नाम लकी है और मैं दिल्ली से हु. यह मेरी पहली कहानी है उम्मीद है आप सबको पसंद आएगी.. मैं कानपूर से हु और दिल्ली में रहता हु. मेरी उम्र २३ साल है और मैं दुबली पतली कद काठी का हु पर मेरा लण्ड ६ इंच लंबा और २.५ इंच मोटा है. तो जब मेरी दिल्ली में पहली जॉब लगी तो मैं जोइंग के दिन कानपूर से दिल्ली जा रहा था. मेरा रिजर्वेशन नहीं था सो मैंने पैसे बचाने के लिए जनरल बोगी का टिकट लिया पर जनरल में बहुत भीड़ थी तो मैंने टी टी को २०० रस देकर स्लीपर में घुस गया . रात के ख़रीद १ बजे थे सब सो रहे थे, मैं एक नीचे की सीट पकड़ कर बैठ गया , करीब २ बजे मेरे ऊपर की बर्थ से एक भाभी नीचे उतरी उन्होंने ने मुझे नीचे देखा नहीं सो मैं बी नींद में था जैसे ही वो ऊपर से उतरी उनकी मोटी गांड में मुंह धस गया.. मुझे बड़ा मज़ा आया और जीन्स में लण्ड बी खड़ा हो गया , फिर उन्होंने मुझे घूर के देखा और वापस बाथरूम की तरफ चली गई

थोड़ी देर में जब वो वापस आई तो मैं खड़ा हो गया तब उसने मेरा लुंड खड़ा हुआ देख लिया और एक प्यारी सी स्माइल दे कर अपनी बर्थ पर चली गई! उसके बाद वो लगातार मुझे देख रही थी! मेरा बी लुंड उसे देख क्र खड़ा हो गया था क्युकी वो बहुत सेक्सी थी और उसके दूध भी ३४ के थे! थोड़ी देर बाद जब सब सो गए तो उसने मेरे को ऊपर अपनी सीट पर बुला लिया और कहा की आप बैठ जाओ. मैं बैठ गया. उसके उसने मुझे कहा की ठण्ड बहुत है आप मेरा शाल ओढ़ लो तो मैंने उसके साथ शाल को शेयर किया. तब हमारी बात चीत हुयी. उसने बताया की वो दिल्ली एक शादी में जा रही है और कानपूर की रहने वाली है! मैंने शाल के अंदर उसकी जांघ पर धीरे से हाथ फेरना सुरु किया पर उसने कुछ नहीं कहा तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई, धीरे मैंने उसकी छूट पर बी हाथ फेर दिया उस बार उसने िश्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् की आवाज़ निकाली! मैं दर गया क्युकी अब धीरे धीरे कुछ लोग जाग चुके थे सुबह के ५ बजने वाले थे. उसने बताया की उसे ग़ज़िआबाद स्टेशन उतरना है तो मैंने उससे सका नंबर मांग लिया. और अपना नंबर उसे दे दिया

तभी ग़ज़िआबाद स्टेशन भी आ गया! उसके ३ दिन बाद मैंने उसे व्हाट्सप्प पर मेसेज किया तो उसका तुरंत रिप्लाई आया . धीरे हमारी बात हुई और उसने मुझे बताय की उसके १ बेबी है और उसके पति अब उसके अच्छे से सेक्स नहीं कर पाते. फिर हम सेक्स चैट करने लगे, उसने मुझसे कानपूर आने को पुछा तो मैंने उसे बताया की मैं अगले हफ्ते कानपूर आ रहा हु. और इस बीच मैंने उसे फ़ोन पर ही उसकी चूत को गीला दिया! फिर फ्राइडे को रात को मैं कानपूर के लिए निकल लिया. सैटरडे को पहुंच कर मैंने उसको शाम को कॉल किया तो उसने मुझे तुरंरत मिलने को बुलाया . मैं तय की हुई जगह पर पहुंच गया और उसका इंतज़ार करने लगा , थोड़ी देर में वो बैकलेस बलउ और ब्लू साड़ी में आई. उसकी कमर के बारे में क्या बताओ दोस्तों बीएस देख कर मुँह में पानी आ गया. मुझसे मिलने पर उसने मुझे चलने का इशारा किया और मैं उसके साथ चल दिया! वो मुझे अपनी एक दोस्त के रूम पर ले गई. और अंडर घुसते ही दोस्त को अलग कमरे में भेज दिया और दरवाजा बंद करके वापस आ गई. और आते ही उसने मेरे होठो को अपने होठो से लगा दिया !

मेरा लण्ड तो पहले से ही तैयार था. मैंने तुरंत उसका बलउ उतार फेंका. उसके होठो को अपने होठो में लेकर चूसने लगा! फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी भी उतार दी. अब वो सिर्फ पिंक ब्रा और पैंटी में थी. बिलकुल सविता भाभी ही जैसे लग रही थी. मैंने तुरंत उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और दोनों चूचियों को आज़ाद कर दिया और उसके एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरे निप्पल को हाथ से मसलने लगा. वो मदहोस हुई जा रही थी.. और चिल्ला रही थी की और जोर से चूसो , थोड़ा और तेज़ दबाओ. उसकी मदहोस आवाज़ से मुझे भी जोश बढ़ रहा था. फिर मुझसे रहा न गया क्युकी सेक्स करते समय मुझे सबसे ज्यादा पसंद है औरत की गीली चूत को चाटना… मैं लगातार ३० मिनट चूत चाटने का शौक़ीन हु. मैं झट से उसकी पैंटी उतरी और चूत को फैलाया उसने मुझे रोक क्र कहा यह क्या कर रहे हो इसे मत चाटो , मेरे पति ऐसे नहीं करते . मैंने उसे चुप कराया और उसे लिटा दिया , और दोनों टांगो को फैला कर चूत को दोनों ऊँगली से फैलाया और अपनी जीभ चूत के दाने पर लगा दी. दोनों होठो के बीच में दबा क्र चूत को चूसने लगा.. उससे रहा न गया और वो बिना पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी.और उसे बड़ा मज़ा आए रहा था और धीरे वो अपनी चूत को मेरे मुंह में धसान लगी फिर मैंने उसे उठने को कहा और खुद लेट क्र उसे अपने मुंह पर बैठा लिया और उसकी गांड के छेद पर अपनी जीभ घुसा दी.. और वो कमर हिल क्र अपनी चूत को मेरे होठ पर रगड़ने लगी

फिर वो अकड़ने लगी और मेरे होठो पर ही झड़ गई. मैंने उसकी चूत को चाट कर साफ़ कर दिया! फिर उसने मुझे कहा की अब मेरी चूत में अपना मोटा लण्ड डाल दो. तो मैंने उससे कहा की पहले उसकी सेवा करो.. तो उसने तुरंत मेरे लंसद को अपने मुंह में ले लिया.. और मेरे लण्ड के टोपे पर अपनी जीभ रगड़ने लगी और १५ मिनट तक उसने मेरा लण्ड चूसा. फिर मैं लेट गया और वो मेरे लुंड के ऊपर चढ़ कर बैठ गई . और ुापर नीचे हो कर उछल उछल कर चुदने लगी .. करीब १५ मिनट बाद वो थक गई तो मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा फिर मैंने उसकी चूत को पीछे से छोड़ना चालु किया और १५ मिनट तक छोड़ा. और १५ मिनट बाद हम दोनों साथ साथ झड़ गए. वो मेरे बाहो में सोई रही पर २० मिनट बाद लण्ड दोबारा तन गया तो वो भी दोबारा चुदने को तैयार हो गई और दूसरी बार हमारी चुदाई बहुत लम्बी चली.. पूरी चुदाई के बाद हम अलग हुए.

उसके कुछ ३ दिन बाद मुझे एक अननोन नंबर से व्हाट्सप्प मैसेज आया की मुझे भी मज़ा दे दो… मैंने उनसे जब पुछा तो उन्होंने कहा की मैं वाही हु जिसकी फ्रेंड को तुमने मेरे रूम पर चोदा है…

मैं समझा गया की यह उसकी फ्रेंड है. और फिर मैंने उसे कैसे चोदा यह आपको अगली कहानी में बताऊंगा … अभी के लिए धन्यवाद

आपको मेरी रियल कहानी कैसे लगी मुझे जरूर razlucky181 @gmail मेल करके बताये मुझे मेल करे

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